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डुमरी विधायक जयराम महतो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भानु प्रताप जैसे नेताओं की वजह से ही राज्य में भाजपा की मौजूदा स्थिति बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भानु प्रताप शाही किसी भी फैसले के मालिक नहीं हैं और न ही उन्हें दूसरों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार है। जयराम महतो ने भानु प्रताप को चेतावनी देते हुए कहा, "बेतुका बयान ना दें, दूसरे के वोट का जिम्मा ना लें... आप मालिक नहीं, मेरे अध्यक्ष नहीं... मेरे बारे में या इरफान जी के बारे में बयान देकर आप कॉमेडियन बनते जा रहे हैं।" इस बयान के माध्यम से उन्होंने भानु प्रताप शाही की टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज कर दिया और उनकी अधिकारिक स्थिति पर सवाल उठाया।
BaरKaट्ठा Ki आwaज
डुमरी विधायक जयराम महतो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भानु प्रताप जैसे नेताओं की वजह से ही राज्य में भाजपा की मौजूदा स्थिति बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भानु प्रताप शाही किसी भी फैसले के मालिक नहीं हैं और न ही उन्हें दूसरों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार है। जयराम महतो ने भानु प्रताप को चेतावनी देते हुए कहा, "बेतुका बयान ना दें, दूसरे के वोट का जिम्मा ना लें... आप मालिक नहीं, मेरे अध्यक्ष नहीं... मेरे बारे में या इरफान जी के बारे में बयान देकर आप कॉमेडियन बनते जा रहे हैं।" इस बयान के माध्यम से उन्होंने भानु प्रताप शाही की टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज कर दिया और उनकी अधिकारिक स्थिति पर सवाल उठाया।
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- एक महत्वपूर्ण संदेश में बच्चों को 'सेफ कोड' सिखाने के एक स्मार्ट तरीके पर जोर दिया गया है। इसे बाहरी दुनिया में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त फॉर्मूला बताया गया है, जो उन्हें सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।1
- हजारीबाग जिले में JLKM के जिला अध्यक्ष ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उन्होंने शिक्षा प्रणाली के संबंध में एक बड़ी बात कही है, जिससे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल खड़े हुए हैं।1
- योग दिवस के अवसर पर तीखी नोकझोंक हुई, जिसकी जानकारी स्थानीय और झारखंड समाचार चैनलों के माध्यम से सामने आई।1
- डोमचांच के नवालशाही स्थित बच्छेडीह गाँव निवासी पंकज पंडित ने नेवी में सफलता प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि 'हौसलों की उड़ान' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, सामाजिक संस्था हजारीबाग यूथ विंग ने मालवीय मार्ग स्थित अग्रसेन भवन सभागार में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया। योग, अध्यात्म और समाजसेवा के इस संगम में शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद मनीष जायसवाल उपस्थित रहे, जिन्होंने योग के माध्यम से स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्व शांति, स्वस्थ समाज और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए रंग-बिरंगे गुब्बारों को आसमान में छोड़कर की गई। इसके बाद, सांसद मनीष जायसवाल, संस्था के पदाधिकारियों और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। हजारीबाग यूथ विंग ने सांसद मनीष जायसवाल को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। शिविर में शहर के 100 से अधिक लोगों ने योगाभ्यास किया, जिनमें महिलाएं, युवा, छात्र-छात्राएं, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक शामिल थे। अनुभवी योग शिक्षिका वर्षा डे ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। सामूहिक रूप से किए गए योगाभ्यास, 'ॐ' के उच्चारण और मंत्रोच्चार से पूरा सभागार आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। डेढ़ घंटे तक चले इस योग सत्र में प्रतिभागियों ने पूरे मनोयोग और अनुशासन के साथ भाग लिया, बच्चों की सहभागिता ने यह दर्शाया कि योग आज की नई पीढ़ी की भी आवश्यकता बन चुका है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विकास तिवारी, विकास केशरी और मोहम्मद ताजुद्दीन ने संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर सांसद मनीष जायसवाल ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है। उन्होंने जोर दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक संपूर्ण जीवनशैली है और प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए, क्योंकि 'करो योग, रहो निरोग' का संदेश आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है। जायसवाल ने हजारीबाग यूथ विंग की सराहना करते हुए कहा कि संस्था लगातार सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम के दौरान, सांसद मनीष जायसवाल ने उपस्थित प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, वहीं संस्था ने भी सांसद मनीष जायसवाल को योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता और प्रेरणादायी योगदान के लिए सामूहिक रूप से प्रशस्ति पत्र भेंट किया। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग जीवन का अमूल्य अंग है और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, साथ ही समाज के सहयोग और विश्वास से ही संस्था जनहित के कार्यों को आगे बढ़ा रही है। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आज की व्यस्त जीवनशैली में योग को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में भी हजारीबाग यूथ विंग समाजहित में ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करती रहेगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, अध्यक्ष करण जायसवाल, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, संजय कुमार, विकास केशरी, रोहित बजाज, मोहम्मद ताजुद्दीन, प्रमोद खण्डेलवाल, प्रणीत जैन, विवेक तिवारी, सत्यनारायण सिंह, सेजल सिंह, प्रवेक जैन और उदित तिवारी सहित कई सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।4
- हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी सदर ने शहर थाना के शहरी क्षेत्र में स्थित विभिन्न चौक-चौराहों पर माइक से जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के माध्यम से आम जनता को आगाह किया गया कि वे सोने और चांदी के आभूषणों को 'चमकाने' या 'झार फूंक' करने के बहाने किसी भी अनजान व्यक्ति के हवाले न करें।1
- हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर ने सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक नई मिसाल कायम की है। रविवार सुबह विद्यालय प्रांगण में गुरु और शिष्यों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिससे प्राचीन गुरुकुल की परंपरा पुनर्जीवित होती दिखी। इस आयोजन ने शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी, और एक पत्रकार को सकारात्मक खबर भी दी। विद्यालय के बरामदे और प्रांगण में बिछे हरे तिरपाल पर हरे-सफेद वर्दी में दर्जनों छात्र-छात्राएं योग कर रहे थे। एक ओर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं बालासन और पद्मासन में लीन थे, तो दूसरी ओर बच्चे भी पूर्ण अनुशासन से उनका अनुसरण कर रहे थे। 'ऊँच्च विद्यालय दैहर' का बोर्ड, दीवारों पर बने तिरंगा, उगते सूरज और रानी लक्ष्मी बाई के चित्र इस आयोजन को और गौरवशाली बना रहे थे। बारिश से भीगे मैदान और निर्माण सामग्री के बीच भी बच्चों का यह समर्पण सबको अभिभूत कर गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया, जिन्होंने माइक के माध्यम से प्रत्येक योगासन की बारीकियां समझाईं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। एक शिक्षक की टी-शर्ट पर लिखा 'आयुष विभाग हजारीबाग, योग रहे निरोग' यह दर्शाता था कि यह पहल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हो रही है। इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योगाभ्यास से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, जिससे अच्छे विचार आते हैं और अच्छे समाज तथा सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज के बच्चे मानसिक तनाव से घिरे हैं, और उनका लक्ष्य है कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनकर अच्छे इंसान बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग से एकाग्रता, अनुशासन और आत्मबल बढ़ता है, और जब गुरु स्वयं मैदान में उतरकर झुकेंगे, तभी शिष्य भी सीखेगा, यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। बच्चों की आंखों में दिखा आत्मविश्वास बता रहा था कि यह पहल उनके भविष्य को नई दिशा दे रही है। अक्सर सरकारी स्कूलों की नकारात्मक खबरें ही सुर्खियां बनती हैं, लेकिन दैहर का यह विद्यालय उन हजारों समर्पित शिक्षकों का सम्मान है जो बिना प्रचार के चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। यह खबर समाज से अपील करती है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा करें और सरकारी स्कूलों का मान बढ़ाएं, क्योंकि यहां भी हीरे तराशे जा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि 'संस्कारशाला' बन गया है, जहाँ गुरु-शिष्य का रिश्ता, समाजसेवी का सहयोग और बच्चों का समर्पण मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। ऐसे गुरुओं को सलाम, नागेंद्र कुमार कुशवाहा जैसे मार्गदर्शकों का आभार, और उन बच्चों को नमन जो कल का नया भारत बनेंगे। 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः॥' मंत्रोच्चारण के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।4