गाजीपुर के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जलालाबाद गांव के नसीरपुर मौजा में गुरुवार शाम बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भारी बवाल हो गया। मामला गाटा संख्या 3401 की जमीन पर कब्जा दिलाने से जुड़ा है, जहाँ राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश और पत्थर नसब की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी थी। इसके बावजूद भूमिधर धागा राम को जमीन का भौतिक कब्जा नहीं मिल पा रहा था। शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने राजस्व और पुलिस टीम को मौके पर जाकर कब्जा दिलाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद शाम करीब चार बजे बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। कार्रवाई शुरू होते ही विरोधी पक्ष की महिलाएं और पुरुष मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस-प्रशासन से तीखी नोकझोंक करते हुए हंगामा करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाने लगी। इसी बीच दुल्लहपुर त्रिमुहानी के पास पुलिस वाहन में बैठा एक युवक अचानक चलती गाड़ी से नीचे कूद गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भाग रहे युवक को पकड़ने के लिए पुलिस ने सड़क पर लाठियां भांजीं, जिसके चलते त्रिमुहानी बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। करीब आधे घंटे तक क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही और राहगीरों व दुकानदारों में दहशत फैल गई। इस मामले में थानाध्यक्ष संतोष राय ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और उपद्रव करने वाले लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गाजीपुर के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जलालाबाद गांव के नसीरपुर मौजा में गुरुवार शाम बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भारी बवाल हो गया। मामला गाटा संख्या 3401 की जमीन पर कब्जा दिलाने से जुड़ा है, जहाँ राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश और पत्थर नसब की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी थी। इसके बावजूद भूमिधर धागा राम को जमीन का भौतिक कब्जा नहीं मिल पा रहा था। शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने राजस्व और पुलिस टीम को मौके पर जाकर कब्जा दिलाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद शाम करीब चार बजे बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। कार्रवाई शुरू होते ही विरोधी पक्ष की महिलाएं और पुरुष मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस-प्रशासन से तीखी नोकझोंक करते हुए हंगामा करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाने लगी। इसी बीच दुल्लहपुर त्रिमुहानी के पास पुलिस वाहन में बैठा एक युवक अचानक चलती गाड़ी से नीचे कूद गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भाग रहे युवक को पकड़ने के लिए पुलिस ने सड़क पर लाठियां भांजीं, जिसके चलते त्रिमुहानी बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। करीब आधे घंटे तक क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही और राहगीरों व दुकानदारों में दहशत फैल गई। इस मामले में थानाध्यक्ष संतोष राय ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और उपद्रव करने वाले लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- गाज़ीपुर जिला मुख्यालय से मोहम्मदाबाद, बलिया और बिहार के बक्सर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-31 प्रशासनिक अनदेखी के कारण जानलेवा बन चुका है। गाज़ीपुर के आलमपट्टी के पास पिछले कई सालों से लगातार भारी जलजमाव हो रहा है, जो आए दिन हादसों को न्योता दे रहा है। सड़क पर पानी इतना भरा रहता है कि गड्ढों का पता ही नहीं चलता। इस स्थिति पर तंज कसते हुए स्थानीय लोग कह रहे हैं कि "यहाँ अब गाड़ियों की जगह धान की रोपाई कर देनी चाहिए!" ताज्जुब की बात यह है कि इस VVIP रूट से रोजाना स्कूली बच्चे, एम्बुलेंस, जिले के आला अफसर और मंत्रियों का काफिला गुजरता है, लेकिन फिसलकर गिरते बाइक सवार बच्चों और मरीजों पर किसी का ध्यान नहीं जाता। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इस सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।1
- गाजीपुर के पीजी कॉलेज में NEET परीक्षा पेपर लीक के विरोध में छात्र-छात्राओं का शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जारी है। अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए हैं। छात्रों के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और पूरे कार्यक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा रहा है।1
- अपनी जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई द्वारा उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष कोरी सुभाष चन्द्र लहरी के नेतृत्व में 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को राजधानी लखनऊ के हज़रतगंज में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। प्रातः 10:00 बजे से शुरू होने वाले इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र, संविधान, शिक्षा, समान अवसर एवं सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए जनआवाज़ को बुलंद करना है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से युवाओं, महिलाओं, छात्रों, सामाजिक न्याय के समर्थकों, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम नागरिकों का विशाल जनसमूह एकत्र होगा। पार्टी द्वारा जारी अपील में युवाओं के भविष्य, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा के अधिकार और समान अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग से एकजुट होने का आह्वान किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष कोरी सुभाष चन्द्र लहरी ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वंचित, शोषित, पिछड़े, दलित, किसान, मजदूर, युवा और छात्रों की आवाज़ को मजबूती देने का जनभागीदारी अभियान है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु एकजुट होकर लखनऊ पहुँचने और इस ऐतिहासिक आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।1
- जिंदगी के अनमोल पलों को किस तरह जिया जाए और एक बाप-बेटे के रिश्ते को कैसे निभाया जाए, इस पर बात की गई है। इसमें जीवन के खास लम्हों को जीने और पिता-पुत्र के संबंध को सही तरीके से निभाने का संदेश दिया गया है।1
- आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में हकीकतपुरा स्थित जिला कार्यालय से डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा तक एक कैंडल मार्च निकाला। यह आयोजन NEET पेपर लीक प्रकरण में जान गंवाने वाले 22 छात्रों को श्रद्धांजलि देने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया। मार्च के बाद अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर एक सभा आयोजित की गई, जहाँ उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ हुए इस गंभीर खिलवाड़ ने पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं को प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की मेहनत, विश्वास और सपनों के साथ अन्याय करार दिया। आम आदमी पार्टी ने दिवंगत छात्रों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही तय करने की मांग की। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई और न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।4
- यह इस्तीफा किसी एक व्यक्ति की हार नहीं, बल्कि जनदबाव और आंदोलन की ताकत का प्रतीक बनकर उभरा है। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि 'यह जो इस्तीफा हुआ है, वह इंकलाब की वजह से हुआ है।' आंदोलनकारियों ने दावा किया है कि छात्रों, युवाओं और आम जनता की लगातार उठती आवाज़ ने ही सरकार को यह फैसला लेने पर मजबूर किया है।1
- नीट-यूजी परीक्षा गड़बड़ी और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर भीम आर्मी तथा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रव्यापी आंदोलन और चौतरफा राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से लेकर राजधानी दिल्ली तक भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लगातार प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव और अनिश्चितकालीन धरने आयोजित किए थे। लगातार बढ़ते जनाक्रोश और छात्रों के व्यापक आंदोलन को देखते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि युवाओं का विश्वास और देश की शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए वे यह कदम उठा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर मोर्चा खोल रखा था। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और इसे "छात्र शक्ति और जन-आंदोलन की बड़ी जीत" करार दिया। वहीं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि यह इस्तीफा आंदोलन की पहली सफलता है और जब तक देश के करोड़ों छात्रों व वंचित समाज के युवाओं को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता तथा पूरी परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।4
- उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए कथित लाठीचार्ज और NEET पेपर लीक मामले को लेकर यह प्रदर्शन किया। विरोध दर्ज कराते हुए प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।1