महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए समिति गठन जिला प्रोबेशन अधिकारी कुशीनगर राजेश चन्द्र ने जनपद के समस्त सरकारी एवं निजी संस्थानों, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, मॉल, विद्यालय, महाविद्यालय, निगमों, उपक्रमों तथा बैंकों के नियोक्ताओं को अवगत कराया है कि महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के तहत ऐसे प्रत्येक संस्थान, जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहाँ आंतरिक परिवाद समिति (Internal Complaints Committee-ICC) का गठन करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि समिति की अध्यक्ष (पीठासीन अधिकारी) कार्यस्थल पर वरिष्ठ स्तर पर कार्यरत महिला कर्मचारी होंगी तथा समिति का गठन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी संस्थान द्वारा आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं किया जाता है, तो प्रथम बार ₹50,000 तथा पुनः उल्लंघन की स्थिति में ₹1,00,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। लगातार अनुपालन न करने पर संबंधित निजी संस्थान का पंजीकरण भी निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने जनपद के सभी संबंधित संस्थानों एवं कार्यालयों से अपील की है कि यदि अब तक आंतरिक परिवाद समिति का गठन अथवा उसका अद्यतन नहीं किया गया है, तो तत्काल इसकी प्रक्रिया पूर्ण करें। अन्यथा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संबंधित संस्थान के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए समिति गठन जिला प्रोबेशन अधिकारी कुशीनगर राजेश चन्द्र ने जनपद के समस्त सरकारी एवं निजी संस्थानों, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, मॉल, विद्यालय, महाविद्यालय, निगमों, उपक्रमों तथा बैंकों के नियोक्ताओं को अवगत कराया है कि महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के तहत ऐसे प्रत्येक संस्थान, जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहाँ आंतरिक परिवाद समिति (Internal Complaints Committee-ICC) का गठन करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि समिति की अध्यक्ष (पीठासीन अधिकारी) कार्यस्थल पर वरिष्ठ स्तर पर कार्यरत महिला कर्मचारी होंगी तथा समिति का गठन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी संस्थान द्वारा आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं किया जाता है, तो प्रथम बार ₹50,000 तथा पुनः उल्लंघन की स्थिति में ₹1,00,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। लगातार अनुपालन न करने पर संबंधित निजी संस्थान का पंजीकरण भी निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने जनपद के सभी संबंधित संस्थानों एवं कार्यालयों से अपील की है कि यदि अब तक आंतरिक परिवाद समिति का गठन अथवा उसका अद्यतन नहीं किया गया है, तो तत्काल इसकी प्रक्रिया पूर्ण करें। अन्यथा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संबंधित संस्थान के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- देवरिया में निपुण संकल्प कार्यशाला, शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण देवरिया। बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिले में निपुण संकल्प कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों और NIPUN Plus App के उपयोग की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि कैच-अप शिक्षण और पठन संस्कृति को बढ़ावा देकर बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों से हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों ने प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा देने का संकल्प लिया।1
- 5 हजार की रिश्वत लेते जिला उद्योग विभाग का बाबू गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा ब्यूरो प्रभारी. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर 5 हजार की रिश्वत लेते जिला उद्योग विभाग का बाबू गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा ब्यूरो प्रभारी. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर कुशीनगर। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन संगठन गोरखपुर की ट्रैप टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में तैनात कनिष्ठ सहायक (बाबू) शैलेश कुमार कुशवाहा को ₹5 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वीकृत ऋण की सब्सिडी जारी कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार अमन कश्यप पुत्र अनिलेश कश्यप, निवासी मंगल बाजार, कप्तानगंज, जनपद कुशीनगर ने एंटी करप्शन संगठन गोरखपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी पत्नी के खाते में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वीकृत 9 लाख रुपये के ऋण पर मिलने वाली सब्सिडी जारी करने के लिए जिला उद्योग विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक शैलेश कुमार कुशवाहा ₹5 हजार रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन संगठन ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। शुक्रवार को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के कार्यालय में जाल बिछाया गया। दोपहर लगभग 12:25 बजे जैसे ही शिकायतकर्ता अमन कश्यप ने आरोपी कर्मचारी को ₹5 हजार दिए, पहले से मौजूद ट्रैप टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शैलेश कुमार कुशवाहा पुत्र मुन्नी लाल, निवासी शेखपुर पोस्ट कुलगांव, थाना महाराजपुर, जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, कुशीनगर में कनिष्ठ सहायक (बाबू) के पद पर कार्यरत था। एंटी करप्शन संगठन के प्रभारी निरीक्षक शिव मनोहर यादव ने बताया कि कुशीनगर के उद्योग विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक के विरुद्ध रिश्वत लेने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत का सत्यापन कर साक्ष्य जुटाए गए, जिसके आधार पर ट्रैप टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई रविन्द्रनगर धूस थाना में की जा रही है।4
- कुशीनगर एक ही परिवार की खुशियां मातम में बदलीं... रातभर चला रेस्क्यू, सुबह तीनों मासूमों की लाश बरामद हो गई है। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिधरिया ताल ड्रेन में शुक्रवार शाम डूबी तीन मासूम बच्चियों में से आज सुबह तीनों का शव बरामद कर लिया गया हैं। पुलिस तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कुशीनगर एक ही परिवार की खुशियां मातम में बदलीं... रातभर चला रेस्क्यू, सुबह तीनों मासूमों की लाश बरामद हो गई है। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिधरिया ताल ड्रेन में शुक्रवार शाम डूबी तीन मासूम बच्चियों में से आज सुबह तीनों का शव बरामद कर लिया गया हैं। पुलिस तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1