मध्यप्रदेश के देवास जिले में स्थित कन्नौद शहर के इंदौर-हरदा मार्ग पर नर्मदा कॉलोनी में एक गंभीर सुरक्षा चिंता उत्पन्न हो गई है। यहाँ एक नाले के ऊपर पुलिया बनाए बिना ही सीधे सड़क का निर्माण कर दिया गया है। इस नई सड़क के बनने के बाद से क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है और वाहन भी तेज गति से गुजरते हैं। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है, क्योंकि नाला खुला हुआ है और सड़क पर सुरक्षा के लिए कोई रेलिंग नहीं लगाई गई है। ऐसे में, रात के अंधेरे में कोई भी वाहन चालक सीधे सड़क से नाले में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो सकता है। इसके अतिरिक्त, नाले के पास लगी बिजली की डीपी को भी सड़क से दूर नहीं किया गया है, जिससे वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर बिजली का झटका लगने का भी खतरा बना हुआ है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए, सड़क पर नाले के पास संकेतक लगाने के साथ-साथ रेलिंग लगाना भी बेहद जरूरी है। विशेषकर बारिश के मौसम और रात के अंधेरे में बढ़ने वाले खतरों को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन को इस समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
मध्यप्रदेश के देवास जिले में स्थित कन्नौद शहर के इंदौर-हरदा मार्ग पर नर्मदा कॉलोनी में एक गंभीर सुरक्षा चिंता उत्पन्न हो गई है। यहाँ एक नाले के ऊपर पुलिया बनाए बिना ही सीधे सड़क का निर्माण कर दिया गया है। इस नई सड़क के बनने के बाद से क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है और वाहन भी तेज गति से गुजरते हैं। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है, क्योंकि नाला खुला हुआ है और सड़क पर सुरक्षा के लिए कोई रेलिंग नहीं लगाई गई है। ऐसे में, रात के अंधेरे में कोई भी वाहन चालक सीधे सड़क से नाले में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो सकता है। इसके अतिरिक्त, नाले के पास लगी बिजली की डीपी को भी सड़क से दूर नहीं किया गया है, जिससे वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर बिजली का झटका लगने का भी खतरा बना हुआ है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए, सड़क पर नाले के पास संकेतक लगाने के साथ-साथ रेलिंग लगाना भी बेहद जरूरी है। विशेषकर बारिश के मौसम और रात के अंधेरे में बढ़ने वाले खतरों को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन को इस समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पत्नी के डांस को लेकर हुए विवाद के बाद एक पति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो बच्चों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस जघन्य घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपी पति ने खुद भी ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, और बताया गया है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाकर एक अभियान शुरू किया गया है।1
- देवास जिले के पीपलरावाँ में ताजिए अकीदत और पूरे सम्मान के साथ ठंडे किए गए। इस अवसर पर पूरा नगर 'या हुसैन' के जोशीले नारों से गूंज उठा, जिससे वहां का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय और श्रद्धापूर्ण हो गया।1
- हरसूद तहसील के ग्राम निशानियां में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक 10 वर्षीय बालक की पानी में डूबने से मौत हो गई।1
- द हरसूद न्यूज़ द्वारा एक ऐसी वीडियो प्रस्तुत की गई है जो देखने में अत्यंत सुंदर लगती है। यह वीडियो संत सिंगाजी प्लांट से संबंधित है, जहाँ कोयले का उपयोग कर बिजली का उत्पादन किया जाता है। इस वीडियो में बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय पात्र मोटू पतलू को भी दर्शाया गया है, जिससे यह बच्चों को भी काफी पसंद आएगी। यह खास वीडियो यहीं से बनाकर साझा की गई है।1
- मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान घोटाले के कथित पर्दाफाश को लेकर खबर सामने आई है। इस मामले में खातेगांव के बीएमओ (BMO) डॉ. शुभम तिवारी का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस कथित घोटाले से संबंधित एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है।1
- कन्नौद में मोहर्रम के पावन पर्व पर 11वीं तारीख को सभी ताजिए 'या हुसैन - या हुसैन' के बुलंद नारों के साथ कासरनी (जोड़) नदी पर स्थित कर्बला पहुंचे, जहाँ परंपरा अनुसार उन्हें नदी में विसर्जित किया गया। इससे पहले, नगर के मदार छल्ला चौराहे पर लगभग 25 ताजियों पर लोबान, अगरबत्ती और रेवाड़ी चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। उन्होंने फातेहा के साथ अपनी मन्नतें मांगी और देश में अमन-शांति व खुशहाली की दुआएं कीं। इस अवसर पर दरगाह ग्राउंड में हलीम कमेटी के शमसुद्दीन लाइनमैन व उनके साथियों द्वारा 11 बड़ी देग हलीम बनाई गई थी, जिसे ताजियों की जारत करने आए लोगों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। चौराहे पर मेवाती मोहल्ला, बालीपुर और ईदगाह मोहल्ले के अखाड़ों के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए, जिसमें हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। तत्पश्चात, सभी ताजिए कर्बला के लिए 'या हुसैन- या हुसैन' के बुलंद नारों के साथ रवाना हुए। इस दौरान जगह-जगह नागरिकों द्वारा कर्बला जाने वाले लोगों के लिए शरबत एवं पानी के स्टाल लगाए गए थे। मदार छल्ला चौराहा और नदी पर स्थित कर्बला में भजिया, पापड़ एवं बच्चों के खेल खिलौनों की दुकानें सजी थीं, जहाँ अच्छी बिक्री हुई। नगर परिषद द्वारा नदी पर स्थित कर्बला में साफ-सफाई और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई थी। मेवाती मोहल्ला पंचायती ताजिया कमेटी के रईस नदी वाले, रफीक खान तथा जामा मस्जिद मोहल्ला ताजिया कमेटी के साबिर कुरेशी, नईम मंसूरी समेत सभी ताजिया बनाने वाले प्रमुखों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग दिया। सुरक्षा के मद्देनजर एडीएसपी सौम्या जैन के मार्गदर्शन और एसडीओपी आदित्य तिवारी तथा टीआई तहजीब काजी के निर्देशन में चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। ताजियों के कर्बला जाते समय जुलूस की ड्रोन कैमरे से भी पुलिस द्वारा निगरानी की गई, और विसर्जन के दौरान हजारों लोग मौजूद रहे। इससे एक दिन पहले, मोहर्रम की 10वीं तारीख, शुक्रवार को, मेवाती मोहल्ले के इमामबाड़ा से पंचायती ताजिया और बस स्टैंड पर स्थित जामा मस्जिद के समीप बड़े इमामबाड़े सहित पूरे नगर से लगभग 25 ताजिए परंपरा अनुसार सुबह के समय जुलूस के रूप में निकले और बस स्टैंड चौक पहुंचे। वहाँ कुछ देर रुकने के बाद वे अपने-अपने स्थान पर लौट गए। शाम को यही क्रम दोहराया गया, जिसमें अखाड़े के कलाकार जुलूस के आगे-आगे एक से बढ़कर एक करतब दिखाते चल रहे थे। इस अवसर पर नगर के बस स्टैंड पर कांग्रेस के मंच से पूर्व विधायक कैलाश कुंडल, समाजसेवी एवं पार्षद फारूक केले वाले, राधू पहलवान, तेजस्वी मांजरेकर और अंतिम शोत्रिय सहित अन्य लोगों ने सभी ताजियों एवं अखाड़ा के उस्ताद खलीफाओं का साफा बांधकर और पुष्प मालाओं से स्वागत किया।2
- देशभर और प्रदेश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ नेवरी ग्राम में भी मोहर्रम का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। मोहर्रम की 7वीं तारीख को विशेष रूप से बड़े साहब, छोटे दुलदुल, और सरकारी ताजिया की जियारत की गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने सहभागिता की।4
- सचिन भारके ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से संत सिंगाजी महाराज के मंदिर पर एक विशेष वीडियो बनाया है। इस वीडियो में बच्चों के बीच लोकप्रिय मोटू पतलू कार्टून किरदारों को दिखाया गया है। यह देखने में बेहद सुंदर लगती है और बच्चों के मन में बसने वाले इन कार्टूनों को एक नए अंदाज़ में पेश करती है। यह जानकारी 'द हरसूद न्यूज' के रिपोर्टर सचिन भारके द्वारा दी गई है।1