कानपुर कमिश्नरेट के नौबस्ता चौराहे पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा द्वारा बीच सड़क एक ऑटो चालक पर डंडे से प्रहार करने और अपशब्दों का प्रयोग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के वक्त मौके पर मौजूद राहगीर भी यह सब देखकर हैरान रह गए। इस घटना के सामने आने के बाद से ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मामले में लोगों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी जरूर है, लेकिन कोई भी कार्रवाई कानून के दायरे में और गरिमापूर्ण तरीके से ही होनी चाहिए। हालांकि, वायरल वीडियो की परिस्थितियों, घटना से पहले क्या हुआ था और इस पूरे वीडियो के संदर्भ की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर पुलिस की तरफ से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और पूरी वास्तविक स्थिति जांच व आधिकारिक तथ्य सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कानपुर कमिश्नरेट के नौबस्ता चौराहे पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा द्वारा बीच सड़क एक ऑटो चालक पर डंडे से प्रहार करने और अपशब्दों का प्रयोग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के वक्त मौके पर मौजूद राहगीर भी यह सब देखकर हैरान रह गए। इस घटना के सामने आने के बाद से ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मामले में लोगों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी जरूर है, लेकिन कोई भी कार्रवाई कानून के दायरे में और गरिमापूर्ण तरीके से ही होनी चाहिए। हालांकि, वायरल वीडियो की परिस्थितियों, घटना से पहले क्या हुआ था और इस पूरे वीडियो के संदर्भ की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर पुलिस की तरफ से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और पूरी वास्तविक स्थिति जांच व आधिकारिक तथ्य सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
- आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र से चोरी हुई बाइक मलपुरा थाना क्षेत्र से बरामद की गई है। इस मामले में पीड़ित ने मलपुरा थाने के दरोगा पर रिश्वत लेकर चोर और दो खरीदारों को छोड़ देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर और डीसीपी पश्चिम से की है, जिसमें कार्रवाई के बदले रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीसीपी पश्चिम ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। रिश्वत के इन आरोपों के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- मथुरा के गोवर्धन विधानसभा स्थित राधेश्याम सेवा सदन में 22 जुलाई 2026 को भारतीय जनता पार्टी मथुरा महानगर की ओर से बूथ अध्यक्ष सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री श्री जे. पी. एस. राठौर जी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सम्मेलन में कार्यकर्ता CM योगी और PM मोदी के पोस्टर लेकर पहुंचे, जिससे पूरे आयोजन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के बैनर पर 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' का नारा और भाजपा का कमल निशान देखा गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना और आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा करना रहा।4
- आगरा जिले के फतेहाबाद में 'मां के नाम पर एक पेड़' अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। इस अभियान को लेकर क्षेत्र में लोगों का भारी समर्थन देखने को मिल रहा है।1
- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने राजामंडी चौराहे पर बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। मामले की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इस गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। फिलहाल पुलिस की निगरानी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।1
- एक्टर जॉनी लीवर से एक पत्रकार ने दिल्ली में चल रहे घटनाक्रम पर उनकी राय मांगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जॉनी लीवर ने कहा कि उन्होंने यह सब देखा है और इन चीजों को देखकर उनका मूड काफी खराब हो जाता है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए साफ कहा कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार बिल्कुल नहीं होना चाहिए।1
- कानपुर कमिश्नरेट के नौबस्ता चौराहे पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा द्वारा बीच सड़क एक ऑटो चालक पर डंडे से प्रहार करने और अपशब्दों का प्रयोग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के वक्त मौके पर मौजूद राहगीर भी यह सब देखकर हैरान रह गए। इस घटना के सामने आने के बाद से ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मामले में लोगों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी जरूर है, लेकिन कोई भी कार्रवाई कानून के दायरे में और गरिमापूर्ण तरीके से ही होनी चाहिए। हालांकि, वायरल वीडियो की परिस्थितियों, घटना से पहले क्या हुआ था और इस पूरे वीडियो के संदर्भ की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर पुलिस की तरफ से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और पूरी वास्तविक स्थिति जांच व आधिकारिक तथ्य सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।1