विदिशा जिले में कलेक्टर अंशुल गुप्ता की एक संवेदनशील पहल ने भिक्षावृत्ति और कचरा बीनने जैसी विषम परिस्थितियों में जी रहे मासूमों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। उनके निर्देशन और मुस्तैदी के चलते शहर से 7 जोखिमग्रस्त बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण और पुनर्वास का नया रास्ता दिखाया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से इन बच्चों को सड़कों के अंधेरे से निकालकर शिक्षा और सम्मान की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। यह कार्रवाई दो अलग-अलग हिस्सों में हुई। सबसे पहले, महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बस स्टैंड क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर भिक्षावृत्ति कर रहे चार बच्चों को रेस्क्यू किया। इसी दौरान, कलेक्टर अंशुल गुप्ता जब डंडापुरा क्षेत्र से गुजर रहे थे, तो उनकी नजर कचरा-पन्नी बीनते तीन मासूम बच्चों पर पड़ी। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल इसकी जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता लोढ़ा को दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों को अपनी सुरक्षा में ले लिया। रेस्क्यू किए गए सभी सात बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यहाँ समिति के अध्यक्ष रामबाबू प्रजापति और सदस्यों (सुनीता दांगी, लक्ष्मी शर्मा, चंद्रभान सिंह बघेल व दीवान सिंह मीना) ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनका डर दूर किया और उन्हें शिक्षा के महत्व को समझाया। बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए समिति ने तत्काल प्रभाव से रहने व संरक्षण के निर्देश जारी किए: तीन बच्चों को शिशु गृह, विदिशा भेजा गया; तीन बच्चों को वन स्टॉप सेंटर, विदिशा में आश्रय दिया गया; और एक बच्चे को बाल निकेतन, भोपाल सुरक्षित भेजा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या कचरा बीनते हुए दिखे, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें। विभाग का लक्ष्य हर बच्चे को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देना है। यह रेस्क्यू अभियान केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता की वह मिसाल है जो भटके हुए बचपन को एक सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य की ओर ले जाने का हौसला देती है।
विदिशा जिले में कलेक्टर अंशुल गुप्ता की एक संवेदनशील पहल ने भिक्षावृत्ति और कचरा बीनने जैसी विषम परिस्थितियों में जी रहे मासूमों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। उनके निर्देशन और मुस्तैदी के चलते शहर से 7 जोखिमग्रस्त बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण और पुनर्वास का नया रास्ता दिखाया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से इन बच्चों को सड़कों के अंधेरे से निकालकर शिक्षा और सम्मान की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। यह कार्रवाई दो अलग-अलग हिस्सों में हुई। सबसे पहले, महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बस स्टैंड क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर भिक्षावृत्ति कर रहे चार बच्चों को रेस्क्यू किया। इसी दौरान, कलेक्टर अंशुल गुप्ता जब डंडापुरा क्षेत्र से गुजर रहे थे, तो उनकी नजर कचरा-पन्नी बीनते तीन मासूम बच्चों पर पड़ी। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल इसकी जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता लोढ़ा को दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों को अपनी सुरक्षा में ले लिया। रेस्क्यू किए गए सभी सात बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यहाँ समिति के अध्यक्ष रामबाबू प्रजापति और सदस्यों (सुनीता दांगी, लक्ष्मी शर्मा, चंद्रभान सिंह बघेल व दीवान सिंह मीना) ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनका डर दूर किया और उन्हें शिक्षा के महत्व को समझाया। बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए समिति ने तत्काल प्रभाव से रहने व संरक्षण के निर्देश जारी किए: तीन बच्चों को शिशु गृह, विदिशा भेजा गया; तीन बच्चों को वन स्टॉप सेंटर, विदिशा में आश्रय दिया गया; और एक बच्चे को बाल निकेतन, भोपाल सुरक्षित भेजा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या कचरा बीनते हुए दिखे, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें। विभाग का लक्ष्य हर बच्चे को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देना है। यह रेस्क्यू अभियान केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता की वह मिसाल है जो भटके हुए बचपन को एक सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य की ओर ले जाने का हौसला देती है।
- बीना में शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे बिलगैया मंदिर के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में नगर पालिका कर्मचारी दिनेश वाल्मीकि की दुखद मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से हुई इस घटना के बाद बाइक चालक मौके से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। मृतक दिनेश वाल्मीकि, 53 वर्ष, पुष्प विहार कॉलोनी, वीर सावरकर वार्ड के निवासी थे और नगर पालिका में कार्यरत थे। यह हादसा उस समय हुआ जब वे ड्यूटी के दौरान तसला-फावड़ा लेने जाते समय सड़क पार कर रहे थे। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि बाइक उनके पैर के ऊपर से निकल गई, जिससे उन्हें सिर, कान और पैर में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें एक ऑटो से सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शनिवार सुबह डॉ. संजीव अग्रवाल द्वारा संपन्न कराई। दिनेश वाल्मीकि अपने पीछे अपनी पत्नी और तीन बेटों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने पंचनामा पूरा कर शव उनके परिजनों को सौंप दिया।4
- केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले के भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बाड़ी में आयोजित जनकल्याण शिविर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-4) के तहत ₹69 करोड़ की लागत से बनने वाली 31 सड़कों और 7 पुलों की स्वीकृति की घोषणा की। इन परियोजनाओं में कुल 84 किलोमीटर लंबी सड़कें शामिल हैं। शिवराज सिंह चौहान ने संबंधित ग्राम के जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, मंडल अध्यक्षों और बूथ अध्यक्षों को इन परियोजनाओं के स्वीकृति पत्र वितरित किए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इन नई सड़कों के निर्माण से छोटे-छोटे गाँव, टोले और बस्तियाँ मुख्य सड़कों से जुड़ेंगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुँच आसान हो जाएगी। मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सड़क समृद्धि का मार्ग है, और इसी सोच के साथ केंद्र सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा अन्य अवसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से गाँव-गाँव तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुँचा रही है। उन्होंने जनकल्याण शिविर में जिला प्रधानमंत्री अधिकारी आर.एस. तिवारी, रायसेन को निर्देश दिया कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुँचने में सुविधा हो।3
- रायसेन जिले के ग्राम सालेरा में सामुदायिक स्वास्थ्य भवन का निर्माण पिछले चार साल से अधर में लटका हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस भवन का सिर्फ ढांचा खड़ा है और ठेकेदार का कोई पता नहीं है, जिससे यह भ्रष्टाचार का खेल प्रतीत होता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य भवन का निर्माण कई सालों से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण उन्हें इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर रायसेन शहर तक जाना पड़ता है। इस स्थिति से गांव के लोग काफी परेशान हैं।1
- एम.पी. गंगा ने अपने नए ए.डी.पी. सिंचाई पाइप पेश किए हैं, जो बाजार मूल्य से कम दाम पर उपलब्ध हैं। इन पाइपों पर पूरी 10 साल की गारंटी दी जा रही है। इन सिंचाई पाइपों से संबंधित अधिक जानकारी या खरीद के लिए, बबलू भैया से 9893489911 पर या मिस्बाह से 7898319173 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- मध्य प्रदेश के सीहोर से साल 2013 में ₹2 करोड़ की पूंजी के साथ शुरू हुआ 'जयश्री गायत्री फूड्स लिमिटेड' का कारोबार, जिसके मालिक किशन मोदी हैं, मात्र 13 सालों में बढ़कर करीब ₹600 करोड़ तक पहुँच गया। हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि इस तीव्र वृद्धि के पीछे मिलावट, फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। इसी मामले में किशन मोदी पिछले तीन महीने से जेल में बंद हैं।1
- विदिशा में नगर पालिका ने अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के पास फुटपाथ पर अस्थायी रूप से व्यवसाय करने वाले फुटकर विक्रेताओं की दुकानों को हटा दिया है। जानकारी के अनुसार, ऐसे छोटे दुकानदारों को नगर पालिका द्वारा बार-बार हटाया जाता रहा है, जिससे उनके सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि वे आखिर जाएं तो जाएं कहां। इस कार्रवाई के संबंध में अतिक्रमण अधिकारी द्वारा जानकारी भी दी गई। यह स्पष्ट किया गया कि यह अभियान मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के फुटपाथ पर किए गए छोटे दुकानदारों के अतिक्रमण को हटाने के लिए चलाया गया था।4
- भोपाल में होने वाली नीट परीक्षा के मद्देनज़र यातायात एडवाइजरी जारी कर दी गई है। शहर में कुल 32 परीक्षा केंद्रों पर नीट के एग्जाम आयोजित किए जाएंगे। इन परीक्षाओं के कारण, यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए कई मार्गों को डायवर्ट किया जाएगा।1
- सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल ने क्षेत्र में पानी की विकराल समस्या पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सिलवानी विधानसभा अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है, जहाँ घोटालों की भरमार है। विधायक ने यह भी दावा किया कि कुछ अज्ञात लोगों के संरक्षण में यहाँ गुंडागर्दी लगातार बढ़ रही है। ये सभी बातें उन्होंने केके के साथ हुई एक एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान कही हैं।1
- क्राइम ब्रांच भोपाल ने अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लगभग 1.33 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ और अन्य सामान जब्त किया है। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत चलाए जा रहे अभियान के दौरान, पुलिस ने एक आइशर ट्रक, 396 एल्यूमीनियम सिल्लियां और 170.090 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया, साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया। इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और भोपाल में बड़ी मात्रा में गांजा खपाने की साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया है। दिनांक 18.06.2026 को क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोलार रोड, भोपाल स्थित गोल जोड़ तिराहे के पास एक आइशर मिनी ट्रक खड़ा है, जिसमें भारी मात्रा में गांजा छिपाया गया है और ड्राइवर उसकी डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलने के बाद, पुलिस उपायुक्त अपराध श्री अखिल पटेल और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अपराध श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अशोक मरावी और उनकी टीम मौके पर पहुंची। भारी यातायात और सड़क निर्माण कार्य के बावजूद, टीम कोलार रोड पर कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र के पास गोल जोड़ तिराहे पर पहुंची, जहां उन्हें मुखबिर द्वारा बताए अनुसार आइशर ट्रक (क्रमांक CG04 PE9434) गलत दिशा में खड़ा मिला। पुलिस ने घेराबंदी कर ट्रक ड्राइवर आनंद बैरागी (उम्र 23 साल, निवासी ग्राम हथवास, तहसील सतवास, जिला देवास) को पकड़ा। तलाशी लेने पर ट्रक के नीले तिरपाल के नीचे सफेद पन्नी से ढकी छह प्लास्टिक की बोरियों में कुल 170 किलो 90 ग्राम गांजा और साथ ही 'NALCO' अंकित 396 एल्यूमीनियम सिल्लियां बरामद हुईं। गिरफ्तार आरोपी आनंद बैरागी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। उससे गांजा सप्लायरों, डिलीवरी नेटवर्क और इस तस्करी में शामिल अन्य व्यक्तियों के बारे में विस्तृत पूछताछ जारी है। इस पूरी कार्रवाई को पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल श्रीमती मोनिका शुक्ला के निर्देशों पर अंजाम दिया गया। भोपाल पुलिस अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी नशे से संबंधित गतिविधियों की कोई जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।1