Shuru
Apke Nagar Ki App…
जरुरत मंदों को भोजन का महाअभियान
ई-रेडियो अवध
जरुरत मंदों को भोजन का महाअभियान
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- सभी ज्योतिर्लिंग का दर्शन सिर्फ एक कपाट पर1
- श्री नीलकंठ महाकालेश्वर धाम का भव्य स्वरूप निकला ये केवल संभव हो पाया डॉ श्रवण मिश्रा जी ब्लॉक प्रमुख कादीपुर की वजह से रोज भक्त आ रहे हैं4
- *इंटरमीडिएट की एक छात्रा ने घर के भीतर फांसी लगाकर की आत्महत्या* हलियापुर थाना क्षेत्र के रामपुर बाबुआन गांव में उस समय हड़कंप मच गया,जब इंटरमीडिएट की एक छात्रा ने घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।बताया जा रहा है कि छात्रा इन दिनों बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही थी।परिजनों के अनुसार वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी।सूचना मिलते ही हलियापुर पुलिस मौके पर पहुंची।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।क्षेत्राधिकारी बल्दीराय आशुतोष कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- महाशिवरात्रि के मेले में पड़ा एक थप्पड़ बना मौत की वजह।..... सुलतानपुर के जनवारी नाथ धाम से शुरू हुई कहानी का खौफनाक अंत जनवारी नाथ धाम में महाशिवरात्रि का मेला लगा था। भीड़, भक्ति और उत्साह के बीच कोई नहीं जानता था कि यहां हुआ एक छोटा सा विवाद कुछ ही घंटों में खून-खराबे में बदल जाएगा। लंभुआ क्षेत्र के मदनपुर पनियर (सरैया) गांव के रहने वाले अमित सिंह अपनी पत्नी शिल्पी और तीन बच्चों के साथ दर्शन करने पहुंचे थे। 13 साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह किया था। जिंदगी में उतार-चढ़ाव जरूर आए, लेकिन परिवार किसी तरह चल रहा था। मेले में घूमते समय पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बहस बढ़ी और गुस्से में अमित ने सबके सामने शिल्पी को थप्पड़ मार दिया। यह नजारा भीड़ में मौजूद एक और शख्स देख रहा था—दीपक, जो शिल्पी के करीब आ चुका था। कहा जाता है कि मुंबई में ट्रक चलाने के दौरान अमित और दीपक की दोस्ती हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे घर तक पहुंची और फिर रिश्तों की सीमाएं टूटने लगीं। अमित को जब इस संबंध की भनक लगी तो विवाद हुआ, मगर परिवार ने समझौता करा दिया। इसके बाद अमित ने पत्नी और बच्चों को सुलतानपुर भेज दिया, जबकि खुद मुंबई में काम करता रहा। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। महाशिवरात्रि के दिन हुआ थप्पड़ दीपक को नागवार गुजरा। रात शांत बीती, लेकिन सुबह करीब 5 बजे सन्नाटा चीखों में बदल गया। आरोप है कि दीपक घर में घुसा और सो रहे अमित पर चाकू से हमला कर गला रेत दिया। सब कुछ कुछ ही मिनटों में खत्म हो गया। सुबह जब गांव जागा, तो एक घर से पिता का साया उठ चुका था। तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का हाथ हट गया। पत्नी शिल्पी बच्चों को लेकर मायके चली गई, जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी दीपक फरार है और उसकी तलाश जारी है। चारू निगम, पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर, के मुताबिक मुख्य आरोपी की तलाश में टीमें लगाई गई हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है। भक्ति के पर्व पर शुरू हुआ विवाद एक परिवार की दुनिया उजाड़ गया। एक थप्पड़, एक आहत अहंकार और कुछ छिपे रिश्तों ने मिलकर तीन बच्चों को अनाथ कर दिया—और गांव को एक दर्दनाक कहानी दे दी।4
- हाई स्कूल का परीक्षा देकर घर लौट रहे तीन छात्र सड़क हादसे में घायल1
- *फार्मा शिष्ट चला रहे ओपीडी, बिन डॉक्टर–बिन अधीक्षक चल रहा पीएचसी तारखुर्द — आखिर किधर है सीएमओ अम्बेडकरनगर का ध्यान* अकबरपुर (अम्बेडकरनगर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मीरानपुर अकबरपुर के अंतर्गत आने वाले तारखुर्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली अब किसी से छिपी नहीं है। यहां न तो नियमित अधीक्षक की तैनाती है और न ही चिकित्सक की, इसके बावजूद स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार वर्तमान में फार्मा शिष्ट द्वारा ओपीडी संचालित की जा रही है, जो स्वास्थ्य नियमों और मापदंडों के सीधे उल्लंघन की श्रेणी में आता है। बिना डॉक्टर के मरीजों को देखना न सिर्फ अव्यवस्था का प्रतीक है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है। *स्वास्थ्य केंद्र परिसर की हालत बेहद दयनीय बताई जा रही है। चारों तरफ कूड़े का अंबार लगा है। कर्मचारियों का कहना है कि स्थापना के बाद से अब तक यहां कोई सफाई कर्मचारी तैनात नहीं किया गया। दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए शौचालय तक की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है* इस बदहाल व्यवस्था का नतीजा यह है कि तारखुर्द और आसपास के इलाकों में छोटे-छोटे बिना पंजीकरण वाले मेडिकल स्टोर और अवैध क्लीनिकों की भरमार हो गई है। झोलाछाप और अप्रशिक्षित लोग इलाज कर रहे हैं, जो मेडिकल एक्ट का खुला उल्लंघन है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है,स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूर्व में हुई कई घटनाओं के बावजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी अम्बेडकरनगर की ओर से आंखें मूंद ली गई हैं। सवाल यह है कि जब नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी आखिर कब संज्ञान लेंगे,क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पीएचसी तारखुर्द में तत्काल अधीक्षक व डॉक्टर की नियुक्ति की जाए, सफाई व्यवस्था बहाल की जाए और मेडिकल एक्ट के तहत अवैध क्लीनिकों व झोलाछापों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि जनता को सुरक्षित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।2
- Post by Ram Murat1
- जरुरत मंदों को भोजन का महाअभियान1