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भरतपुर के रुदावल कस्बे में अम्बेडकर पार्क के पास जलदाय विभाग का एक खुला वाल्व स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यह वाल्व काफी समय से खुला पड़ा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। क्षेत्रवासियों ने बताया है कि यह स्थिति खासकर बच्चों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि उन्होंने इस खुले वाल्व के बारे में विभाग को कई बार सूचना दी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग की इस गंभीर लापरवाही को लेकर क्षेत्रवासियों में गहरी नाराजगी है।
रिपोर्टर राकेश तंवर
भरतपुर के रुदावल कस्बे में अम्बेडकर पार्क के पास जलदाय विभाग का एक खुला वाल्व स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यह वाल्व काफी समय से खुला पड़ा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। क्षेत्रवासियों ने बताया है कि यह स्थिति खासकर बच्चों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि उन्होंने इस खुले वाल्व के बारे में विभाग को कई बार सूचना दी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग की इस गंभीर लापरवाही को लेकर क्षेत्रवासियों में गहरी नाराजगी है।
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- भरतपुर के गढ़ी बाजना थाना क्षेत्र के सिंघरावली गाँव में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से पाँच किसानों की भैंसों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गाँव में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस बिजली के खंभे से यह हादसा हुआ है, उसमें लंबे समय से करंट आ रहा था और इसकी जानकारी कई बार बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन जर्जर खंभे को न तो बदला गया और न ही उसकी मरम्मत कराई गई, जो विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर के समय पाँच किसानों की भैंसें जंगल में चर रही थीं। इसी दौरान वे बिजली के खंभे के पास पहुँच गईं और खंभे में मौजूद करंट की चपेट में आने से मौके पर ही सभी भैंसों की मौत हो गई। मृत भैंसों के मालिकों में रेनू गोसाईं, दीनदयाल गोसाईं, हरिभान सिंह गुर्जर, कलुआ गुर्जर और गुमान सिंह गुर्जर शामिल हैं, जिनके कुल 6 पशु बताए जा रहे हैं। पीड़ित किसानों का कहना है कि पशुपालन ही उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है। एक साथ इतनी भैंसों की मौत से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे अब उनके परिवारों के पालन-पोषण की चिंता सताने लगी है। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने और गाँव में मौजूद सभी जर्जर बिजली के खंभों व तारों की तुरंत मरम्मत कराने की भी मांग की है।1
- ग्राम सज्जनवास से मालोनी तक जाने वाली सड़क की खराब हालत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। नागरिकों ने सवाल किया है कि इस सड़क की स्थिति में सुधार कब होगा और क्या यह सड़क ऐसे ही उपेक्षित पड़ी रहेगी। लोगों ने यह भी जानना चाहा है कि क्या इस सड़क का निर्माण कभी कराया जाएगा।1
- रूपवास उपखण्ड क्षेत्र के चक गांव में प्रशासन ने जेसीबी की मदद से गैर मुमकिन आम रास्ते पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटा दिया है। अतिक्रमण हटाने के तत्काल बाद, ग्राम पंचायत ने इस रास्ते पर मिट्टी डलवाने का कार्य शुरू करवा दिया। पटवारी मनीष कुमार ने जानकारी दी कि चक गांव निवासी किशोर कुशवाहा ने जिला कलक्टर को शिकायत की थी कि खसरा नंबर 129 स्थित आम रास्ते पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस शिकायत पर, जिला कलक्टर के आदेश पर तहसीलदार अमित शर्मा ने एक टीम का गठन किया, जिसने मौके पर पैमाइश करवाई और फिर जेसीबी का उपयोग कर अतिक्रमण को हटवाया। सार्वजनिक रास्ता खुलने के साथ ही, सरपंच रोहतम सिंह ने मिट्टी डलवाकर सड़क निर्माण का काम शुरू करवा दिया। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए बताया कि चक गांव से नौहरदा की ओर जाने वाले इस रास्ते से अतिक्रमण हटने और सड़क बनने से आवागमन में काफी सुविधा होगी।1
- हिंडौन सिटी के गांवडा मीना स्थित नसीर बाबा स्टेडियम में चल रही गांवडा प्रीमियर लीग-4 में बुधवार रात हुए क्रिकेट मुकाबलों में माता अंजनी और जय टोडाभीम क्रिकेट क्लब ने अपने-अपने मैच जीते। आयोजन समिति के राम हरि अग्रवाल ने बताया कि पहले मैच में माता अंजनी क्रिकेट क्लब ने जेबीबी मनेमा रॉयल्स को 57 रन से हराकर एकतरफा जीत हासिल की। माता अंजनी क्रिकेट क्लब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 6 विकेट खोकर 107 रन बनाए, जिसमें राम अवतार मीणा ने मात्र 25 गेंदों पर 3 चौके और 6 छक्कों की मदद से 57 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि पवन ने 17 रनों का योगदान दिया। 108 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जेबीबी मनेमा रॉयल्स की पूरी टीम 8.5 ओवर में केवल 50 रन पर सिमट गई। राम अवतार मीणा को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दूसरा मुकाबला जय टोडाभीम और बनवारीपुर के बीच हुआ, जिसमें जय टोडाभीम ने बनवारीपुर को 41 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए जय टोडाभीम ने 10 ओवर में 7 विकेट पर 128 रन बनाए। टीम की ओर से अभिषेक यादव ने मात्र 19 गेंदों में 2 चौके और 6 छक्कों की मदद से 51 रनों की आक्रामक पारी खेली, वहीं मनोज जोरवाल ने 27 रन और कुलदीप टाटू ने 18 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। जवाब में, बनवारीपुर की टीम 10 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 87 रन ही बना सकी। इस टीम के अजय यादव ने 27 रन और अर्जुन चौधरी ने नाबाद 22 रन बनाए, लेकिन वे टीम को लक्ष्य तक नहीं पहुंचा पाए। इस मैच में अभिषेक यादव को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।2
- गॉंवडा प्रीमियर लीग-4 के एक मुकाबले में माता अंजनी क्रिकेट क्लब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जेबीबी मनेमा रॉयल्स को 57 रनों के बड़े अंतर से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की। यह मैच करौली जिले में खेला गया, जहाँ माता अंजनी क्रिकेट क्लब ने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दबदबा बनाए रखा। पहले बल्लेबाजी करने उतरी माता अंजनी क्रिकेट क्लब ने निर्धारित 10 ओवर में 6 विकेट खोकर 107 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से राम अवतार मीणा ने मात्र 25 गेंदों में 57 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 6 शानदार छक्के शामिल थे। उनके अलावा, पवन ने भी टीम के लिए 17 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। 108 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जेबीबी मनेमा रॉयल्स की पूरी टीम माता अंजनी क्रिकेट क्लब की सधी हुई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाई और 8.5 ओवर में ही मात्र 50 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। अपनी शानदार और मैच जिताऊ बल्लेबाजी के लिए राम अवतार मीणा को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।4
- धौलपुर जिले की सरमथुरा तहसील के ग्राम तकेयापुरा में ग्रामीणों को पिछले एक दशक से टूटी हुई रपट (पुलिया) के कारण गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से लगातार शिकायतें, ज्ञापन और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद आज तक इसकी मरम्मत पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया, जिससे उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह मार्ग बेहद खतरनाक हो जाता है। इसी टूटी रपट के कारण एक महिला की नदी में बह जाने से मौत हो चुकी है, जबकि लगभग दो वर्ष पूर्व एक अन्य महिला भी तेज बहाव में बह गई थी, जिसे स्थानीय लोगों की तत्परता से बचा लिया गया था। इन हादसों के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गांव के लोगों का कहना है कि यह केवल एक निर्माण संबंधी समस्या नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोगों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा मामला है, जहाँ बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों को रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में गांव का संपर्क भी प्रभावित हो जाता है, जिससे आवागमन और आपातकालीन सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चुनाव के समय विकास और सुरक्षा के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एक दशक से लंबित इस गंभीर समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते रपट की मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीण अब राज्य सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण करने, रपट के पुनर्निर्माण अथवा मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत करने और बरसात से पहले सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं। उनका सीधा सवाल है: "क्या प्रशासन किसी और जान जाने का इंतजार कर रहा है? एक महिला की मौत और कई हादसों के बाद भी यदि व्यवस्था नहीं जागी, तो जिम्मेदारी किसकी होगी?" तकेयापुरा के ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और इस लंबे समय से लंबित समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।1
- हाल ही में निर्मित एक सड़क, जिसे बने हुए केवल तीन से चार महीने हुए हैं, वह अभी से ही जगह-जगह से खराब हो चुकी है। इस स्थिति के कारण आगामी बरसात के मौसम में लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अतः इस सड़क की तुरंत मरम्मत करवाए जाने की मांग की गई है।1
- भरतपुर के रुदावल कस्बे में अम्बेडकर पार्क के पास जलदाय विभाग का एक खुला वाल्व स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यह वाल्व काफी समय से खुला पड़ा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। क्षेत्रवासियों ने बताया है कि यह स्थिति खासकर बच्चों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि उन्होंने इस खुले वाल्व के बारे में विभाग को कई बार सूचना दी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग की इस गंभीर लापरवाही को लेकर क्षेत्रवासियों में गहरी नाराजगी है।1