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राजगढ़ जिले के जीरापुर स्थित डोल्टपुरा में नल की लाइन से पानी का रिसाव हो रहा है।
Hemraj Dangi
राजगढ़ जिले के जीरापुर स्थित डोल्टपुरा में नल की लाइन से पानी का रिसाव हो रहा है।
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- अगर मालवा जिले के मेला ग्राउंड में सांसद ने ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली एक पुलिया का भूमिपूजन किया।1
- ब्राज़ील को मिली हार के बाद, फुटबॉलर नेमार ने एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। यह महत्वपूर्ण फैसला आगामी वर्ल्ड कप 2026 के संबंध में लिया गया है, और इससे जुड़ी नवीनतम जानकारी अब सामने आई है।1
- झालावाड़ जिले के गंगधार क्षेत्र में सोमवार को हिस्ट्रीशीटर संजय मीणा के तीन अवैध कब्जों पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान, प्रशासन ने बेशकीमती चरागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।1
- मोहन बड़ोदिया और मोहना सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस मानसून की पहली अच्छी बारिश होने से किसानों तथा ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को आखिरकार राहत मिली। क्षेत्र में हुई इस झमाझम वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुँच गई है, जिससे खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बारिश के बाद क्षेत्र के नदी-नालों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पानी की आवक शुरू हो गई है। हालांकि नदी-नाले अभी पूरी तरह भरे नहीं हैं, लेकिन उनमें पानी आने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। लंबे समय बाद प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी दिखाई देने से लोगों में उत्साह का माहौल है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों द्वारा सोयाबीन, मक्का, उड़द एवं अन्य खरीफ फसलों की बुआई पहले ही पूरी कर ली गई थी। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलने के साथ ही उनकी बढ़वार में तेजी आने की संभावना है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित अंतराल पर अच्छी बारिश होती रही तो इस वर्ष अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है। बारिश के कारण मौसम भी सुहावना हो गया है और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। वहीं, खेतों में हरियाली बढ़ने लगी है, जिससे ग्रामीण अंचल का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखर उठा है। कृषि से जुड़े लोगों का मानना है कि मानसून की यह शुरुआत खेती के लिए शुभ संकेत है। यदि आगे भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही तो किसानों की मेहनत रंग लाएगी और खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।1
- दतिया में जनसंपर्क के दौरान, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक गंभीर सड़क दुर्घटना होते देखी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवाया। उन्होंने बिना देर किए घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, ताकि उन्हें शीघ्र उपचार मिल सके। डॉ. मिश्रा ने अपने एक कार्यकर्ता को मौके पर ही रहकर उपचार के समन्वय और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उनकी इस त्वरित संवेदनशीलता और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।2
- झालावाड़ की झालारानी शाखा, भारत विकास परिषद द्वारा छात्राओं के लिए एक सात दिवसीय निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर सेंट जोसेफ स्कूल में 6 जुलाई से शुरू हुआ है। झालारानी शाखा की अध्यक्षा श्रीमती अर्चना जी मालपानी ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ाना, खतरे को भांपना और खतरनाक परिस्थितियों में अपना बचाव करना है। शाखा सचिव चेतन गर्ग ने बताया कि इस पहल का लक्ष्य बालिकाओं को निडर बनाना है। डॉ. रश्मि के अनुसार, प्रशिक्षण में छात्रों को मानसिक मजबूती के साथ आत्मरक्षा, आत्मसंयम और गुस्से को नियंत्रित करना सिखाया जाएगा, जिसमें कानूनी जानकारी और प्राथमिक चिकित्सा संबंधी बातें भी शामिल होंगी। बच्चों को प्रशिक्षण देने का कार्य सु.श्री कृष्णा जी को सौंपा गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ सेंट जोसेफ स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती कृतिका, समस्त अध्यापिकाओं और झालारानी शाखा के सदस्यों, जिनमें श्रीमती रीना अग्रवाल, श्रीमती शशि अग्रवाल, श्रीमती रानी माहेश्वरी और श्रीमती ममता गुप्ता शामिल हैं, की उपस्थिति में हुआ।3
- अनुसूचित जाति जन जाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) द्वारा एक महत्वपूर्ण तहसील स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया है।1
- झालावाड़ जिले के गंगधार क्षेत्र में रविवार शाम को तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी के कई दिनों बाद लोगों को बड़ी राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। इस बारिश का आनंद लेते हुए बच्चे और युवा साफ तौर पर देखे गए। बारिश से खेतों में भी पर्याप्त नमी आई है, जिससे किसान खुश हैं। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने जिले में आगे भी बारिश की संभावना जताई है।4
- महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुरक्षा कारणों के मद्देनजर पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, भोर घाट और लोनावला के बीच भूस्खलन के चलते रेलवे सेवाओं पर भी असर पड़ा है और कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, मौसम विभाग ने मुंबई, कोंकण और आसपास के घाट क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बहुत आवश्यक होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। साथ ही, यात्रा पर निकलने से पहले यातायात और मौसम संबंधी ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।1