कन्नौद में मोहर्रम के पावन पर्व पर 11वीं तारीख को सभी ताजिए 'या हुसैन - या हुसैन' के बुलंद नारों के साथ कासरनी (जोड़) नदी पर स्थित कर्बला पहुंचे, जहाँ परंपरा अनुसार उन्हें नदी में विसर्जित किया गया। इससे पहले, नगर के मदार छल्ला चौराहे पर लगभग 25 ताजियों पर लोबान, अगरबत्ती और रेवाड़ी चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। उन्होंने फातेहा के साथ अपनी मन्नतें मांगी और देश में अमन-शांति व खुशहाली की दुआएं कीं। इस अवसर पर दरगाह ग्राउंड में हलीम कमेटी के शमसुद्दीन लाइनमैन व उनके साथियों द्वारा 11 बड़ी देग हलीम बनाई गई थी, जिसे ताजियों की जारत करने आए लोगों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। चौराहे पर मेवाती मोहल्ला, बालीपुर और ईदगाह मोहल्ले के अखाड़ों के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए, जिसमें हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। तत्पश्चात, सभी ताजिए कर्बला के लिए 'या हुसैन- या हुसैन' के बुलंद नारों के साथ रवाना हुए। इस दौरान जगह-जगह नागरिकों द्वारा कर्बला जाने वाले लोगों के लिए शरबत एवं पानी के स्टाल लगाए गए थे। मदार छल्ला चौराहा और नदी पर स्थित कर्बला में भजिया, पापड़ एवं बच्चों के खेल खिलौनों की दुकानें सजी थीं, जहाँ अच्छी बिक्री हुई। नगर परिषद द्वारा नदी पर स्थित कर्बला में साफ-सफाई और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई थी। मेवाती मोहल्ला पंचायती ताजिया कमेटी के रईस नदी वाले, रफीक खान तथा जामा मस्जिद मोहल्ला ताजिया कमेटी के साबिर कुरेशी, नईम मंसूरी समेत सभी ताजिया बनाने वाले प्रमुखों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग दिया। सुरक्षा के मद्देनजर एडीएसपी सौम्या जैन के मार्गदर्शन और एसडीओपी आदित्य तिवारी तथा टीआई तहजीब काजी के निर्देशन में चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। ताजियों के कर्बला जाते समय जुलूस की ड्रोन कैमरे से भी पुलिस द्वारा निगरानी की गई, और विसर्जन के दौरान हजारों लोग मौजूद रहे। इससे एक दिन पहले, मोहर्रम की 10वीं तारीख, शुक्रवार को, मेवाती मोहल्ले के इमामबाड़ा से पंचायती ताजिया और बस स्टैंड पर स्थित जामा मस्जिद के समीप बड़े इमामबाड़े सहित पूरे नगर से लगभग 25 ताजिए परंपरा अनुसार सुबह के समय जुलूस के रूप में निकले और बस स्टैंड चौक पहुंचे। वहाँ कुछ देर रुकने के बाद वे अपने-अपने स्थान पर लौट गए। शाम को यही क्रम दोहराया गया, जिसमें अखाड़े के कलाकार जुलूस के आगे-आगे एक से बढ़कर एक करतब दिखाते चल रहे थे। इस अवसर पर नगर के बस स्टैंड पर कांग्रेस के मंच से पूर्व विधायक कैलाश कुंडल, समाजसेवी एवं पार्षद फारूक केले वाले, राधू पहलवान, तेजस्वी मांजरेकर और अंतिम शोत्रिय सहित अन्य लोगों ने सभी ताजियों एवं अखाड़ा के उस्ताद खलीफाओं का साफा बांधकर और पुष्प मालाओं से स्वागत किया।
कन्नौद में मोहर्रम के पावन पर्व पर 11वीं तारीख को सभी ताजिए 'या हुसैन - या हुसैन' के बुलंद नारों के साथ कासरनी (जोड़) नदी पर स्थित कर्बला पहुंचे, जहाँ परंपरा अनुसार उन्हें नदी में विसर्जित किया गया। इससे पहले, नगर के मदार छल्ला चौराहे पर लगभग 25 ताजियों पर लोबान, अगरबत्ती और रेवाड़ी चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। उन्होंने फातेहा के साथ अपनी मन्नतें मांगी और देश में अमन-शांति व खुशहाली की दुआएं कीं। इस अवसर पर दरगाह ग्राउंड में हलीम कमेटी के शमसुद्दीन लाइनमैन व उनके साथियों द्वारा 11 बड़ी देग हलीम बनाई गई थी, जिसे ताजियों की जारत करने आए लोगों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। चौराहे पर मेवाती मोहल्ला, बालीपुर और ईदगाह मोहल्ले के अखाड़ों के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए, जिसमें हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। तत्पश्चात, सभी ताजिए कर्बला के लिए 'या हुसैन- या हुसैन' के बुलंद नारों के साथ रवाना हुए। इस दौरान जगह-जगह नागरिकों द्वारा कर्बला जाने वाले लोगों के लिए शरबत एवं पानी के स्टाल लगाए गए थे। मदार छल्ला चौराहा और नदी पर स्थित कर्बला में भजिया, पापड़ एवं बच्चों के खेल खिलौनों की दुकानें सजी थीं, जहाँ अच्छी बिक्री हुई। नगर परिषद द्वारा नदी पर स्थित कर्बला में साफ-सफाई और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई थी। मेवाती मोहल्ला पंचायती ताजिया
कमेटी के रईस नदी वाले, रफीक खान तथा जामा मस्जिद मोहल्ला ताजिया कमेटी के साबिर कुरेशी, नईम मंसूरी समेत सभी ताजिया बनाने वाले प्रमुखों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग दिया। सुरक्षा के मद्देनजर एडीएसपी सौम्या जैन के मार्गदर्शन और एसडीओपी आदित्य तिवारी तथा टीआई तहजीब काजी के निर्देशन में चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। ताजियों के कर्बला जाते समय जुलूस की ड्रोन कैमरे से भी पुलिस द्वारा निगरानी की गई, और विसर्जन के दौरान हजारों लोग मौजूद रहे। इससे एक दिन पहले, मोहर्रम की 10वीं तारीख, शुक्रवार को, मेवाती मोहल्ले के इमामबाड़ा से पंचायती ताजिया और बस स्टैंड पर स्थित जामा मस्जिद के समीप बड़े इमामबाड़े सहित पूरे नगर से लगभग 25 ताजिए परंपरा अनुसार सुबह के समय जुलूस के रूप में निकले और बस स्टैंड चौक पहुंचे। वहाँ कुछ देर रुकने के बाद वे अपने-अपने स्थान पर लौट गए। शाम को यही क्रम दोहराया गया, जिसमें अखाड़े के कलाकार जुलूस के आगे-आगे एक से बढ़कर एक करतब दिखाते चल रहे थे। इस अवसर पर नगर के बस स्टैंड पर कांग्रेस के मंच से पूर्व विधायक कैलाश कुंडल, समाजसेवी एवं पार्षद फारूक केले वाले, राधू पहलवान, तेजस्वी मांजरेकर और अंतिम शोत्रिय सहित अन्य लोगों ने सभी ताजियों एवं अखाड़ा के उस्ताद खलीफाओं का साफा बांधकर और पुष्प मालाओं से स्वागत किया।
- कन्नौद के सिविल अस्पताल में पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष संदीप धूत और भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेश जोशी ने सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्वलित करके अभियान की शुरुआत की। शुभारंभ के मौके पर इन जनप्रतिनिधियों ने नवजात शिशु को पोलियो की दवा भी पिलाई। बीएमओ डॉ. लोकेश मीणा ने बताया कि यह पल्स पोलियो अभियान 28 जून से 30 जून तक चलाया जाएगा। इसके तहत कन्नौद विकासखंड में जन्म से 5 वर्ष तक के लगभग 29,000 बच्चों को पोलियो की एक अतिरिक्त खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। इस वृहद अभियान के लिए विकासखंड में कुल 258 बूथ स्थापित किए गए हैं। पहले दिन स्वास्थ्य कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बूथों पर बच्चों को दवा पिलाएंगे, जबकि दूसरे और तीसरे दिन छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा दवा पिलाई जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए बस स्टैंड पर एक ट्रांजिट टीम और खेतों में तथा गिट्टी मशीन पर कार्यरत परिवारों के बच्चों को दवा पिलाने हेतु एक मोबाइल टीम भी लगाई गई है। पल्स पोलियो नोडल अधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी दौलत पटेल ने कन्नौद फोकल प्वाइंट का निरीक्षण किया और स्वयं एक नवजात शिशु को पोलियो की दवा पिलाई। इस अवसर पर पोलियो बूथ पर भाजपा के पदाधिकारी जैसे नगर अध्यक्ष राजकुमार वर्मा, पूर्व पार्षद विनोद मालवीय, आशीष अग्रवाल समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। सिविल अस्पताल कन्नौद से मलेरिया इंस्पेक्टर धर्मदास देवड़ा, बीईई दिनेश साहू, बीपीएम प्रदीप पवार, बीसीएम विनोद भावर, नर्सिंग ऑफिसर नवनिधि मेहरा, शोभा कुकड़े और अन्य स्टाफ सदस्य भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।3
- शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए गए एक बयान ने पूरे देश में हलचल पैदा कर दी है। उनका यह बयान एक वीडियो के माध्यम से सामने आया है, जो वर्तमान में तेजी से वायरल हो रहा है।1
- Nayapura Bajgaon khategaon Dewas Madhya Pradesh1
- विश्राम बारिया बारेला मध्य प्रदेश के एक आदिवासी और प्रकृतिजन सेवक हैं। उनका संबंध 'झरना' और 'विश्व' से भी है।2
- प्रदेश के अधिकारी किसी विशेष दल या संगठन के नहीं, बल्कि सरकार और संविधान के प्रति वफादार हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि उनकी निष्ठा केवल संवैधानिक मूल्यों और वर्तमान सरकार के प्रति है।1
- हरदा की स्थानीय सब्जी मंडी में आज आवक सामान्य दर्ज की गई, जहाँ टमाटर और हरी मिर्च के भाव मजबूत बने रहे, जबकि बैंगन और प्याज सामान्य कीमतों पर बिके। स्थानीय व्यापारियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर, आज टमाटर लगभग 30 रुपये प्रति किलो के भाव पर रहा, वहीं बैंगन 8 से 15 रुपये प्रति किलो और हरी मिर्च 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिकी। गिलकी का भाव 35 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि प्याज 24 से 25 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध था। इन भावों के संदर्भ में यह उल्लेखनीय है कि गुणवत्ता, आकार और मंडी में आवक के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।1
- मध्यप्रदेश के देवास जिले में स्थित कन्नौद शहर के इंदौर-हरदा मार्ग पर नर्मदा कॉलोनी में एक गंभीर सुरक्षा चिंता उत्पन्न हो गई है। यहाँ एक नाले के ऊपर पुलिया बनाए बिना ही सीधे सड़क का निर्माण कर दिया गया है। इस नई सड़क के बनने के बाद से क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है और वाहन भी तेज गति से गुजरते हैं। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है, क्योंकि नाला खुला हुआ है और सड़क पर सुरक्षा के लिए कोई रेलिंग नहीं लगाई गई है। ऐसे में, रात के अंधेरे में कोई भी वाहन चालक सीधे सड़क से नाले में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो सकता है। इसके अतिरिक्त, नाले के पास लगी बिजली की डीपी को भी सड़क से दूर नहीं किया गया है, जिससे वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर बिजली का झटका लगने का भी खतरा बना हुआ है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए, सड़क पर नाले के पास संकेतक लगाने के साथ-साथ रेलिंग लगाना भी बेहद जरूरी है। विशेषकर बारिश के मौसम और रात के अंधेरे में बढ़ने वाले खतरों को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन को इस समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।1
- हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पहाड़ी रास्ते पर चलते समय एक युवक का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई की ओर गिरने लगा। अपने पति को बचाने के लिए पत्नी तुरंत उसकी ओर दौड़ी, लेकिन इस प्रयास में उसका भी संतुलन बिगड़ गया और दोनों सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरे। मृतकों की पहचान 33 वर्षीय गौरख कुमार और उनकी 26 वर्षीय पत्नी सुषमा के रूप में हुई है। यह हादसा तब हुआ जब दंपति पहाड़ी मार्ग से यात्रा कर रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे, जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद दोनों के शव खाई से बाहर निकाले और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर एक खाई में लटकते दंपति की जो तस्वीर वायरल हो रही है, वह वास्तविक नहीं बल्कि सांकेतिक या एआई से बनाई गई है, जबकि दंपति की मौत की यह घटना सत्य है और कई समाचार माध्यमों ने इसकी पुष्टि की है।1