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श्मशान घाट पर पक्का टीन शेड नहीं होने से ग्रामीणों ने तिरपाल लगाकर किया अंतिम संस्कार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल यह वीडियो आलीराजपुर के उदयगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत आंबी का है, जिसमें अंतिम संस्कार के दौरान बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सोमवार को दो लोगों के अंतिम संस्कार के समय श्मशान घाट पर पक्का टीन शेड नहीं होने से ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर व्यवस्था करनी पड़ी। एक की मौत सांप के काटने से 13 वर्षीय संजू और दूसरी बीमारी से भूरी की हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट की सुविधाओं का मुद्दा पंचायत बैठकों में कई बार उठ चुका है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
रिजवान खान "भारत" (सनी)
श्मशान घाट पर पक्का टीन शेड नहीं होने से ग्रामीणों ने तिरपाल लगाकर किया अंतिम संस्कार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल यह वीडियो आलीराजपुर के उदयगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत आंबी का है, जिसमें अंतिम संस्कार के दौरान बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सोमवार को दो लोगों के अंतिम संस्कार के समय श्मशान घाट पर पक्का टीन शेड नहीं होने से ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर व्यवस्था करनी पड़ी। एक की मौत सांप के काटने से 13 वर्षीय संजू और दूसरी बीमारी से भूरी की हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट की सुविधाओं का मुद्दा पंचायत बैठकों में कई बार उठ चुका है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
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- श्मशान घाट पर पक्का टीन शेड नहीं होने से ग्रामीणों ने तिरपाल लगाकर किया अंतिम संस्कार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल यह वीडियो आलीराजपुर के उदयगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत आंबी का है, जिसमें अंतिम संस्कार के दौरान बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सोमवार को दो लोगों के अंतिम संस्कार के समय श्मशान घाट पर पक्का टीन शेड नहीं होने से ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर व्यवस्था करनी पड़ी। एक की मौत सांप के काटने से 13 वर्षीय संजू और दूसरी बीमारी से भूरी की हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट की सुविधाओं का मुद्दा पंचायत बैठकों में कई बार उठ चुका है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।1
- प्रेम प्रसंग में दुस्साहस : होमगार्ड के घर दिनदहाड़े फायरिंग,चार अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार तीन तमंचे,चार कारतूस, 12 बोर की अवैध अदिया व कारतूस बरामद; युवती की दोस्ती को लेकर वारदात को दिया था अंजाम प्रेम प्रसंग में दुस्साहस : होमगार्ड के घर दिनदहाड़े फायरिंग,चार अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार तीन तमंचे,चार कारतूस, 12 बोर की अवैध अदिया व कारतूस बरामद; युवती की दोस्ती को लेकर वारदात को दिया था अंजाम इन्द्रपाल सिंह ‘प्रिइन्द्र’ ललितपुर। थाना बार क्षेत्र के ग्राम गढ़िया में बीते 12 सितंबर को होमगार्ड के घर पर कार सवार बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े की गई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक संजीव बाजपेई के निर्देशन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल चार अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध असलहे एवं कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ और प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे प्रेम प्रसंग एवं युवती की दोस्ती को लेकर उपजा विवाद सामने आया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से जेल भेजे जाने की कार्रवाई की गई। कार सवार होकर पहुंचे थे बदमाश बताया जाता है कि 12 सितंबर को ग्राम गढ़िया में होमगार्ड के घर को निशाना बनाकर कार सवार बदमाशों ने अचानक फायरिंग कर दी थी। दिनदहाड़े गोलियां चलने से गांव में हड़कंप मच गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संजीव बाजपेई ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद थाना बार पुलिस एवं अन्य पुलिस टीमों ने संभावित स्थानों पर दबिश देने के साथ ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर घटना में शामिल आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे और अंततः चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रेम प्रसंग में दोस्ती बनी विवाद की वजह पुलिस की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी यशप्रताप परमार थाना बार क्षेत्र के एक गांव में स्थित अपनी नानी के घर अक्सर आता-जाता था। इसी दौरान गांव में रहने वाली एक युवती से उसकी जान-पहचान हुई और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। समय के साथ दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला भी चलने लगा। इसी दौरान आरोपी को जानकारी हुई कि उक्त युवती की होमगार्ड के पुत्र सोनू से दोस्ती हो गई है। युवती की सोनू से बढ़ती नजदीकी की जानकारी मिलने के बाद यशप्रताप नाराज हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसी बात को लेकर उसके मन में रंजिश पैदा हुई और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सोनू एवं उसके परिवार पर दबाव बनाने तथा भय का माहौल पैदा करने के उद्देश्य से होमगार्ड के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने गांव में सनसनी फैला दी थी। हालांकि पुलिस की तत्परता से मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीन तमंचे और 12 बोर की अदिया बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन अवैध देशी तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस 315 बोर, एक अवैध अदिया 12 बोर तथा एक जिंदा कारतूस 12 बोर बरामद किया है। बरामद असलहों के आधार पर पुलिस द्वारा आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई है। चारों आरोपी मध्यप्रदेश से जुड़े गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यशप्रताप परमार उम्र 19 वर्ष निवासी चिराई, जिला दतिया (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। इसके अलावा शिवम रावत उम्र 19 वर्ष, अजमेर रावत उर्फ नन्ना उम्र 20 वर्ष तथा सुरेन्द्र रावत उम्र 22 वर्ष, तीनों निवासी ग्राम सड़, जिला शिवपुरी (मध्यप्रदेश) बताए गए हैं। चारों आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस ने घटना के पीछे छिपे विवाद का खुलासा करने के साथ ही वारदात में प्रयुक्त असलहों को भी बरामद कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास एवं घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दिनदहाड़े फायरिंग जैसी गंभीर वारदात का खुलासा होने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।2
- बार थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव में 12 सितंबर को हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। बार थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव में 12 सितंबर को हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि गढ़िया गांव निवासी तोरण सिंह के बेटे सत्यपाल उर्फ सोनू की बातचीत बस्तगुवां गांव की एक युवती से होती थी। इसी बात को लेकर मुख्य आरोपी यशप्रताप परमार नाराज था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने सोनू को पहले भी युवती से बातचीत बंद करने की धमकी दी थी। 12 सितंबर की शाम करीब चार बजे यशप्रताप अपने 5-6 साथियों के साथ गढ़िया गांव पहुंचा। आरोप है कि हमलावरों ने तोरण सिंह के पैतृक मकान पर सोनू को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। सोनू किसी तरह मौके से बचकर निकल गया। इसके बाद हमलावरों ने खाली और सूने मकान पर कई राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यशप्रताप परमार निवासी जिगना, दतिया, शिवम रावत, अजमेर रावत उर्फ नन्ना और सुरेंद्र रावत निवासीगण शिवपुरी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन देशी तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस, एक 12 बोर की अदिया और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ज्ञान सिंह, अशोक कुमार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।1
- गांव में बेची जा रही शराब का विरोध, 50 युवाओं की बनी निगरानी समिति, ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को दिया आवेदन, शराब बेचने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दिगौड़ा 15 सितंबर दिगौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सैराई के लोगों ने थाना प्रभारी मनीष मिश्रा को आवेदन दिया है। बताया गया है कि गांव में कई स्थानों पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है, जिससे गांव के लोग शराब पीने के आदी हो रहे हैं और घर परिवार सहित गांव में आए दिन विवाद हो रहे हैं। गांव में शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाने के लिए ग्रामीणों ने पंचनामा बनाकर थाना प्रभारी को सौंपा है। ग्राम सैराई के सरपंच रंजीत यादव, अरविंद सिंह बुंदेला, गजराज सिंह घोष, प्रभान सिंह घोष, राजेंद्र घोष, पप्पू घोष, भगवत बुंदेला, विजय घोष, जसवंत घोष, रामसजीवन बाल्मीकि, राम सिंह घोष सहित अन्य लोगों ने बताया है कि सैराई गांव में कई स्थानों पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। शराब पीने की वजह से गांव के युवा सहित अन्य लोग लड़ाई झगड़ा करते हैं और घर परिवार में भी विवाद करते हैं, जिससे गांव का माहौल बिगड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को ग्रामवासियों ने मंदिर प्रांगण में बैठक कर गांव में शराबबंदी लागू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। गांव के जो लोग शराब को बेच रहे हैं, उन लोगों को सख्त चेतावनी दी गई कि 20 सितंबर के बाद गांव में उनके द्वारा शराब नहीं बेची जाए। इसके बाद ग्रामीणों ने पंचनामा बनाया और गांव में अवैध तरीके से आने वाली शराब और गांव में शराब बेचने वालों की निगरानी के लिए 50 युवाओं की एक निगरानी समिति का भी गठन किया गया। इसके बाद मंगलवार को सैराई गांव के लोगों ने थाना दिगौड़ा में आकर थाना प्रभारी को आवेदन व पंचनामा देकर गांव में बाहर से आने वाली शराब पर रोक लगाने की मांग की गई और फिर भी यदि बाहर से कोई गांव में शराब बेचने के लिए लाता है तो ग्रामवासी उसको पकड़कर, पुलिस को सौंपने की बात कही गई। साथ ही यदि गांव में कोई भी व्यक्ति शराब बेचता पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्यवाही करने की मांग की गई है।1
- तीन साल से क्षतिग्रस्त पुलिया पर ,ग्रामीणो ने निजी ख़र्च पर वनाया जुगाडू पुल *टीकमगढ़/मोहनगढ़।* बुंदेलखंड जुगाड़ के लिए जाना जाता है, लेकिन जब जुगाड़ पर ही जान जोखिम में डालनी पड़े तो जिम्मेदारों पर सवाल खड़े होते हैं। ऐसा ही मामला मोहनगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत रानीपुरा में सामने आया है। यहां रानीपुरा से पठलन मोहल्ला को जोड़ने वाली पुलिया तालाब के भराव के कारण तीन साल पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से करीब 250 की आबादी वाले इस क्षेत्र के ग्रामीण, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे नाव के सहारे आवागमन को मजबूर हैं। कई बार शव यात्रा तक नाव से ले जानी पड़ी। आवागमन जारी रखने के लिए ग्रामीणों ने निजी खर्चे से करीब 70 फीट लंबा जुगाड़ू पुल तैयार किया है, लेकिन वह भी सुरक्षित नहीं है। गहरा पानी होने से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कई बार अधिकारियों से मांग की, लेकिन स्थायी पुलिया नहीं बनी। वहीं अधिकारियों ने जांच कराकर समाधान का आश्वासन दिया है। तीन साल से क्षतिग्रस्त पुलिया पर ,ग्रामीणो ने निजी ख़र्च पर वनाया जुगाडू पुल *टीकमगढ़/मोहनगढ़।* बुंदेलखंड जुगाड़ के लिए जाना जाता है, लेकिन जब जुगाड़ पर ही जान जोखिम में डालनी पड़े तो जिम्मेदारों पर सवाल खड़े होते हैं। ऐसा ही मामला मोहनगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत रानीपुरा में सामने आया है। यहां रानीपुरा से पठलन मोहल्ला को जोड़ने वाली पुलिया तालाब के भराव के कारण तीन साल पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से करीब 250 की आबादी वाले इस क्षेत्र के ग्रामीण, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे नाव के सहारे आवागमन को मजबूर हैं। कई बार शव यात्रा तक नाव से ले जानी पड़ी। आवागमन जारी रखने के लिए ग्रामीणों ने निजी खर्चे से करीब 70 फीट लंबा जुगाड़ू पुल तैयार किया है, लेकिन वह भी सुरक्षित नहीं है। गहरा पानी होने से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कई बार अधिकारियों से मांग की, लेकिन स्थायी पुलिया नहीं बनी। वहीं अधिकारियों ने जांच कराकर समाधान का आश्वासन दिया है।1
- दाह संस्कार भी बना मुसीबत, कीचड़ भरे पानी से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण दाह संस्कार भी बना मुसीबत, कीचड़ भरे पानी से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण बल्देवगढ़ के गणेशपुरा में बदहाल रास्ते से ग्रामीण परेशान, जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठ रहे सवाल बल्देवगढ़। गणेशपुरा गांव में दाह संस्कार के लिए जाने वाला रास्ता इन दिनों बदहाली का शिकार है। रास्ते में कीचड़ और पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को शव लेकर भी गंदे और कीचड़ भरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद रास्ते की स्थिति और भी खराब हो गई है। जहां अंतिम संस्कार के समय लोगों को श्रद्धा और सम्मान के साथ अंतिम यात्रा पूरी करनी चाहिए, वहीं उन्हें कीचड़ और जलभराव से जूझना पड़ रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जिम्मेदारों का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि दाह संस्कार स्थल तक जाने वाले मार्ग की तत्काल मरम्मत कर जलभराव और कीचड़ की समस्या दूर कराई जाए, ताकि किसी परिवार को अंतिम यात्रा के समय ऐसी परेशानी न उठानी पड़े। ग्रामीणों का सवाल है—जब इंसान की अंतिम यात्रा के रास्ते की भी सुध नहीं ली जा रही, तो जिम्मेदार आखिर कब जागेंगे?1
- टीकमगढ़ में पटवारी संघ का विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता) बनाए जाने के विरोध में जिला इकाई ने उठाई आवाज। पटवारी संघ ने कहा “कोई भी पटवारी यह कार्य नहीं करेगा।” टीकमगढ़ में पटवारी संघ का विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता) बनाए जाने के विरोध में जिला इकाई ने उठाई आवाज। पटवारी संघ ने कहा “कोई भी पटवारी यह कार्य नहीं करेगा।” टीकमगढ़ में पटवारी संघ का विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक (विक्रेता) बनाए जाने के विरोध में जिला इकाई ने उठाई आवाज। पटवारी संघ ने कहा “कोई भी पटवारी यह कार्य नहीं करेगा।”1
- घर पर फायरिंग के मामले में चार अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार तीन तमंचे, पांच कारतूस और एक अदिया बरामद ललितपुर बार। थाना बार पुलिस ने घर पर फायरिंग कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में वांछित चार अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध देशी तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस 315 बोर, एक अवैध अदिया 12 बोर और एक जिंदा कारतूस 12 बोर बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह तथा क्षेत्राधिकारी तालबेहट आशीष कुमार मिश्र के पर्यवेक्षण में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बार पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को ग्राम गढ़िया निवासी तोरन सिंह यादव ने थाना बार में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात लोगों ने उनके घर पर फायरिंग कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया था। जांच के दौरान पुलिस ने मामले में वांछित यशप्रताप परमार (19) निवासी ग्राम चिराई, थाना जिगना, जिला दतिया मध्य प्रदेश, शिवम रावत (19), अजमेर रावत उर्फ नन्ना (20) और सुरेन्द्र रावत (22), निवासी ग्राम सड़, थाना करैरा, जिला शिवपुरी मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, यशप्रताप के कब्जे से एक 315 बोर तमंचा व दो कारतूस, सुरेन्द्र रावत से एक तमंचा व एक कारतूस, शिवम रावत से एक तमंचा व एक कारतूस तथा अजमेर रावत उर्फ नन्ना से एक 12 बोर की अवैध अदिया व एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गिरफ्तारी 15 सितंबर 2026 को की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम: उपनिरीक्षक ज्ञान सिंह, उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह, कांस्टेबल पुष्पेन्द्र भदौरिया, कांस्टेबल नन्दलाल, कांस्टेबल आलोक कुमार और कांस्टेबल सूरज कुमार शामिल रहे।2