मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतापगढ़ दौरे के दौरान सदर विधायक राजेंद्र मौर्य का जलवा देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री की तरफ से मिली वाहवाही पर सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। अपने सरल स्वभाव और कार्यशैली के कारण राजेंद्र मौर्य आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने विधायक के काम से काफी प्रभावित नज़र आए। राजेंद्र मौर्य ने विधायक के तौर पर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए लगातार लखनऊ में डटकर प्रयास किए, जिसकी बदौलत सदर क्षेत्र में कई जर्जर सड़कों का कायाकल्प हुआ और सरकार की कई बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर लाने में सफलता मिली। अपने जनपद के दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से विधायक राजेंद्र मौर्य की कई बार तारीफ करते हुए उनकी सराहना की, जिसके गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से यह दर्शाया कि जनहित में कार्य करने वाले सदर विधायक उनके कितने करीब हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतापगढ़ दौरे के दौरान सदर विधायक राजेंद्र मौर्य का जलवा देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री की तरफ से मिली वाहवाही पर सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। अपने सरल स्वभाव और कार्यशैली के कारण राजेंद्र मौर्य आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने विधायक के काम से काफी प्रभावित नज़र आए। राजेंद्र मौर्य ने विधायक के तौर पर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए लगातार लखनऊ में डटकर प्रयास किए, जिसकी बदौलत सदर क्षेत्र में कई जर्जर सड़कों का कायाकल्प हुआ और सरकार की कई बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर लाने में सफलता मिली। अपने जनपद के दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से विधायक राजेंद्र मौर्य की कई बार तारीफ करते हुए उनकी सराहना की, जिसके गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से यह दर्शाया कि जनहित में कार्य करने वाले सदर विधायक उनके कितने करीब हैं।
- सुल्तानपुर के लम्भुआ स्थित डकाही गांव के पास वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्कूली बच्चों को सुरक्षित सड़क पार कराने की कोशिश कर रहे एक बस चालक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसने पूरे स्कूल परिवहन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार दंपति भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, और प्रत्यक्षदर्शियों व स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि स्कूलों की मनमानी, परिवहन विभाग की चुप्पी और प्रशासन की घोर लापरवाही का सीधा नतीजा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन कई निजी स्कूलों की बसें राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खड़ी होकर बच्चों को उतारती हैं, जिससे बच्चे तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करने को मजबूर होते हैं, जबकि थोड़ी दूरी पर सुरक्षित कट उपलब्ध है जिसका उपयोग नहीं किया जाता। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कई बसों में क्षमता से कहीं अधिक, लगभग 75 से 80 बच्चों को बैठाया जाता है, जो मोटर वाहन नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस पर परिवहन विभाग की औचक निरीक्षण और कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही, सुबह से दोपहर तक हाईवे किनारे स्कूल बसों की लंबी कतारों को देखकर राष्ट्रीय राजमार्ग को पार्किंग स्थल बनने देने और एनएचएआई, परिवहन विभाग व स्थानीय पुलिस की कथित अनदेखी पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगे हैं। इस घटना को केवल एक बस चालक की मौत नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी की कहानी बताते हुए, जनता अब जवाब चाहती है। मांग की गई है कि जिला प्रशासन सभी निजी स्कूल बसों का विशेष अभियान चलाकर निरीक्षण करे, ओवरलोडिंग करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे, हाईवे पर बच्चों को उतारने पर तत्काल रोक लगाए और इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित संस्थाओं की जवाबदेही तय करे।2
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रतापगढ़ का दौरा किया, जहां उन्होंने 384 करोड़ रुपये की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा, राम मंदिर से लेकर वक्फ और कांवड़ यात्रा तक के कई मुद्दों पर उन्हें घेरा। सीएम योगी ने विशेष रूप से राम मंदिर का मुद्दा उठाया, आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद गिरने पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने आंसू बहाए थे। उन्होंने कांग्रेस पर कोर्ट में राम के अस्तित्व को नकारने का आरोप लगाया, वहीं समाजवादी पार्टी की सरकार पर हिंदुओं के पैसे से कब्रिस्तान बनवाने और अयोध्या में कार सेवकों पर गोली चलवाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्ष राम मंदिर से जुड़ी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है, और सपा-कांग्रेस ऐसे रंग बदल रही हैं कि गिरगिट भी शरमा जाए। अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए, मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश का चौमुखी विकास करना है, और उत्तर प्रदेश अब दंगा मुक्त एवं विकास युक्त प्रदेश बन चुका है। अंत में, उन्होंने जनता से विकास और सुशासन के लिए भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े रहने की अपील की।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल से प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत तीन महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया, जिसका सजीव प्रसारण प्रदेश के सभी तहसील मुख्यालयों पर किया गया। इसी क्रम में जौनपुर के मछलीशहर तहसील सभागार में भी इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण हुआ, जहाँ उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को लाइव टीवी के माध्यम से सुना और देखा। इन योजनाओं में शिक्षकों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज, छात्रों के अभिभावकों को 1200 रुपये का DBT (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण), और शिक्षक-शिक्षामित्रों को 1 करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा शामिल है। 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के तहत बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। वहीं, 'DBT के माध्यम से 1200 रुपये का हस्तांतरण' योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री जी ने बटन दबाकर शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्टेशनरी हेतु 1200 रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, एसबीआई के साथ एमओयू के तहत परिषदीय स्कूलों के लगभग 10 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया व अन्य कर्मियों को विशेष सैलरी पैकेज के साथ 1 करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा और ग्रुप लाइफ कवर प्रदान किया जाएगा। मछलीशहर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुंगरा बादशाहपुर के ब्लॉक प्रमुख श्री सत्येंद्र सिंह जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षक कैशलेस योजना के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को कल्याणकारी योजनाएं प्रदान करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उपजिलाधिकारी मछलीशहर अजय कुमार उपाध्याय ने शिक्षकों से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए एक सशक्त समाज के निर्माण की अपील की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा तीनों विकास खंडों के 15 शिक्षकों (बेसिक व माध्यमिक) को प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में तहसीलदार मछलीशहर, तीनों विकास खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी, तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं मंत्री तथा शिक्षक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अरविंद कुमार मिश्र ने किया और अंत में खंड शिक्षा अधिकारी मुंगराबादशाहपुर डॉ. अविनाश सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में लाल साहब यादव, माहेश्वरी प्रसाद मिश्र, प्रणवीर सिंह, आनंद सिंह, रोहित यादव, रविन्द्र सिंह, अजीत सिंह, अनुज सिंह, संजय मिश्र और अखण्ड प्रताप सिंह का सक्रिय सहयोग रहा।1
- अयोध्या में चल रही सबसे बड़ी सियासी जंग और पवन पांडेय की खुली चुनौती को लेकर लोगों से उनकी बेबाक राय मांगी गई है। दर्शकों से कहा गया है कि वे कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें और इस वीडियो को 'आंधी की तरह' शेयर करें, ताकि सच जनता तक पहुंच सके।1
- मुख्यमंत्री की कैशलेस चिकित्सा योजना का सजीव प्रसारण मछलीशहर तहसील प्रांगण में उपस्थित लोगों ने देखा और सुना। इस महत्वपूर्ण योजना के तहत प्रदेश के समस्त बेसिक, माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा के शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों तथा रसोइयों तक को कैशलेस चिकित्सा का लाभ मिलेगा, साथ ही एक करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा सहित अन्य योजनाओं का भी शुभारंभ किया गया है। योजना का सजीव प्रसारण तहसील सभागार में आयोजित किया गया, जहाँ मुंगरा बादशाहपुर ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मछलीशहर अजय कुमार उपाध्याय ने अपने गुरुओं व शिक्षकों को नमन कर शिक्षकों से सशक्त समाज के निर्माण में अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने प्रतीकात्मक रूप से तीनों विकास खंडों से आए 15 शिक्षकों को कैशलेस कार्ड प्रदान किए। इस समारोह में तहसीलदार मछलीशहर, तीनों खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी, तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महामंत्री और शिक्षक प्रतिनिधि सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- प्रतापगढ़ जनपद के अंतू थाना क्षेत्र से एक महिला के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। महिला के पति की तहरीर पर अंतू पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई तहरीर में रसूलपुर मिश्र (पोस्ट देहटा) निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसकी लगभग 30 वर्षीय पत्नी अंजलि 28 जून 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे घर से निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। पति ने आशंका जताई है कि उसकी पत्नी कहीं चली गई है अथवा किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया हो सकता है। पुलिस ने 03 जुलाई 2026 को जनरल डायरी में गुमशुदगी दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार, अंजलि की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और सभी संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई जा रही है। अंतू पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को महिला के संबंध में कोई सूचना मिले तो तत्काल थाना अंतू पुलिस को अवगत कराएं।1
- सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ तहसील और विकास खण्ड लम्भुआ क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौगवां में राशन वितरण के लिए बनाए जा रहे अन्नपूर्णा भवन का बारजा बनते ही भरभरा कर गिर गया। यह हादसा सोमवार दोपहर बारजे का शटरिंग या स्लैब खोलते समय हुआ। इस घटना में वहां काम कर रहा एक मजदूर बाल-बाल बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद गिरे हुए बारजे के मलबे को जेसीबी लगाकर हटवाया गया और सब कुछ सामान्य दिखाने का प्रयास आनन-फानन में किया गया। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- सुल्तानपुर जिले में 8 जुलाई 2026 को सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों को पिछले एक पखवाड़े से जारी भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत प्रदान की है। इस झमाझम बारिश के बाद जिले का मौसम सुहाना हो गया है।1
- जौनपुर के बदलापुर नगर पंचायत क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। इस व्यापक जांच से क्षेत्र के कई निजी अस्पताल संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एक संयुक्त टीम ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण करते हुए उनके आवश्यक दस्तावेजों और मानकों की गहन पड़ताल की। इस जांच दल में डिप्टी सीएमओ डॉ. अरुण यादव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर के अधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार पांडेय और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी राकेश कुमार मौर्य शामिल रहे। टीम ने कई निजी अस्पतालों में पहुंचकर पंजीकरण, लाइसेंस और अन्य आवश्यक अभिलेखों की विस्तार से जांच की। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ संस्थानों ने तत्काल अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए, जबकि कुछ संचालक मौके पर नहीं मिले। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान जहां भी नियमों का उल्लंघन या आवश्यक दस्तावेजों में कमी मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और कथित झोलाछाप चिकित्सकों में व्यापक स्तर पर हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।1