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राहुल गांधी के खिलाफ BJP ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। विरोध जताते हुए BJP द्वारा कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकाला गया।

20 hrs ago
user_ST NEWS
ST NEWS
Rajdhani bhopal Huzur, Bhopal•
20 hrs ago

राहुल गांधी के खिलाफ BJP ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। विरोध जताते हुए BJP द्वारा कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकाला गया।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • भोपाल के पीपुल्स यूनिवर्सिटी में 22 जुलाई 2026 को "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" जागरूकता अभियान के तहत नशा मुक्ति आधारित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोपाल के पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार थे। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त श्री आदर्शकांत शुक्ला, डीन डॉ0 राजेश गौर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री संजीव पाठक, सहायक पुलिस उपायुक्त श्री शशांक जैन, थाना प्रभारी श्री मनोज पटवा और लगभग 650 स्टूडेंट व स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार ने बताया कि नशा एक ऐसी लत या बीमारी है जो इंसान को शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी अपंग बना देती है। नशे का आदी व्यक्ति अपने रास्ते से भटक जाता है, मानसिक रूप से विकृत होने लगता है और सही-गलत समझने में अक्षम हो जाता है। कई बार नशे की लत पूरी करने के लिए लोग चोरी और लूट जैसे अपराधों का रास्ता चुन लेते हैं, जिससे उन पर निर्भर परिवार का जीवन भी संकट में पड़ जाता है। उन्होंने अपील की कि लोग आज ही संकल्प लें कि न तो खुद नशा करेंगे और न ही अपने परिजनों या रिश्तेदारों को नशा करने देंगे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस आयुक्त ने छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं और सवालों के जवाब दिए। साथ ही अवैधानिक गतिविधियों की सूचना देने और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर साझा किए गए। इसके बाद सभी को स्वयं और अपने परिवार को नशे से दूर रखने की शपथ दिलाई गई।
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    भोपाल के पीपुल्स यूनिवर्सिटी में 22 जुलाई 2026 को "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" जागरूकता अभियान के तहत नशा मुक्ति आधारित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोपाल के पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार थे। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त श्री आदर्शकांत शुक्ला, डीन डॉ0 राजेश गौर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री संजीव पाठक, सहायक पुलिस उपायुक्त श्री शशांक जैन, थाना प्रभारी श्री मनोज पटवा और लगभग 650 स्टूडेंट व स्टाफ मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार ने बताया कि नशा एक ऐसी लत या बीमारी है जो इंसान को शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी अपंग बना देती है। नशे का आदी व्यक्ति अपने रास्ते से भटक जाता है, मानसिक रूप से विकृत होने लगता है और सही-गलत समझने में अक्षम हो जाता है। कई बार नशे की लत पूरी करने के लिए लोग चोरी और लूट जैसे अपराधों का रास्ता चुन लेते हैं, जिससे उन पर निर्भर परिवार का जीवन भी संकट में पड़ जाता है। उन्होंने अपील की कि लोग आज ही संकल्प लें कि न तो खुद नशा करेंगे और न ही अपने परिजनों या रिश्तेदारों को नशा करने देंगे।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस आयुक्त ने छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं और सवालों के जवाब दिए। साथ ही अवैधानिक गतिविधियों की सूचना देने और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर साझा किए गए। इसके बाद सभी को स्वयं और अपने परिवार को नशे से दूर रखने की शपथ दिलाई गई।
    user_शाहिद खान रिपोर्टर
    शाहिद खान रिपोर्टर
    Journalist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    27 min ago
  • भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार पर सदन की मर्यादा खत्म करने का आरोप लगाया है। विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने छात्रों या आंदोलनकारियों को 'कीड़ा' नहीं कहा और उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति पर ऐसे झूठे आरोप लगाना बेहद असहनीय है। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवर सिंह शेखावत ने दिल्ली के जंतर-मंतर की घटना को अचानक सदन में उठाया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते कैलाश विजयवर्गीय कांग्रेस नेताओं और नेता प्रतिपक्ष को समझाने पहुंचे। इस बातचीत के दौरान उन पर छात्रों को कीड़ा कहने का आरोप लगा दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस नेता सदन का बहिष्कार करते हुए मुख्यमंत्री कक्ष के सामने धरने पर बैठ गए और मंत्री से माफी की मांग करने लगे। आज फिर सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने मंत्री पर छात्रों और आंदोलनकारियों को कीड़ा कहने का आरोप दोहराया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने पूरी कार्यवाही को देखा, रिकॉर्डिंग निकलवाकर सुनी और स्पष्ट कर दिया कि मंत्री के मुंह से ऐसा कोई शब्द नहीं निकला है। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह उमंग सिंगार को समझाएंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष से कोई खेद प्रकट करने या माफी मांगने की अपेक्षा नहीं रख रहे हैं, लेकिन जिस तरह कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार द्वारा सदन की मर्यादा खत्म की जा रही है, वह चिंताजनक है।
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    भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार पर सदन की मर्यादा खत्म करने का आरोप लगाया है। विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने छात्रों या आंदोलनकारियों को 'कीड़ा' नहीं कहा और उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति पर ऐसे झूठे आरोप लगाना बेहद असहनीय है।

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवर सिंह शेखावत ने दिल्ली के जंतर-मंतर की घटना को अचानक सदन में उठाया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते कैलाश विजयवर्गीय कांग्रेस नेताओं और नेता प्रतिपक्ष को समझाने पहुंचे। इस बातचीत के दौरान उन पर छात्रों को कीड़ा कहने का आरोप लगा दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस नेता सदन का बहिष्कार करते हुए मुख्यमंत्री कक्ष के सामने धरने पर बैठ गए और मंत्री से माफी की मांग करने लगे।

आज फिर सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने मंत्री पर छात्रों और आंदोलनकारियों को कीड़ा कहने का आरोप दोहराया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने पूरी कार्यवाही को देखा, रिकॉर्डिंग निकलवाकर सुनी और स्पष्ट कर दिया कि मंत्री के मुंह से ऐसा कोई शब्द नहीं निकला है। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह उमंग सिंगार को समझाएंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष से कोई खेद प्रकट करने या माफी मांगने की अपेक्षा नहीं रख रहे हैं, लेकिन जिस तरह कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार द्वारा सदन की मर्यादा खत्म की जा रही है, वह चिंताजनक है।
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • शराब के नशे में इंसान किस हद तक बेसुध हो जाता है, इसे लेकर एक शख्स ने अपने ही अंदाज में एक मजेदार किस्सा सुनाया है। दादा ने मजाकिया लहजे में कहा कि लोग दारू पीकर इस तरह पड़े रहते हैं कि कुत्ते मुंह पर मूत जाएं तब भी उन्हें पता नहीं चलता। इस वीडियो को देखकर लोगों के लिए अपनी हंसी रोकना मुश्किल हो रहा है।
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    शराब के नशे में इंसान किस हद तक बेसुध हो जाता है, इसे लेकर एक शख्स ने अपने ही अंदाज में एक मजेदार किस्सा सुनाया है। दादा ने मजाकिया लहजे में कहा कि लोग दारू पीकर इस तरह पड़े रहते हैं कि कुत्ते मुंह पर मूत जाएं तब भी उन्हें पता नहीं चलता। इस वीडियो को देखकर लोगों के लिए अपनी हंसी रोकना मुश्किल हो रहा है।
    user_HIGH NEWS LIVE
    HIGH NEWS LIVE
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जज व सास गिरीबाला की जमानत याचिका पर दो महिला जजों ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। दो महिला जजों द्वारा निजी कारणों से खुद को सुनवाई से अलग किए जाने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार देर शाम इस मामले को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अब पूर्व जज गिरीबाला की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी। इस कानूनी घटनाक्रम के तहत जब गिरीबाला के वकील ने जमानत याचिका दाखिल की, तो कोर्ट ने सीबीआई को केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए थे। सीबीआई द्वारा केस डायरी जमा किए जाने के बाद जज मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को एक महिला जज की कोर्ट में स्थानांतरित किया। हालांकि, संबंधित महिला जज ने आरोपी गिरीबाला के पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने का हवाला देते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिका दूसरी महिला जज की अदालत में भेजी गई, लेकिन उन्होंने भी खुद को इस केस से अलग कर लिया, जिसके बाद जिला अदालत ने इसे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में भेजने का निर्णय लिया। जेल में बंद आरोपी गिरीबाला ने अपनी याचिका में ढलती उम्र, खराब सेहत और बुजुर्ग मां की देखभाल का हवाला देकर राहत मांगी है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि दिवंगत बहू ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध मधुर थे। दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने जमानत का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पांडे का कहना है कि वे हाईकोर्ट से पूर्व में गिरीबाला की जमानत रद्द होने से जुड़े सभी अहम तथ्यों और सबूतों को निचली अदालत में पेश करेंगे, क्योंकि न्याय के लिए आरोपी का जेल में रहना जरूरी है।
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    भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जज व सास गिरीबाला की जमानत याचिका पर दो महिला जजों ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। दो महिला जजों द्वारा निजी कारणों से खुद को सुनवाई से अलग किए जाने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार देर शाम इस मामले को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अब पूर्व जज गिरीबाला की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी।

इस कानूनी घटनाक्रम के तहत जब गिरीबाला के वकील ने जमानत याचिका दाखिल की, तो कोर्ट ने सीबीआई को केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए थे। सीबीआई द्वारा केस डायरी जमा किए जाने के बाद जज मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को एक महिला जज की कोर्ट में स्थानांतरित किया। हालांकि, संबंधित महिला जज ने आरोपी गिरीबाला के पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने का हवाला देते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिका दूसरी महिला जज की अदालत में भेजी गई, लेकिन उन्होंने भी खुद को इस केस से अलग कर लिया, जिसके बाद जिला अदालत ने इसे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में भेजने का निर्णय लिया।

जेल में बंद आरोपी गिरीबाला ने अपनी याचिका में ढलती उम्र, खराब सेहत और बुजुर्ग मां की देखभाल का हवाला देकर राहत मांगी है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि दिवंगत बहू ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध मधुर थे। दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने जमानत का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पांडे का कहना है कि वे हाईकोर्ट से पूर्व में गिरीबाला की जमानत रद्द होने से जुड़े सभी अहम तथ्यों और सबूतों को निचली अदालत में पेश करेंगे, क्योंकि न्याय के लिए आरोपी का जेल में रहना जरूरी है।
    user_Arshi abid
    Arshi abid
    Teacher हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • शायर गंगाधर मलेजपुरे ने अपनी पंक्तियों के जरिए प्रेम और विरह के भावों को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, फूलों में, गलियों में और सपनों की गलियों में मोहब्बत रास नहीं आई। इन पंक्तियों के माध्यम से साथी के बिना जीवन के अधूरेपन और प्रेम में मिले दर्द को व्यक्त किया गया है।
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    शायर गंगाधर मलेजपुरे ने अपनी पंक्तियों के जरिए प्रेम और विरह के भावों को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, फूलों में, गलियों में और सपनों की गलियों में मोहब्बत रास नहीं आई। इन पंक्तियों के माध्यम से साथी के बिना जीवन के अधूरेपन और प्रेम में मिले दर्द को व्यक्त किया गया है।
    user_Mohabbat Raas Na Aayi
    Mohabbat Raas Na Aayi
    Artist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • भोपाल में थाना कोतवाली के सामने लगभग 80 से 90 साल पुराना एक मकान अचानक भरभराकर गिर गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय मकान के अंदर परिवार मौजूद था, जिसमें तीन से चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल थे। मकान गिरने के दौरान छज्जे के साथ एक युवक भी सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस पूरे हादसे में किसी भी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है।
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    भोपाल में थाना कोतवाली के सामने लगभग 80 से 90 साल पुराना एक मकान अचानक भरभराकर गिर गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय मकान के अंदर परिवार मौजूद था, जिसमें तीन से चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल थे। मकान गिरने के दौरान छज्जे के साथ एक युवक भी सड़क पर आ गिरा।

गनीमत यह रही कि इस पूरे हादसे में किसी भी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है।
    user_NMM NEWS
    NMM NEWS
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    25 min ago
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