हरदोई जनपद के शाहाबाद कस्बे में तैनात आईपीएस आलोक राज नारायण ने एक दिव्यांग फरियादी के प्रति मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक ऐसी पहल की है, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। पुलिस की छवि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर असहाय और दिव्यांग जनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी पुलिस की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जानकारी के अनुसार, एक दिव्यांग पीड़ित अपनी समस्या लेकर अपर पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचा था। फरियादी की शारीरिक स्थिति को देखते हुए, एएसपी आलोक राज नारायण ने औपचारिकता और पद की गरिमा से ऊपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने स्वयं अपने कार्यालय से बाहर आकर दिव्यांग पीड़ित का सम्मानपूर्वक स्वागत किया, उसे बैठने की व्यवस्था कराई और पूरी गंभीरता तथा धैर्य के साथ उसकी समस्या को सुना। पीड़ित की बात सुनने के बाद, आईपीएस आलोक राज नारायण ने संबंधित अधिकारियों को मामले में निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, फरियादी को यह भरोसा दिलाया गया कि उसकी शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक सुना जाना और उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होना सुशासन की मूल भावना है, विशेष रूप से दिव्यांग, बुजुर्ग, महिला एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। आईपीएस आलोक राज नारायण की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि पुलिस की वास्तविक पहचान केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय का भरोसा देना भी है। क्षेत्र के लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और सम्मान दोनों बढ़ाते हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासनिक दायित्वों के साथ संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तब शासन की छवि और अधिक सकारात्मक बनती है और प्रत्येक पीड़ित को यह विश्वास दिलाता है कि न्याय व्यवस्था उसके साथ खड़ी है।
हरदोई जनपद के शाहाबाद कस्बे में तैनात आईपीएस आलोक राज नारायण ने एक दिव्यांग फरियादी के प्रति मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक ऐसी पहल की है, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। पुलिस की छवि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर असहाय और दिव्यांग जनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी पुलिस की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जानकारी के अनुसार, एक दिव्यांग पीड़ित अपनी समस्या लेकर अपर पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचा था। फरियादी की शारीरिक स्थिति को देखते हुए, एएसपी आलोक राज नारायण ने औपचारिकता और पद की गरिमा से ऊपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने स्वयं अपने कार्यालय से बाहर आकर दिव्यांग पीड़ित का सम्मानपूर्वक स्वागत किया, उसे बैठने की व्यवस्था कराई और पूरी गंभीरता तथा धैर्य के साथ उसकी समस्या को सुना। पीड़ित की बात सुनने के बाद, आईपीएस आलोक राज नारायण ने संबंधित अधिकारियों को मामले में निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, फरियादी को यह भरोसा दिलाया
गया कि उसकी शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक सुना जाना और उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होना सुशासन की मूल भावना है, विशेष रूप से दिव्यांग, बुजुर्ग, महिला एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। आईपीएस आलोक राज नारायण की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि पुलिस की वास्तविक पहचान केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय का भरोसा देना भी है। क्षेत्र के लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और सम्मान दोनों बढ़ाते हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासनिक दायित्वों के साथ संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तब शासन की छवि और अधिक सकारात्मक बनती है और प्रत्येक पीड़ित को यह विश्वास दिलाता है कि न्याय व्यवस्था उसके साथ खड़ी है।
- जनपद हरदोई के थाना कछौना क्षेत्रांतर्गत ग्राम चौरा और थाना बेनीगंज क्षेत्रांतर्गत ग्राम फत्तेपुर में 27 जून 2026 को दो लोगों ने अपने घरों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान ग्राम चौरा निवासी 35 वर्षीय सरवन पुत्र जवाहर और ग्राम फत्तेपुर निवासी 20 वर्षीय कुंती पुत्री सोबरन के रूप में हुई है। सरवन शादीशुदा थे और उनके तीन बच्चे भी हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी करने के बाद दोनों शवों को मोर्चरी भिजवा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही अभी जारी है।1
- हरदोई जनपद के शाहाबाद कस्बे में तैनात आईपीएस आलोक राज नारायण ने एक दिव्यांग फरियादी के प्रति मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक ऐसी पहल की है, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। पुलिस की छवि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर असहाय और दिव्यांग जनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी पुलिस की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जानकारी के अनुसार, एक दिव्यांग पीड़ित अपनी समस्या लेकर अपर पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचा था। फरियादी की शारीरिक स्थिति को देखते हुए, एएसपी आलोक राज नारायण ने औपचारिकता और पद की गरिमा से ऊपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने स्वयं अपने कार्यालय से बाहर आकर दिव्यांग पीड़ित का सम्मानपूर्वक स्वागत किया, उसे बैठने की व्यवस्था कराई और पूरी गंभीरता तथा धैर्य के साथ उसकी समस्या को सुना। पीड़ित की बात सुनने के बाद, आईपीएस आलोक राज नारायण ने संबंधित अधिकारियों को मामले में निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, फरियादी को यह भरोसा दिलाया गया कि उसकी शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक सुना जाना और उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होना सुशासन की मूल भावना है, विशेष रूप से दिव्यांग, बुजुर्ग, महिला एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। आईपीएस आलोक राज नारायण की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि पुलिस की वास्तविक पहचान केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय का भरोसा देना भी है। क्षेत्र के लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और सम्मान दोनों बढ़ाते हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासनिक दायित्वों के साथ संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तब शासन की छवि और अधिक सकारात्मक बनती है और प्रत्येक पीड़ित को यह विश्वास दिलाता है कि न्याय व्यवस्था उसके साथ खड़ी है।2
- हरदोई के समोधा बाजार में 26 जून 2026 को लगभग शाम 7 बजे एक तेज और लापरवाही से चलाई जा रही स्कॉर्पियो (UP32 JX 5152) ने आम बेच रहे अरुण पुत्र रामखेलावन को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक अरुण दलेल नगर समोदा, थाना कछौना, हरदोई जनपद के निवासी थे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो वाहन को कब्जे में ले लिया है। चालक आशीष दिवाकर पुत्र छत्रपाल, जो तियाराहार दलेलनगर समोदा, थाना कछौना, हरदोई जनपद का निवासी है, को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। वादी से मिली तहरीर के आधार पर स्थानीय थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, और आवश्यक कार्यवाही प्रचलित है।1
- हरदोई के कछौना थाना क्षेत्र स्थित समोधा बाजार में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में आम बेच रहे एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को तत्काल कब्जे में ले लिया है और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना 26 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे हुई। स्कॉर्पियो (UP32 JX 5152) का चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसने समोधा बाजार में आम बेच रहे अरुण, पुत्र रामखेलावन, निवासी दलेलनगर समोधा, थाना कछौना को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण अरुण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद, पुलिस ने स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में लिया और उसके चालक आशीष दिवाकर, पुत्र छत्रपाल, निवासी तियाराहार दलेलनगर समोधा, थाना कछौना को हिरासत में ले लिया। मृतक पक्ष की तहरीर के आधार पर कछौना थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुबोध गौतम ने बताया है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।1
- पीलीभीत के थाना वांदा क्षेत्र में, एनडीआरएफ ने शारदा नहर में डूबी एक 19 वर्षीय युवती का शव लगभग 10 किलोमीटर दूर से बरामद किया है। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच चले एक गहन सर्च ऑपरेशन के बाद यह शव पुलिस को सौंपा गया। युवती अपनी मां के साथ दवा लेने जा रही थी, जब नहर में सिक्का डालते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में गिर गई।1
- शाहजहाँपुर जिले के बण्डा थाना पुलिस ने एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी पुवायाँ के निकट पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई है। इस अभियान के अंतर्गत, प्रभारी निरीक्षक थाना बण्डा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने शनिवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए ग्राम देवकली से वांछित आरोपी शरदवीर सिंह उर्फ शरद सिंह को सुबह करीब 10:45 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी, जिसकी उम्र 21 वर्ष बताई गई है, ग्राम नवादा ढाह, थाना बण्डा का निवासी है। पुलिस के अनुसार, 13 जून 2026 को पीड़िता की मां ने बण्डा थाना में एक तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी लगभग 17 वर्षीय बेटी को शरद सिंह, प्रमोद सिंह और झुनकू सिंह बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए हैं। इस तहरीर के आधार पर थाना बण्डा में मु0अ0सं0-277/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर मामले में एक अन्य धारा भी बढ़ाई गई। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और अग्रिम विवेचना जारी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक जयचन्द गिरी और हेड कांस्टेबल रामसंजीवन शामिल रहे।1
- आज 27 जून, 2026 को हरदोई जनपद के कछौना और बेनीगंज थाना क्षेत्रों में दो व्यक्तियों ने अपने-अपने घरों में फांसी लगाकर जान दे दी। कछौना थाना क्षेत्र के ग्राम चौरा निवासी सरवन पुत्र जवाहर, जिनकी उम्र लगभग 35 वर्ष थी, और बेनीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम फत्तेपुर निवासी कुंती पुत्री सोबरन, जिनकी उम्र लगभग 20 वर्ष थी, ने यह कदम उठाया। सरवन विवाहित था और उसके तीन बच्चे भी हैं। इस घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों का नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी की और उन्हें मोर्चरी भेज दिया। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम द्वारा एक बयान भी दिया गया है। मामले में अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही अभी भी जारी है।1
- हरदोई जिले के कछौना थाना क्षेत्र के समोधा बाजार में 26 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे एक तेज और लापरवाही से चलाई जा रही स्कॉर्पियो ने आम बेच रहे एक व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान दलेल नगर समोदा थाना कछौना निवासी अरुण पुत्र रामखेलावन के रूप में हुई है। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो (संख्या UP32 JX 5152) को पुलिस ने तुरंत अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में गाड़ी के चालक आशीष दिवाकर पुत्र छत्रपाल, जो तियाराहार दलेलनगर समोदा थाना कछौना का निवासी है, को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने वादी से मिली तहरीर के आधार पर स्थानीय थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस संबंध में आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।1