विदिशा जिले के सिरोंज में किसानों ने आज ई-पोर्टल पर यूरिया खाद बुक करते समय डीएपी और एनपीके खाद खरीदने की अनिवार्यता के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने मौके पर पहुंचे सिरोंज एसडीम को विदिशा जिलाधीश के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग की। किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी ने इस दौरान कहा कि जब किसानों को डीएपी और एनपीके की आवश्यकता थी, तब सरकारी अधिकारियों ने यूरिया की बजाय इन्हीं खादों को लेने की बात कही थी। लेकिन अब, जब किसानों की बोनी पूरी हो चुकी है और फसलों को केवल यूरिया की जरूरत है, तब ई-टोकन पोर्टल पर डीएपी या एनपीके जैसे फॉस्फेटिक उर्वरक पहले लेने की अनिवार्यता दिखाई जा रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह से किसान विरोधी बताते हुए सवाल उठाया कि क्या अब किसान अपनी फसल की जरूरत भी ई-टोकन पोर्टल से पूछकर तय करेगा। रघुवंशी ने स्पष्ट किया कि किसानों को जिस खाद की आवश्यकता है, उन्हें वही खाद मिलनी चाहिए और अनावश्यक उर्वरक खरीदने का दबाव बनाना अनुचित है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तत्काल इस "किसान विरोधी व्यवस्था" को समाप्त नहीं किया और ई-टोकन पोर्टल से यह अनिवार्यता नहीं हटाई, तो प्रदेशभर में किसानों के हित में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने 'तुगलकी फरमान' चलने से इनकार करते हुए सरकार से मांग की कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।
विदिशा जिले के सिरोंज में किसानों ने आज ई-पोर्टल पर यूरिया खाद बुक करते समय डीएपी और एनपीके खाद खरीदने की अनिवार्यता के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने मौके पर पहुंचे सिरोंज एसडीम को विदिशा जिलाधीश के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग की। किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी ने इस दौरान कहा कि जब किसानों
को डीएपी और एनपीके की आवश्यकता थी, तब सरकारी अधिकारियों ने यूरिया की बजाय इन्हीं खादों को लेने की बात कही थी। लेकिन अब, जब किसानों की बोनी पूरी हो चुकी है और फसलों को केवल यूरिया की जरूरत है, तब ई-टोकन पोर्टल पर डीएपी या एनपीके जैसे फॉस्फेटिक उर्वरक पहले लेने की अनिवार्यता दिखाई जा रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह
से किसान विरोधी बताते हुए सवाल उठाया कि क्या अब किसान अपनी फसल की जरूरत भी ई-टोकन पोर्टल से पूछकर तय करेगा। रघुवंशी ने स्पष्ट किया कि किसानों को जिस खाद की आवश्यकता है, उन्हें वही खाद मिलनी चाहिए और अनावश्यक उर्वरक खरीदने का दबाव बनाना अनुचित है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तत्काल इस "किसान विरोधी व्यवस्था" को
समाप्त नहीं किया और ई-टोकन पोर्टल से यह अनिवार्यता नहीं हटाई, तो प्रदेशभर में किसानों के हित में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने 'तुगलकी फरमान' चलने से इनकार करते हुए सरकार से मांग की कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।
- विदिशा जिले के सिरोंज में किसानों ने आज ई-पोर्टल पर यूरिया खाद बुक करते समय डीएपी और एनपीके खाद खरीदने की अनिवार्यता के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने मौके पर पहुंचे सिरोंज एसडीम को विदिशा जिलाधीश के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग की। किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी ने इस दौरान कहा कि जब किसानों को डीएपी और एनपीके की आवश्यकता थी, तब सरकारी अधिकारियों ने यूरिया की बजाय इन्हीं खादों को लेने की बात कही थी। लेकिन अब, जब किसानों की बोनी पूरी हो चुकी है और फसलों को केवल यूरिया की जरूरत है, तब ई-टोकन पोर्टल पर डीएपी या एनपीके जैसे फॉस्फेटिक उर्वरक पहले लेने की अनिवार्यता दिखाई जा रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह से किसान विरोधी बताते हुए सवाल उठाया कि क्या अब किसान अपनी फसल की जरूरत भी ई-टोकन पोर्टल से पूछकर तय करेगा। रघुवंशी ने स्पष्ट किया कि किसानों को जिस खाद की आवश्यकता है, उन्हें वही खाद मिलनी चाहिए और अनावश्यक उर्वरक खरीदने का दबाव बनाना अनुचित है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तत्काल इस "किसान विरोधी व्यवस्था" को समाप्त नहीं किया और ई-टोकन पोर्टल से यह अनिवार्यता नहीं हटाई, तो प्रदेशभर में किसानों के हित में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने 'तुगलकी फरमान' चलने से इनकार करते हुए सरकार से मांग की कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।4
- विदिशा में आगामी मानोरा मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने मेला क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने मार्ग व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर, उनके साथ थाना प्रभारी ग्यारसपुर और थाना प्रभारी यातायात भी मौजूद रहे। मेले में सुचारू यातायात प्रबंधन और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष योजना पर भी चर्चा की गई।1
- रायसेन जिले के सांची जनपद के ग्राम सनखेड़ी में एक 05 एमव्हीए क्षमता वाले नवीन 33/11 केव्ही उपकेन्द्र का लोकार्पण किया गया। यह लोकार्पण 08 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री यशवंत मीणा द्वारा किया गया, जिससे सनखेड़ी सहित आसपास के नौ गांवों के ग्रामीणों और किसानों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। दो करोड़ नब्बे लाख रुपये की लागत से निर्मित इस नवीन उपकेन्द्र के शुरू होने से, ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है ताकि गांवों में विद्युत की निर्बाध आपूर्ति हो सके और लॉ-वोल्टेज तथा बार-बार होने वाले फॉल्ट की समस्या से निजात मिले। उन्होंने यह भी बताया कि गांवों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति से बच्चों की पढ़ाई में सुविधा होगी और किसानों को सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इस अवसर पर उन्होंने विद्युत उपकेन्द्र निर्माण हेतु भूमि दान करने वाले श्री नारायण सिंह बघेल को सम्मानित भी किया। विधायक डॉ. चौधरी ने विस्तार से बताया कि इस नए उपकेन्द्र के बनने से विशनखेड़ी, बिजौली, सनखेड़ी, देवलखेड़ी, आलमखेड़ा, रामगढ़, झिरनिया, महुआखेड़ा और हिम्मतगढ़ जैसे गांवों को पर्याप्त एवं फुल वोल्टेज बिजली मिलेगी, जिससे किसानों के पंप और घरेलू उपकरण सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले ये गांव मेहगांव फीडर से विद्युत प्राप्त करते थे, लेकिन अब नए फीडर से आपूर्ति होने पर उन सभी गांवों के साथ ही मेहगांव के फीडर से जिन गांवों को विद्युत सप्लाई होगी, वहां भी गुणवत्ता में सुधार आएगा। डॉ. चौधरी ने क्षेत्र में गांव-गांव को सड़कों से जोड़ने, नवीन स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल भवन आदि के निर्माण सहित अन्य स्वीकृत विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। इस लोकार्पण कार्यक्रम में पौधरोपण भी किया गया, जिसमें म.प्र. विद्युत वितरण कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री यशवंत मीणा ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।4
- गांव में एक 'बहुत ही प्यारे' भजनों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष आयोजन में ढोलक मास्टर कमलेश ने अपनी प्रस्तुति दी।1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित साँची बौद्ध स्तूप को राज्य की एक महत्वपूर्ण धरोहर के रूप में बताया गया है। इस सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल पर 'जय भीम' और 'नमो बुद्धाय' के उद्घोष के साथ श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया गया है।1
- मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती 2026 के तहत महिलाओं के लिए कुल 2548 पदों पर सुनहरा अवसर उपलब्ध है। यह भर्ती उन महिलाओं के लिए है जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर ली है। इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है।1
- वैशाली के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक अस्पताल कर्मचारी पर एक्स-रे रूम में एक महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।1
- बुधवार सुबह विदिशा के सिविल लाइन क्षेत्र में, पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर के निवास के ठीक सामने, दो तेज रफ्तार मोपेड वाहनों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक मोपेड पर सवार दो युवक और दूसरी मोपेड पर सवार एक युवक घायल हो गए थे, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा जांच के बाद एक घायल युवक राजकुमार आदिवासी को मृत घोषित कर दिया गया, जिसकी पहचान सुभाष नगर निवासी के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घटना स्थल से दो घायल युवकों को पुलिस कर्मियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया था।4