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शायर गंगाधर मलेजपुरे ने अपनी पंक्तियों के जरिए प्रेम और विरह के भावों को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, फूलों में, गलियों में और सपनों की गलियों में मोहब्बत रास नहीं आई। इन पंक्तियों के माध्यम से साथी के बिना जीवन के अधूरेपन और प्रेम में मिले दर्द को व्यक्त किया गया है।
Mohabbat Raas Na Aayi
शायर गंगाधर मलेजपुरे ने अपनी पंक्तियों के जरिए प्रेम और विरह के भावों को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, फूलों में, गलियों में और सपनों की गलियों में मोहब्बत रास नहीं आई। इन पंक्तियों के माध्यम से साथी के बिना जीवन के अधूरेपन और प्रेम में मिले दर्द को व्यक्त किया गया है।
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- भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार पर सदन की मर्यादा खत्म करने का आरोप लगाया है। विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने छात्रों या आंदोलनकारियों को 'कीड़ा' नहीं कहा और उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति पर ऐसे झूठे आरोप लगाना बेहद असहनीय है। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवर सिंह शेखावत ने दिल्ली के जंतर-मंतर की घटना को अचानक सदन में उठाया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते कैलाश विजयवर्गीय कांग्रेस नेताओं और नेता प्रतिपक्ष को समझाने पहुंचे। इस बातचीत के दौरान उन पर छात्रों को कीड़ा कहने का आरोप लगा दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस नेता सदन का बहिष्कार करते हुए मुख्यमंत्री कक्ष के सामने धरने पर बैठ गए और मंत्री से माफी की मांग करने लगे। आज फिर सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने मंत्री पर छात्रों और आंदोलनकारियों को कीड़ा कहने का आरोप दोहराया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने पूरी कार्यवाही को देखा, रिकॉर्डिंग निकलवाकर सुनी और स्पष्ट कर दिया कि मंत्री के मुंह से ऐसा कोई शब्द नहीं निकला है। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह उमंग सिंगार को समझाएंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष से कोई खेद प्रकट करने या माफी मांगने की अपेक्षा नहीं रख रहे हैं, लेकिन जिस तरह कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार द्वारा सदन की मर्यादा खत्म की जा रही है, वह चिंताजनक है।1
- शराब के नशे में इंसान किस हद तक बेसुध हो जाता है, इसे लेकर एक शख्स ने अपने ही अंदाज में एक मजेदार किस्सा सुनाया है। दादा ने मजाकिया लहजे में कहा कि लोग दारू पीकर इस तरह पड़े रहते हैं कि कुत्ते मुंह पर मूत जाएं तब भी उन्हें पता नहीं चलता। इस वीडियो को देखकर लोगों के लिए अपनी हंसी रोकना मुश्किल हो रहा है।1
- भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जज व सास गिरीबाला की जमानत याचिका पर दो महिला जजों ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। दो महिला जजों द्वारा निजी कारणों से खुद को सुनवाई से अलग किए जाने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार देर शाम इस मामले को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अब पूर्व जज गिरीबाला की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी। इस कानूनी घटनाक्रम के तहत जब गिरीबाला के वकील ने जमानत याचिका दाखिल की, तो कोर्ट ने सीबीआई को केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए थे। सीबीआई द्वारा केस डायरी जमा किए जाने के बाद जज मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को एक महिला जज की कोर्ट में स्थानांतरित किया। हालांकि, संबंधित महिला जज ने आरोपी गिरीबाला के पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने का हवाला देते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिका दूसरी महिला जज की अदालत में भेजी गई, लेकिन उन्होंने भी खुद को इस केस से अलग कर लिया, जिसके बाद जिला अदालत ने इसे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में भेजने का निर्णय लिया। जेल में बंद आरोपी गिरीबाला ने अपनी याचिका में ढलती उम्र, खराब सेहत और बुजुर्ग मां की देखभाल का हवाला देकर राहत मांगी है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि दिवंगत बहू ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध मधुर थे। दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने जमानत का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पांडे का कहना है कि वे हाईकोर्ट से पूर्व में गिरीबाला की जमानत रद्द होने से जुड़े सभी अहम तथ्यों और सबूतों को निचली अदालत में पेश करेंगे, क्योंकि न्याय के लिए आरोपी का जेल में रहना जरूरी है।2
- शायर गंगाधर मलेजपुरे ने अपनी पंक्तियों के जरिए प्रेम और विरह के भावों को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, फूलों में, गलियों में और सपनों की गलियों में मोहब्बत रास नहीं आई। इन पंक्तियों के माध्यम से साथी के बिना जीवन के अधूरेपन और प्रेम में मिले दर्द को व्यक्त किया गया है।1
- भोपाल में नगर निगम ने सड़क और फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। निगम प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया है।1
- देशभर में छात्रों की गिरफ्तारी के मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और सियासत काफी तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान जब कार्रवाई हो रही थी, उसी समय अरविंद केजरीवाल खुद थाने पहुंचे और गिरफ्तार किए गए छात्रों की रिहाई के लिए प्रयास करते नजर आए। इस घटनाक्रम के बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है।1
- जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने निजी और राजनीतिक हितों को साधने के लिए देश के नौजवानों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें राजनीतिक मोहरा बना रहे हैं। रक्षा मंत्री ने विपक्ष के इस विरोध को 'मैन्युफैक्चरर्ड एंगर' (प्रायोजित आक्रोश) करार दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोदी सरकार युवाओं की हर चिंता को दूर करने और उनके साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1
- प्रयागराज में छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब बेहद व्यापक रूप ले चुका है, जहाँ जिले की प्रमुख सड़कों पर हजारों प्रतियोगी छात्रों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और रोजगार का मुद्दा पूरे देश के युवाओं से जुड़ा हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक शासन और प्रशासन उनकी चिंताओं का ठोस समाधान नहीं निकालते, तब तक उनका यह आर-पार का आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। वहीं, क्षेत्र में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।1