मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में घुघरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का तीव्र आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घुघरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए इस्तेमाल की गई भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी को पूरे कांग्रेस परिवार और लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेगी। इस अवसर पर आदिवासी कांग्रेस प्रदेश महासचिव कमल सिंह मरावी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरविन्द कुशराम, जनपद उपाध्यक्ष सिहारे करचाम, विधायक प्रतिनिधि नेतराम साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता मरावी, जिला महिला कांग्रेस सचिव श्रीमती रुक्मणि सोनवानी, ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष देवेंद्र दीक्षित, मंडलम अध्यक्ष संजू पटेल, राजा पट्टा, हम्मी मरावी, मेवा धुर्वे, ब्लॉक प्रवक्ता अरविंद झारिया, दरबारी नरते, दयाल मरावी, फूलसिंह मरावी, आईटी सेल विधानसभा अध्यक्ष मनोज सोनवानी (मोंटी) और अनिल धुर्वे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नारों से माहौल गर्म रहा और उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपना तीखा विरोध दर्ज कराया।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में घुघरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का तीव्र आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घुघरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए इस्तेमाल की गई भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी को पूरे कांग्रेस परिवार और लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि
यदि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेगी। इस अवसर पर आदिवासी कांग्रेस प्रदेश महासचिव कमल सिंह मरावी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरविन्द कुशराम, जनपद उपाध्यक्ष सिहारे करचाम, विधायक प्रतिनिधि नेतराम साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता मरावी, जिला महिला कांग्रेस सचिव श्रीमती रुक्मणि सोनवानी, ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष देवेंद्र दीक्षित, मंडलम अध्यक्ष संजू पटेल, राजा पट्टा, हम्मी मरावी, मेवा धुर्वे, ब्लॉक प्रवक्ता अरविंद झारिया, दरबारी नरते, दयाल मरावी, फूलसिंह मरावी, आईटी सेल विधानसभा अध्यक्ष मनोज सोनवानी (मोंटी) और अनिल धुर्वे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नारों से माहौल गर्म रहा और उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपना तीखा विरोध दर्ज कराया।
- राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने डिंडौरी प्रवास के दौरान बजाग विकासखंड की ग्राम पंचायत चाड़ा सिलपिड़ी पहुंचकर मिलेट्स एंबेसडर लहरी बाई के बीज भंडार केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने लहरी बाई द्वारा पारंपरिक बीजों के संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर श्री कानूनगो ने मोटे अनाज (मिलेट्स) को पोषण से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक बताया। उन्होंने लहरी बाई और उनके परिवार से मुलाकात कर उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति की भी जानकारी ली और ग्राम पंचायत सचिव तथा जनपद पंचायत सीईओ को बीज भंडार केंद्र में संरक्षित बीजों की जानकारी वाला बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। लहरी बाई ने इस दौरान राशन कार्ड, वनभूमि पट्टा और आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी, जिस पर श्री कानूनगो ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए पात्रता अनुसार लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद, श्री कानूनगो ने समनापुर विकासखंड के ग्राम कमको मोहानिया में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। इस कार्यक्रम में एसडीएम बजाग अक्षय डिगरसे, जनपद सीईओ सचिन अग्रवाल, तहसीलदार सुंदर यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र स्थित पड़रिया कला गांव में सोमवार सुबह छुही (सफेद मिट्टी) की खदान धंसने से एक महिला मजदूर की दुखद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ मजदूर खदान में मिट्टी निकालने का काम कर रहे थे, तभी खदान का एक हिस्सा अचानक भरभराकर धंस गया। इस हादसे में ममता बाई नामक महिला मजदूर मलबे के नीचे दब गईं, जबकि वहां मौजूद अन्य मजदूर जान बचाकर भागने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबी महिला को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद तत्काल रेस्क्यू टीम भेजी गई थी। रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी अन्य मजदूर के मलबे में दबे होने की पुष्टि नहीं हुई। मौके पर शहपुरा एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, तहसीलदार आर.पी. मार्को, थाना प्रभारी अनुराग जामदार सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग का अमला मौजूद रहा। प्रशासन ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि खदान का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और क्या इसके लिए वैध अनुमति ली गई थी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है।1
- डिंडोरी जिले के समनापुर में ग्राम पंचायत समनापुर के वार्ड क्रमांक 01 में भीषण पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे परेशान होकर महिलाओं ने आज जनपद पंचायत समनापुर कार्यालय के सामने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वार्ड में पीने के पानी की स्थिति अत्यंत खराब है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में घोर लापरवाही बरती गई है, जिसके कारण आज भी वार्डवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन के ठेकेदार और पीएचई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद भी वार्डवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वार्ड में जल्द ही नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर पेयजल संकट का समाधान कब तक और कैसे करते हैं।1
- घंसौर क्षेत्र में नौतपा के दौरान सोमवार, 1 जून 2026 को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम झमाझम बारिश ने लोगों को कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा था। बारिश शुरू होते ही मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, तेज हवा के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों की डालियां भी टूटकर गिरीं। किसानों ने इस बारिश को खरीफ फसलों की तैयारी के लिए लाभदायक बताया है, वहीं बच्चों और युवाओं ने भी इस बदले मौसम का खूब आनंद लिया।1
- एक नए गाने 'स्कूल के रानी तैं मोर 2026' का प्रचार किया जा रहा है। इस पोस्ट के माध्यम से श्रोताओं से स्पष्ट रूप से अनुरोध किया गया है कि वे इसे ज़रूर सब्सक्राइब करें।1
- अनूपपुर जिले के बिजुरी स्थित प्राथमिक चिकित्सालय परिसर में दोपहर लगभग 2 बजे एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल की डिक्की से ₹50,000 की चोरी हो गई। अज्ञात चोर ने पहले आराम से इलाके की रेकी की और फिर मौका पाकर बाइक की डिक्की से रुपये निकालकर फरार हो गया। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि मोटरसाइकिल की डिक्की नकदी या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखने के लिए एक सुरक्षित स्थान नहीं है। ऐसी थोड़ी सी लापरवाही से बड़ी आर्थिक हानि हो सकती है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है कि वे बाइक की डिक्की में अधिक नकदी न रखें और जरूरी दस्तावेज व कीमती सामान अपने साथ रखें। अस्पताल, बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। इसके अतिरिक्त, किसी भी संदिग्ध गतिविधि के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है, क्योंकि अपराधी अक्सर ऐसी लापरवाही के मौकों की तलाश में रहते हैं।1
- उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर डिंडौरी पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल को यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, आपदा से निपटने की रणनीति, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता तथा व्यवहारिक दक्षता (सॉफ्ट स्किल्स) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की जा रही है। पुलिस विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) मॉडल के तहत चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि जिले के सभी पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिल सके। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ महापर्व जैसे विशाल आयोजन के लिए पुलिस बल को अधिक सक्षम, सतर्क और दक्ष बनाना है। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सिंहस्थ महापर्व में संभावित चुनौतियों तथा उनके प्रभावी समाधान पर विस्तार से चर्चा की। अभियान के शुभारंभ अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा, एसडीओपी डिंडौरी सतीष द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी सहित जिले के कई अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- जबलपुर के पाटन सब जेल में कार्यरत एक महिला जेल प्रहरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए मानसिक प्रताड़ना, पीछा किए जाने और धमकी मिलने की शिकायत की है। महिला कर्मचारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी इस पीड़ा को व्यक्त किया है और यहां तक कहा है कि वह अपनी नौकरी छोड़ने पर विचार कर रही है। महिला जेल प्रहरी के अनुसार, यह विवाद साल 2024 से चल रहा है। आरोप है कि जेल परिसर में अनाधिकृत रूप से घुसे एक व्यक्ति को रोकने के बाद से उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। उसने बताया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद बाजार जाने पर भी उसका पीछा किया जाता है और धमकियां दी जाती हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसे सीधे तौर पर धमकी दी गई है कि “तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा।” इस लगातार मानसिक तनाव और दबाव के कारण महिला प्रहरी की पढ़ाई और स्वास्थ्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसकी वजह से उसने अब नौकरी छोड़ने का मन बना लिया है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों और एडीजे को जानकारी दी है। पुलिस और विभागीय स्तर पर इस पूरे प्रकरण की जांच जारी है। वहीं दूसरी ओर, आरोपित पक्ष ने महिला प्रहरी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है।1