श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की उत्पत्ति तथा भगवान शिव की महिमा का दिव्य प्रसंग सुनाया गया गुरुग्राम। जैकबपुरा स्थित दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस कथा व्यास पूज्य पंडित प्रमोद महाराज (चित्रकूट वाले) ने भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति, भगवान शिव की असीम महिमा तथा शिव परिवार के आदर्श स्वरूप का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और संपूर्ण परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोषों से शिवमय हो उठा। कथा के प्रारंभ में महाराज श्री ने बताया कि माता पार्वती ने अपने उबटन से भगवान श्री गणेश की रचना कर उन्हें अपने द्वार का रक्षक नियुक्त किया। भगवान शिव के आगमन पर गणेशजी ने माता की आज्ञा का पालन करते हुए उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। इसके परिणामस्वरूप भगवान शिव द्वारा गणेशजी का मस्तक अलग कर दिया गया। माता पार्वती के करुण विलाप पर भगवान शिव ने हाथी के शिशु का मस्तक स्थापित कर श्री गणेश को पुनर्जीवित किया तथा उन्हें प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और बुद्धि के अधिष्ठाता देव होने का वरदान प्रदान किया। इसके उपरांत महाराज श्री ने भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति का वर्णन करते हुए बताया कि देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव के तेज से भगवान कार्तिकेय का अवतार हुआ। उन्होंने तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया और धर्म की पुनः स्थापना की। भगवान कार्तिकेय शौर्य, पराक्रम, अनुशासन एवं राष्ट्ररक्षा के आदर्श प्रतीक हैं। महाराज श्री ने भगवान श्री गणेश हमें विवेक, विनम्रता, आज्ञाकारिता और बुद्धिमत्ता का संदेश देते हैं, जबकि भगवान कार्तिकेय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म की रक्षा के लिए समर्पण की प्रेरणा देते हैं। शिव परिवार हमें सिखाता है कि प्रेम, सम्मान, मर्यादा और पारस्परिक विश्वास से ही परिवार सुखी एवं समृद्ध बनता है। कथा के दौरान भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत मनोहारी एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। माता पार्वती की विदाई का करुण दृश्य सुनाते समय कथा पंडाल का वातावरण भावविह्वल हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आँखों से अश्रुधारा बह निकली और पूरा परिसर भक्ति एवं भावनाओं से सराबोर हो गया। उपस्थित श्रद्धालु भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य मिलन और विदाई प्रसंग में पूरी तरह भाव-विभोर दिखाई दिए। कथा के दौरान भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव अत्यंत सरल, भोले एवं करुणामय हैं। वे अपने भक्तों की निष्काम भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होकर उनके समस्त कष्टों का निवारण करते हैं तथा उन्हें सुख, शांति, समृद्धि एवं मोक्ष का मार्ग प्रदान करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव के नाम का निरंतर स्मरण, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र एवं "ॐ नमः शिवाय" के जप का महत्व भी बताया। इस अवसर पर विशिष्ट संत अतिथि पूज्य संत कमल दास जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में सभी श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दिव्य संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा धर्म, सेवा एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का प्रेरक संदेश दिया। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय का पूजन-अर्चन किया तथा भजन-कीर्तन के मध्य पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। "हर-हर महादेव", "जय श्री गणेश" एवं "स्कंद महाराज की जय" के जयघोषों से संपूर्ण परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता द्वारा भगवान शिव के दिव्य दरबार की भव्य एवं मनोहारी सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। पुष्प सज्जा, मनमोहक विद्युत अलंकरण एवं आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को कैलाश धाम की दिव्य अनुभूति कराई। इस अवसर पर एडवोकेट महावीर प्रसाद जी, श्रीमती अंजू गुप्ता, श्रीमती सुधा गुप्ता, श्रीमती आशा गुप्ता, श्री विजय अग्रवाल, श्री नरोत्तम शर्मा जी, श्रीमती रूपाली एवं श्रीमती अनुराधा सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंत में मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता, महासचिव श्री नरेंद्र मित्तल एवं आयोजन सचिव श्रीमती मीना गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं से श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दो दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव की अमृतमयी कथा का लाभ प्राप्त कर
श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की उत्पत्ति तथा भगवान शिव की महिमा का दिव्य प्रसंग सुनाया गया गुरुग्राम। जैकबपुरा स्थित दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस कथा व्यास पूज्य पंडित प्रमोद महाराज (चित्रकूट वाले) ने भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति, भगवान शिव की असीम महिमा तथा शिव परिवार के आदर्श स्वरूप का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और संपूर्ण परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोषों से शिवमय हो उठा। कथा के प्रारंभ में महाराज श्री ने बताया कि माता पार्वती ने अपने उबटन से भगवान श्री गणेश की रचना कर उन्हें अपने द्वार का रक्षक नियुक्त किया। भगवान शिव के आगमन पर गणेशजी ने माता की आज्ञा का पालन करते हुए उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। इसके परिणामस्वरूप भगवान शिव द्वारा गणेशजी का मस्तक अलग कर दिया गया। माता पार्वती के करुण विलाप पर भगवान शिव ने हाथी के शिशु का मस्तक स्थापित कर श्री गणेश को पुनर्जीवित किया तथा उन्हें प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और बुद्धि के अधिष्ठाता देव होने का वरदान प्रदान किया। इसके उपरांत महाराज श्री ने भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति का वर्णन करते हुए बताया कि देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव के तेज से भगवान कार्तिकेय का अवतार हुआ। उन्होंने तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया और धर्म की पुनः स्थापना की। भगवान कार्तिकेय शौर्य, पराक्रम, अनुशासन एवं राष्ट्ररक्षा के आदर्श प्रतीक हैं। महाराज श्री ने भगवान श्री गणेश हमें विवेक, विनम्रता, आज्ञाकारिता और बुद्धिमत्ता का संदेश देते हैं, जबकि भगवान कार्तिकेय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म की रक्षा के लिए समर्पण की प्रेरणा देते हैं। शिव परिवार हमें सिखाता है कि प्रेम, सम्मान, मर्यादा और पारस्परिक विश्वास से ही परिवार सुखी एवं समृद्ध बनता है। कथा के दौरान भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत मनोहारी एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। माता पार्वती की विदाई का करुण दृश्य सुनाते समय कथा पंडाल का वातावरण भावविह्वल
हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आँखों से अश्रुधारा बह निकली और पूरा परिसर भक्ति एवं भावनाओं से सराबोर हो गया। उपस्थित श्रद्धालु भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य मिलन और विदाई प्रसंग में पूरी तरह भाव-विभोर दिखाई दिए। कथा के दौरान भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव अत्यंत सरल, भोले एवं करुणामय हैं। वे अपने भक्तों की निष्काम भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होकर उनके समस्त कष्टों का निवारण करते हैं तथा उन्हें सुख, शांति, समृद्धि एवं मोक्ष का मार्ग प्रदान करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव के नाम का निरंतर स्मरण, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र एवं "ॐ नमः शिवाय" के जप का महत्व भी बताया। इस अवसर पर विशिष्ट संत अतिथि पूज्य संत कमल दास जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में सभी श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दिव्य संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा धर्म, सेवा एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का प्रेरक संदेश दिया। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय का पूजन-अर्चन किया तथा भजन-कीर्तन के मध्य पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। "हर-हर महादेव", "जय श्री गणेश" एवं "स्कंद महाराज की जय" के जयघोषों से संपूर्ण परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता द्वारा भगवान शिव के दिव्य दरबार की भव्य एवं मनोहारी सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। पुष्प सज्जा, मनमोहक विद्युत अलंकरण एवं आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को कैलाश धाम की दिव्य अनुभूति कराई। इस अवसर पर एडवोकेट महावीर प्रसाद जी, श्रीमती अंजू गुप्ता, श्रीमती सुधा गुप्ता, श्रीमती आशा गुप्ता, श्री विजय अग्रवाल, श्री नरोत्तम शर्मा जी, श्रीमती रूपाली एवं श्रीमती अनुराधा सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंत में मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता, महासचिव श्री नरेंद्र मित्तल एवं आयोजन सचिव श्रीमती मीना गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं से श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दो दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव की अमृतमयी कथा का लाभ प्राप्त कर
- गुरुग्राम को इंदौर बनाने का वादा विधायक मुकेश शर्मा का हुआ फेल गुरुग्राम को इंदौर बनाने का वादा विधायक मुकेश शर्मा काहुआ फेल चुनावी दो में पड़े-पड़े वादे करने वाले विधायक मुकेश शर्मा कितना काम किया है वह आज की बारिश ने गुरुग्राम को दिखा दिया आज जनता सवाल पूछ रही है कि विधायक साहब वह 50 करोड़ का विकास कार्य कहां पर है वह गुरुग्राम को इंदौर से बेहतर बनाने का वादा जो किया था वह कहां पर है वादे करने से काम नहीं होते विधायक जी काम करना पड़ता है ग्राउंड पर आकर1
- MCD में 500 करोड़ का जो भाजपा ने घोटाला किया है उससे साफ हो गया है कि भाजपा ने इसी मकसद से पार्षदों को तोड़ कर अपनी सरकार बनाई। MCD में 500 करोड़ का जो भाजपा ने घोटाला किया है उससे साफ हो गया है कि भाजपा ने इसी मकसद से पार्षदों को तोड़ कर अपनी सरकार बनाई। उनका उद्देश्य केवल दिल्ली को लूटना है नहीं तो आखिर क्यों एक ऐसी कंपनी को टेंडर दिया गया जिसे NHAI तक ने भी खारिज कर दिया।1
- लोकसभा स्पीकर बिरला की विपक्ष को वार्निंग, बार बार हंगामे के चलते सदन नहीं चल पा रहा, विपक्ष गृहमंत्री से बहस की मांग पर अड़ा... देखिए राजपथ न्यूज़ पर.... लोकसभा स्पीकर बिरला की विपक्ष को वार्निंग, बार बार हंगामे के चलते सदन नहीं चल पा रहा, विपक्ष गृहमंत्री से बहस की मांग पर अड़ा... देखिए राजपथ न्यूज़ पर....1
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- इस रक्षाबंधन पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या दिया सौगात इस रक्षाबंधन पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या दिया सौगात1
- 🚩 CJP Protest में ब्लास्ट की साजिश! ISI का बड़ा प्लान फेल, 9 आरोपी गिरफ्तार 🚨 CJP Protest में ब्लास्ट की साजिश का बड़ा खुलासा! पंजाब पुलिस के अनुसार, CJP प्रोटेस्ट के दौरान जंतर-मंतर पर कथित रूप से पेट्रोल बम के साथ पहुंचने और हिंसा फैलाने की साजिश रचने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि इस मामले के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है। इस वीडियो में जानिए: ✅ पूरा मामला क्या है? ✅ पंजाब पुलिस ने क्या दावा किया? ✅ जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से जुड़ी अहम जानकारी ✅ जांच में अब तक क्या सामने आया? 👍 वीडियो पसंद आए तो Like करें। 💬 अपनी राय Comment में लिखें। 📤 वीडियो को Share करें। 🔔 ऐसे ही विश्वसनीय समाचारों के लिए SBharatNews को Subscribe करें। SBharatNews – झूठ के खिलाफ...जंग 🚩🇮🇳1
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