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हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर ने सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक नई मिसाल कायम की है। रविवार सुबह विद्यालय प्रांगण में गुरु और शिष्यों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिससे प्राचीन गुरुकुल की परंपरा पुनर्जीवित होती दिखी। इस आयोजन ने शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी, और एक पत्रकार को सकारात्मक खबर भी दी। विद्यालय के बरामदे और प्रांगण में बिछे हरे तिरपाल पर हरे-सफेद वर्दी में दर्जनों छात्र-छात्राएं योग कर रहे थे। एक ओर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं बालासन और पद्मासन में लीन थे, तो दूसरी ओर बच्चे भी पूर्ण अनुशासन से उनका अनुसरण कर रहे थे। 'ऊँच्च विद्यालय दैहर' का बोर्ड, दीवारों पर बने तिरंगा, उगते सूरज और रानी लक्ष्मी बाई के चित्र इस आयोजन को और गौरवशाली बना रहे थे। बारिश से भीगे मैदान और निर्माण सामग्री के बीच भी बच्चों का यह समर्पण सबको अभिभूत कर गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया, जिन्होंने माइक के माध्यम से प्रत्येक योगासन की बारीकियां समझाईं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। एक शिक्षक की टी-शर्ट पर लिखा 'आयुष विभाग हजारीबाग, योग रहे निरोग' यह दर्शाता था कि यह पहल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हो रही है। इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योगाभ्यास से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, जिससे अच्छे विचार आते हैं और अच्छे समाज तथा सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज के बच्चे मानसिक तनाव से घिरे हैं, और उनका लक्ष्य है कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनकर अच्छे इंसान बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग से एकाग्रता, अनुशासन और आत्मबल बढ़ता है, और जब गुरु स्वयं मैदान में उतरकर झुकेंगे, तभी शिष्य भी सीखेगा, यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। बच्चों की आंखों में दिखा आत्मविश्वास बता रहा था कि यह पहल उनके भविष्य को नई दिशा दे रही है। अक्सर सरकारी स्कूलों की नकारात्मक खबरें ही सुर्खियां बनती हैं, लेकिन दैहर का यह विद्यालय उन हजारों समर्पित शिक्षकों का सम्मान है जो बिना प्रचार के चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। यह खबर समाज से अपील करती है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा करें और सरकारी स्कूलों का मान बढ़ाएं, क्योंकि यहां भी हीरे तराशे जा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि 'संस्कारशाला' बन गया है, जहाँ गुरु-शिष्य का रिश्ता, समाजसेवी का सहयोग और बच्चों का समर्पण मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। ऐसे गुरुओं को सलाम, नागेंद्र कुमार कुशवाहा जैसे मार्गदर्शकों का आभार, और उन बच्चों को नमन जो कल का नया भारत बनेंगे। 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः॥' मंत्रोच्चारण के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

1 hr ago
user_कृष्णा कुमार कुशवाहा
कृष्णा कुमार कुशवाहा
बरही, हजारीबाग, झारखंड•
1 hr ago

हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर ने सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक नई मिसाल कायम की है। रविवार सुबह विद्यालय प्रांगण में गुरु और शिष्यों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिससे प्राचीन गुरुकुल की परंपरा पुनर्जीवित होती दिखी। इस आयोजन ने शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी, और एक पत्रकार को सकारात्मक खबर भी दी। विद्यालय के बरामदे और प्रांगण में बिछे हरे तिरपाल पर हरे-सफेद वर्दी में दर्जनों छात्र-छात्राएं योग कर रहे थे। एक ओर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं बालासन और पद्मासन में लीन थे, तो दूसरी ओर बच्चे भी पूर्ण अनुशासन से उनका अनुसरण कर रहे थे। 'ऊँच्च विद्यालय दैहर' का बोर्ड, दीवारों पर बने तिरंगा, उगते सूरज और रानी लक्ष्मी बाई के

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चित्र इस आयोजन को और गौरवशाली बना रहे थे। बारिश से भीगे मैदान और निर्माण सामग्री के बीच भी बच्चों का यह समर्पण सबको अभिभूत कर गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया, जिन्होंने माइक के माध्यम से प्रत्येक योगासन की बारीकियां समझाईं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। एक शिक्षक की टी-शर्ट पर लिखा 'आयुष विभाग हजारीबाग, योग रहे निरोग' यह दर्शाता था कि यह पहल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हो रही है। इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योगाभ्यास से मानसिक और शारीरिक रूप से

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स्वस्थ रहते हैं, जिससे अच्छे विचार आते हैं और अच्छे समाज तथा सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज के बच्चे मानसिक तनाव से घिरे हैं, और उनका लक्ष्य है कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनकर अच्छे इंसान बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग से एकाग्रता, अनुशासन और आत्मबल बढ़ता है, और जब गुरु स्वयं मैदान में उतरकर झुकेंगे, तभी शिष्य भी सीखेगा, यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। बच्चों की आंखों में दिखा आत्मविश्वास बता रहा था कि यह पहल उनके भविष्य को नई दिशा दे रही है। अक्सर सरकारी स्कूलों की नकारात्मक खबरें ही सुर्खियां बनती हैं, लेकिन दैहर का यह विद्यालय

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उन हजारों समर्पित शिक्षकों का सम्मान है जो बिना प्रचार के चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। यह खबर समाज से अपील करती है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा करें और सरकारी स्कूलों का मान बढ़ाएं, क्योंकि यहां भी हीरे तराशे जा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि 'संस्कारशाला' बन गया है, जहाँ गुरु-शिष्य का रिश्ता, समाजसेवी का सहयोग और बच्चों का समर्पण मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। ऐसे गुरुओं को सलाम, नागेंद्र कुमार कुशवाहा जैसे मार्गदर्शकों का आभार, और उन बच्चों को नमन जो कल का नया भारत बनेंगे। 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः॥' मंत्रोच्चारण के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

More news from Hazaribagh and nearby areas
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हजारीबाग के दारू थाना परिसर में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर थाना के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों ने एकजुटता दिखाते हुए सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान, सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए, जिसके माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हजारीबाग के दारू थाना परिसर में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर थाना के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों ने एकजुटता दिखाते हुए सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान, सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए, जिसके माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    5 hrs ago
  • हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक प्रदीप प्रसाद स्वयं, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों लोगों ने योग्य प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में योग अभ्यास किया। सभी प्रतिभागियों ने साल भर निरंतर योग करने का संकल्प लिया। योग कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मीडिया से बात करते हुए, भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की और कहा कि उन्होंने भारत की प्राचीन परंपरा योग को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यालय में योग दिवस से लगभग दो महीने पहले से योग का अभ्यास करवाया जा रहा है, और यह प्रक्रिया अब पूरे साल लगातार जारी रहेगी। विधायक ने योग को स्वस्थ जीवनशैली का एकमात्र साधन बताया। अपनी बात को पुष्ट करने के लिए, उन्होंने अपने पिता का उदाहरण दिया, जिन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने के बावजूद 21 साल तक योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन व्यतीत किया था। योग प्रशिक्षिका अंजू कुमारी ने भी जोर देकर कहा कि योग किसी एक दिन का अभ्यास नहीं है, बल्कि इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए और निरंतर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से लोग अस्पतालों के चक्कर लगाने से बच सकते हैं और भागदौड़ भरी जिंदगी में भी स्वस्थ रह सकते हैं।
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    हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक प्रदीप प्रसाद स्वयं, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों लोगों ने योग्य प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में योग अभ्यास किया।

सभी प्रतिभागियों ने साल भर निरंतर योग करने का संकल्प लिया। योग कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मीडिया से बात करते हुए, भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की और कहा कि उन्होंने भारत की प्राचीन परंपरा योग को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यालय में योग दिवस से लगभग दो महीने पहले से योग का अभ्यास करवाया जा रहा है, और यह प्रक्रिया अब पूरे साल लगातार जारी रहेगी। विधायक ने योग को स्वस्थ जीवनशैली का एकमात्र साधन बताया।

अपनी बात को पुष्ट करने के लिए, उन्होंने अपने पिता का उदाहरण दिया, जिन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने के बावजूद 21 साल तक योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन व्यतीत किया था। योग प्रशिक्षिका अंजू कुमारी ने भी जोर देकर कहा कि योग किसी एक दिन का अभ्यास नहीं है, बल्कि इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए और निरंतर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से लोग अस्पतालों के चक्कर लगाने से बच सकते हैं और भागदौड़ भरी जिंदगी में भी स्वस्थ रह सकते हैं।
    user_News nation
    News nation
    Barkagaon हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    1 hr ago
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर हुए हमले को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इस खुलासे में यह जानकारी दी गई है कि घटना के तार झारखंड के लोहरदगा से पाकिस्तान और दुबई तक फैले हुए हैं।
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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर हुए हमले को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इस खुलासे में यह जानकारी दी गई है कि घटना के तार झारखंड के लोहरदगा से पाकिस्तान और दुबई तक फैले हुए हैं।
    user_Shashikant
    Shashikant
    Court reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    1 hr ago
  • हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत घाघरा गांव में शनिवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। यह यात्रा श्री शिव, मां संतोषी एवं श्री हनुमत प्राण प्रतिष्ठा सह सप्त दिवसीय 1008 रुद्र महायज्ञ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी, जिसमें 2100 श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ श्रद्धालु घाघरा मंदिर परिसर से मेढ़कुरी शिवाने नदी पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच उन्होंने विधि-विधान से जल भरकर यज्ञ मंडप तक यात्रा पूरी की। इस दौरान “जय श्री राम” और “हर-हर महादेव” के नारों से वातावरण पूरी तरह गूंज उठा। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मेढ़कुरी कला में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल और शर्बत की व्यवस्था भी की गई थी। इस कार्यक्रम में बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमित यादव, बटेश्वर मेहता और मेढ़कुरी पंचायत के मुखिया भोला तुरी भी शामिल हुए। सात दिवसीय महायज्ञ 20 जून से 26 जून तक चलेगा, जिसमें 24 जून को नगर भ्रमण, 25 जून को प्राण प्रतिष्ठा और 26 जून को रुद्राभिषेक, महाआरती, पूर्णाहुति व भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य पुजारी वीरेंद्र प्रसाद मेहता हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष रोहित प्रसाद मेहता, सचिव राजेंद्र प्रसाद मेहता, कोषाध्यक्ष सुबोध मेहता, राजू मेहता, उमेश यादव, सुखदेव मेहता, अजीत यादव, बैजनाथ यादव, मोहन मेहता, केसर मेहता, जगत मेहता, दिनेश्वर मेहता समेत समस्त ग्रामीणों की सराहनीय भूमिका रही।
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    हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत घाघरा गांव में शनिवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। यह यात्रा श्री शिव, मां संतोषी एवं श्री हनुमत प्राण प्रतिष्ठा सह सप्त दिवसीय 1008 रुद्र महायज्ञ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी, जिसमें 2100 श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ श्रद्धालु घाघरा मंदिर परिसर से मेढ़कुरी शिवाने नदी पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच उन्होंने विधि-विधान से जल भरकर यज्ञ मंडप तक यात्रा पूरी की। इस दौरान “जय श्री राम” और “हर-हर महादेव” के नारों से वातावरण पूरी तरह गूंज उठा। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मेढ़कुरी कला में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल और शर्बत की व्यवस्था भी की गई थी। इस कार्यक्रम में बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमित यादव, बटेश्वर मेहता और मेढ़कुरी पंचायत के मुखिया भोला तुरी भी शामिल हुए।

सात दिवसीय महायज्ञ 20 जून से 26 जून तक चलेगा, जिसमें 24 जून को नगर भ्रमण, 25 जून को प्राण प्रतिष्ठा और 26 जून को रुद्राभिषेक, महाआरती, पूर्णाहुति व भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य पुजारी वीरेंद्र प्रसाद मेहता हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष रोहित प्रसाद मेहता, सचिव राजेंद्र प्रसाद मेहता, कोषाध्यक्ष सुबोध मेहता, राजू मेहता, उमेश यादव, सुखदेव मेहता, अजीत यादव, बैजनाथ यादव, मोहन मेहता, केसर मेहता, जगत मेहता, दिनेश्वर मेहता समेत समस्त ग्रामीणों की सराहनीय भूमिका रही।
    user_खबर आप तक
    खबर आप तक
    Local News Reporter Hazaribag, Hazaribagh•
    19 hrs ago
  • झारखंड के बरकट्ठा थाना क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा बालू खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद अवैध बालू खनन और तस्करी का कारोबार दिन-रात बेखौफ जारी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन बालू तस्करों को पुलिस-प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, एनजीटी ने 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक झारखंड की सभी नदियों से बालू खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। यह फैसला हर साल मॉनसून के दौरान पर्यावरण संरक्षण और नदियों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया जाता है, जिसके तहत राज्य के सभी 444 बालू घाट बंद रहेंगे। राज्य सरकार और खनन विभाग ने सभी जिलों को इस प्रतिबंध अवधि में अवैध खनन और परिवहन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी जारी किए हैं, और 15 अक्टूबर के बाद ही परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बेडोकला गांव में तीन स्थानों पर बालू का अवैध भंडारण और स्टॉक पॉइंट बनाकर व्यापक पैमाने पर इसका परिवहन किया जा रहा है। बराकर नदी घाट के गढ़गी, जतघघरा, सलैयडीह, बरकंनगांगों, छुतहरी कटिया समेत अन्य स्थानों से दिन-रात बालू का खनन कर उसे बेडोकला गांव में जमा किया जाता है। इसके बाद, इसे प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से होकर जीटी रोड पार करते हुए बरकट्ठा, कोनहरा, चेचकप्पी और इचाक होते हुए हजारीबाग तक बेखौफ ट्रैक्टर और मिनी हाइवा टिपर से ले जाया जा रहा है। एक कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह अवैध खनन और परिवहन स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मिलकर किया जाता है, जिससे बरकट्ठा सीओ और थाना पुलिस की मिलीभगत पर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि जानकारी होने के बावजूद वे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
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    झारखंड के बरकट्ठा थाना क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा बालू खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद अवैध बालू खनन और तस्करी का कारोबार दिन-रात बेखौफ जारी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन बालू तस्करों को पुलिस-प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, एनजीटी ने 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक झारखंड की सभी नदियों से बालू खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। यह फैसला हर साल मॉनसून के दौरान पर्यावरण संरक्षण और नदियों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया जाता है, जिसके तहत राज्य के सभी 444 बालू घाट बंद रहेंगे। राज्य सरकार और खनन विभाग ने सभी जिलों को इस प्रतिबंध अवधि में अवैध खनन और परिवहन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी जारी किए हैं, और 15 अक्टूबर के बाद ही परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

हालांकि, बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बेडोकला गांव में तीन स्थानों पर बालू का अवैध भंडारण और स्टॉक पॉइंट बनाकर व्यापक पैमाने पर इसका परिवहन किया जा रहा है। बराकर नदी घाट के गढ़गी, जतघघरा, सलैयडीह, बरकंनगांगों, छुतहरी कटिया समेत अन्य स्थानों से दिन-रात बालू का खनन कर उसे बेडोकला गांव में जमा किया जाता है। इसके बाद, इसे प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से होकर जीटी रोड पार करते हुए बरकट्ठा, कोनहरा, चेचकप्पी और इचाक होते हुए हजारीबाग तक बेखौफ ट्रैक्टर और मिनी हाइवा टिपर से ले जाया जा रहा है। एक कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह अवैध खनन और परिवहन स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मिलकर किया जाता है, जिससे बरकट्ठा सीओ और थाना पुलिस की मिलीभगत पर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि जानकारी होने के बावजूद वे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    6 hrs ago
  • हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर ने सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक नई मिसाल कायम की है। रविवार सुबह विद्यालय प्रांगण में गुरु और शिष्यों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिससे प्राचीन गुरुकुल की परंपरा पुनर्जीवित होती दिखी। इस आयोजन ने शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी, और एक पत्रकार को सकारात्मक खबर भी दी। विद्यालय के बरामदे और प्रांगण में बिछे हरे तिरपाल पर हरे-सफेद वर्दी में दर्जनों छात्र-छात्राएं योग कर रहे थे। एक ओर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं बालासन और पद्मासन में लीन थे, तो दूसरी ओर बच्चे भी पूर्ण अनुशासन से उनका अनुसरण कर रहे थे। 'ऊँच्च विद्यालय दैहर' का बोर्ड, दीवारों पर बने तिरंगा, उगते सूरज और रानी लक्ष्मी बाई के चित्र इस आयोजन को और गौरवशाली बना रहे थे। बारिश से भीगे मैदान और निर्माण सामग्री के बीच भी बच्चों का यह समर्पण सबको अभिभूत कर गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया, जिन्होंने माइक के माध्यम से प्रत्येक योगासन की बारीकियां समझाईं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। एक शिक्षक की टी-शर्ट पर लिखा 'आयुष विभाग हजारीबाग, योग रहे निरोग' यह दर्शाता था कि यह पहल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हो रही है। इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योगाभ्यास से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, जिससे अच्छे विचार आते हैं और अच्छे समाज तथा सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज के बच्चे मानसिक तनाव से घिरे हैं, और उनका लक्ष्य है कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनकर अच्छे इंसान बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग से एकाग्रता, अनुशासन और आत्मबल बढ़ता है, और जब गुरु स्वयं मैदान में उतरकर झुकेंगे, तभी शिष्य भी सीखेगा, यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। बच्चों की आंखों में दिखा आत्मविश्वास बता रहा था कि यह पहल उनके भविष्य को नई दिशा दे रही है। अक्सर सरकारी स्कूलों की नकारात्मक खबरें ही सुर्खियां बनती हैं, लेकिन दैहर का यह विद्यालय उन हजारों समर्पित शिक्षकों का सम्मान है जो बिना प्रचार के चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। यह खबर समाज से अपील करती है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा करें और सरकारी स्कूलों का मान बढ़ाएं, क्योंकि यहां भी हीरे तराशे जा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि 'संस्कारशाला' बन गया है, जहाँ गुरु-शिष्य का रिश्ता, समाजसेवी का सहयोग और बच्चों का समर्पण मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। ऐसे गुरुओं को सलाम, नागेंद्र कुमार कुशवाहा जैसे मार्गदर्शकों का आभार, और उन बच्चों को नमन जो कल का नया भारत बनेंगे। 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः॥' मंत्रोच्चारण के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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    हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर ने सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक नई मिसाल कायम की है। रविवार सुबह विद्यालय प्रांगण में गुरु और शिष्यों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिससे प्राचीन गुरुकुल की परंपरा पुनर्जीवित होती दिखी। इस आयोजन ने शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी, और एक पत्रकार को सकारात्मक खबर भी दी।

विद्यालय के बरामदे और प्रांगण में बिछे हरे तिरपाल पर हरे-सफेद वर्दी में दर्जनों छात्र-छात्राएं योग कर रहे थे। एक ओर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं बालासन और पद्मासन में लीन थे, तो दूसरी ओर बच्चे भी पूर्ण अनुशासन से उनका अनुसरण कर रहे थे। 'ऊँच्च विद्यालय दैहर' का बोर्ड, दीवारों पर बने तिरंगा, उगते सूरज और रानी लक्ष्मी बाई के चित्र इस आयोजन को और गौरवशाली बना रहे थे। बारिश से भीगे मैदान और निर्माण सामग्री के बीच भी बच्चों का यह समर्पण सबको अभिभूत कर गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया, जिन्होंने माइक के माध्यम से प्रत्येक योगासन की बारीकियां समझाईं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। एक शिक्षक की टी-शर्ट पर लिखा 'आयुष विभाग हजारीबाग, योग रहे निरोग' यह दर्शाता था कि यह पहल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हो रही है।

इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योगाभ्यास से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, जिससे अच्छे विचार आते हैं और अच्छे समाज तथा सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज के बच्चे मानसिक तनाव से घिरे हैं, और उनका लक्ष्य है कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनकर अच्छे इंसान बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग से एकाग्रता, अनुशासन और आत्मबल बढ़ता है, और जब गुरु स्वयं मैदान में उतरकर झुकेंगे, तभी शिष्य भी सीखेगा, यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। बच्चों की आंखों में दिखा आत्मविश्वास बता रहा था कि यह पहल उनके भविष्य को नई दिशा दे रही है।

अक्सर सरकारी स्कूलों की नकारात्मक खबरें ही सुर्खियां बनती हैं, लेकिन दैहर का यह विद्यालय उन हजारों समर्पित शिक्षकों का सम्मान है जो बिना प्रचार के चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। यह खबर समाज से अपील करती है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा करें और सरकारी स्कूलों का मान बढ़ाएं, क्योंकि यहां भी हीरे तराशे जा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि 'संस्कारशाला' बन गया है, जहाँ गुरु-शिष्य का रिश्ता, समाजसेवी का सहयोग और बच्चों का समर्पण मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। ऐसे गुरुओं को सलाम, नागेंद्र कुमार कुशवाहा जैसे मार्गदर्शकों का आभार, और उन बच्चों को नमन जो कल का नया भारत बनेंगे। 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः॥' मंत्रोच्चारण के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
    user_कृष्णा कुमार कुशवाहा
    कृष्णा कुमार कुशवाहा
    बरही, हजारीबाग, झारखंड•
    1 hr ago
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