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टोला खंगारन में तालाब खतरे के निशान पर, ग्रामीणों ने किया पानी का निकास टोला खंगारन में तालाब खतरे के निशान पर, ग्रामीणों ने किया पानी का निकास

6 hrs ago
user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

टोला खंगारन में तालाब खतरे के निशान पर, ग्रामीणों ने किया पानी का निकास टोला खंगारन में तालाब खतरे के निशान पर, ग्रामीणों ने किया पानी का निकास

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  • नाग पंचमी के पावन पर्व पर महोबा में चौरसिया समाज सेवा समिति की ओर से भव्य नाग बाबा शोभा यात्रा निकाली
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    नाग पंचमी के पावन पर्व पर महोबा में चौरसिया समाज सेवा समिति की ओर से भव्य नाग बाबा शोभा यात्रा निकाली
    user_Ashok kumar News repoter
    Ashok kumar News repoter
    Media and information sciences faculty महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • महोबा: पनवाड़ी ब्लॉक के ग्राम नटर्रा में राशन कार्ड धारकों का उत्पीड़न, जबरन थमाई जा रही है ₹100 की अतिरिक्त सामग्री महोबा: पनवाड़ी ब्लॉक के ग्राम नटर्रा में राशन कार्ड धारकों का उत्पीड़न, जबरन थमाई जा रही है ₹100 की अतिरिक्त सामग्री
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महोबा: पनवाड़ी ब्लॉक के ग्राम नटर्रा में राशन कार्ड धारकों का उत्पीड़न, जबरन थमाई जा रही है ₹100 की अतिरिक्त सामग्री
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *खन्ना के शिवभक्तों ने कांवड़ यात्रा कर तिलहन बाबा मंदिर में किया जलाभिषेक* खन्ना (महोबा)। सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर महोबा जनपद के कबरई विकासखंड अंतर्गत खन्ना निवासी शिवभक्तों ने भव्य कांवड़ यात्रा निकालकर तिलहन बाबा मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। शिवभक्तों ने कानपुर के बिठूर घाट से गंगा नदी का 51 लीटर पवित्र जल कांवड़ में भरकर पैदल यात्रा शुरू की और करीब सात दिनों की यात्रा पूरी कर खन्ना पहुंचे। कांवड़ यात्रा में अच्छे निषाद, पवन निषाद, रोहित निषाद, विजय निषाद, सुनील निषाद, सन्तू निषाद, कमल निषाद, अंकित निषाद, पिंटू निषाद, अभिषेक निषाद, देवेंद्र निषाद, आनंद निषाद, सूरज निषाद सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल रहे। हमीरपुर जनपद के गहबरा चौकी के पास से कांवड़ियों के खन्ना सीमा में प्रवेश करते ही सैकड़ों कि संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। बच्चों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक झांकियों और डीजे पर बज रही धार्मिक धुनों के बीच शिवभक्त उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। खन्ना पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने तिलहन बाबा मंदिर में विधि-विधान से भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
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    *खन्ना के शिवभक्तों ने कांवड़ यात्रा कर तिलहन बाबा मंदिर में किया जलाभिषेक* 
खन्ना (महोबा)। सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर महोबा जनपद के कबरई विकासखंड अंतर्गत खन्ना निवासी शिवभक्तों ने भव्य कांवड़ यात्रा निकालकर तिलहन बाबा मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। शिवभक्तों ने कानपुर के बिठूर घाट से गंगा नदी का 51 लीटर पवित्र जल कांवड़ में भरकर पैदल यात्रा शुरू की और करीब सात दिनों की यात्रा पूरी कर खन्ना पहुंचे।
कांवड़ यात्रा में अच्छे निषाद, पवन निषाद, रोहित निषाद, विजय निषाद, सुनील निषाद, सन्तू निषाद, कमल निषाद, अंकित निषाद, पिंटू निषाद, अभिषेक निषाद, देवेंद्र निषाद, आनंद निषाद, सूरज निषाद सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल रहे।
हमीरपुर जनपद के गहबरा चौकी के पास से कांवड़ियों के खन्ना सीमा में प्रवेश करते ही सैकड़ों कि संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। बच्चों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक झांकियों और डीजे पर बज रही धार्मिक धुनों के बीच शिवभक्त उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
खन्ना पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने तिलहन बाबा मंदिर में विधि-विधान से भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
    user_राजाबाबू गुप्ता पत्रकार
    राजाबाबू गुप्ता पत्रकार
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बिठूर घाट से खन्ना पहुंची महाकाल कांवड़ यात्रा: पंचम सिंह आचार्य और बालेन्द्र साहू सहित ग्रामीणों ने गहबरा चौकी पर किया भव्य स्वागत बिठूर घाट से खन्ना पहुंची महाकाल कांवड़ यात्रा: पंचम सिंह आचार्य और बालेन्द्र साहू सहित ग्रामीणों ने गहबरा चौकी पर किया भव्य स्वागतखन्ना। क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित 'महाकाल कांवड़ यात्रा' अपने गंतव्य पर पहुंच गई है। 'निषाद बन्धु' समूह के नेतृत्व में यह यात्रा बीते 10 अगस्त 2026 को कानपुर के ऐतिहासिक बिठूर घाट से पवित्र गंगाजल लेकर रवाना हुई थी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए खन्ना पहुंची।यात्रा के खन्ना सीमा में प्रवेश करते ही पंचम सिंह आचार्य जी, बालेन्द्र साहू, योगेंद्र सिंह, नीरज निषाद और समस्त खन्ना ग्राम वासियों ने गहबरा चौकी पहुंचकर कांवड़ियों का बेहद गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत-सत्कार किया। इस स्वागत समारोह और यात्रा में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और लड़कियां भी शामिल रहीं, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ भोलेनाथ के जयकारे लगाए। ग्रामीणों ने भोले के भक्तों को जल-पान कराया और उन पर पुष्पवर्षा की।इसके बाद, 'रवि डीजे खन्ना' की भक्तिमय धुनों और महाकाल के जयकारों के बीच सभी श्रद्धालु और ग्रामवासी डीजे पर झूमते-थिरकते हुए आगे बढ़ते रहे और खन्ना की ओर प्रस्थान किया। पूरा मार्ग शिवभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया और लोग जालंधर बाबा के रास्ते होते हुए प्रसिद्ध तिलहन बाबा मन्दिर पहुंचे, जहां आज 17 अगस्त 2026 को भगवान शिव का पूर्ण विधि-विधान से जलाभिषेक किया जाएगा।इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अक्षय, पवन, रोहित, विजय, सुनील, रवि, कमल, अंकित, पिंटू, अभिषेक और वैभव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा
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    बिठूर घाट से खन्ना पहुंची महाकाल कांवड़ यात्रा: पंचम सिंह आचार्य और बालेन्द्र साहू सहित ग्रामीणों ने गहबरा चौकी पर किया भव्य स्वागत
बिठूर घाट से खन्ना पहुंची महाकाल कांवड़ यात्रा: पंचम सिंह आचार्य और बालेन्द्र साहू सहित ग्रामीणों ने गहबरा चौकी पर किया भव्य स्वागतखन्ना। क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित 'महाकाल कांवड़ यात्रा' अपने गंतव्य पर पहुंच गई है। 'निषाद बन्धु' समूह के नेतृत्व में यह यात्रा बीते 10 अगस्त 2026 को कानपुर के ऐतिहासिक बिठूर घाट से पवित्र गंगाजल लेकर रवाना हुई थी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए खन्ना पहुंची।यात्रा के खन्ना सीमा में प्रवेश करते ही पंचम सिंह आचार्य जी, बालेन्द्र साहू, योगेंद्र सिंह, नीरज निषाद और समस्त खन्ना ग्राम वासियों ने गहबरा चौकी पहुंचकर कांवड़ियों का बेहद गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत-सत्कार किया। इस स्वागत समारोह और यात्रा में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और लड़कियां भी शामिल रहीं, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ भोलेनाथ के जयकारे लगाए। ग्रामीणों ने भोले के भक्तों को जल-पान कराया और उन पर पुष्पवर्षा की।इसके बाद, 'रवि डीजे खन्ना' की भक्तिमय धुनों और महाकाल के जयकारों के बीच सभी श्रद्धालु और ग्रामवासी डीजे पर झूमते-थिरकते हुए आगे बढ़ते रहे और खन्ना की ओर प्रस्थान किया। पूरा मार्ग शिवभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया और लोग जालंधर बाबा के रास्ते होते हुए प्रसिद्ध तिलहन बाबा मन्दिर पहुंचे, जहां आज 17 अगस्त 2026 को भगवान शिव का पूर्ण विधि-विधान से जलाभिषेक किया जाएगा।इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अक्षय, पवन, रोहित, विजय, सुनील, रवि, कमल, अंकित, पिंटू, अभिषेक और वैभव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा
    user_राजीव कुमार पत्रकार
    राजीव कुमार पत्रकार
    Local News Reporter महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सात साल का बच्चा कागजों में ‘मर गया’, हकीकत में स्कूल जा रहा! जमीन के लिए मां पर बेटे का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल #महोबा। जमीन और संपत्ति का लालच इंसान को किस हद तक ले जा सकता है, नगर में सामने आया एक मामला इसकी बेहद मार्मिक तस्वीर पेश करता है। यहां आरोप है कि एक मां ने अपने ही जिंदा और स्कूल में पढ़ रहे सात वर्षीय बेटे पुष्पराज चौरसिया को सरकारी कागजों में मृत दिखा दिया। इतना ही नहीं, उसके नाम से बाकायदा मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी हो गया। अब इस मामले ने केवल पारिवारिक संपत्ति विवाद ही नहीं, बल्कि नगर पालिका परिषद महोबा की जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला नगर महोबा के महतवाना मोहल्ले का बताया जा रहा है। सूत्रों से उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुष्पराज के पिता हरीश चौरसिया की वर्ष 2020 में लंबी बीमारी के बाद मृत्यु हुई थी। आरोप है कि मृत्यु से पहले हरीश ने अपने हिस्से की जमीन की वसीयत अपने नाबालिग बेटे पुष्पराज के नाम कर दी थी और पत्नी रजनी को उसका संरक्षक बनाया था। इसके बाद जमीन पर बेटे का अधिकार होने की बात सामने आती है। फिर शुरू हुआ कथित ‘कागजी खेल’ परिवार के आरोपों के मुताबिक, इसी संपत्ति को अपने नाम कराने के लिए पुष्पराज को ही कागजों में मृत दिखाने की साजिश रची गई। हैरानी की बात यह है कि कथित मृत्यु प्रमाणपत्र में बच्चे की मृत्यु 3 मार्च 2019 दर्शाई गई है, जबकि यह प्रमाणपत्र 7 जनवरी 2026 को जारी होने की बात सामने आई है। यानी जिस बच्चे के बारे में सरकारी रिकॉर्ड में मृत्यु दर्ज कर दी गई, वह आज भी जीवित है, स्कूल जा रहा है और अपने परिवार के बीच रह रहा है। सबसे बड़ा सवाल—नगर पालिका ने किस आधार पर मान ली मौत? यहीं से इस पूरे प्रकरण की सबसे बड़ी पड़ताल शुरू होती है। एक सात वर्षीय जीवित बच्चा सरकारी रिकॉर्ड में मृत कैसे हो गया? यदि मृत्यु वर्ष 2019 में हुई बताई गई, तो मृत्यु की सूचना किसने दी? क्या मृत्यु की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और हस्ताक्षर/अंगूठा निशान रिकॉर्ड में है? क्या बच्चे की मृत्यु के संबंध में कोई चिकित्सकीय प्रमाण, अस्पताल का रिकॉर्ड अथवा मृत्यु का कारण दर्ज किया गया? यदि मामला सात साल पुराना था तो विलंबित मृत्यु पंजीकरण के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई? क्या किसी सक्षम अधिकारी या मजिस्ट्रेट का आदेश लिया गया? किस अधिकारी अथवा कर्मचारी ने आवेदन और संलग्न दस्तावेजों का सत्यापन किया? और सबसे महत्वपूर्ण—क्या नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज ‘मृत’ बच्चे की पहचान उसी बच्चे से मिलाई गई, जो आज जीवित है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन मामला सामने आने के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। एक वर्ष से अधिक समय बाद मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए सामान्य प्रक्रिया से अलग विशेष प्रावधान हैं। अधिनियम के अनुसार ऐसी स्थिति में प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के आदेश के साथ मृत्यु की सत्यता का सत्यापन आवश्यक है। ऐसे में यदि इस मामले में सचमुच 2019 की कथित मृत्यु का पंजीकरण 2026 में कराया गया, तो जांच का एक अहम बिंदु यह भी होगा कि उस विलंबित पंजीकरण के लिए कौन-सी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई और उसके पीछे कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए। दादा की शिकायत ने खोली परत मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के दादा कुंवर बहादुर को कथित रूप से इस पूरे प्रकरण की जानकारी हुई। उन्होंने एसडीएम के समक्ष शिकायत कर अपने पोते के जीवित होने और संपत्ति को लेकर कथित फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिवार का दावा है कि बच्चा जीवित है और स्कूल में पढ़ रहा है। यही दावा इस पूरे मामले को सामान्य संपत्ति विवाद से कहीं अधिक गंभीर बना देता है। अब जांच से खुलेगा ‘मृत्यु प्रमाणपत्र’ का राज एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच की बात कही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनका कहना है कि मृत्यु प्रमाणपत्र नगर पालिका से जारी हुआ है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला आरोपों और प्रशासनिक जांच के स्तर पर है। इसलिए मां अथवा किसी नगर पालिका कर्मचारी की भूमिका को जांच पूरी होने से पहले दोष सिद्ध मानना उचित नहीं होगा। लेकिन सवाल अपनी जगह बेहद बड़ा है— अगर पुष्पराज सचमुच जीवित था और आज भी स्कूल जा रहा है, तो सरकारी कागजों में उसकी मौत किसने लिखी? किसके दस्तावेजों पर भरोसा किया गया? किसने मृत्यु की पुष्टि की? और नगर पालिका परिषद महोबा के मृत्यु पंजीकरण रिकॉर्ड में सात वर्षीय बच्चे की कथित मौत दर्ज होने तक किसी स्तर पर इसकी जांच क्यों नहीं हुई? यह केवल एक परिवार की जमीन का विवाद नहीं है। यह सवाल उस सरकारी दस्तावेज की विश्वसनीयता का भी है, जिसे किसी व्यक्ति की मृत्यु का कानूनी प्रमाण माना जाता है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि एक जीवित बच्चे को कागजों में मृत बनाने की प्रक्रिया में कौन-कौन से हाथ शामिल थे और सरकारी व्यवस्था की कौन-सी कड़ी विफल हुई। अब निगाहें एसडीएम की जांच पर हैं। जांच रिपोर्ट ही बताएगी कि पुष्पराज को कागजों में ‘मृत’ बनाने वाला असली खेल क्या था और नगर पालिका से यह प्रमाणपत्र आखिर किन परिस्थितियों में जारी हुआ। #ikvnews #mahobainsight
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    सात साल का बच्चा कागजों में ‘मर गया’, हकीकत में स्कूल जा रहा!

जमीन के लिए मां पर बेटे का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
#महोबा। जमीन और संपत्ति का लालच इंसान को किस हद तक ले जा सकता है, नगर में सामने आया एक मामला इसकी बेहद मार्मिक तस्वीर पेश करता है। यहां आरोप है कि एक मां ने अपने ही जिंदा और स्कूल में पढ़ रहे सात वर्षीय बेटे पुष्पराज चौरसिया को सरकारी कागजों में मृत दिखा दिया। इतना ही नहीं, उसके नाम से बाकायदा मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी हो गया। अब इस मामले ने केवल पारिवारिक संपत्ति विवाद ही नहीं, बल्कि नगर पालिका परिषद महोबा की जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला नगर महोबा के महतवाना मोहल्ले का बताया जा रहा है। सूत्रों से उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुष्पराज के पिता हरीश चौरसिया की वर्ष 2020 में लंबी बीमारी के बाद मृत्यु हुई थी। आरोप है कि मृत्यु से पहले हरीश ने अपने हिस्से की जमीन की वसीयत अपने नाबालिग बेटे पुष्पराज के नाम कर दी थी और पत्नी रजनी को उसका संरक्षक बनाया था। इसके बाद जमीन पर बेटे का अधिकार होने की बात सामने आती है।
फिर शुरू हुआ कथित ‘कागजी खेल’
परिवार के आरोपों के मुताबिक, इसी संपत्ति को अपने नाम कराने के लिए पुष्पराज को ही कागजों में मृत दिखाने की साजिश रची गई। हैरानी की बात यह है कि कथित मृत्यु प्रमाणपत्र में बच्चे की मृत्यु 3 मार्च 2019 दर्शाई गई है, जबकि यह प्रमाणपत्र 7 जनवरी 2026 को जारी होने की बात सामने आई है।
यानी जिस बच्चे के बारे में सरकारी रिकॉर्ड में मृत्यु दर्ज कर दी गई, वह आज भी जीवित है, स्कूल जा रहा है और अपने परिवार के बीच रह रहा है।
सबसे बड़ा सवाल—नगर पालिका ने किस आधार पर मान ली मौत?
यहीं से इस पूरे प्रकरण की सबसे बड़ी पड़ताल शुरू होती है।
एक सात वर्षीय जीवित बच्चा सरकारी रिकॉर्ड में मृत कैसे हो गया?
यदि मृत्यु वर्ष 2019 में हुई बताई गई, तो मृत्यु की सूचना किसने दी?
क्या मृत्यु की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और हस्ताक्षर/अंगूठा निशान रिकॉर्ड में है?
क्या बच्चे की मृत्यु के संबंध में कोई चिकित्सकीय प्रमाण, अस्पताल का रिकॉर्ड अथवा मृत्यु का कारण दर्ज किया गया?
यदि मामला सात साल पुराना था तो विलंबित मृत्यु पंजीकरण के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई?
क्या किसी सक्षम अधिकारी या मजिस्ट्रेट का आदेश लिया गया?
किस अधिकारी अथवा कर्मचारी ने आवेदन और संलग्न दस्तावेजों का सत्यापन किया?
और सबसे महत्वपूर्ण—क्या नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज ‘मृत’ बच्चे की पहचान उसी बच्चे से मिलाई गई, जो आज जीवित है?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन मामला सामने आने के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
एक वर्ष से अधिक समय बाद मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए सामान्य प्रक्रिया से अलग विशेष प्रावधान हैं। अधिनियम के अनुसार ऐसी स्थिति में प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के आदेश के साथ मृत्यु की सत्यता का सत्यापन आवश्यक है।
ऐसे में यदि इस मामले में सचमुच 2019 की कथित मृत्यु का पंजीकरण 2026 में कराया गया, तो जांच का एक अहम बिंदु यह भी होगा कि उस विलंबित पंजीकरण के लिए कौन-सी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई और उसके पीछे कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए।
दादा की शिकायत ने खोली परत
मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के दादा कुंवर बहादुर को कथित रूप से इस पूरे प्रकरण की जानकारी हुई। उन्होंने एसडीएम के समक्ष शिकायत कर अपने पोते के जीवित होने और संपत्ति को लेकर कथित फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की मांग की।
परिवार का दावा है कि बच्चा जीवित है और स्कूल में पढ़ रहा है। यही दावा इस पूरे मामले को सामान्य संपत्ति विवाद से कहीं अधिक गंभीर बना देता है।
अब जांच से खुलेगा ‘मृत्यु प्रमाणपत्र’ का राज
एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच की बात कही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनका कहना है कि मृत्यु प्रमाणपत्र नगर पालिका से जारी हुआ है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला आरोपों और प्रशासनिक जांच के स्तर पर है। इसलिए मां अथवा किसी नगर पालिका कर्मचारी की भूमिका को जांच पूरी होने से पहले दोष सिद्ध मानना उचित नहीं होगा।
लेकिन सवाल अपनी जगह बेहद बड़ा है—
अगर पुष्पराज सचमुच जीवित था और आज भी स्कूल जा रहा है, तो सरकारी कागजों में उसकी मौत किसने लिखी?
किसके दस्तावेजों पर भरोसा किया गया?
किसने मृत्यु की पुष्टि की?
और नगर पालिका परिषद महोबा के मृत्यु पंजीकरण रिकॉर्ड में सात वर्षीय बच्चे की कथित मौत दर्ज होने तक किसी स्तर पर इसकी जांच क्यों नहीं हुई?
यह केवल एक परिवार की जमीन का विवाद नहीं है। यह सवाल उस सरकारी दस्तावेज की विश्वसनीयता का भी है, जिसे किसी व्यक्ति की मृत्यु का कानूनी प्रमाण माना जाता है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि एक जीवित बच्चे को कागजों में मृत बनाने की प्रक्रिया में कौन-कौन से हाथ शामिल थे और सरकारी व्यवस्था की कौन-सी कड़ी विफल हुई।
अब निगाहें एसडीएम की जांच पर हैं। जांच रिपोर्ट ही बताएगी कि पुष्पराज को कागजों में ‘मृत’ बनाने वाला असली खेल क्या था और नगर पालिका से यह प्रमाणपत्र आखिर किन परिस्थितियों में जारी हुआ।
#ikvnews #mahobainsight
    user_Nitendra Jha
    Nitendra Jha
    Mahoba Insight & Ikvnews Sharafipura, Mahoba•
    23 hrs ago
  • महोबा के पनवाड़ी से सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ एक कांवड़ यात्रा की नहीं, महोबा के पनवाड़ी से सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ एक कांवड़ यात्रा की नहीं,
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    महोबा के पनवाड़ी से सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ एक कांवड़ यात्रा की नहीं,
महोबा के पनवाड़ी से सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ एक कांवड़ यात्रा की नहीं,
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अमलतास कॉलोनी के पास महिला की गला रेतकर हत्या, मौके पर पहुंचे एसपी रजत सकलेचा। छतरपुर सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत बच्चा जेल के पास अमलताश कॉलोनी के बगल में एक महिला की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।मृतिका की पहचान मालती प्रजापति (25), पति सुमन कुमार, निवासी थरा गांव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हत्या उस समय हुई, जब घर में कोई मौजूद नहीं था। घटना दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच की बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने घर में घुसकर धारदार हथियार से महिला पर हमला किया।वारदात के दौरान महिला का 7 वर्षीय बेटा घर के आसपास साइकिल चला रहा था, जबकि उसे अपनी मां के साथ हुई घटना की जानकारी नहीं थी। मृतिका का भाई पुष्पेंद्र प्रजापति, जो बजरंग नगर में किराए से रहता है, मौके पर पहुंचा तो भांजा घर के बाहर खेल रहा था। अंदर जाकर देखने पर बहन का शव मृत अवस्था में पड़ा मिला। इसके बाद पुष्पेंद्र ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।मृतिका का पति सुमन कुमार निजी तौर पर पशु चिकित्सा संबंधी काम करता है और गांव-गांव जाकर काम करता है। घटना के समय वह ढिलापुर गया हुआ था। बताया गया है कि परिवार ने इसी साल दीपावली के दौरान नए मकान में गृह प्रवेश किया था।घटना की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर एसपी रजत सकलेचा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है। हत्या के कारणों और आरोपी की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल है।वही इस घटना की जानकारी आज 17 अगस्त रात करीब 9:00 बजे छतरपुर एसपी रजत सकलेचा ने दी है।
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    अमलतास कॉलोनी के पास महिला की गला रेतकर हत्या, मौके पर पहुंचे एसपी रजत सकलेचा।
छतरपुर सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत बच्चा जेल के पास अमलताश कॉलोनी के बगल में एक महिला की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।मृतिका की पहचान मालती प्रजापति (25), पति सुमन कुमार, निवासी थरा गांव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हत्या उस समय हुई, जब घर में कोई मौजूद नहीं था। घटना दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच की बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने घर में घुसकर धारदार हथियार से महिला पर हमला किया।वारदात के दौरान महिला का 7 वर्षीय बेटा घर के आसपास साइकिल चला रहा था, जबकि उसे अपनी मां के साथ हुई घटना की जानकारी नहीं थी। मृतिका का भाई पुष्पेंद्र प्रजापति, जो बजरंग नगर में किराए से रहता है, मौके पर पहुंचा तो भांजा घर के बाहर खेल रहा था। अंदर जाकर देखने पर बहन का शव मृत अवस्था में पड़ा मिला। इसके बाद पुष्पेंद्र ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।मृतिका का पति सुमन कुमार निजी तौर पर पशु चिकित्सा संबंधी काम करता है और गांव-गांव जाकर काम करता है। घटना के समय वह ढिलापुर गया हुआ था। बताया गया है कि परिवार ने इसी साल दीपावली के दौरान नए मकान में गृह प्रवेश किया था।घटना की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर एसपी रजत सकलेचा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है। हत्या के कारणों और आरोपी की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल है।वही इस घटना की जानकारी आज 17 अगस्त रात करीब 9:00 बजे छतरपुर एसपी रजत सकलेचा ने दी है।
    user_Ashutosh sharma
    Ashutosh sharma
    Local News Reporter Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • छतरपुर में महिला की धारदार हथियार से हत्या, सुनसान घर में वारदात से हड़कंप छतरपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बच्चा जेल के पास अमलताश कॉलोनी के समीप एक महिला की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतिका की पहचान मालती प्रजापति (25), पति सुमन कुमार, निवासी थरा गांव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। महिला का 7 वर्षीय बेटा घर के बाहर साइकिल चला रहा था। कुछ देर बाद महिला का भाई पुष्पेंद्र प्रजापति मौके पर पहुंचा, जहां उसने बहन को मृत अवस्था में देखा और तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्या की वजह और आरोपी की तलाश में पुलिस जांच कर रही है। बाइट- सुमन कुमार प्रजापति, पति छतरपुर में महिला की धारदार हथियार से हत्या, सुनसान घर में वारदात से हड़कंप छतरपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बच्चा जेल के पास अमलताश कॉलोनी के समीप एक महिला की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतिका की पहचान मालती प्रजापति (25), पति सुमन कुमार, निवासी थरा गांव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। महिला का 7 वर्षीय बेटा घर के बाहर साइकिल चला रहा था। कुछ देर बाद महिला का भाई पुष्पेंद्र प्रजापति मौके पर पहुंचा, जहां उसने बहन को मृत अवस्था में देखा और तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्या की वजह और आरोपी की तलाश में पुलिस जांच कर रही है। बाइट- सुमन कुमार प्रजापति, पति
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    छतरपुर में महिला की धारदार हथियार से हत्या, सुनसान घर में वारदात से हड़कंप
छतरपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बच्चा जेल के पास अमलताश कॉलोनी के समीप एक महिला की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतिका की पहचान मालती प्रजापति (25), पति सुमन कुमार, निवासी थरा गांव के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। महिला का 7 वर्षीय बेटा घर के बाहर साइकिल चला रहा था। कुछ देर बाद महिला का भाई पुष्पेंद्र प्रजापति मौके पर पहुंचा, जहां उसने बहन को मृत अवस्था में देखा और तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्या की वजह और आरोपी की तलाश में पुलिस जांच कर रही है।
बाइट- सुमन कुमार प्रजापति, पति
छतरपुर में महिला की धारदार हथियार से हत्या, सुनसान घर में वारदात से हड़कंप
छतरपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बच्चा जेल के पास अमलताश कॉलोनी के समीप एक महिला की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतिका की पहचान मालती प्रजापति (25), पति सुमन कुमार, निवासी थरा गांव के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। महिला का 7 वर्षीय बेटा घर के बाहर साइकिल चला रहा था। कुछ देर बाद महिला का भाई पुष्पेंद्र प्रजापति मौके पर पहुंचा, जहां उसने बहन को मृत अवस्था में देखा और तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्या की वजह और आरोपी की तलाश में पुलिस जांच कर रही है।
बाइट- सुमन कुमार प्रजापति, पति
    user_Kapil Patel Mp 16 News
    Kapil Patel Mp 16 News
    Photographer छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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