महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने अपने शिष्यों के साथ सभी हिन्दू धर्माचार्यों का आह्वान किया।* *मां गंगा के तट से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने अपने शिष्यों के साथ सभी हिन्दू धर्माचार्यों का आह्वान किया।* *मोदी और मोहन भागवत की व्यक्तिगत वासना और स्वार्थ के लिए सनातन की बलि ना चढ़ाए हमारे धर्माचार्य_महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज* *यूजीसी एक्ट को नरपिशाचों के तृप्तिकरण का साधन बताया* आज शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने विश्व धर्म संसद की मुख्य संयोजक डॉ उदिता त्यागी व अपने शिष्यों यति रामस्वरूपानंद गिरी,यति रणसिंहानंद गिरी, यति अभयानंद गिरी,यति परमात्मानंद गिरी,योगी सरोजनाथ जी और पंडित सुनील दत्त शर्मा जी के साथ हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर यूजीसी एक्ट पर संत समाज के मौन के विरोध में एक दिन का उपवास किया और जाते समय एक वीडियो बना कर हिन्दुओं के धर्माचार्यों से मोदी और मोहन भागवत की व्यक्तिगत वासना और स्वार्थ पर संपूर्ण सनातन धर्म की बलि ना चढ़ाने का निवेदन किया। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि मोदी मोहन भागवत के साथ मिलकर नरपिशाचों के तृप्तिकरण में लगा हुआ है।ये नरपिशाच काफिरों के खून के प्यासे और उनकी महिलाओं के शरीरों के भूखे हैं।पिछले 1400 साल से ये नरपिशाच संपूर्ण मानवता को अपना शिकार बनाने में लगे हुए हैं।भारत का ब्राह्मण क्षत्रिय और वैश्य इन नरपिशाचों का सबसे बड़ा वैचारिक शत्रु रहा है और सम्पूर्ण मानवता को बचाने के लिए प्रयासरत रहा है।यहीं वर्ग मोदी जी के इन नरपिशाचों के तृप्तिकरण के मार्ग में सबसे बड़ा बाधक है।अब मोदी जी ने यूजीसी के माध्यम से इन्हें समूल नष्ट करके नरपिशाचों का मार्ग निष्कंटक करने का कार्य कर दिया है।अब ब्राह्मणों,क्षत्रियों और वैश्यों को यूजीसी एक्ट के माध्यम से समाप्त करवाया जाएगा और उसके बाद बचे हुए हिन्दू नरपिशाचों के तृप्तिकरण की भेंट चढ़ जायेंगे। उन्होंने वीडियो में यह भी कहा कि सनातन धर्म के विनाश के सबसे बड़े दोषी धर्माचार्य होंगे जो पता नहीं किस कारण से इस अन्याय का बिल्कुल भी विरोध नहीं कर रहे हैं।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने अपने शिष्यों के साथ सभी हिन्दू धर्माचार्यों का आह्वान किया।* *मां गंगा के तट से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने अपने शिष्यों के साथ सभी हिन्दू धर्माचार्यों का आह्वान किया।* *मोदी और मोहन भागवत की व्यक्तिगत वासना और स्वार्थ के लिए सनातन की बलि ना चढ़ाए हमारे धर्माचार्य_महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज* *यूजीसी एक्ट को नरपिशाचों के तृप्तिकरण का साधन बताया* आज शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने विश्व धर्म संसद की मुख्य संयोजक डॉ उदिता त्यागी व अपने शिष्यों यति रामस्वरूपानंद गिरी,यति रणसिंहानंद गिरी, यति अभयानंद गिरी,यति परमात्मानंद गिरी,योगी सरोजनाथ जी और पंडित सुनील दत्त शर्मा जी के साथ हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर यूजीसी एक्ट पर संत समाज के मौन के विरोध में एक दिन का उपवास किया और जाते समय एक वीडियो बना कर हिन्दुओं के धर्माचार्यों से मोदी और मोहन भागवत की व्यक्तिगत वासना और स्वार्थ पर संपूर्ण सनातन धर्म की बलि ना चढ़ाने का निवेदन किया। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि मोदी मोहन भागवत के साथ मिलकर नरपिशाचों के तृप्तिकरण में लगा हुआ है।ये नरपिशाच काफिरों के खून के प्यासे और उनकी महिलाओं के शरीरों के भूखे हैं।पिछले 1400 साल से ये नरपिशाच संपूर्ण मानवता को अपना शिकार बनाने में लगे हुए हैं।भारत का ब्राह्मण क्षत्रिय और वैश्य इन नरपिशाचों का सबसे बड़ा वैचारिक शत्रु रहा है और सम्पूर्ण मानवता को बचाने के लिए प्रयासरत रहा है।यहीं वर्ग मोदी जी के इन नरपिशाचों के तृप्तिकरण के मार्ग में सबसे बड़ा बाधक है।अब मोदी जी ने यूजीसी के माध्यम से इन्हें समूल नष्ट करके नरपिशाचों का मार्ग निष्कंटक करने का कार्य कर दिया है।अब ब्राह्मणों,क्षत्रियों और वैश्यों को यूजीसी एक्ट के माध्यम से समाप्त करवाया जाएगा और उसके बाद बचे हुए हिन्दू नरपिशाचों के तृप्तिकरण की भेंट चढ़ जायेंगे। उन्होंने वीडियो में यह भी कहा कि सनातन धर्म के विनाश के सबसे बड़े दोषी धर्माचार्य होंगे जो पता नहीं किस कारण से इस अन्याय का बिल्कुल भी विरोध नहीं कर रहे हैं।
- जनपद बुलन्दशहर के कस्बा बुगरासी चेयरमैन ओमदत्त लोधी पर लगा ज़मीन कब्ज़ा करने का आरोप जाँच का विषय #बुलन्दशहर #Barahbasti1
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