*डीएम ने की आईजीआरएस प्रकरणों की गहन समीक्षा, दिए निर्देश* *आईजीआरएस पर डीएम सख्त : बोले शिकायतकर्ता संतुष्ट तभी मानें निस्तारण* लखीमपुर खीरी 11 मई। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर अब प्रशासन का रुख और सख्त हो गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना किसी भी मामले का निस्तारण पोर्टल पर अपलोड न किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर की श्रेणी में न पहुंचे। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क कर उनकी संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना शिकायतकर्ता से संपर्क किए किसी भी प्रकरण का निस्तारण पोर्टल पर अपलोड न किया जाए। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अफसर प्रतिदिन अपने-अपने आईजीआरएस पोर्टल लॉगिन पर प्राप्त शिकायतों का स्वयं पर्यवेक्षण करें और उनका गुणवत्तापरक, समयबद्ध व संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें। समीक्षा बैठक में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आईजीआरएस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागाध्यक्षों से कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। यदि किसी अधिकारी का संदर्भ डिफॉल्टर पाया गया तो संबंधित के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक अवश्य लिया जाए, ताकि समाधान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि कई मामलों में औपचारिक निस्तारण कर दिया जाता है, जबकि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए। बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि जहां भी शिकायतें लंबित हैं या शिकायतकर्ता असंतुष्ट है, वहां तत्काल कारणों का पता लगाकर प्रभावी समाधान कराया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। एडीएम (न्यायिक) ब्रजपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
*डीएम ने की आईजीआरएस प्रकरणों की गहन समीक्षा, दिए निर्देश* *आईजीआरएस पर डीएम सख्त : बोले शिकायतकर्ता संतुष्ट तभी मानें निस्तारण* लखीमपुर खीरी 11 मई। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर अब प्रशासन का रुख और सख्त हो गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना किसी भी मामले का निस्तारण पोर्टल पर अपलोड न किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर की श्रेणी में न पहुंचे। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क कर उनकी संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना शिकायतकर्ता से संपर्क किए किसी भी प्रकरण का निस्तारण पोर्टल पर अपलोड न किया जाए। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अफसर प्रतिदिन अपने-अपने आईजीआरएस पोर्टल लॉगिन पर प्राप्त शिकायतों का स्वयं पर्यवेक्षण करें और उनका गुणवत्तापरक, समयबद्ध व संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें। समीक्षा बैठक में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आईजीआरएस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागाध्यक्षों से कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। यदि किसी अधिकारी का संदर्भ डिफॉल्टर पाया गया तो संबंधित के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक अवश्य लिया जाए, ताकि समाधान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि कई मामलों में औपचारिक निस्तारण कर दिया जाता है, जबकि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए। बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि जहां भी शिकायतें लंबित हैं या शिकायतकर्ता असंतुष्ट है, वहां तत्काल कारणों का पता लगाकर प्रभावी समाधान कराया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। एडीएम (न्यायिक) ब्रजपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
- *निघासन: भू-माफियाओं के दुस्साहस से सहमा इलाका; अवैध कब्जा हटा तो अधिवक्ता के घर बोला धावा, दी जिंदा फूंकने की धमकी खेती-किसानी के लिए सुरक्षित जमीन बचाने की कोशिश पड़ी महंगी, न्याय के रक्षक पर ही तलवारें लेकर चढ़े दबंग* *निघासन खीरी प्रशासन का बुल्डोजर जब अवैध कब्जों पर चलता है, तो उसकी गूँज दूर तक जाती है, लेकिन निघासन के सेमरापुरवा (लुधौरी) में इस कार्रवाई की प्रतिक्रिया खौफनाक रही। गाँव के खलिहान और नवीन परती की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने की शिकायत करना एक दलित अधिवक्ता के लिए जान की आफत बन गया। आरोप है कि राजस्व विभाग की कार्रवाई से बौखलाए दबंगों ने अधिवक्ता के घर में घुसकर न केवल तांडव किया, बल्कि पूरे परिवार को जिंदा फूंकने की चेतावनी तक दे डाली। शिकायत बनी हमले की वजह क्षेत्र के पीड़ित अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम पुत्र लक्ष्मन गौतम ने कोतवाली निघासन में दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने बीते 07 मई को जिलाधिकारी खीरी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के खलिहान और नवीन परती की भूमि से भू-माफियाओं का अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। पीड़ित के अनुसार, शासन के निर्देश पर 09 मई को जब राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा हटवाया गया, तो विपक्षी आगबबूला हो गए। धारदार हथियारों के साथ घर में घुसे दबंग तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई के तुरंत बाद विपक्षीगण अवधबिहारी पुत्र बांके, सोमित पुत्र अवधबिहारी, अवधेश पुत्र बैजनाथ, राम गोपाल व मनोज पुत्रगण बाबूराम, राजेश पुत्र रामगोपाल, अमित व चुन्ना उर्फ धर्मेन्द्र पुत्र पैकरमा व पैकरमा पुत्र बांके लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर अधिवक्ता के घर में घुस आए। जातिसूचक गालियां और जानलेवा धमकी पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसते ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया और कहा कि "इस साले ने हमारे खिलाफ शिकायत की है, आज इसे जान से मार दो।" आरोप है कि हमलावरों ने घर फूंकने और परिवार को उजाड़ने की धमकी दी। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जमा हुए, तो आरोपी यह कहते हुए भाग निकले कि "आज तो बच गए हो, लेकिन किसी दिन अकेले पाकर काम तमाम कर देंगे।" कानूनी शिकंजा: लग सकती हैं गंभीर धाराएं पीड़ित अधिवक्ता ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विधि विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की धाराएं लगनी तय मानी जा रही हैं: BNS 191(2) व 333: घातक हथियार से दंगा और घर में घुसकर हमला। BNS 351(3): जान से मारने की धमकी (7 साल तक की सजा का प्रावधान)। SC/ST Act 3(1)(r)(s): जातिगत अपमान और प्रताड़ना। पुलिस का पक्ष मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निघासन का कहना है कि अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम की तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा कोतवाली में दी गई लिखित तहरीर और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपी पक्ष का बयान आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक न्यायालय से सिद्ध न हो जाए। *निघासन: भू-माफियाओं के दुस्साहस से सहमा इलाका; अवैध कब्जा हटा तो अधिवक्ता के घर बोला धावा, दी जिंदा फूंकने की धमकी खेती-किसानी के लिए सुरक्षित जमीन बचाने की कोशिश पड़ी महंगी, न्याय के रक्षक पर ही तलवारें लेकर चढ़े दबंग* रमाकांत दीक्षित पत्रकार *निघासन खीरी (आर.के.जाटव)* प्रशासन का बुल्डोजर जब अवैध कब्जों पर चलता है, तो उसकी गूँज दूर तक जाती है, लेकिन निघासन के सेमरापुरवा (लुधौरी) में इस कार्रवाई की प्रतिक्रिया खौफनाक रही। गाँव के खलिहान और नवीन परती की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने की शिकायत करना एक दलित अधिवक्ता के लिए जान की आफत बन गया। आरोप है कि राजस्व विभाग की कार्रवाई से बौखलाए दबंगों ने अधिवक्ता के घर में घुसकर न केवल तांडव किया, बल्कि पूरे परिवार को जिंदा फूंकने की चेतावनी तक दे डाली। शिकायत बनी हमले की वजह क्षेत्र के पीड़ित अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम पुत्र लक्ष्मन गौतम ने कोतवाली निघासन में दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने बीते 07 मई को जिलाधिकारी खीरी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के खलिहान और नवीन परती की भूमि से भू-माफियाओं का अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। पीड़ित के अनुसार, शासन के निर्देश पर 09 मई को जब राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा हटवाया गया, तो विपक्षी आगबबूला हो गए। धारदार हथियारों के साथ घर में घुसे दबंग तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई के तुरंत बाद विपक्षीगण अवधबिहारी पुत्र बांके, सोमित पुत्र अवधबिहारी, अवधेश पुत्र बैजनाथ, राम गोपाल व मनोज पुत्रगण बाबूराम, राजेश पुत्र रामगोपाल, अमित व चुन्ना उर्फ धर्मेन्द्र पुत्र पैकरमा व पैकरमा पुत्र बांके लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर अधिवक्ता के घर में घुस आए। जातिसूचक गालियां और जानलेवा धमकी पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसते ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया और कहा कि "इस साले ने हमारे खिलाफ शिकायत की है, आज इसे जान से मार दो।" आरोप है कि हमलावरों ने घर फूंकने और परिवार को उजाड़ने की धमकी दी। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जमा हुए, तो आरोपी यह कहते हुए भाग निकले कि "आज तो बच गए हो, लेकिन किसी दिन अकेले पाकर काम तमाम कर देंगे।" कानूनी शिकंजा: लग सकती हैं गंभीर धाराएं पीड़ित अधिवक्ता ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विधि विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की धाराएं लगनी तय मानी जा रही हैं: BNS 191(2) व 333: घातक हथियार से दंगा और घर में घुसकर हमला। BNS 351(3): जान से मारने की धमकी (7 साल तक की सजा का प्रावधान)। SC/ST Act 3(1)(r)(s): जातिगत अपमान और प्रताड़ना। पुलिस का पक्ष मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निघासन का कहना है कि अधिवक्ता पंकज कुमार गौतम की तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा कोतवाली में दी गई लिखित तहरीर और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपी पक्ष का बयान आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक न्यायालय से सिद्ध न हो जाए।1
- Post by नामकरण सिंह उत्तर प्रदेश1
- चंद्रशेखर आजाद की बड़ी शपथ: "UP में शराब नहीं बिकेगी! #hamraup #viralvideo #shorts चंद्रशेखर आजाद की बड़ी शपथ: "UP में शराब नहीं बिकेगी! #hamraup #viralvideo #shorts #breakingnews #lakhimpurkheri #@#groundreport #systemfail #accidentnews #justiceformanipur #pmmodi #mamatabanerjee उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है! चंद्रशेखर आजाद ने जनसभा को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर उनकी ताकत बढ़ती है, तो UP में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी। क्या यह फैसला यूपी की दिशा और दशा बदल देगा? क्या मां-बहनों के आंसू पोंछने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है? इस वीडियो में देखिए चंद्रशेखर का वो पूरा भाषण जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। #ChandrashekharAzad #UPPolitics #LiquidBan #SocialJustice #AzadSamajParty #YogiAdityanath #UPNews #BreakingNewsUP #NashaMuktUP #ViralVideoIndia #PublicOpinion #PoliticalRevolution #GroundReporting #UPGovernment #DeshKiAwaz #UttarPradeshCastePolitics #TrendingNews2026 @BhimArmy__BEM @MrBeast @MrBeast2 @SamajwadiPartyOfficial @aajtak @dhruvrathee @ZeeNews @myogiadityanath @rahulgandhi @IndianNationalCongress 1
- @मनदीप जनता की भीड़ में मनानी संसद राहुल गांधी जी सबसे हाथ मिलाया और फोटो खिंचवैये वीडियो दिल्ली संसद भवन के बाहर का है1
- लखनऊ से आईं पर्यटक मिताली तिवारी को हुए टाइगर और गैंडे के दीदार,दुधवा दुधवा के जंगलों की है खास बात पलिया खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों लगातार बाघ(बंगाल टाइगर) और एक सींग वाले गैंडे के दीदार हो रहे हैं जिसको लेकर लगातार पर्यटकों की आवाजाही दुधवा में बनी हुई है । यही वजह है कि अब दुधवा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है । वही एक बार फिर दुधवा में सफारी के लिए लखनऊ आईं पर्यटक मिताली तिवारी और उनके साथियों के लिए यह सफर बेहद रोमांचक रहा। सफारी के दौरान उन्हें दुधवा के घने जंगलों में बाघ और एक सींग वाले दुर्लभ भारतीय गैंडे के दीदार हुए। बता दे गाइड राजू मिताली तिवारी व उनके साथियों को जंगल सफारी के लिए लेकर गए हुए थे जहां दुधवा के जंगलों में ही उन्हें एक ही सफारी के दौरान बाघ और गैंडे के दीदार हो गये । जिसको लेकर वह काफी खुश नजर आए और उन्होंने गाइड राजू की भी इन रोमांचक पलों का एहसास करवाने के लिए आभार व्यक्त किया है । दुधवा की प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों की प्रचुरता से प्रभावित होकर मिताली तिवारी ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित नेशनल पार्क घूमे हैं, लेकिन दुधवा के जंगलों की जो बात है और यहाँ जिस सहजता से वन्य जीव अपने प्राकृतिक वास में दिखाई देते हैं, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं मिला।पार्क प्रशासन के अनुसार, इन दिनों मौसम अनुकूल होने और वन्य जीवों की सक्रियता बढ़ने से पर्यटकों को बाघ और गैंडे आसानी से दिखाई दे रहे हैं, जिससे दुधवा आने वाले सैलानियों में खासा उत्साह है।2
- लखनऊ से आईं पर्यटक मिताली तिवारी को हुए टाइगर और गैंडे के दीदार,दुधवा दुधवा के जंगलों की है खास बात पलिया खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों लगातार बाघ(बंगाल टाइगर) और एक सींग वाले गैंडे के दीदार हो रहे हैं जिसको लेकर लगातार पर्यटकों की आवाजाही दुधवा में बनी हुई है । यही वजह है कि अब दुधवा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है । वही एक बार फिर दुधवा में सफारी के लिए लखनऊ आईं पर्यटक मिताली तिवारी और उनके साथियों के लिए यह सफर बेहद रोमांचक रहा। सफारी के दौरान उन्हें दुधवा के घने जंगलों में बाघ और एक सींग वाले दुर्लभ भारतीय गैंडे के दीदार हुए। बता दे गाइड राजू मिताली तिवारी व उनके साथियों को जंगल सफारी के लिए लेकर गए हुए थे जहां दुधवा के जंगलों में ही उन्हें एक ही सफारी के दौरान बाघ और गैंडे के दीदार हो गये । जिसको लेकर वह काफी खुश नजर आए और उन्होंने गाइड राजू की भी इन रोमांचक पलों का एहसास करवाने के लिए आभार व्यक्त किया है । दुधवा की प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों की प्रचुरता से प्रभावित होकर मिताली तिवारी ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित नेशनल पार्क घूमे हैं, लेकिन दुधवा के जंगलों की जो बात है और यहाँ जिस सहजता से वन्य जीव अपने प्राकृतिक वास में दिखाई देते हैं, वैसा अनुभव उन्हें कहीं और नहीं मिला।पार्क प्रशासन के अनुसार, इन दिनों मौसम अनुकूल होने और वन्य जीवों की सक्रियता बढ़ने से पर्यटकों को बाघ और गैंडे आसानी से दिखाई दे रहे हैं, जिससे दुधवा आने वाले सैलानियों में खासा उत्साह है।2
- कल विदेश यात्रा न करने की बात कहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का विदेश दौरा फ़ाइनल हो गया है 15 मई से 20 मई तक यूरोप यात्रा पर रहेंगे… नीदरलैंड (15-17 मई) स्वीडन (17 मई) नॉर्वे (17-19 मई) इटली (19-20 मई)1
- *लखनऊ:* ■ *लखनऊ" में "भाजपा" युवा मोर्चा* *नेता को ,गोली, मारने से ,हड़कंप* ■ *सड़क पर खड़े ,चेतन तिवारी को* *युवक ने मारी गोली,* ■ *गोली लगते ही सड़क पर गिर पड़े* *भाजपा नेता 'चेतन तिवारी,* ■ *वारदात के बाद आरोपी मौके से* *फरार, 'पुलिस जांच में जुटी,* ■ *बाजार खाला- इलाके, में पुरानी* *रंजिश में चली गोली,* ■ *CCTV में कैद हुई भाजपा नेता* *पर 'फायरिंग की घटना,* ■ *घायल" हुए "नेता "चेतन तिवारी* *का (अस्पताल) में-इलाज जारी* ■ *आरोपी" ( वैभव बाजपेई, ) को* *पुलिस ने हिरासत में लिया,* ■ *करीब से (गोली) 'मारने के बाद* *आरोपी ने दोबारा की 'फायरिंग* ■ *मेहदीगंज-: के रहने वाले चेतन* *तिवारी" पर "जानलेवा" 'हमला* *इलाके में (दहशत) का 'माहौल* #1