सुल्तानपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। बुधवार शाम 5 बजे सपा कार्यकर्ताओं ने बस स्टॉप पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अर्थी निकाली। जब तक प्रशासन मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकता, कार्यकर्ताओं ने अर्थी को आग के हवाले कर दिया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सपा के जिला सचिव मोहम्मद अब्बास ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में लगातार हो रही धांधली से छात्र बेहद परेशान हैं और जंतर-मंतर पर उन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ही यह पुतला दहन किया गया है। अब्बास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर सादे कपड़ों और बिना नेम प्लेट के पहुंचे लोग पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता थे और यह भाजपा की पूरी तरह से रची गई साजिश थी। जब अब्बास से पूछा गया कि क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से धांधली रुक जाएगी, तो उन्होंने कहा कि यह सरकार सुधरने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक 2027 में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, तब तक छात्रों और युवाओं को न्याय नहीं मिल सकता। अब्बास ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सुल्तानपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। बुधवार शाम 5 बजे सपा कार्यकर्ताओं ने बस स्टॉप पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अर्थी निकाली। जब तक प्रशासन मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकता, कार्यकर्ताओं ने अर्थी को आग के हवाले कर दिया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सपा के जिला सचिव मोहम्मद अब्बास ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में लगातार हो रही धांधली से छात्र बेहद परेशान हैं और जंतर-मंतर पर उन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ही यह पुतला दहन किया गया है। अब्बास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर सादे कपड़ों और बिना नेम प्लेट के पहुंचे लोग पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता थे और यह भाजपा की पूरी तरह से रची गई साजिश थी। जब अब्बास से पूछा गया कि क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से धांधली रुक जाएगी, तो उन्होंने कहा कि यह सरकार सुधरने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक 2027 में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, तब तक छात्रों और युवाओं को न्याय नहीं मिल सकता। अब्बास ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- सुल्तानपुर की इसौली विधानसभा क्षेत्र स्थित हसनपुर ग्राम सभा के पश्चिम दरवाजा मोहल्ले में ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की समस्या को लेकर अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। मोहल्ले की मुख्य सड़क पर धान की रोपाई करके ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन के प्रति अपनी तीव्र नाराजगी व्यक्त की। यह सड़क जूनियर हाई स्कूल से होते हुए पश्चिम दरवाजा फिरोजपुर तक जाती है। लंबे समय से खराब पड़ी इस सड़क की मरम्मत न होने और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुधार न होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने "जब तक रोड नहीं, तब तक वोट नहीं" के नारे लगाए और स्पष्ट किया कि जब तक सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, वे आगामी चुनावों में मतदान नहीं करेंगे।1
- सुल्तानपुर के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत भदैया ब्लॉक के कुच मुछ बरगदवा में सूचना मिलने पर प्रतिबंधित वृक्ष की कटान रोकने पहुंचे वन रक्षक ज्ञान सिंह यादव के साथ ठेकेदार शोभनाथ निसाद ने गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई भी एक्शन न लिए जाने से वन रक्षक के हौसले स्वयं पस्त हो रहे हैं। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि अकेला वन रक्षक खुद को सुरक्षित रखे या प्रकृति की रक्षा करे, क्योंकि जब वन रक्षक ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो वनों की सुरक्षा कैसे संभव होगी। प्रकृति को उजाड़ने वाले लकड़ी ठेकेदारों और जंगल माफिया में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है और वे किसी भी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार रहते हैं। अधिकारियों की बेरुखी के बीच अकेले वन रक्षक के लिए प्रकृति को संरक्षण देना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।1
- सुलतानपुर में 22 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राओं पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, आँसू गैस के प्रयोग और अभद्रता के विरोध में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। मोस्ट प्रदेश निर्णायक कमेटी के बाबू रज्जन प्रसाद के नेतृत्व में एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया को यह ज्ञापन सौंपा गया। यह कदम प्रतियोगी छात्रों के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी तथा सरकार की बर्बरता के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करने के लिए उठाया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नागरिकों द्वारा चुनी गई मोदी सरकार के बर्बर कृत्य से जनता का विश्वास उठ चुका है, इसलिए इस सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए। इसके साथ ही पेपर लीक के सदमे से जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने, लाठीचार्ज में घायल विद्यार्थियों के मुफ्त इलाज और समुचित मुआवजे की मांग की गई है। ज्ञापन में लाठीचार्ज के विरोध में धरने पर बैठे अखिलेश यादव तथा गिरफ्तार किए गए अन्य विपक्षी नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने और संविधान के अनुसार काम करने में सक्षम व समर्पित सरकार के गठन की मांग रखी गई है। ज्ञापन देने के दौरान मोस्ट के प्रदेश प्रमुख ज़ीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, जिला संयोजक राकेश निषाद, महिला विंग की जिला प्रमुख नंदनी बौद्ध, जिला सचिव आरती बौद्ध, मंजू निषाद, पूनम बौद्ध, स्वर्णलता बौद्ध, मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र निषाद, प्रेम निषाद (राइडर), कैप्टन मोस्ट रक्षक दल रोहित निषाद, इंद्रजीत निषाद, कृष्ण कुमार, सुग्रीव निषाद, दीपक निषाद, धर्मेन्द्र निषाद, विनोद कुमार, रमाकांत यादव और अजय सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।4
- लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने VVIP गेस्ट हाउस के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की कथित टिप्पणी और प्रधानमंत्री आवास को लेकर दिए गए उनके बयान के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए भाजपा की ओर से तीखा पलटवार किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में नहर में बीते 3 दिनों से फंसी एक गर्भवती गंगा डॉल्फिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। इस बचाव अभियान में वन विभाग और गोरखपुर पुलिस की टीम शामिल रही। राप्ती नदी क्षेत्र की नहर में 3 दिन तक फंसी रहने के बाद इस गंगा नदी डॉल्फिन को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित बचा लिया गया है।1
- सुल्तानपुर के सराय नौरंग (बिरसिंहपुर) स्थित रघुवशंम मैरिज लॉन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलन भव्य और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के.के. सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती, अनुशासन और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उनके प्रेरक उद्बोधन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, जिला मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक राजेश सिंह, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह तथा पूर्व जिलाध्यक्ष त्रिभुवनेश ओझा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इस सम्मेलन में सदर विधानसभा क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्र संयोजकों, मंडल पदाधिकारियों और हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान बूथ सशक्तिकरण, संगठन विस्तार, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा जनसेवा से जुड़े विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। सम्मेलन के समापन पर आयोजन को सफल बनाने वाले सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, बूथ अध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प दोहराया गया।1
- सुलतानपुर में शांति, आपसी सौहार्द और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने जनपद वासियों से कानून का पालन करने की अपील की है। अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री बृजनारायण सिंह ने बाइट जारी कर बताया कि जिले में धारा-163 (BNSS) (पूर्व धारा-144 Cr PC) प्रभावी है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी को अपनी बात या मांग रखनी है, तो उसे केवल विधिक अनुमति प्राप्त कर शांतिपूर्ण और वैधानिक माध्यम से ही रखना होगा। प्रशासन ने ताकीद की है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम या अन्य किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा समाज में वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री को पोस्ट, शेयर या प्रसारित न करें। आम जनता से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे बढ़ाएं, तथा शांति बनाए रखने में जिला प्रशासन व पुलिस का सहयोग करें।1
- सुल्तानपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। बुधवार शाम 5 बजे सपा कार्यकर्ताओं ने बस स्टॉप पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अर्थी निकाली। जब तक प्रशासन मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकता, कार्यकर्ताओं ने अर्थी को आग के हवाले कर दिया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सपा के जिला सचिव मोहम्मद अब्बास ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में लगातार हो रही धांधली से छात्र बेहद परेशान हैं और जंतर-मंतर पर उन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ही यह पुतला दहन किया गया है। अब्बास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर सादे कपड़ों और बिना नेम प्लेट के पहुंचे लोग पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता थे और यह भाजपा की पूरी तरह से रची गई साजिश थी। जब अब्बास से पूछा गया कि क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से धांधली रुक जाएगी, तो उन्होंने कहा कि यह सरकार सुधरने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक 2027 में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, तब तक छात्रों और युवाओं को न्याय नहीं मिल सकता। अब्बास ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1