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तितावी: बघरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत खेड़ी दूधाधारी में एक क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे को बदला गया है। पूर्व प्रधान और ग्रामीणों की तत्परता से यह कार्य किया गया, जिससे एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। यह खंभा पूर्व प्रधान अमित देशवाल के घर के सामने लगा था और टूटकर जर्जर हो चुका था। अमित देशवाल ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचित किया और नया खंभा मंगवाकर ग्रामीणों की मदद से इसे लगवाया।अमित देशवाल ने बताया कि यह खंभा कभी भी किसी गरीब के मकान पर गिर सकता था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। उन्होंने कहा कि समय रहते विद्युत विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों की सहायता से इसे बदल दिया गया। ग्रामीणों ने इस सामाजिक और सार्वजनिक हित के कार्य की सराहना की है।
Ahmad ali
तितावी: बघरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत खेड़ी दूधाधारी में एक क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे को बदला गया है। पूर्व प्रधान और ग्रामीणों की तत्परता से यह कार्य किया गया, जिससे एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। यह खंभा पूर्व प्रधान अमित देशवाल के घर के सामने लगा था और टूटकर जर्जर हो चुका था। अमित देशवाल ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचित किया और नया खंभा मंगवाकर ग्रामीणों की मदद से इसे लगवाया।अमित देशवाल ने बताया कि यह खंभा कभी भी किसी गरीब के मकान पर गिर सकता था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। उन्होंने कहा कि समय रहते विद्युत विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों की सहायता से इसे बदल दिया गया। ग्रामीणों ने इस सामाजिक और सार्वजनिक हित के कार्य की सराहना की है।
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- मुज़फ्फरनगर! स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय (सरकारी अस्पताल) के बाहर एंट्री मार्ग के सौंदर्यीकरण कार्य को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। लंबे समय से लंबित पड़े इस कार्य को लेकर मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब शासन के निर्देशों के बाद सौंदर्यीकरण का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर अव्यवस्था, जाम और अवैध पार्किंग जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई थीं। सौंदर्यीकरण कार्य के पूर्ण होने के बाद न सिर्फ अस्पताल की बाहरी छवि बेहतर होगी, बल्कि मरीजों, एंबुलेंस और आम नागरिकों की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी। स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले मरीजों ने इस पहल को राहतभरी बताते हुए शासन और प्रशासन के निर्णय का स्वागत किया है। उम्मीद की जा रही है कि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होगा और वर्षों से चली आ रही अव्यवस्थाओं से स्थायी निजात मिलेगी।1
- सड़क घोटाला प्रकरण में आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक की बड़ी जीत। सिंचाई विभाग ने नए सिरे से तारकोल की सड़क बनाने का काम किया शुरु।1
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- जनपद मेरठ के ग्राम कपसाड में अपने पीड़ित परिवार से मिलने जाते हुए।#khulashanews #वीडियो #भाजपा #मुजफ्फरनगर #यूपी @may_ziddi_life_ @geeta_singh382 @bhimarmychief1
- Post by Sachin सैनी1
- *भाकियू नेता विकास शर्मा की चेतावनी का हुआ असर* *गांव रोनी हरजी पुर में दर्जनों डॉ की टीम ने किया मार्च विकास शर्मा भाकियू* *प्रदर्शन की चेतावनी के बाद डॉक्टरों की टीम ने डाला डेरा गांव मे विकास शर्मा भाकियू* *गांव में भयंकर बीमारी के चलते करीब दर्जनों पशुओं की हो चुकी है मौत* गांव रोनी हरजीपुर में पिछले एक माह से पशुओं में आ रहे भयंकर बीमारी को लेकर कल भारतीय किसान यूनियन के नेता विकास शर्मा द्वारा मंगलवार को जिले पर पड़े प्रदर्शन की दी थी चेतावनी जिसकी करण जिले के सक्षम अधिकारियों से हुई थी वार्ता आज गांव में डॉक्टर अनिल गोयल के नेतृत्व में चरथावल बिरालसी और मुजफ्फरनगर की टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाकर डोर टू डोर किसानों के पशुओं को चेक किया और इलाज के लिए दवाई व टीकाकरण किया गया जिसमें बाद में एक हफ्ते बाद पुनःगांव में टीम पहुंचकर निरीक्षण करने का काम करेगी इस मौके पर डॉक्टर अनिल गोयल डॉक्टर नवीन कुमार सैनी डॉक्टर सतीश ठाकुर पंकज कुमार सचिन कुमार हिमांशु कुमार राधेश्याम आदि डॉक्टरों की टीम गांव में कैंप करती रही और किसान भाइयों से भी अपील की गई कि पशुओं के नजदीक साफ-सफाई रखने का काम करें ताकि बीमारियां न पहले इस मौके पर सैकड़ो ग्रामवासी1
- मुज़फ्फरनगर | रविवार का दिन भी जिले में भीषण सर्दी की चपेट में रहा। ठंडी और तेज़ हवाओं ने पूरे शहर को ठिठुरन के साये में ढक दिया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सर्दी से बचने के लिए लोग जगह–जगह अलाव का सहारा लेते नज़र आए। अहिल्याबाई चौक के पास का दृश्य इस कड़ाके की ठंड की भयावहता को बयां करता है, जहाँ मजदूरी की मजबूरी में घर से निकले दिहाड़ी मजदूर अलाव के चारों ओर खड़े होकर ठंडी हवाओं से खुद को बचाते दिखाई दिए। सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने वाले इन मजदूरों के लिए यह सर्दी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठंड लगातार बढ़ती जा रही है और प्रशासन द्वारा अलाव व अन्य राहत व्यवस्थाओं को और व्यापक किए जाने की आवश्यकता है, ताकि गरीब और असहाय वर्ग को राहत मिल सके।1