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अयोध्या में चल रही सबसे बड़ी सियासी जंग और पवन पांडेय की खुली चुनौती को लेकर लोगों से उनकी बेबाक राय मांगी गई है। दर्शकों से कहा गया है कि वे कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें और इस वीडियो को 'आंधी की तरह' शेयर करें, ताकि सच जनता तक पहुंच सके।
Ranjeet Kumar
अयोध्या में चल रही सबसे बड़ी सियासी जंग और पवन पांडेय की खुली चुनौती को लेकर लोगों से उनकी बेबाक राय मांगी गई है। दर्शकों से कहा गया है कि वे कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें और इस वीडियो को 'आंधी की तरह' शेयर करें, ताकि सच जनता तक पहुंच सके।
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- राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर संजय निषाद ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मामले से संबंधित सभी दोषी व्यक्तियों को जेल जाना होगा।1
- भारत में 'स्कार्लेट फीवर' नामक एक बीमारी तेजी से फैल रही है, जिसे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बताया गया है। अभिभावकों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है। यदि आपके बच्चे को तेज बुखार और गले में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो यह 'स्कार्लेट फीवर' हो सकता है और ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की तैयारियों के बीच सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में तीखी चर्चा है। स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि यदि विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन को देखते हुए वीआईपी मार्गों पर रातों-रात सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य कराया जा सकता है, तो आम जनता की वर्षों से जर्जर पड़ी सड़कों का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर क्यों नहीं कराया जाता? प्रतापगढ़ के निवासियों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि विकास कार्यों को केवल वीआईपी दौरों तक ही सीमित न रखा जाए। उनका कहना है कि आम जनता की सुविधा के लिए भी खराब सड़कों की शीघ्र मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतापगढ़ दौरे के दौरान सदर विधायक राजेंद्र मौर्य का जलवा देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री की तरफ से मिली वाहवाही पर सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। अपने सरल स्वभाव और कार्यशैली के कारण राजेंद्र मौर्य आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने विधायक के काम से काफी प्रभावित नज़र आए। राजेंद्र मौर्य ने विधायक के तौर पर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए लगातार लखनऊ में डटकर प्रयास किए, जिसकी बदौलत सदर क्षेत्र में कई जर्जर सड़कों का कायाकल्प हुआ और सरकार की कई बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर लाने में सफलता मिली। अपने जनपद के दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से विधायक राजेंद्र मौर्य की कई बार तारीफ करते हुए उनकी सराहना की, जिसके गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से यह दर्शाया कि जनहित में कार्य करने वाले सदर विधायक उनके कितने करीब हैं।1
- नई दिल्ली से, राज्यसभा उप नेता और सांसद श्री प्रमोद तिवारी ने चंपत राय के एक पत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके मन में जो आशंका थी, वह सही साबित हुई है। प्रमोद तिवारी ने चंपत राय की इस हिम्मत पर सवाल उठाया कि उन्होंने लिखित रूप में कहा है कि वे एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही बोलेंगे। तिवारी ने सीधे चंपत राय से पूछा कि क्या उन्हें एसआईटी रिपोर्ट पहले से ही मालूम है और क्या वह जानते हैं कि रिपोर्ट आने के बाद वे बोलने लायक रहेंगे या जेल के अंदर होंगे। उनके अनुसार, इसका सीधा मतलब यह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भगवान राम को लूटने वालों को कोई सजा नहीं मिलेगी। प्रमोद तिवारी ने जनता और राम भक्तों से तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि उन लोगों को सजा देने के लिए तैयार रहना होगा, जिन्होंने भगवान राम को लूटा है, और उन लोगों को भी सजा देने के लिए, जो लूटने वालों को बचा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर में मंगलवार को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत निषाद पार्टी का एक विशाल बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन के विस्तार, सामाजिक न्याय, आरक्षण और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने पार्टी की संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने डॉ. संजय निषाद को नोटों की माला पहनाकर स्वागत किया, जो बाद में चर्चा का विषय बन गया। मीडिया द्वारा अयोध्या राम मंदिर चंदा प्रकरण को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. संजय निषाद ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और निषादराज का संबंध सदियों पुराना है और किसी व्यक्ति के बारे में पहले से कुछ कहना उचित नहीं, लेकिन यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पहले गलत कार्यों के बावजूद कई लोग बच निकलते थे, लेकिन अब जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नोटों की माला पहनाए जाने को लेकर उठे विवादों पर संजय निषाद ने इसे लोगों की श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि "आज नोटों की नहीं, वोटों की सरकार है" और निषाद समाज के लोग अपने नेता का सम्मान करते हैं, इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सम्मेलन में संजय निषाद ने बूथ स्तर के संगठन को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय दिलाने का आधार बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव में बूथ कमेटियां बनाने, युवाओं व महिलाओं को संगठन से जोड़ने और समाज को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। निषाद, केवट, मल्लाह, बिंद, कश्यप, धीवर जैसे विभिन्न समाजों को एकजुट कर संगठन को मजबूत किया जा रहा है और पार्टी लगभग 160 निषाद बाहुल विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने का अभियान चला रही है। निषाद पार्टी पर अपने मूल उद्देश्य से भटकने के आरोपों पर उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अधिकार केवल सोशल मीडिया या बयानबाजी से नहीं, बल्कि संघर्ष और संगठन से हासिल होते हैं। ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे भी इस दौरान प्रमुख रूप से मौजूद रहे और उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया, जिससे राजनीतिक जानकारों के अनुसार 2027 के विधानसभा चुनाव में उनकी दावेदारी और मजबूत होती दिख रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों को देखते हुए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक करना रहा।1
- पुलिस अधीक्षक ने ज्ञानपुर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता के संबंध में सख्त निर्देश जारी किए, जो उनके एक्शन मोड को दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के सैफाबाद बाजार स्थित दोस्ती कान्वेंट स्कूल की एक स्कूली वैन स्टेरिंग फेल होने के बाद पलट गई, जिससे उसमें सवार सभी बच्चे बाल-बाल बच गए। इस घटना ने एक बार फिर स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर किया है। जाँच में सामने आया है कि वाहन की स्टेरिंग खराब थी और उसे लोहे के तार से बांधकर चलाया जा रहा था, जो इस हादसे की मुख्य वजह बनी। हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों में वैन पलटी हुई दिख रही है, जबकि वीडियो में लोग इस गंभीर लापरवाही पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्य रेखा सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वैन पलट गई थी, लेकिन सभी बच्चे सुरक्षित हैं और वैन को मरम्मत के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अभिभावकों से बच्चों के प्रवेश के नाम पर भारी-भरकम फीस और तमाम तरह के खर्चे वसूलने वाला विद्यालय प्रबंधन, पैसों की कमी का बहाना बनाकर बच्चों की जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहा है। यह घटना परिवहन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाती है, जो स्कूली वाहनों की कमियों को लेकर अभियान तो चलाता है, लेकिन उसकी सख्ती धरातल पर नजर नहीं आती, जिसके चलते ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। यह गंभीर मामला बच्चों की सुरक्षा के प्रति स्कूल प्रशासन और संबंधित विभागों की उदासीनता को दर्शाता है।1