देवपुर ग्राम की पुल पुकार* *आसिफाबाद रमेश सोलंकी* देवपुर, कोलामगुड़ा मंडल, केरामेरी जिला, कुमुरम भीम आसिफाबाद। देवपुर ग्राम की स्थिति केवल विकास की कमी नहीं, बल्कि एक गहरा मानवीय संकट है। सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव यहाँ के लोगों के जीवन को हर दिन जोखिम में डाल रहा है। *गर्भवती महिलाओं की पीड़ा* ग्रामवासियों का कहना है कि अंबुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच पाती। गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल ले जाना असंभव हो जाता है। कई बार प्रसव के दौरान महिलाओं को जान जोखिम में डालकर वागु पार करना पड़ता है। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है। *बरसात में अलग-थलग गाँव* बरसात के दिनों में वागु उफान पर होता है और गाँव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, किसान अपनी उपज बाज़ार तक नहीं पहुँचा पाते और बीमारों को इलाज नहीं मिल पाता। यह केवल विकास का प्रश्न नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु का सवाल है। *सरकार की जिम्मेदारी* सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह आदिवासी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़े। पुल निर्माण केवल एक तकनीकी कार्य नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का उपाय है। जब तक पुल नहीं बनेगा, तब तक देवपुर ग्रामवासी असुरक्षित और उपेक्षित बने रहेंगे। देवपुर ग्राम का संकट हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या विकास योजनाएँ वास्तव में ज़मीन पर उतर रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को चाहिए कि वह इस समस्या को प्राथमिकता दे और तत्काल पुल निर्माण को मंजूरी दे। देवपुर ग्राम की पुकार केवल एक गाँव की आवाज़ नहीं, बल्कि उन सभी आदिवासी समाजों की है जो आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह मानवीय संकट है और इसे दूर करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।
देवपुर ग्राम की पुल पुकार* *आसिफाबाद रमेश सोलंकी* देवपुर, कोलामगुड़ा मंडल, केरामेरी जिला, कुमुरम भीम आसिफाबाद। देवपुर ग्राम की स्थिति केवल विकास की कमी नहीं, बल्कि एक गहरा मानवीय संकट है। सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव यहाँ के लोगों के जीवन को हर दिन जोखिम में डाल रहा है। *गर्भवती महिलाओं की पीड़ा* ग्रामवासियों का कहना है कि अंबुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच पाती। गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल ले जाना असंभव हो जाता है। कई बार प्रसव के दौरान महिलाओं को जान जोखिम में डालकर वागु पार करना पड़ता है। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है। *बरसात में अलग-थलग गाँव* बरसात के दिनों में वागु उफान पर होता है और गाँव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, किसान अपनी उपज बाज़ार तक नहीं पहुँचा पाते और बीमारों को इलाज नहीं मिल पाता। यह केवल विकास का प्रश्न नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु का सवाल है। *सरकार की जिम्मेदारी* सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह आदिवासी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़े। पुल निर्माण केवल एक तकनीकी कार्य नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का उपाय है। जब तक पुल नहीं बनेगा, तब तक देवपुर ग्रामवासी असुरक्षित और उपेक्षित बने रहेंगे। देवपुर ग्राम का संकट हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या विकास योजनाएँ वास्तव में ज़मीन पर उतर रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को चाहिए कि वह इस समस्या को प्राथमिकता दे और तत्काल पुल निर्माण को मंजूरी दे। देवपुर ग्राम की पुकार केवल एक गाँव की आवाज़ नहीं, बल्कि उन सभी आदिवासी समाजों की है जो आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह मानवीय संकट है और इसे दूर करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।
- BREAKING NEWS: जालोर में गहराया राजनीतिक घमासान, भाजपा विधायक जोगेश्वर गर्ग के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार पलटवार खुली बहस की चुनौती: जालोर विधायक व मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के वायरल वीडियो पर विवाद; जिला कांग्रेस प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने गर्ग को विकास के मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी। सार्वजनिक माफी की मांग: कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी भवन में प्रेस वार्ता कर विधायक गर्ग की भाषा को अमर्यादित करार देते हुए सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण और माफी मांगने की मांग की। जनसमस्याओं पर घेरा: सीवरेज, पेयजल, बदहाल सड़कों और बिजली आपूर्ति जैसे मूलभूत मुद्दों पर भाजपा पर विफलता का आरोप लगाया। महिला सम्मान का मुद्दा: आहोर कांग्रेस प्रत्याशी सरोज चौधरी ने विधायक की टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए जनप्रतिनिधियों से मर्यादित आचरण की अपील की।2
- जालौर रोटरी क्लब के पदाधिकारी ने पाठ्य सामग्री बच्चों को वितरित की रोटरी क्लब जालोर ने घुमन्तु छात्रावास के बच्चों को बांटे रंग-बिरंगे छाते और शिक्षण सामग्री *जालोर | 11 अगस्त 2026* बारिश के मौसम को देखते हुए रोटरी क्लब जालोर की ओर से एक सराहनीय और सामाजिक सरोकार से जुड़ी पहल के तहत शहर में भगत सिंह स्टेडियम के पास स्थित **श्री शांतिनाथ गुरुकुल घुमन्तु छात्रावास** में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 22 बालकों को रंग-बिरंगे छाते एवं आवश्यक शिक्षण सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रोटरी क्लब जालोर के अध्यक्ष श्री रमेश कुमार जैन के संबोधन से हुआ। उन्होंने उपस्थित बालकों और छात्रावास प्रबंधन को संबोधित करते हुए कहा कि घुमन्तु एवं वंचित वर्ग के बच्चों की सहायता करना रोटरी क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि रोटरी क्लब भविष्य में भी इन बच्चों की हर संभव सहायता, शिक्षा और बुनियादी जरूरतों के लिए सदैव तत्पर रहेगा। आदर्श विद्या मंदिर के विभाग प्रचारक अजय गुप्ता ने घुमन्तु परिवार के बच्चों के विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा की शिक्षा ही उन्नति का एकमात्र द्वार हैं। कार्यक्रम के दौरान जोधपुर प्रांत (घुमंतू) के संयोजक धर्मेंन्द्र सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि घुमन्तु समुदाय के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, खेल-कूद, दैनिक खान-पान तथा संगीत के प्रति उनके बढ़ते रुझान और रचनात्मकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसी क्रम में छात्रावास के अधीक्षक छगन लाल ने छात्रावास की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रातः जागरण, दिनचर्या, पढ़ाई के घंटों से लेकर रात्रि शयन तक बच्चों का समय प्रबंधन किस प्रकार किया जाता है। आगामी वर्षा व धूप के मौसम को ध्यान में रखते हुए 22 बालकों को रंग-बिरंगे छाते एवं पठन-पाठन हेतु गुणवत्तापूर्ण कॉपी एवं पेन का वितरण किया गया। बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए बिस्किट एवं ताजे केले भी बाँटें। छाते और उपहार पाकर छात्रावास के बच्चों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम का मंच संचालन वरिष्ठ रोटेरियन कानाराम परमार ने अपनी ओजस्वी शैली में किया। कार्यक्रम के अंत में रोटरी क्लब के सचिव हितेश प्रजापत ने पधारे हुए सभी अतिथियों, सदस्यों और छात्रावास परिवार का धन्यवाद व्यक्त किया। इस मौके पर अध्यक्ष श्री रमेशकुमार जैन (तीखी),सचिव हितेश प्रजापत,कोषाध्यक्ष श्रीमती रचना जैथलिया, रोटरी के सार्जेंट आर्म्स नूर मोहम्मद, ,वरिष्ठ रोटेरियन कानाराम परमार, तरुण सिद्धावत,पवन ओझा, दिनेश सुन्देशा, संजय सुंदेशा, डूंगर सिंह राठौड , रामेश्वर गोयल, श्रीमती इंदु गोयल,रोटेरियन ओम प्रकाश चौधरी, श्रीमती शीला चौधरी,उदाराम सुथार, प्रकाश मोदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्रावास का समस्त स्टाफ, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं मौजूद रहे।1
- सभी को जीने का अधिकार है एक साथ दिए कोई किसी को किसी के लिए नहीं मारे1
- हर घर तिरंगा अभियान के तहत सिवाना में विधायक हमीरसिंह भायल के नेतृत्व मे तिरंगा रैली आयोजित हुई भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत सिवाना में विधायक हमीर सिंह भायल के नेतृत्व में कस्बे के मुख्य बाजार में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया । तिरंगा रैली में भारतीय जनता पार्टी के सभी पदाधिकारी ,कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे। विधायक हमीर सिंह भायल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशानुसार हर घर तिरंगा अभियान के तहत सिवान में इस रैली का आयोजन किया गया ।1
- तिरंगे के नीचे एकजुट हुआ सोमेसर, भारत माता के जयकारों से गूंजे गांव के मार्ग तिरंगे के नीचे एकजुट हुआ सोमेसर, भारत माता के जयकारों से गूंजे गांव के मार्ग रानी। हर घर तिरंगा अभियान के तहत बुधवार सुबह भादरलाऊ गांव के हनुमान चौराहे से भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। रैली को भाजपा बिजोवा मंडल अध्यक्ष उत्तम सिंह राजपुरोहित ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब 300 छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों ने हाथों में तिरंगा लेकर रैली में उत्साहपूर्वक भाग लिया। भादरलाऊ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं पीईईओ गंगाधर पाठक ने बताया कि स्थानीय विद्यालय तथा हैप्पी बाल मंदिर माध्यमिक विद्यालय सोमेसर के विद्यार्थियों ने रैली में भाग लिया। डीजे पर गूंजते देशभक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और भारत माता व वंदे मातरम् के जयघोष से पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। रैली भादरलाऊ चौराहा, पुलिस चौकी, ग्राम पंचायत और मुख्य बाजार होते हुए श्री आनंदेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने राष्ट्र की एकता और अखंडता का संदेश दिया। रैली का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश देना रहा। वक्ताओं ने कहा कि जाति और धर्म से ऊपर उठकर तिरंगे के नीचे एकजुट होना मजबूत राष्ट्र की पहचान है। रैली का नेतृत्व पीईईओ गंगाधर पाठक, सोमेसर पुलिस चौकी प्रभारी रमेशचंद्र मीणा एवं पुलिस टीम ने किया। इस अवसर पर भाजपा के कई पदाधिकारी, विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। समापन पर पीईईओ पाठक ने सभी का आभार जताया।2
- जालोर में कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार योगेंद्र सिंह कुम्पावत की खुली बहस की चुनौती “जोगेश्वर गर्ग ने जालोर के विकास के लिए कुछ किया हो तो खुली बहस के लिए हम तैयार।” भाजपा नगर मंडल की बैठक का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने उठाए सवाल कांग्रेस ने विधायक जोगेश्वर गर्ग से बयान पर स्पष्टीकरण और खेद व्यक्त करने की मांग की पेयजल, सड़क, सीवरेज और बिजली की समस्याओं को लेकर भाजपा से मांगा हिसाब सरोज चौधरी ने महिला जनप्रतिनिधि पर कथित टिप्पणी को लेकर जताई आपत्ति बसंत सुथार और लक्ष्मण सांखला ने भी विधायक से जवाब देने की मांग की कांग्रेस बोली—आगामी चुनाव विकास और जनसमस्याओं के मुद्दे पर लड़ा जाएगा समाचार नेशन | ब्यूरो चीफ जालोर3
- देवपुर ग्राम की पुल पुकार* *आसिफाबाद रमेश सोलंकी* देवपुर, कोलामगुड़ा मंडल, केरामेरी जिला, कुमुरम भीम आसिफाबाद। देवपुर ग्राम की स्थिति केवल विकास की कमी नहीं, बल्कि एक गहरा मानवीय संकट है। सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव यहाँ के लोगों के जीवन को हर दिन जोखिम में डाल रहा है। *गर्भवती महिलाओं की पीड़ा* ग्रामवासियों का कहना है कि अंबुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच पाती। गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल ले जाना असंभव हो जाता है। कई बार प्रसव के दौरान महिलाओं को जान जोखिम में डालकर वागु पार करना पड़ता है। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है। *बरसात में अलग-थलग गाँव* बरसात के दिनों में वागु उफान पर होता है और गाँव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, किसान अपनी उपज बाज़ार तक नहीं पहुँचा पाते और बीमारों को इलाज नहीं मिल पाता। यह केवल विकास का प्रश्न नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु का सवाल है। *सरकार की जिम्मेदारी* सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह आदिवासी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़े। पुल निर्माण केवल एक तकनीकी कार्य नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का उपाय है। जब तक पुल नहीं बनेगा, तब तक देवपुर ग्रामवासी असुरक्षित और उपेक्षित बने रहेंगे। देवपुर ग्राम का संकट हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या विकास योजनाएँ वास्तव में ज़मीन पर उतर रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को चाहिए कि वह इस समस्या को प्राथमिकता दे और तत्काल पुल निर्माण को मंजूरी दे। देवपुर ग्राम की पुकार केवल एक गाँव की आवाज़ नहीं, बल्कि उन सभी आदिवासी समाजों की है जो आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह मानवीय संकट है और इसे दूर करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।1