भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जज व सास गिरीबाला की जमानत याचिका पर दो महिला जजों ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। दो महिला जजों द्वारा निजी कारणों से खुद को सुनवाई से अलग किए जाने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार देर शाम इस मामले को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अब पूर्व जज गिरीबाला की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी। इस कानूनी घटनाक्रम के तहत जब गिरीबाला के वकील ने जमानत याचिका दाखिल की, तो कोर्ट ने सीबीआई को केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए थे। सीबीआई द्वारा केस डायरी जमा किए जाने के बाद जज मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को एक महिला जज की कोर्ट में स्थानांतरित किया। हालांकि, संबंधित महिला जज ने आरोपी गिरीबाला के पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने का हवाला देते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिका दूसरी महिला जज की अदालत में भेजी गई, लेकिन उन्होंने भी खुद को इस केस से अलग कर लिया, जिसके बाद जिला अदालत ने इसे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में भेजने का निर्णय लिया। जेल में बंद आरोपी गिरीबाला ने अपनी याचिका में ढलती उम्र, खराब सेहत और बुजुर्ग मां की देखभाल का हवाला देकर राहत मांगी है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि दिवंगत बहू ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध मधुर थे। दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने जमानत का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पांडे का कहना है कि वे हाईकोर्ट से पूर्व में गिरीबाला की जमानत रद्द होने से जुड़े सभी अहम तथ्यों और सबूतों को निचली अदालत में पेश करेंगे, क्योंकि न्याय के लिए आरोपी का जेल में रहना जरूरी है।
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जज व सास गिरीबाला की जमानत याचिका पर दो महिला जजों ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। दो महिला जजों द्वारा निजी कारणों से खुद को सुनवाई से अलग किए जाने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार देर शाम इस मामले को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अब पूर्व जज गिरीबाला की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी। इस कानूनी घटनाक्रम के तहत जब गिरीबाला के वकील ने जमानत याचिका दाखिल की, तो कोर्ट ने सीबीआई को केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए थे। सीबीआई द्वारा केस डायरी जमा किए जाने के बाद जज मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को एक महिला जज की कोर्ट में स्थानांतरित किया। हालांकि, संबंधित महिला जज ने आरोपी गिरीबाला
के पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने का हवाला देते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिका दूसरी महिला जज की अदालत में भेजी गई, लेकिन उन्होंने भी खुद को इस केस से अलग कर लिया, जिसके बाद जिला अदालत ने इसे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में भेजने का निर्णय लिया। जेल में बंद आरोपी गिरीबाला ने अपनी याचिका में ढलती उम्र, खराब सेहत और बुजुर्ग मां की देखभाल का हवाला देकर राहत मांगी है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि दिवंगत बहू ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध मधुर थे। दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने जमानत का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पांडे का कहना है कि वे हाईकोर्ट से पूर्व में गिरीबाला की जमानत रद्द होने से जुड़े सभी अहम तथ्यों और सबूतों को निचली अदालत में पेश करेंगे, क्योंकि न्याय के लिए आरोपी का जेल में रहना जरूरी है।
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विधायक आतिफ अखिल जी के जन्मदिन के अवसर पर पौधारोपण किया गया। इस मौके पर हीरो भोपाली समाज की ओर से उमेश भाई द्वारा पौधा लगाकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी गई।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में जीआरपी ने 'ऑपरेशन हमदर्द' के तहत मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की है। रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मिली महज एक माह की परित्यक्त दूधमुंही बच्ची को भोपाल जीआरपी ने महज 11 दिनों के भीतर उसके माता-पिता से मिला दिया है। रेलवे स्टेशन पर मासूम बच्ची के मिलने के बाद जीआरपी ने उसकी सुरक्षा और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी संभाली। इसके साथ ही लगातार प्रयास करते हुए आखिरकार बच्ची के परिजनों को खोज निकाला गया। भोपाल जीआरपी का यह ऑपरेशन मानवता, संवेदनशीलता और समर्पण की अनूठी मिसाल बन गया है और इस सराहनीय कार्य की हर ओर जमकर प्रशंसा हो रही है।1
- भोपाल में ऑपरेशन हमदर्द के तहत जीआरपी ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए सबसे बड़ी हमदर्द की मिसाल पेश की है। जीआरपी ने एक माह की परित्यक्त दूधमुही बच्ची की मासूम संवेदना को महसूस करते हुए मात्र 11 दिनों के भीतर उसके माता-पिता को ढूंढ निकाला है।1
- राहुल गांधी के खिलाफ BJP ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। विरोध जताते हुए BJP द्वारा कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकाला गया।1
- मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि देश में लोकसभा और राज्यसभा सबसे बड़े सदन हैं और भाजपा सरकार वहां हर प्रकार की चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। शर्मा ने जोर देकर कहा कि सदन की चर्चा से जो भी निष्कर्ष निकलेगा, उसे लागू भी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का हर बेटा-बेटी हमारा था, हमारा है और हमेशा हमारा ही रहेगा। राहुल गांधी को सीधी नसीहत देते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बाबा साहब के संविधान की डायरी दिखाने भर से काम नहीं चलेगा, बल्कि अंबेडकर जी द्वारा लिखे गए संविधान को पढ़ना पड़ेगा और उसे अपने आचरण में भी लाना होगा। उन्होंने कहा कि संसद में जाकर चर्चा करें और प्रधानमंत्री जी के हाउस पर हमले की कोशिश न करें। कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर चीन और पाकिस्तान का दलाल बनकर भारतीय लोकतंत्र को खतरा पहुंचाने का प्रयास किया गया, तो यह ध्यान रखें कि आज का प्रदर्शन तो केवल सांकेतिक था, लेकिन अगला प्रदर्शन कांग्रेस की चटनी बनाने के लिए होगा।1
- मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC बिल पारित होने पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रदेश वासियों को बधाई दी है। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी का आभार व्यक्त किया। कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने पहले जिन्ना के आगे घुटने टेके थे और आज दो मुस्लिम विधायकों के सामने अपने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यह साबित कर दिया है कि वह हिंदुओं के साथ नहीं है। शर्मा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि UCC का विरोध कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा, और जनसंख्या पर नियंत्रण इस समय पूरे हिंदुस्तान की माँग है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के निकट कांग्रेस के धरना और हंगामे के खिलाफ भाजपा ने पलटवार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान भाजपा के लोग काली टी-शर्ट पहनकर सड़कों पर उतरे। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने रेडक्रॉस हॉस्पिटल से लेकर कांग्रेस कार्यालय तक एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा ने कांग्रेस द्वारा पीएम मोदी के आवास के पास दिए गए धरने और हंगामे का कड़ा विरोध जताया। इस घटनाक्रम के बाद से प्रदेश की राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है।2
- मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के निकट किए गए धरने और हंगामे के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से यह प्रदर्शन किया गया। विरोध दर्ज कराने के लिए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रेडक्रॉस हॉस्पिटल से लेकर कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारी काली टी-शर्ट पहनकर और हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से किया।1
- भोपाल में कांग्रेस कमेटी पर भारतीय जनता पार्टी का जंगी प्रदर्शन होने जा रहा है। इस प्रदर्शन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं।1