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सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में विकास कार्यक्रमों की उपेक्षा पर वार्ड 2 के पार्षद मोहन पचौरी सत्याग्रह पर बैठ गए हैं। उनका यह कदम स्थानीय विकास कार्यों में लगातार देरी और गतिरोध के विरोध में है। यह घटनाक्रम क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा सकता है।
जिलाध्यक्ष मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला इकाई सबलगढ़ Patrkar
सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में विकास कार्यक्रमों की उपेक्षा पर वार्ड 2 के पार्षद मोहन पचौरी सत्याग्रह पर बैठ गए हैं। उनका यह कदम स्थानीय विकास कार्यों में लगातार देरी और गतिरोध के विरोध में है। यह घटनाक्रम क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा सकता है।
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- मोरैना के कैलारस स्थित छात्रावास में छात्रों ने भारी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन खुलासों के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है और जांच की मांग तेज हो गई है।1
- ब्रैकिग गुना गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में जिले में खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए पुलिस की तकनीकी टीम ने CEIR पोर्टल की मदद से पिछले दो महीनों में कुल 64 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत ₹12,50,000 है।1
- धौलपुर के आँगई में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए, जिससे अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।1
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- कटकड में पौधे वाली शादी बनी चर्चा का बिषय, धराड़ी प्रथा बनी साक्षी अग्निकुंड नहीं, नीम-बरगद पीपल सहित कई पौधों को साक्षी मानकर विवाह बंधन में बंधे दूल्हा दुल्हन हिंडौन के गाव कटकड में पौधे वाली अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी है।जोहार जागृति मंच आदिवासी मिशन के तहत कटकड गांव भागचंद का पुरा में दुल्हन सोनिया मीना पुत्री सुरेश मीणा व दूल्हे रजनीश मीना पुत्र पूर्व डीईओ हुकम चंद मीणा की शादी धराडी प्रथा से फेरे कराए गए। यह विवाह मीना महापंचायत द्वारा तय किए गए 14 नियमों के अनुसार की गई है।शादी में पाखंड, अंधविश्वास और काल्पनिक मान्यताओं से दूरी रखी गई। बुधवार दोपहर 3:00 बजे मिली जानकारी के मुताबिक आधुनिक दिखावे से अलग यह विवाह वैज्ञानिक सोच और प्रकृति संरक्षण के सिद्धांतों पर आधारित रहा। शादी में फेरो के दौरान दोनों पक्षों के समक्ष मंडप में धराडी पौधे नीम व बरगद के रखे गए उन्हीं के चारों ओर फेरे लिए। इन्हें साक्षी मानकर विवाह की रस्में पूरी की गई। दूसरे दिन दुल्हन की विदाई के समय फेरो में रखे गए दोनो धराडी पौधे दूल्हा दुल्हन से घर के आंगन में लगवाए गए। बारातियों को वृक्ष विदाई में दिए। विवाह में पौधे बाली शादी लोगों की चर्चा बनी रही। करौली जिले की धराडी प्रथा से शादी थी दुल्हन सोनिया मीना ने अपने विवाह में धराडी प्रथा की भाषा में शादी का कार्ड भी छपवाया गया । कटकड गांव में सपोटरा उपखंड के गांव कुडावदा से बारात आई थी इस प्रथा में तोरण कुल वृक्ष के पेड़ की छड़ी से ही तोरणद्वार पर दूल्हे द्वारा तोरण मारा गया। आदिवासी प्रथा में जलजंगल और जमीन को विशेष महत्व दिया जाता है।यह शादी धराड़ी परण फेरा से करवाई गई। यह विवाह मीणा महापंचायत द्वारा तय किए गए 14 नियमों के अनुसार शादी की। शादी में पाखंड, अंधविश्वास और काल्पनिक मान्यताओं से दूरी रखी गई।इस मौके पर जोहर जागृति मंच के आदि आचार्य- गिर्राज केमोखरी,आर.डी.मीणा सीटीआई रूंधकापुरा,रमसीलाल मीणा भांडारेज,प्रहलाद मीणा मीनापाडा,नवल मीणा खांडेपुरा,रामनारायण मीणा बस्सी,अन्य घराती, बाराती एवं समस्त गांव के पंच पटेल मौजूद रहे। क्या है धराडी प्रथा। आदिवासी समुदाय या गोत्र की अपनी धराड़ी होती है, जो एक विशेष पेड़ या स्थान होता है। यह पेड़ या स्थान उनकी मातृ देवी या प्रकृति की पूजा का प्रतीक होता है. धराडी (पेड़) के सामने शादी से पहले, दूल्हा और दुल्हन फेरे का सगुन होगा। दूल्हा और दुल्हन एक दूसरे को वन पर्यावरण पेड़ो को बचाने का निभाते हैं और उसी से फेरे लेते हैं1
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- धौलपुर जिले के जारगा गांव में एक गौमाता भूख और प्यास से तड़प रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से उसकी जान बचाने के लिए तुरंत मदद की अपील की है, जिसकी गंभीर हालत ने ग्रामीणों में चिंता बढ़ा दी है।9
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