मोहन बड़ोदिया और मोहना सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस मानसून की पहली अच्छी बारिश होने से किसानों तथा ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को आखिरकार राहत मिली। क्षेत्र में हुई इस झमाझम वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुँच गई है, जिससे खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बारिश के बाद क्षेत्र के नदी-नालों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पानी की आवक शुरू हो गई है। हालांकि नदी-नाले अभी पूरी तरह भरे नहीं हैं, लेकिन उनमें पानी आने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। लंबे समय बाद प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी दिखाई देने से लोगों में उत्साह का माहौल है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों द्वारा सोयाबीन, मक्का, उड़द एवं अन्य खरीफ फसलों की बुआई पहले ही पूरी कर ली गई थी। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलने के साथ ही उनकी बढ़वार में तेजी आने की संभावना है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित अंतराल पर अच्छी बारिश होती रही तो इस वर्ष अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है। बारिश के कारण मौसम भी सुहावना हो गया है और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। वहीं, खेतों में हरियाली बढ़ने लगी है, जिससे ग्रामीण अंचल का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखर उठा है। कृषि से जुड़े लोगों का मानना है कि मानसून की यह शुरुआत खेती के लिए शुभ संकेत है। यदि आगे भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही तो किसानों की मेहनत रंग लाएगी और खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।
मोहन बड़ोदिया और मोहना सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस मानसून की पहली अच्छी बारिश होने से किसानों तथा ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को आखिरकार राहत मिली। क्षेत्र में हुई इस झमाझम वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुँच गई है, जिससे खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बारिश के बाद क्षेत्र के नदी-नालों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पानी की आवक शुरू हो गई है। हालांकि नदी-नाले अभी पूरी तरह भरे नहीं हैं, लेकिन उनमें पानी आने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। लंबे समय बाद प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी दिखाई देने से लोगों में उत्साह का माहौल है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों द्वारा सोयाबीन, मक्का, उड़द एवं अन्य खरीफ फसलों की बुआई पहले ही पूरी कर ली गई थी। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलने के साथ ही उनकी बढ़वार में तेजी आने की संभावना है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित अंतराल पर अच्छी बारिश होती रही तो इस वर्ष अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है। बारिश के कारण मौसम भी सुहावना हो गया है और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। वहीं, खेतों में हरियाली बढ़ने लगी है, जिससे ग्रामीण अंचल का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखर उठा है। कृषि से जुड़े लोगों का मानना है कि मानसून की यह शुरुआत खेती के लिए शुभ संकेत है। यदि आगे भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही तो किसानों की मेहनत रंग लाएगी और खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।
- सुल्तानिया स्थित गुरुमहाराज के धाम पर समाजसेवी मोहन नागर के जन्मदिन के अवसर पर एक अनूठी परंपरा का निर्वाह करते हुए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। इस दौरान राजगढ़ सांसद रोडमल नागर ने भी गुरुमहाराज के धाम में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया और मोहन नागर के जन्मदिन पर पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सांसद ने इस कार्यक्रम को यादगार बनाने और बाहरी आडंबरों, दिखावटीपन तथा पाश्चात्य संस्कृति से दूर रहकर भारतीय संस्कृति को अपनाने का संदेश दिया। गुरु टेकचंद जी गुरुमहाराज के समाधि स्थल और सड़क के दोनों ओर 151 से अधिक पौधे रोपे गए, जिनमें पीपल, आम, नीम, जामुन, बरगद और गुलमोहर जैसे वृक्ष शामिल थे। मोहन नागर ने ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, प्रकृति से जुड़कर जैविक खेती अपनाने और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प दिलाया। उपस्थित लोगों ने लगाए गए सभी पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया, जिसके बाद पौधों की पूजा-आरती की गई। इस अवसर पर गुरुराज सेवा समिति ने सांसद रोडमल नागर और समाजसेवी मोहन नागर का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। समाजसेवियों ने अतिरिक्त टीन शेड के लिए सहयोग देते हुए करीब 75 हजार रुपये की दानराशि भी एकत्र की। सांसद रोडमल नागर ने मंदिर तक पहुंच मार्ग बनाने सहित अन्य विकास कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया, जबकि विधायक निधि से हाल ही में दस लाख रुपये की लागत से एक सामुदायिक भवन बनाया गया है। गुरुमहाराज के बाग में प्रत्येक गुरुवार को भंडारे के साथ धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, और पिछले चार वर्षों से निरंतर यज्ञ का आयोजन भी हो रहा है।4
- Post by कालू Khan1
- जिले में हुई भारी बारिश के कारण कुछ लोगों के घरों में पानी घुसने की संभावना बन गई है।1
- मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच, कांजुरमार्ग के पास रेलवे ट्रैक पर भरे गहरे पानी के बीच से गुजरती वंदे भारत एक्सप्रेस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ट्रेन को पानी को चीरते हुए आगे बढ़ते देखा जा सकता है। इस दृश्य को देखकर लोग भारतीय रेलवे की तकनीक और इंजीनियरिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, कुछ लोगों ने ऐसे खराब मौसम में ट्रेन संचालन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। यह मुंबई का वीडियो लोगों को यह देखकर हैरान कर रहा है कि 'पटरी पर समुद्र जैसा पानी' होने के बावजूद वंदे भारत एक्सप्रेस रुकी नहीं।1
- सतगुरु रामपाल जी महाराज के अनुयायी उनके द्वारा चलाई जा रही विभिन्न मुहिमों और चमत्कारी कार्यों का बखान कर रहे हैं, दावा है कि ये पहलें 'कलयुग में सतयुग की शुरुआत' का संकेत हैं। उनके नेतृत्व में 'अन्नपूर्णा मुहिम', 'दहेज मुक्त रमैनी विवाह' और 'किसान बचाओ अभियान' जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। पोस्ट में कई ऐसे प्रश्न उठाए गए हैं जिनके उत्तर 'Factful Debates' यूट्यूब चैनल पर प्रसारित 'कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7' में देखने के लिए प्रेरित किया गया है। इन प्रश्नों में असम के पहाड़ी गाँव का उल्लेख है, जहाँ हाइड्रोलिक सर्वे के बावजूद पानी का कोई स्रोत नहीं बताया गया था, लेकिन वहाँ से 4 लेयर पानी कैसे निकला। इसी तरह, मेहरड़ा गाँव में संत रामपाल जी महाराज द्वारा 30 साल पुराने जल संकट को मात्र 3 दिनों में कैसे खत्म किया गया, जबकि सरकारी प्रयासों के तहत 800 फीट बोरिंग के बावजूद पानी नहीं निकला था। इस पोस्ट के माध्यम से यह भी जानने के लिए उत्सुकता जगाई जा रही है कि भारत पुनः 'सोने की चिड़िया' कैसे बनेगा और संत रामपाल जी महाराज का इसके लिए क्या रोडमैप है। लोगों के मन में यह भी सवाल है कि हरियाणा से लेकर असम तक के लोग संत रामपाल जी महाराज को भगवान क्यों कह रहे हैं। दावा है कि भविष्य मालिका, कबीर सागर और बाइबल जिस महापुरुष का संकेत दे रहे हैं, वह धरती पर आ चुका है, जो इंसानों के साथ-साथ बेजुबानों की भी सुध ले रहा है।1
- अनुसूचित जाति जन जाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) द्वारा एक महत्वपूर्ण तहसील स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया है।1
- आज उज्जैन जिले में 100% और बहुत बढ़िया बारिश हुई है। इस भारी बारिश के कारण सोयाबीन के खेतों में पानी भर गया, जिससे बड़ी कटी हुई फसल जलमग्न हो गई।1
- सुसनेर में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ सिंचाई विभाग कार्यालय के ठीक सामने एक गर्भवती गाय को ट्रक ने टक्कर मार दी। इस गंभीर हादसे के बाद, स्थानीय पुलिस ने संबंधित ट्रक को अपनी हिरासत में ले लिया है।1