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अररिया में रक्षाबंधन पर्व को लेकर क्या कहते है रोशनी कुमारी।
Araria News
अररिया में रक्षाबंधन पर्व को लेकर क्या कहते है रोशनी कुमारी।
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- बड़ा शिवालय मंदिर विवाद पर मूलचंद गोलछा का बड़ा बयान, न्यासधारी बनाए जाने के बाद पहली प्रतिक्रिया । बड़ा शिवालय मंदिर विवाद पर मूलचंद गोलछा का बड़ा बयान, न्यासधारी बनाए जाने के बाद पहली प्रतिक्रिया । #LatestNews #ViralNews #TrendingNews #TempleNews1
- जलालगढ़ में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व जलालगढ़, एक संवाददाता। जलालगढ़ प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी और भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार दिए। रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में भी काफी चहल-पहल रही। मिठाई की दुकानों पर भीड़ देखी गई, वहीं रंग-बिरंगी राखियों की बिक्री भी खूब हुई। कई परिवारों द्वारा घर में तैयार की गई आकर्षक राखियां भी बिक्री के लिए रखी गई थीं। पर्व को लेकर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखा गया। राखी के गीतों से क्षेत्र का माहौल उत्सवी बना रहा। जलालगढ़ में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व जलालगढ़, एक संवाददाता। जलालगढ़ प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी और भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार दिए। रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में भी काफी चहल-पहल रही। मिठाई की दुकानों पर भीड़ देखी गई, वहीं रंग-बिरंगी राखियों की बिक्री भी खूब हुई। कई परिवारों द्वारा घर में तैयार की गई आकर्षक राखियां भी बिक्री के लिए रखी गई थीं। पर्व को लेकर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखा गया। राखी के गीतों से क्षेत्र का माहौल उत्सवी बना रहा।1
- कनकेई नदी वैसा प्रखंड पूर्णिया वैसा नदी में नेपाल से आया पानी में आया पानी बहुत तेजी से बढ़ते हुए जितने भी नदी के बगल में घर है वह के लोग नदी दूर हो जाए1
- अररिया बिहार आज दिनांक 26 अगस्त 2026 को भारत का छात्र फेडरेशन,एस एफ, आई अररिया द्वारा देश का वर्तमान शिक्षा प्रणाली और रोजगार विषयों पर साथी कृष कुमार यादव के अध्यक्षता में एस एफ आई जिला कार्यालय अररिया महाविद्यालय स्टेडियम रोड अम्बेडकर कालौनी वार्ड नंबर 07 अररिया में एक दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन में देवदत्त कुमार सचिव एस एफ आई बिहार भी उपस्थित हुए। कन्वेंशन में सर्वप्रथम दिवंगत साथीयों को एक मिनट मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।एस एफ आई के बिहार राज्य सचिव कामरेड देवदत्त कुमार ने देश का वर्तमान शिक्षा प्रणाली और रोजगार विषयों पर कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने हर दिन 25 विद्यालय बंद कर रही है आज तक पुरे देश में लाखों विद्यालय बंद कर दिया है यह जानकारी केंद्र सरकार का नीतीआयोग का है। शिक्षा प्रणाली को मोदी सरकार ने बाजारीकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी साजिश है कि आम अवाम को और उसके बच्चे को शिक्षा से संचित कर देना चाहती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार छात्रों, किसानों, मजदूरों के उपर अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को छात्रों ने घुटनों पर ला दिया और धर्मेन्द्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा।सभी मंत्रियों का पुत्र पुत्री विदेश में पढ़ता है। बड़े बड़े पुंजीपतियों का कोनभेंट में पढ़ता है। मजदूर, किसान, गरिबों के लिए मात्र एक उपाय सरकारी विद्यालय है उसे भी बंद कर देना चाहती है मोदी सरकार। उन्होंने उपस्थित साथीयों से अनुरोध किया कि देश में बेहतर शिक्षा और सभी के लिए समान शिक्षा के लिए समान रूप से रोजगार का अवसर के लिए छात्रों का व्यापक आंदोलन ही देश को सही दिशा दे सकता है। हमने लड़ा है और जीता है, फिर लड़ेंगे और जीतेंगे। कन्वेंशन को सीपीएम जिला सचिव कामरेड राम विनय राय ने भी संबोधित किया। कन्वेंशन में 16 सदस्य कन्वेनर कमिटी का गठन किया गया। कृष कुमार संयोजक, अमरजीत कुमार, नीतीश कुमार,प्रहन आलम सह संयोजक बनाया गया, राकेश कुमार, प्रियांशु कुमार, अमरदीप कुमार यादव,अमर कुमार, दिलखुश कुमार, मनिष कुमार,संदिप कुमार, दिलीप कुमार गोलु,करण कुमार, अभिजीत कुमार सफिउलल सदस्य चुने गये। कन्वेंशन में निर्णय लिया गया कि जिला के सभी मध्य विद्यालय, उच्च विद्यालय, एवं मह विधालय में एस एफ आई का सदस्यता अभियान चला कर छात्रों को संगठित किया जाए और नवनिर्वाचित कन्वेनर कमिटी का अगला बैठक 20 सितंबर 2026 को निर्धारित किया गया। कन्वेंशन में चंद्रशेखर पासवान, विंदेश्वरी यादव, रोहित कुमार विश्वास, प्रमोद सिंह यादव, विजय शर्मा,मो आजाद,लड्डू मेहतर, रंजीत कुमार आर्यन, अजीत पासवान,तुलसी देवी,सावो खातुन, नुजहत बानो, अख्तर जी,मोजहीद आदि साथीयों ने भाग लिया। अररिया बिहार आज दिनांक 26 अगस्त 2026 को भारत का छात्र फेडरेशन,एस एफ, आई अररिया द्वारा देश का वर्तमान शिक्षा प्रणाली और रोजगार विषयों पर साथी कृष कुमार यादव के अध्यक्षता में एस एफ आई जिला कार्यालय अररिया महाविद्यालय स्टेडियम रोड अम्बेडकर कालौनी वार्ड नंबर 07 अररिया में एक दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन में देवदत्त कुमार सचिव एस एफ आई बिहार भी उपस्थित हुए। कन्वेंशन में सर्वप्रथम दिवंगत साथीयों को एक मिनट मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।एस एफ आई के बिहार राज्य सचिव कामरेड देवदत्त कुमार ने देश का वर्तमान शिक्षा प्रणाली और रोजगार विषयों पर कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने हर दिन 25 विद्यालय बंद कर रही है आज तक पुरे देश में लाखों विद्यालय बंद कर दिया है यह जानकारी केंद्र सरकार का नीतीआयोग का है। शिक्षा प्रणाली को मोदी सरकार ने बाजारीकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी साजिश है कि आम अवाम को और उसके बच्चे को शिक्षा से संचित कर देना चाहती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार छात्रों, किसानों, मजदूरों के उपर अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को छात्रों ने घुटनों पर ला दिया और धर्मेन्द्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा।सभी मंत्रियों का पुत्र पुत्री विदेश में पढ़ता है। बड़े बड़े पुंजीपतियों का कोनभेंट में पढ़ता है। मजदूर, किसान, गरिबों के लिए मात्र एक उपाय सरकारी विद्यालय है उसे भी बंद कर देना चाहती है मोदी सरकार। उन्होंने उपस्थित साथीयों से अनुरोध किया कि देश में बेहतर शिक्षा और सभी के लिए समान शिक्षा के लिए समान रूप से रोजगार का अवसर के लिए छात्रों का व्यापक आंदोलन ही देश को सही दिशा दे सकता है। हमने लड़ा है और जीता है, फिर लड़ेंगे और जीतेंगे। कन्वेंशन को सीपीएम जिला सचिव कामरेड राम विनय राय ने भी संबोधित किया। कन्वेंशन में 16 सदस्य कन्वेनर कमिटी का गठन किया गया। कृष कुमार संयोजक, अमरजीत कुमार, नीतीश कुमार,प्रहन आलम सह संयोजक बनाया गया, राकेश कुमार, प्रियांशु कुमार, अमरदीप कुमार यादव,अमर कुमार, दिलखुश कुमार, मनिष कुमार,संदिप कुमार, दिलीप कुमार गोलु,करण कुमार, अभिजीत कुमार सफिउलल सदस्य चुने गये। कन्वेंशन में निर्णय लिया गया कि जिला के सभी मध्य विद्यालय, उच्च विद्यालय, एवं मह विधालय में एस एफ आई का सदस्यता अभियान चला कर छात्रों को संगठित किया जाए और नवनिर्वाचित कन्वेनर कमिटी का अगला बैठक 20 सितंबर 2026 को निर्धारित किया गया। कन्वेंशन में चंद्रशेखर पासवान, विंदेश्वरी यादव, रोहित कुमार विश्वास, प्रमोद सिंह यादव, विजय शर्मा,मो आजाद,लड्डू मेहतर, रंजीत कुमार आर्यन, अजीत पासवान,तुलसी देवी,सावो खातुन, नुजहत बानो, अख्तर जी,मोजहीद आदि साथीयों ने भाग लिया।1
- तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल में मचाई भारी तबाही, कई लोग लापता। काठमांडू/रासुवा। नेपाल में बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से लगे रासुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। बाढ़ का सबसे अधिक असर स्याफ्रुबेसी और तिमुरे क्षेत्र में देखने को मिला, जहां कई घर, सड़कें, पुल और अन्य ढांचे बह गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अचानक आई बाढ़ से तिमुरे बाजार में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना की टीमें जुटी हैं। हालांकि जलस्तर अधिक होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग में भी परेशानी आ रही है। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री बालेन्द्र (बालेन) शाह ने आपात बैठक बुलाई है। सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं तथा कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस प्राकृतिक आपदा से नेपाल में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बिजली उत्पादन, सड़क संपर्क और सीमावर्ती व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार करीब 430 मेगावाट जलविद्युत क्षमता प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और निचले इलाकों से दूर रहने तथा लगातार सतर्क रहने की अपील की गई है। लापता लोगों की तलाश और प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान जारी है। तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल में मचाई भारी तबाही, कई लोग लापता। काठमांडू/रासुवा। नेपाल में बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से लगे रासुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। बाढ़ का सबसे अधिक असर स्याफ्रुबेसी और तिमुरे क्षेत्र में देखने को मिला, जहां कई घर, सड़कें, पुल और अन्य ढांचे बह गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अचानक आई बाढ़ से तिमुरे बाजार में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना की टीमें जुटी हैं। हालांकि जलस्तर अधिक होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग में भी परेशानी आ रही है। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री बालेन्द्र (बालेन) शाह ने आपात बैठक बुलाई है। सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं तथा कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस प्राकृतिक आपदा से नेपाल में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बिजली उत्पादन, सड़क संपर्क और सीमावर्ती व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार करीब 430 मेगावाट जलविद्युत क्षमता प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और निचले इलाकों से दूर रहने तथा लगातार सतर्क रहने की अपील की गई है। लापता लोगों की तलाश और प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान जारी है।1