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सुल्तानपुर जिले में 8 जुलाई 2026 को सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों को पिछले एक पखवाड़े से जारी भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत प्रदान की है। इस झमाझम बारिश के बाद जिले का मौसम सुहाना हो गया है।
Om Ķumar Verma
सुल्तानपुर जिले में 8 जुलाई 2026 को सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों को पिछले एक पखवाड़े से जारी भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत प्रदान की है। इस झमाझम बारिश के बाद जिले का मौसम सुहाना हो गया है।
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- सुल्तानपुर जिले में 8 जुलाई 2026 को सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों को पिछले एक पखवाड़े से जारी भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत प्रदान की है। इस झमाझम बारिश के बाद जिले का मौसम सुहाना हो गया है।1
- Post by KRISHNA NISHAD1
- प्राप्त जानकारी के अनुसार, संदेश में लगातार श्री गणेश का जयघोष किया गया है, जो पूर्ण भक्ति और श्रद्धा का भाव प्रकट करता है। यह उद्घोष श्री गणेश की महिमा का बखान करता है।1
- नई दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी के निजी आवास पर अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश त्रिवेदी के साथ एक शिष्टाचार मुलाकात हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी चुनावों की तैयारियों एवं रणनीति को लेकर सकारात्मक और सार्थक चर्चा की गई। इस अवसर पर सुल्तानपुर के संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष के.पी. बाबा ने भी भेंट की और संगठनात्मक विषयों पर अपने विचार साझा किए। यह बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें जनसंपर्क को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के समन्वय स्थापित करने और आगामी चुनावों में संगठन की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के समापन पर, सभी उपस्थित सदस्यों ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता भी जताई।1
- सुल्तानपुर जनपद के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में एक स्कूली बस चालक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब चालक स्कूल से छुट्टी होने के बाद बच्चों को सड़क पार करवा रहे थे। इसी दौरान अचानक एक मोटरसाइकिल पर सवार लोगों ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इस सड़क दुर्घटना में स्कूली बस चालक की मौत हो गई, जिसके संबंध में क्षेत्राधिकारी लंभुआ ने जानकारी दी है।1
- धार्मिक नगरी अयोध्या में हाल ही में हुई एक बड़ी चोरी की घटना के बाद स्थानीय जनजीवन और व्यापार पर इसका बेहद गहरा असर देखने को मिल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं में उपजे डर के कारण मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या में अचानक भारी कमी आ गई है। व्यापारियों ने बताया है कि चोरी की इस वारदात के बाद से मुख्य बाजारों और मंदिर परिसरों के पास सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं के न आने के कारण उनका व्यापार पूरी तरह ठप हो चुका है।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक सरकारी स्कूल के अंदर एक महिला शिक्षिका को तमंचे के बल पर लूट लिया गया। यह घटना सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे हुई, जब शिक्षिका अनुपमा सिंह विद्यालय पहुंची थीं। उसी समय बाइक पर सवार दो युवक स्कूल परिसर में घुस आए। उन्होंने पहले एक बच्चे के एडमिशन के बारे में जानकारी ली और कुछ देर परिसर में घूमते रहे। फिर मौका देखकर वे सीधे ऑफिस में घुस गए और शिक्षिका पर तमंचा तानकर जबरन उनका मंगलसूत्र छीन लिया।1
- सुल्तानपुर के लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र में वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूली बस के चालक की मौत हो गई, जबकि मोटरसाइकिल सवार दंपति गंभीर रूप से घायल हो गए। डकाही गांव के पास हुए इस हादसे में आल सेंट्स इंग्लिश स्कूल की बस छुट्टी के बाद बच्चों को उतारकर सड़क की उलटी दिशा में छोड़ने जा रही थी। तभी लम्भुआ से हनुमानगंज जा रहे रमाशंकर गुप्ता की मोटरसाइकिल बस चालक दयाशंकर पाण्डेय से टकरा गई। इस टक्कर से बस चालक दयाशंकर पाण्डेय को गंभीर चोटें आईं और वह गिर पड़े, वहीं मोटरसाइकिल सवार रमाशंकर और 35 वर्षीय जयमाला पत्नी प्रदीप कुमार को भी गहरी चोटें आईं। एंबुलेंस से तीनों को सीएससी लम्भुआ ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने बस चालक दयाशंकर पाण्डेय पुत्र बुद्धिराम पाण्डेय को मृत घोषित कर दिया। मोटरसाइकिल चालक रमाशंकर की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें और जयमाला को जिला चिकित्सालय सुल्तानपुर रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन, पुलिस और सड़क परिवहन अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्कूल बस में सीमा से अधिक लगभग 75 से 80 बच्चे मौजूद थे, जिस पर न तो स्कूल प्रशासन, न पुलिस और न ही सड़क परिवहन अधिकारियों द्वारा कोई औचक निरीक्षण किया जाता है। जानकारों का कहना है कि यह बड़ी घटना टाली जा सकती थी यदि कट का सहारा लेते हुए बच्चों को सड़क पार कराया जाता या बस को आगे के कट से घुमाकर सही दिशा में ले जाया जाता। दुर्घटना स्थल पर सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्कूली बसों की लंबी कतार लगी रहती है और वे सड़क किनारे ही पार्क की जाती हैं, जिस पर एनएचआई, पुलिस या परिवहन विभाग कोई ध्यान नहीं देता। इस स्थिति को बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता देने वाला बताया जा रहा है, और पूछा जा रहा है कि क्या यह सभी संबंधित विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।4