बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जहां राशन कार्ड से नाम कटने की आशंका और नई सूची जारी होने को लेकर सतर्क किया गया है। लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या उनका नाम भी राशन कार्ड से कट सकता है या नई सूची में उनका नाम शामिल है या हटा दिया गया है। इस संबंध में जारी एक वीडियो के माध्यम से राशन कार्ड से नाम कटने के प्रमुख कारणों, नई सूची देखने के तरीके और नाम को दोबारा जोड़ने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके साथ ही इस जानकारी में प्रति व्यक्ति और पूरे परिवार को मिलने वाले राशन की मात्रा, पात्र और अपात्र लाभार्थियों के नियम और सरकार के नए दिशा-निर्देशों की भी विस्तृत जानकारी दी गई है। यदि आपके परिवार में कोई राशन कार्ड धारक है, तो इस पूरी जानकारी और वीडियो को देखने तथा दूसरों के साथ साझा करने की अपील की गई है ताकि किसी भी व्यक्ति को राशन से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।
बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जहां राशन कार्ड से नाम कटने की आशंका और नई सूची जारी होने को लेकर सतर्क किया गया है। लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या उनका नाम भी राशन कार्ड से कट सकता है या नई सूची में उनका नाम शामिल है या हटा दिया गया है। इस संबंध में जारी एक वीडियो के माध्यम से राशन कार्ड से नाम कटने के प्रमुख कारणों, नई सूची देखने के तरीके और नाम को दोबारा जोड़ने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके साथ ही इस जानकारी में प्रति व्यक्ति और पूरे परिवार को मिलने वाले राशन की मात्रा, पात्र और अपात्र लाभार्थियों के नियम और सरकार के नए दिशा-निर्देशों की भी विस्तृत जानकारी दी गई है। यदि आपके परिवार में कोई राशन कार्ड धारक है, तो इस पूरी जानकारी और वीडियो को देखने तथा दूसरों के साथ साझा करने की अपील की गई है ताकि किसी भी व्यक्ति को राशन से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।
- बिहार के सारण जिला अंतर्गत छपरा के शक्ति नगर में विकास के दावों की पोल खुल गई है। यहाँ की टूटी सड़क और भारी जलजमाव के कारण स्थानीय जनता पूरी तरह बेहाल है। इस बदतर स्थिति की वजह से अब शक्ति नगर 'जलनगर' बनकर रह गया है, जो यहाँ हुए विकास के दावों की पोल खोल रहा है।1
- पटना के खेमनीचक में प्रशासन द्वारा दारू पीकर ड्यूटी करने का मामला सामने आया है। यहाँ सीधे तौर पर प्रशासन की इस हरकत को उजागर करते हुए दिखाया गया है कि किस तरह वे शराब के नशे में धुत होकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।1
- बिहार में गिरफ्तारी के बाद बेल मिलने पर वीणा मानवी ने सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अत्यंत भावुक अंदाज में अपनी बात रखते हुए कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई है, लेकिन वे किसी भी सूरत में पीछे हटने वाली नहीं हैं। सरकार की इस कार्रवाई पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें "सच बोलने की सजा मिली" है। अपनी रिहाई के बाद उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वे इस दबाव के आगे बिल्कुल नहीं झुकेंगी।1
- पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेव स्थान के पास पुलिस ने सूचना पर छापेमारी करते हुए एक होटल में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने होटल के कमरे से एक नाबालिग लड़की को एक युवक के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाया। पुलिस ने मौके से नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू किया है और आगे की कार्रवाई में जुटी है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल के संचालक चांद बाबू सिंह समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दानापुर डीएसपी टू अमरेंद्र कुमार झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि की है।1
- बिहार के भोजपुर में इंसानियत की एक अनोखी मिसाल सामने आई है, जिसे पूरा प्रदेश सलाम कर रहा है। जहां लोग जमीन के एक-एक इंच टुकड़े के लिए अपने ही रिश्तों को दांव पर लगा देते हैं, वहीं भोजपुर के सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह ने एक बेहद सराहनीय काम किया है। उन्होंने अपनी 5 वर्षीय बेटी प्रिंसी राज के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए अपने हिस्से की 18 कट्ठा जमीन 40 से अधिक गरीब और महादलित परिवारों को दान कर दी है। यह केवल जमीन का दान नहीं है, बल्कि उन बेघर परिवारों को सम्मान के साथ रहने का अधिकार और बेहतर भविष्य की उम्मीद देने की एक बड़ी प्रेरणादायक पहल है, जिनके पास अपना आशियाना बनाने के लिए खुद की कोई जमीन नहीं थी। मुखिया राकेश सिंह का यह कार्य समाज को यह बड़ा संदेश देता है कि सच्ची खुशी सिर्फ अपने लिए जीने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में निहित है। इस नेक काम के बाद अब यह सवाल भी सामने आता है कि क्या वाकई हर सक्षम व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार ऐसे ही जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए?1
- बुजुर्गों का सम्मान करना, उनका साथ देना और जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता करना हर इंसान का कर्तव्य है। यह कोई शौक या मजबूरी नहीं, बल्कि मनुष्य होने का फर्ज है। आज हम बुजुर्गों की मदद के लिए आगे आएंगे, तो कल जब हमारी उम्र होगी, तब शायद कोई हमारी भी इसी तरह मदद करेगा। इसी भावना के साथ लोगों से अपील की जा रही है कि वे मिलकर किसी की जिंदगी में थोड़ी सी खुशी लेकर आएं। इसी प्रयास के तहत, पटना से लगभग 100 किलोमीटर दूर रहने वाले बाबा जी तक हर महीने मदद पहुंचाने की कोशिश करने का संकल्प लिया गया है। बाबा जी का पता करंट स्टोरी पर उपलब्ध कराया गया है ताकि इच्छुक लोग उन तक मदद पहुंचा सकें और उनके जीवन में खुशियां ला सकें।1
- भोजपुर के आरा में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच के तहत सोमवार को बड़ी गवाही हुई। सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष बने न्यायिक जांच आयोग के सामने भरत भूषण तिवारी की भाभी सुमन देवी और सत्यनारायण चौधरी सहित दो लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए। यह पूरी गवाही प्रक्रिया करीब 3 घंटे तक चली, जिसके मद्देनजर कार्यालय के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इस सुनवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की भाभी सुमन देवी ने अपनी गवाही देते हुए मामले में फांसी की मांग की है। इस एनकाउंटर मामले में सुमन देवी और सत्यनारायण चौधरी से पहले भरत तिवारी के माता और पिता के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।2
- बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जहां राशन कार्ड से नाम कटने की आशंका और नई सूची जारी होने को लेकर सतर्क किया गया है। लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या उनका नाम भी राशन कार्ड से कट सकता है या नई सूची में उनका नाम शामिल है या हटा दिया गया है। इस संबंध में जारी एक वीडियो के माध्यम से राशन कार्ड से नाम कटने के प्रमुख कारणों, नई सूची देखने के तरीके और नाम को दोबारा जोड़ने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके साथ ही इस जानकारी में प्रति व्यक्ति और पूरे परिवार को मिलने वाले राशन की मात्रा, पात्र और अपात्र लाभार्थियों के नियम और सरकार के नए दिशा-निर्देशों की भी विस्तृत जानकारी दी गई है। यदि आपके परिवार में कोई राशन कार्ड धारक है, तो इस पूरी जानकारी और वीडियो को देखने तथा दूसरों के साथ साझा करने की अपील की गई है ताकि किसी भी व्यक्ति को राशन से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।1