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### बड़ी रिपोर्ट: बिना नोटिस बुलडोज़र कार्रवाई, प्रशासन पर गंभीर सवाल — पीड़ितों की आवाज़ दबाने की कोशिश? यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज और आम जनता के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बेहद गंभीर प्रश्न है। खसरा नंबर 54 की भूमि पर वर्षों से रह रहे **कमता महौर पुत्र रामसेवक** और **बलवान महौर पुत्र रामसेवक** के मकान बिना किसी वैध आदेश, बिना किसी नोटिस और बिना विधिक प्रक्रिया के जबरन गिरा दिए गए। यह घटना न केवल कानून की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार लगभग सन् 1980 से इस भूमि पर रह रहा था। उनके पास सन् 1985–90 के पुराने दस्तावेज़ और नोटिस मौजूद हैं, जो उनके लंबे समय से कब्ज़े और निवास का प्रमाण हैं। परिवार के लोग नियमित रूप से बिजली और पानी के बिल भी जमा करते रहे हैं, जिससे उनका वैध निवास स्पष्ट होता है। इसके बावजूद, जिस तरीके से कार्रवाई की गई, वह गंभीर चिंता का विषय है। विवादित पक्ष के रूप में **कमलेश तिवारी** का नाम सामने आया है। इस मामले की सुनवाई 30 मार्च 2026 को निर्धारित थी, लेकिन बिना किसी अंतिम निर्णय के ही प्रशासनिक बल का उपयोग करते हुए मकानों को गिरा दिया गया। इस पूरी कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या किसी व्यक्ति के प्रभाव या आर्थिक ताकत के चलते प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया जा सकता है? पीड़ितों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए और उनमें मौजूद वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। यदि यह सच है, तो यह केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार नहीं बल्कि सबूत मिटाने का प्रयास भी माना जाएगा। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यह मामला अब एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है—क्या आम नागरिक की आवाज़ को दबाया जा रहा है? क्या गरीब और कमजोर वर्ग की बात सुनी नहीं जाएगी? अगर बिना नोटिस और बिना आदेश के घर तोड़े जा सकते हैं, तो फिर कानून और न्याय व्यवस्था का उद्देश्य क्या रह जाता है? स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोग यह मांग कर रहे हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए, जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, और पीड़ित परिवार को न्याय व उचित मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ इस तरह की कार्रवाई न हो। यह घटना केवल एक समाचार नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों की आवाज़ है जिनकी सुनवाई अक्सर सत्ता और प्रभाव के बीच दब जाती है। अगर आज इस घटना पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो कल यह किसी और के साथ भी हो सकता है। **रिपोर्टर: नीरज महौर**

8 hrs ago
user_Neeraj Kumar Mahour
Neeraj Kumar Mahour
Local News Reporter सेंवढ़ा, दतिया, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago
2ac50636-a0e8-452f-8b9b-648baf2b1e86

### बड़ी रिपोर्ट: बिना नोटिस बुलडोज़र कार्रवाई, प्रशासन पर गंभीर सवाल — पीड़ितों की आवाज़ दबाने की कोशिश? यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज और आम जनता के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बेहद गंभीर प्रश्न है। खसरा नंबर 54 की भूमि पर वर्षों से रह रहे **कमता महौर पुत्र रामसेवक** और **बलवान महौर पुत्र रामसेवक** के मकान बिना किसी वैध आदेश, बिना किसी नोटिस और बिना विधिक प्रक्रिया के जबरन गिरा दिए गए। यह घटना न केवल कानून की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार लगभग सन् 1980 से इस भूमि पर रह रहा था। उनके पास

सन् 1985–90 के पुराने दस्तावेज़ और नोटिस मौजूद हैं, जो उनके लंबे समय से कब्ज़े और निवास का प्रमाण हैं। परिवार के लोग नियमित रूप से बिजली और पानी के बिल भी जमा करते रहे हैं, जिससे उनका वैध निवास स्पष्ट होता है। इसके बावजूद, जिस तरीके से कार्रवाई की गई, वह गंभीर चिंता का विषय है। विवादित पक्ष के रूप में **कमलेश तिवारी** का नाम सामने आया है। इस मामले की सुनवाई 30 मार्च 2026 को निर्धारित थी, लेकिन बिना किसी अंतिम निर्णय के ही प्रशासनिक बल का उपयोग करते हुए मकानों को गिरा दिया गया। इस पूरी कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या किसी व्यक्ति के प्रभाव या आर्थिक ताकत के चलते

प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया जा सकता है? पीड़ितों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए और उनमें मौजूद वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। यदि यह सच है, तो यह केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार नहीं बल्कि सबूत मिटाने का प्रयास भी माना जाएगा। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यह मामला अब एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है—क्या आम नागरिक की आवाज़ को दबाया जा रहा है? क्या गरीब और कमजोर वर्ग की बात सुनी नहीं जाएगी? अगर बिना नोटिस और बिना आदेश के घर तोड़े जा सकते हैं, तो फिर कानून और न्याय व्यवस्था का उद्देश्य क्या रह

जाता है? स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोग यह मांग कर रहे हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए, जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, और पीड़ित परिवार को न्याय व उचित मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ इस तरह की कार्रवाई न हो। यह घटना केवल एक समाचार नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों की आवाज़ है जिनकी सुनवाई अक्सर सत्ता और प्रभाव के बीच दब जाती है। अगर आज इस घटना पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो कल यह किसी और के साथ भी हो सकता है। **रिपोर्टर: नीरज महौर**

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  • यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज और आम जनता के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बेहद गंभीर प्रश्न है। खसरा नंबर 54 की भूमि पर वर्षों से रह रहे **कमता महौर पुत्र रामसेवक** और **बलवान महौर पुत्र रामसेवक** के मकान बिना किसी वैध आदेश, बिना किसी नोटिस और बिना विधिक प्रक्रिया के जबरन गिरा दिए गए। यह घटना न केवल कानून की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार लगभग सन् 1980 से इस भूमि पर रह रहा था। उनके पास सन् 1985–90 के पुराने दस्तावेज़ और नोटिस मौजूद हैं, जो उनके लंबे समय से कब्ज़े और निवास का प्रमाण हैं। परिवार के लोग नियमित रूप से बिजली और पानी के बिल भी जमा करते रहे हैं, जिससे उनका वैध निवास स्पष्ट होता है। इसके बावजूद, जिस तरीके से कार्रवाई की गई, वह गंभीर चिंता का विषय है। विवादित पक्ष के रूप में **कमलेश तिवारी** का नाम सामने आया है। इस मामले की सुनवाई 30 मार्च 2026 को निर्धारित थी, लेकिन बिना किसी अंतिम निर्णय के ही प्रशासनिक बल का उपयोग करते हुए मकानों को गिरा दिया गया। इस पूरी कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या किसी व्यक्ति के प्रभाव या आर्थिक ताकत के चलते प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया जा सकता है? पीड़ितों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए और उनमें मौजूद वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। यदि यह सच है, तो यह केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार नहीं बल्कि सबूत मिटाने का प्रयास भी माना जाएगा। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यह मामला अब एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है—क्या आम नागरिक की आवाज़ को दबाया जा रहा है? क्या गरीब और कमजोर वर्ग की बात सुनी नहीं जाएगी? अगर बिना नोटिस और बिना आदेश के घर तोड़े जा सकते हैं, तो फिर कानून और न्याय व्यवस्था का उद्देश्य क्या रह जाता है? स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोग यह मांग कर रहे हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए, जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, और पीड़ित परिवार को न्याय व उचित मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ इस तरह की कार्रवाई न हो। यह घटना केवल एक समाचार नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों की आवाज़ है जिनकी सुनवाई अक्सर सत्ता और प्रभाव के बीच दब जाती है। अगर आज इस घटना पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो कल यह किसी और के साथ भी हो सकता है। **रिपोर्टर: नीरज महौर**
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    यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज और आम जनता के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बेहद गंभीर प्रश्न है। खसरा नंबर 54 की भूमि पर वर्षों से रह रहे **कमता महौर पुत्र रामसेवक** और **बलवान महौर पुत्र रामसेवक** के मकान बिना किसी वैध आदेश, बिना किसी नोटिस और बिना विधिक प्रक्रिया के जबरन गिरा दिए गए। यह घटना न केवल कानून की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार लगभग सन् 1980 से इस भूमि पर रह रहा था। उनके पास सन् 1985–90 के पुराने दस्तावेज़ और नोटिस मौजूद हैं, जो उनके लंबे समय से कब्ज़े और निवास का प्रमाण हैं। परिवार के लोग नियमित रूप से बिजली और पानी के बिल भी जमा करते रहे हैं, जिससे उनका वैध निवास स्पष्ट होता है। इसके बावजूद, जिस तरीके से कार्रवाई की गई, वह गंभीर चिंता का विषय है।
विवादित पक्ष के रूप में **कमलेश तिवारी** का नाम सामने आया है। इस मामले की सुनवाई 30 मार्च 2026 को निर्धारित थी, लेकिन बिना किसी अंतिम निर्णय के ही प्रशासनिक बल का उपयोग करते हुए मकानों को गिरा दिया गया। इस पूरी कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या किसी व्यक्ति के प्रभाव या आर्थिक ताकत के चलते प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया जा सकता है?
पीड़ितों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए और उनमें मौजूद वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। यदि यह सच है, तो यह केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार नहीं बल्कि सबूत मिटाने का प्रयास भी माना जाएगा। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
यह मामला अब एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है—क्या आम नागरिक की आवाज़ को दबाया जा रहा है? क्या गरीब और कमजोर वर्ग की बात सुनी नहीं जाएगी? अगर बिना नोटिस और बिना आदेश के घर तोड़े जा सकते हैं, तो फिर कानून और न्याय व्यवस्था का उद्देश्य क्या रह जाता है?
स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोग यह मांग कर रहे हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए, जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, और पीड़ित परिवार को न्याय व उचित मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ इस तरह की कार्रवाई न हो।
यह घटना केवल एक समाचार नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों की आवाज़ है जिनकी सुनवाई अक्सर सत्ता और प्रभाव के बीच दब जाती है। अगर आज इस घटना पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो कल यह किसी और के साथ भी हो सकता है।
**रिपोर्टर: नीरज महौर**
    user_Neeraj Kumar Mahour
    Neeraj Kumar Mahour
    Local News Reporter सेंवढ़ा, दतिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by User3343
    1
    Post by User3343
    user_User3343
    User3343
    पत्रकार मऊ, भिंड, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Post by Adiya dantre 9981601860
    1
    Post by Adiya dantre 9981601860
    user_Adiya dantre 9981601860
    Adiya dantre 9981601860
    Local News Reporter इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • इंदरगढ़ के अंबेडकर पार्क में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के जन्मदिन का जश्न केक काटकर मनाया गया दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया की रिपोर्ट
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    इंदरगढ़ के अंबेडकर पार्क में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के जन्मदिन का जश्न केक काटकर मनाया गया दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया की रिपोर्ट
    user_Sanjeev Richhariya
    Sanjeev Richhariya
    Court reporter इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • आज भारत रत्न सिंबल का नॉलेज डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर विशाल चल समरोह इंदरगढ़ में निकला गया जिसमें बड़ी संख्या में भीम अनुयाइयों ने भाग लिया।
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    आज भारत रत्न सिंबल का नॉलेज डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर विशाल चल समरोह इंदरगढ़ में निकला गया जिसमें बड़ी संख्या में भीम  अनुयाइयों ने भाग लिया।
    user_राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    पत्रकार इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Post by श्री राम श्री राम
    1
    Post by श्री राम श्री राम
    user_श्री राम श्री राम
    श्री राम श्री राम
    Voice of people भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन आज राष्ट्रीय अध्यक्ष वेटर्न जोगिंदर सिंह सेंगर ने सभी से की अपील बड़े हनुमान मंदिर अटेर रोड से एस पी ऑफिस तक शांति मार्च भिंड , अटेर विधान सभा अंतर्गत कल्याणपुरा जो देहात थाने में आता है पूर्व सैनिक हरिदास देपुरिया जी की पत्नी की एक साल पहिले हत्या हो गई जेवर नगदी चला गया एक साल से भिंड पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं पीड़ित वृद्ध सैनिक इस बीच काफी परेशान रहे उनके बेटे को हार्ट अटैक आया उसके इलाज में लगे रहे अब वापिस आकर सैनिक संगठनों से मिले और अपनी आवाज को बुलंद किया इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन सैनिक संघटन के जिला संयोजक सुनील फौजी ने बताया कि सभी सैनिक संगठनों के पदाधिकारी इस आंदोलन में भाग ले रहे हैं इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन सैनिक संघटन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेटर्न जोगिंदर सिंह सेंगर भी भिंड पहुंच रहे हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी सभी भूतपूर्व सैनिकों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है पीड़ित सैनिक के परिवार जनों के अलावा आई वी ओ के संभागीय अध्यक्ष सूबेदार मेजर सुरेश सिंह तोमर, जिला अध्यक्ष भिंड सूबेदार मेजर शिव बहादुर भदोरिया, सैनिक कल्याण संघ के ग्वालियर अध्यक्ष सूबेदार मेजर राम अवतार सिंह परमार, पूर्व सैनिक कल्याण सेवा संघ ग्वालियर अध्यक्ष जितेंद्र सिंह भदौरिया, इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन ग्वालियर अध्यक्ष कैप्टन अर्जुन यादव, ग्वालियर नगर निगम पार्षद पूर्व सैनिक बलबीर सिंह तोमर , जाबांज सैनिक संघटन के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन ब्लॉक अध्यक्ष गोहद महेश करारिया, लहार अध्यक्ष सूबेदार बसंत सिंह साहब , अर्ध सैनिक कल्याण संघ भिंड अध्यक्ष असिस्टेंट कमांडेंट गंगा सिंह राजावत ,कैप्टन कालीचरण शर्मा ,सूबेदार राजेश शर्मा ,संजय भदौरिया , सतेंद्र सिंह भदौरिया, यूथ विंग प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, मोनू भदौरिया बिजोरा, बलबीर लोधी , सूबेदार मुन्ना लाल यादव,सूबेदार जितेंद्र सिंह तोमर,संजय यादव, धर्मेंद्र सिंह तोमर सर्वा, सूबेदार अनंत राम प्रजापति,सूबेदार रामदत्त शुक्ला, जनक सिंह जाटव , धर्मेंद्र सिंह तोमर, राजेश सिंह राजावत, पूरन सिंह चौहान, अरुण शर्मा, कैलाश सिंह भदौरिया सांकरी, राजवीर सिंह तोमर, सूबेदार मेजर रामपाल सिंह , सूबेदार मेजर परम सिंह साहब ,कैप्टन विशाल सिंह भदौरिया जामपुरा ने जिले के सभी पूर्व सैनिकों से सुबह 11 बजे सभी पूर्व सैनिकों से भाग लेने की अपील की है
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    पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन आज 
राष्ट्रीय अध्यक्ष वेटर्न जोगिंदर सिंह सेंगर ने सभी से की अपील
बड़े हनुमान मंदिर अटेर रोड से एस पी ऑफिस तक शांति मार्च
भिंड , अटेर विधान सभा अंतर्गत कल्याणपुरा जो देहात थाने में आता है पूर्व सैनिक हरिदास देपुरिया जी की पत्नी की एक साल पहिले हत्या हो गई जेवर नगदी चला गया एक साल से भिंड पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं पीड़ित वृद्ध सैनिक इस बीच काफी परेशान रहे उनके बेटे को हार्ट अटैक आया उसके इलाज में लगे रहे अब वापिस आकर सैनिक संगठनों से मिले और अपनी आवाज को बुलंद किया इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन सैनिक संघटन के जिला संयोजक सुनील फौजी ने बताया कि सभी सैनिक संगठनों के पदाधिकारी इस आंदोलन में भाग ले रहे हैं इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन सैनिक संघटन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेटर्न जोगिंदर सिंह सेंगर भी भिंड पहुंच रहे हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी सभी भूतपूर्व सैनिकों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है पीड़ित सैनिक के परिवार जनों के अलावा आई वी ओ के संभागीय अध्यक्ष सूबेदार मेजर सुरेश सिंह तोमर, जिला अध्यक्ष भिंड सूबेदार मेजर शिव बहादुर भदोरिया, सैनिक कल्याण संघ के ग्वालियर अध्यक्ष सूबेदार मेजर राम अवतार सिंह परमार, पूर्व सैनिक कल्याण सेवा संघ ग्वालियर अध्यक्ष जितेंद्र सिंह भदौरिया, इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन ग्वालियर अध्यक्ष  कैप्टन अर्जुन यादव, ग्वालियर नगर निगम पार्षद पूर्व सैनिक बलबीर सिंह तोमर , जाबांज सैनिक संघटन के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन ब्लॉक अध्यक्ष गोहद महेश करारिया, लहार अध्यक्ष सूबेदार बसंत सिंह साहब , अर्ध सैनिक कल्याण संघ भिंड अध्यक्ष असिस्टेंट कमांडेंट गंगा सिंह राजावत ,कैप्टन कालीचरण शर्मा ,सूबेदार राजेश शर्मा ,संजय भदौरिया , सतेंद्र सिंह भदौरिया, यूथ विंग प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, मोनू भदौरिया बिजोरा, बलबीर लोधी , सूबेदार मुन्ना लाल यादव,सूबेदार जितेंद्र सिंह तोमर,संजय यादव, धर्मेंद्र सिंह तोमर सर्वा, सूबेदार अनंत राम प्रजापति,सूबेदार रामदत्त शुक्ला, जनक सिंह जाटव ,
धर्मेंद्र सिंह तोमर, राजेश सिंह राजावत, पूरन सिंह चौहान, अरुण शर्मा, कैलाश सिंह भदौरिया सांकरी, राजवीर सिंह तोमर, सूबेदार मेजर रामपाल सिंह , सूबेदार मेजर परम सिंह साहब ,कैप्टन विशाल सिंह भदौरिया जामपुरा ने जिले के सभी पूर्व सैनिकों से सुबह 11 बजे सभी पूर्व सैनिकों से भाग लेने की अपील की है
    user_Dinesh soni
    Dinesh soni
    Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इंदरगढ़ के अंबेडकर पार्क में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के जन्मदिन का जश्न केक काटकर मनाया गया दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया की रिपोर्ट
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    इंदरगढ़ के अंबेडकर पार्क में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के जन्मदिन का जश्न केक काटकर मनाया गया दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया की रिपोर्ट
    user_Sanjeev Richhariya
    Sanjeev Richhariya
    Court reporter इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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