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डिंडोरी जिले के समनापुर में ग्राम पंचायत समनापुर के वार्ड क्रमांक 01 में भीषण पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे परेशान होकर महिलाओं ने आज जनपद पंचायत समनापुर कार्यालय के सामने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वार्ड में पीने के पानी की स्थिति अत्यंत खराब है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में घोर लापरवाही बरती गई है, जिसके कारण आज भी वार्डवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन के ठेकेदार और पीएचई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद भी वार्डवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वार्ड में जल्द ही नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर पेयजल संकट का समाधान कब तक और कैसे करते हैं।

19 hrs ago
user_लखन बर्मन
लखन बर्मन
पत्रकार Dindori, Madhya Pradesh•
19 hrs ago

डिंडोरी जिले के समनापुर में ग्राम पंचायत समनापुर के वार्ड क्रमांक 01 में भीषण पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे परेशान होकर महिलाओं ने आज जनपद पंचायत समनापुर कार्यालय के सामने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वार्ड में पीने के पानी की स्थिति अत्यंत खराब है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में घोर लापरवाही बरती गई है, जिसके कारण आज भी वार्डवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन के ठेकेदार और पीएचई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद भी वार्डवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वार्ड में जल्द ही नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर पेयजल संकट का समाधान कब तक और कैसे करते हैं।

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  • डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र स्थित पड़रिया कला गांव में सोमवार सुबह छुही (सफेद मिट्टी) की खदान धंसने से एक महिला मजदूर की दुखद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ मजदूर खदान में मिट्टी निकालने का काम कर रहे थे, तभी खदान का एक हिस्सा अचानक भरभराकर धंस गया। इस हादसे में ममता बाई नामक महिला मजदूर मलबे के नीचे दब गईं, जबकि वहां मौजूद अन्य मजदूर जान बचाकर भागने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबी महिला को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद तत्काल रेस्क्यू टीम भेजी गई थी। रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी अन्य मजदूर के मलबे में दबे होने की पुष्टि नहीं हुई। मौके पर शहपुरा एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, तहसीलदार आर.पी. मार्को, थाना प्रभारी अनुराग जामदार सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग का अमला मौजूद रहा। प्रशासन ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि खदान का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और क्या इसके लिए वैध अनुमति ली गई थी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
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    डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र स्थित पड़रिया कला गांव में सोमवार सुबह छुही (सफेद मिट्टी) की खदान धंसने से एक महिला मजदूर की दुखद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ मजदूर खदान में मिट्टी निकालने का काम कर रहे थे, तभी खदान का एक हिस्सा अचानक भरभराकर धंस गया। इस हादसे में ममता बाई नामक महिला मजदूर मलबे के नीचे दब गईं, जबकि वहां मौजूद अन्य मजदूर जान बचाकर भागने में सफल रहे।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबी महिला को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद तत्काल रेस्क्यू टीम भेजी गई थी। रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी अन्य मजदूर के मलबे में दबे होने की पुष्टि नहीं हुई। मौके पर शहपुरा एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, तहसीलदार आर.पी. मार्को, थाना प्रभारी अनुराग जामदार सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग का अमला मौजूद रहा।

प्रशासन ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि खदान का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और क्या इसके लिए वैध अनुमति ली गई थी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
    user_Pradeep singh Rajput
    Pradeep singh Rajput
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • डिंडोरी जिले के समनापुर में ग्राम पंचायत समनापुर के वार्ड क्रमांक 01 में भीषण पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे परेशान होकर महिलाओं ने आज जनपद पंचायत समनापुर कार्यालय के सामने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वार्ड में पीने के पानी की स्थिति अत्यंत खराब है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में घोर लापरवाही बरती गई है, जिसके कारण आज भी वार्डवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन के ठेकेदार और पीएचई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद भी वार्डवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वार्ड में जल्द ही नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर पेयजल संकट का समाधान कब तक और कैसे करते हैं।
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    डिंडोरी जिले के समनापुर में ग्राम पंचायत समनापुर के वार्ड क्रमांक 01 में भीषण पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे परेशान होकर महिलाओं ने आज जनपद पंचायत समनापुर कार्यालय के सामने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग की।

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वार्ड में पीने के पानी की स्थिति अत्यंत खराब है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में घोर लापरवाही बरती गई है, जिसके कारण आज भी वार्डवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन के ठेकेदार और पीएचई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद भी वार्डवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वार्ड में जल्द ही नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर पेयजल संकट का समाधान कब तक और कैसे करते हैं।
    user_लखन बर्मन
    लखन बर्मन
    पत्रकार Dindori, Madhya Pradesh•
    19 hrs ago
  • Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
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    Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • दर्शकों से एक वीडियो अपने बच्चों को दिखाने का आग्रह किया गया है। यह सुझाव इस उम्मीद के साथ दिया गया है कि संभवतः इस वीडियो को देखने के बाद बच्चे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना छोड़ सकते हैं।
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    दर्शकों से एक वीडियो अपने बच्चों को दिखाने का आग्रह किया गया है। यह सुझाव इस उम्मीद के साथ दिया गया है कि संभवतः इस वीडियो को देखने के बाद बच्चे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना छोड़ सकते हैं।
    user_Shahdol news
    Shahdol news
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • आम आदमी पार्टी (आप) मंडला की विधानसभा बैठक मंडला जिला कार्यालय में दिल्ली से आए मध्य प्रदेश सहप्रभारी श्री धर्मेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विधानसभा स्तर पर संगठन का निर्माण करना और उसे बूथ स्तर तक पहुंचाना था। कार्यकर्ताओं ने आगामी पंचायत और निकाय चुनावों के लिए प्रत्याशी चयन से लेकर विधानसभा चुनावों की विस्तृत रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया। तेज गर्मी के बावजूद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया, जो परिवर्तन के समय का संकेत दे रहा था। कार्यकर्ताओं ने अपने निजी संसाधनों का खर्च कर अलग-अलग क्षेत्रों से आकर सभा में गंभीरता से हिस्सा लिया, जो पार्टी के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि जिस प्रकार जिला अध्यक्ष पंकज सोनी के नेतृत्व में आप मंडला की टीम गांव-गांव तक पहुंच रही है, उसी प्रकार वे भी अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी का विस्तार करेंगे। इस बैठक में प्रदेश सहप्रभारी धर्मेंद्र सिंह रावत (धामू), सहयोगी अविनाश चौधरी, जिला अध्यक्ष पंकज सोनी, जिला उपाध्यक्ष आनंद प्रकाश तिवारी, जिला अध्यक्ष (ओबीसी विंग) हितेंद्र सिंह, जिला संगठन मंत्री शिशु सिंधु भलावी, जिला अध्यक्ष (बौद्धिक प्रकोष्ठ) अशोक पांडे, जिला संगठन मंत्री (एससी विंग) नितिन झरिया, जिला सहसचिव प्रकाश धनंजय, जिला मीडिया प्रभारी आशीष वैष्णव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    आम आदमी पार्टी (आप) मंडला की विधानसभा बैठक मंडला जिला कार्यालय में दिल्ली से आए मध्य प्रदेश सहप्रभारी श्री धर्मेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विधानसभा स्तर पर संगठन का निर्माण करना और उसे बूथ स्तर तक पहुंचाना था। कार्यकर्ताओं ने आगामी पंचायत और निकाय चुनावों के लिए प्रत्याशी चयन से लेकर विधानसभा चुनावों की विस्तृत रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया।

तेज गर्मी के बावजूद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया, जो परिवर्तन के समय का संकेत दे रहा था। कार्यकर्ताओं ने अपने निजी संसाधनों का खर्च कर अलग-अलग क्षेत्रों से आकर सभा में गंभीरता से हिस्सा लिया, जो पार्टी के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि जिस प्रकार जिला अध्यक्ष पंकज सोनी के नेतृत्व में आप मंडला की टीम गांव-गांव तक पहुंच रही है, उसी प्रकार वे भी अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी का विस्तार करेंगे। इस बैठक में प्रदेश सहप्रभारी धर्मेंद्र सिंह रावत (धामू), सहयोगी अविनाश चौधरी, जिला अध्यक्ष पंकज सोनी, जिला उपाध्यक्ष आनंद प्रकाश तिवारी, जिला अध्यक्ष (ओबीसी विंग) हितेंद्र सिंह, जिला संगठन मंत्री शिशु सिंधु भलावी, जिला अध्यक्ष (बौद्धिक प्रकोष्ठ) अशोक पांडे, जिला संगठन मंत्री (एससी विंग) नितिन झरिया, जिला सहसचिव प्रकाश धनंजय, जिला मीडिया प्रभारी आशीष वैष्णव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Govardhan kushwaha
    Govardhan kushwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    52 min ago
  • मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र से 16 दिन पहले छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश करने वाले चार हाथियों का एक समूह आज सोमवार को घुसरिया बीट के चिचगोहना गांव में अरुण राय के खेत में पहुँचकर धान की फसल को अपना आहार बना रहा है। ये हाथी पिछले 13 दिनों से मरवाही वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र के घुसरिया बीट में ठहरे हुए थे, और सोमवार को दिनभर लेंगरा डोंगरी पहाड़ के जंगल में बिताने के बाद शाम होते ही जंगल से बाहर आ गए। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ की सीमा से मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले की जैतहरी तहसील एवं वन परिक्षेत्र से लगभग 15 से 17 किलोमीटर दूर स्थित है। इस चार हाथियों के समूह में तीन हाथी 159 दिन पहले छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले अंतर्गत कटघोरा वन मंडल के जड़गा वन परिक्षेत्र में रहने वाले 50 से अधिक हाथियों के बड़े समूह से अलग हो गए थे। इन तीनों हाथियों के साथ विगत दो माह से एक बड़ा नर हाथी भी जुड़कर विचरण कर रहा है। यह समूह छत्तीसगढ़ के मरवाही वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र से निकलकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर, शहडोल और डिंडोरी होते हुए विगत 16 दिनों से एक बार फिर छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र के क्षेत्र में वापस आ गया है। इस दौरान, उन्होंने एक दिन शिवनी बीट में, दो दिन गुल्लीडांड़ के माडाकोट जंगल में बिताए, और पिछले 13 दिनों से वे घुसरिया बीट के लेंगरा डोंगरी जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे थे, जिसके बाद अब वे चिचगोहना गांव के खेत में धान खा रहे हैं।
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    मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र से 16 दिन पहले छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश करने वाले चार हाथियों का एक समूह आज सोमवार को घुसरिया बीट के चिचगोहना गांव में अरुण राय के खेत में पहुँचकर धान की फसल को अपना आहार बना रहा है। ये हाथी पिछले 13 दिनों से मरवाही वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र के घुसरिया बीट में ठहरे हुए थे, और सोमवार को दिनभर लेंगरा डोंगरी पहाड़ के जंगल में बिताने के बाद शाम होते ही जंगल से बाहर आ गए। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ की सीमा से मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले की जैतहरी तहसील एवं वन परिक्षेत्र से लगभग 15 से 17 किलोमीटर दूर स्थित है।

इस चार हाथियों के समूह में तीन हाथी 159 दिन पहले छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले अंतर्गत कटघोरा वन मंडल के जड़गा वन परिक्षेत्र में रहने वाले 50 से अधिक हाथियों के बड़े समूह से अलग हो गए थे। इन तीनों हाथियों के साथ विगत दो माह से एक बड़ा नर हाथी भी जुड़कर विचरण कर रहा है। यह समूह छत्तीसगढ़ के मरवाही वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र से निकलकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर, शहडोल और डिंडोरी होते हुए विगत 16 दिनों से एक बार फिर छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र के क्षेत्र में वापस आ गया है। इस दौरान, उन्होंने एक दिन शिवनी बीट में, दो दिन गुल्लीडांड़ के माडाकोट जंगल में बिताए, और पिछले 13 दिनों से वे घुसरिया बीट के लेंगरा डोंगरी जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे थे, जिसके बाद अब वे चिचगोहना गांव के खेत में धान खा रहे हैं।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर डिंडौरी पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल को यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, आपदा से निपटने की रणनीति, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता तथा व्यवहारिक दक्षता (सॉफ्ट स्किल्स) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की जा रही है। पुलिस विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) मॉडल के तहत चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि जिले के सभी पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिल सके। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ महापर्व जैसे विशाल आयोजन के लिए पुलिस बल को अधिक सक्षम, सतर्क और दक्ष बनाना है। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सिंहस्थ महापर्व में संभावित चुनौतियों तथा उनके प्रभावी समाधान पर विस्तार से चर्चा की। अभियान के शुभारंभ अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा, एसडीओपी डिंडौरी सतीष द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी सहित जिले के कई अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर डिंडौरी पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल को यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, आपदा से निपटने की रणनीति, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता तथा व्यवहारिक दक्षता (सॉफ्ट स्किल्स) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की जा रही है। पुलिस विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) मॉडल के तहत चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि जिले के सभी पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिल सके। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ महापर्व जैसे विशाल आयोजन के लिए पुलिस बल को अधिक सक्षम, सतर्क और दक्ष बनाना है।

इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सिंहस्थ महापर्व में संभावित चुनौतियों तथा उनके प्रभावी समाधान पर विस्तार से चर्चा की। अभियान के शुभारंभ अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा, एसडीओपी डिंडौरी सतीष द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी सहित जिले के कई अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_NILMANI CHOUDHARY
    NILMANI CHOUDHARY
    Farmer डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र से पुलिस की कथित 'पहचान चूक' का एक संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और डिजिटल वेरिफिकेशन के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुढार के प्रतिष्ठित नागरिक श्री सत्यजीत शुक्ला के निवास पर बुढार थाना पुलिस की एक टीम अचानक पहुँच गई। पुलिस ने परिवार को बताया कि श्री सत्यजीत शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई पुराना आपराधिक मामला लंबित है और वे उसी सिलसिले में पूछताछ तथा कार्रवाई के लिए आए हैं। पुलिस की इस अप्रत्याशित दस्तक से पूरा परिवार हैरान और भारी मानसिक तनाव में आ गया। इस विकट परिस्थिति में श्री सत्यजीत शुक्ला के पुत्र विकास शुक्ला ने घबराने के बजाय सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल पूरी पुलिसिया कार्रवाई की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। कैमरे की मौजूदगी और विकास शुक्ला द्वारा पूछे गए तीखे, तथ्यात्मक और कानूनी सवालों के बाद पुलिस टीम असमंजस में पड़ गई। जब विकास शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों से संबंधित मामले के पुख्ता अभिलेख, केस डायरी और पहचान संबंधी ठोस दस्तावेज मांगे, तब जाकर पुलिसिया तंत्र ने अपनी फाइलें दोबारा जाँचीं। गहन पूछताछ, दस्तावेजों के मिलान और वीडियो ग्राफ़ी के साक्ष्य के सामने आखिरकार बुढार पुलिस को अपनी तकनीकी और प्रक्रियात्मक चूक स्वीकार करनी पड़ी। पुलिस ने माना कि उन्हें जिस व्यक्ति की तलाश थी, वह कोई और था और यह भारी भ्रम नाम तथा उपनाम (सत्यजीत शुक्ला) की समानता के कारण उत्पन्न हुआ था। बाद में पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए स्पष्ट किया कि इस पीड़ित परिवार के श्री सत्यजीत शुक्ला के नाम पर बुढार थाने में ऐसा कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई लंबित है। इसके बाद पुलिस ने परिवार को आश्वस्त किया और वहाँ से लौट गई। हालाँकि, पुलिस की 'सॉरी' के साथ मामला खत्म होने के बावजूद, पत्रकारों और समाजसेवियों ने इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था से कुछ सीधे और कड़े सवाल पूछे हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या सिर्फ नाम की समानता किसी को भी संदिग्ध बना देगी और क्या शाहडोल पुलिस के पास किसी के घर दबिश देने से पहले 'मल्टी-लेवल वेरिफिकेशन' (जैसे पिता का नाम, उम्र, हुलिया, पता और आधार/पहचान पत्र का मिलान) की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही, इस गरिमापूर्ण परिवार को पुलिस के घर पहुँचने से जो मानसिक आघात और सामाजिक असहजता झेलनी पड़ी, उसकी भरपाई कौन करेगा, इस पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह भी पूछा गया कि यदि जागरूक युवा विकास शुक्ला ने पूरी सजगता से वीडियो रिकॉर्डिंग न की होती और तीखे सवाल न पूछे होते, तो क्या पुलिस अपनी गलती इतनी आसानी से मानती या फिर किसी निर्दोष को थाने के चक्कर काटने पड़ते। इस घटना के बाद पीड़ित शुक्ला परिवार और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि आधुनिक पुलिसिंग के इस दौर में, जहाँ डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीएनएस जैसी प्रणालियाँ मौजूद हैं, वहाँ इस तरह की मानवीय और प्रक्रियात्मक त्रुटियां असहनीय हैं। नागरिकों ने भविष्य में बुढार या पूरे शहडोल संभाग में किसी भी अन्य निर्दोष नागरिक के मौलिक अधिकारों, सम्मान और मानसिक शांति के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा रिकॉर्ड के शत-प्रतिशत सत्यापन की मांग की है।
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    मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र से पुलिस की कथित 'पहचान चूक' का एक संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और डिजिटल वेरिफिकेशन के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुढार के प्रतिष्ठित नागरिक श्री सत्यजीत शुक्ला के निवास पर बुढार थाना पुलिस की एक टीम अचानक पहुँच गई। पुलिस ने परिवार को बताया कि श्री सत्यजीत शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई पुराना आपराधिक मामला लंबित है और वे उसी सिलसिले में पूछताछ तथा कार्रवाई के लिए आए हैं। पुलिस की इस अप्रत्याशित दस्तक से पूरा परिवार हैरान और भारी मानसिक तनाव में आ गया।

इस विकट परिस्थिति में श्री सत्यजीत शुक्ला के पुत्र विकास शुक्ला ने घबराने के बजाय सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल पूरी पुलिसिया कार्रवाई की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। कैमरे की मौजूदगी और विकास शुक्ला द्वारा पूछे गए तीखे, तथ्यात्मक और कानूनी सवालों के बाद पुलिस टीम असमंजस में पड़ गई। जब विकास शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों से संबंधित मामले के पुख्ता अभिलेख, केस डायरी और पहचान संबंधी ठोस दस्तावेज मांगे, तब जाकर पुलिसिया तंत्र ने अपनी फाइलें दोबारा जाँचीं। गहन पूछताछ, दस्तावेजों के मिलान और वीडियो ग्राफ़ी के साक्ष्य के सामने आखिरकार बुढार पुलिस को अपनी तकनीकी और प्रक्रियात्मक चूक स्वीकार करनी पड़ी। पुलिस ने माना कि उन्हें जिस व्यक्ति की तलाश थी, वह कोई और था और यह भारी भ्रम नाम तथा उपनाम (सत्यजीत शुक्ला) की समानता के कारण उत्पन्न हुआ था। बाद में पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए स्पष्ट किया कि इस पीड़ित परिवार के श्री सत्यजीत शुक्ला के नाम पर बुढार थाने में ऐसा कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई लंबित है। इसके बाद पुलिस ने परिवार को आश्वस्त किया और वहाँ से लौट गई।

हालाँकि, पुलिस की 'सॉरी' के साथ मामला खत्म होने के बावजूद, पत्रकारों और समाजसेवियों ने इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था से कुछ सीधे और कड़े सवाल पूछे हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या सिर्फ नाम की समानता किसी को भी संदिग्ध बना देगी और क्या शाहडोल पुलिस के पास किसी के घर दबिश देने से पहले 'मल्टी-लेवल वेरिफिकेशन' (जैसे पिता का नाम, उम्र, हुलिया, पता और आधार/पहचान पत्र का मिलान) की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही, इस गरिमापूर्ण परिवार को पुलिस के घर पहुँचने से जो मानसिक आघात और सामाजिक असहजता झेलनी पड़ी, उसकी भरपाई कौन करेगा, इस पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह भी पूछा गया कि यदि जागरूक युवा विकास शुक्ला ने पूरी सजगता से वीडियो रिकॉर्डिंग न की होती और तीखे सवाल न पूछे होते, तो क्या पुलिस अपनी गलती इतनी आसानी से मानती या फिर किसी निर्दोष को थाने के चक्कर काटने पड़ते। इस घटना के बाद पीड़ित शुक्ला परिवार और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि आधुनिक पुलिसिंग के इस दौर में, जहाँ डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीएनएस जैसी प्रणालियाँ मौजूद हैं, वहाँ इस तरह की मानवीय और प्रक्रियात्मक त्रुटियां असहनीय हैं। नागरिकों ने भविष्य में बुढार या पूरे शहडोल संभाग में किसी भी अन्य निर्दोष नागरिक के मौलिक अधिकारों, सम्मान और मानसिक शांति के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा रिकॉर्ड के शत-प्रतिशत सत्यापन की मांग की है।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मंडला जिले के पिंडरई में नरवाई जलाना भारी पड़ गया, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते, एक गोदाम पूरी तरह आग की चपेट में आ गया और जलकर खाक हो गया। इस घटना से गोदाम में रखी कृषि सामग्री का भारी नुकसान हुआ है।
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    मंडला जिले के पिंडरई में नरवाई जलाना भारी पड़ गया, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते, एक गोदाम पूरी तरह आग की चपेट में आ गया और जलकर खाक हो गया। इस घटना से गोदाम में रखी कृषि सामग्री का भारी नुकसान हुआ है।
    user_Neelesh THAKUR
    Neelesh THAKUR
    Mandla, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
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