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अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में सार्वजनिक और सुलभ शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यहाँ कार्यरत मजदूरों, कर्मचारियों, ड्राइवरों और आगंतुकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले वाहन चालकों के लिए यह समस्या गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता किसी भी क्षेत्र के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, लेकिन इस मामले में विकास के दावे खोखले साबित हुए हैं क्योंकि शौचालय तक की मूलभूत सुविधा नहीं है, जिससे ड्राइवर और श्रमिक परेशान हैं। संबंधित विभागों को इस ओर तत्काल ध्यान देकर शीघ्र समाधान करने की मांग की गई है।
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अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में सार्वजनिक और सुलभ शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यहाँ कार्यरत मजदूरों, कर्मचारियों, ड्राइवरों और आगंतुकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले वाहन चालकों के लिए यह समस्या गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता किसी भी क्षेत्र के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, लेकिन इस मामले में विकास के दावे खोखले साबित हुए हैं क्योंकि शौचालय तक की मूलभूत सुविधा नहीं है, जिससे ड्राइवर और श्रमिक परेशान हैं। संबंधित विभागों को इस ओर तत्काल ध्यान देकर शीघ्र समाधान करने की मांग की गई है।
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- अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में सार्वजनिक और सुलभ शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यहाँ कार्यरत मजदूरों, कर्मचारियों, ड्राइवरों और आगंतुकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले वाहन चालकों के लिए यह समस्या गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता किसी भी क्षेत्र के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, लेकिन इस मामले में विकास के दावे खोखले साबित हुए हैं क्योंकि शौचालय तक की मूलभूत सुविधा नहीं है, जिससे ड्राइवर और श्रमिक परेशान हैं। संबंधित विभागों को इस ओर तत्काल ध्यान देकर शीघ्र समाधान करने की मांग की गई है।1
- अलवर जिले की आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की अपील करते हुए एक मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि वे वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद, उनकी समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो पाया है, और उन्हें अपेक्षित सुविधाएं व सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है। आशा सहयोगिनियों ने ज्ञापन में अपनी भूमिका को रेखांकित किया, जिसमें गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात शिशुओं की निगरानी, टीकाकरण अभियान, परिवार कल्याण कार्यक्रम, पोषण अभियान और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का सफल क्रियान्वयन शामिल है। उनकी प्रमुख मांगों में उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, लंबित क्लेम एवं प्रोत्साहन राशि का एकमुश्त भुगतान करना, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सुविधा लागू करना और केवल स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्य ही उनसे करवाना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न विभागों के अतिरिक्त कार्यों का बोझ बढ़ने से उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आशा सहयोगिनियों ने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए विवश होंगी। इस दौरान अध्यक्ष राजवती, सचिव अनिता, कोषाध्यक्ष अनीता, माया सैनी, सुनीता, संतोष, कविता, मनीषा, सोनू, राधा, नीलम, मीरा, ललिता, रविता, सीमा सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां मौजूद थीं, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ उठाई और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।4
- अलवर में एक पुलिस कर्मचारी को बिना हेलमेट के घूमते हुए देखा गया है, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि जब प्रशासन स्वयं हेलमेट पहनने के नियमों का पालन नहीं कर रहा है, तो आम लोग इन नियमों का पालन कैसे करेंगे? साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि बिना हेलमेट घूम रहे इन पुलिसकर्मियों का चालान कौन काटेगा।1
- नौगांवा तहसील की ग्राम पंचायत पाटा में 25 जून 2026 को सरकारी स्कूल के प्रांगण में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में राजस्व, बिजली, पानी, चिकित्सा सहित 22 प्रमुख विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, बीमा सहित अन्य समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। नौगांवा के तहसीलदार ने बताया कि इस शिविर का आयोजन "ग्रामीण सेवा" के उद्देश्य से किया गया था।1
- एडवोकेट संगीता ने डॉ. BR अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक का भ्रमण करने से पहले एक बयान दिया।1
- जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश ने खैरथल का दौरा किया, जहाँ उन्होंने पुलिस अधिकारियों की एक क्राइम मीटिंग ली। इस बैठक में साइबर अपराधों सहित विभिन्न आपराधिक मामलों की समीक्षा की गई। बाद में मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि बैठक में पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। आईजी राहुल प्रकाश ने इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक ब्रजेश उपाध्याय के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे साइबर अपराधों की रोकथाम और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए लगातार सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में इस क्षेत्र में और भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे। सामाजिक पुलिसिंग के विषय पर जोर देते हुए, आईजी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य व्यक्ति किसी दुःख, परेशानी या पीड़ा के कारण ही थाने तक पहुँचता है, इसलिए उसकी बात को धैर्यपूर्वक सुनना और उचित सहायता प्रदान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आईजी ने यह भी कहा कि पुलिस थानों में स्थापित स्वागत कक्ष का उद्देश्य आमजन को बेहतर वातावरण और सहज सुनवाई उपलब्ध कराना है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से जनसंपर्क को मजबूत करने तथा आमजन के प्रति सकारात्मक और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने का संदेश दिया।1
- जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश ने खैरथल के अपने दौरे के दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ एक क्राइम मीटिंग की। इस बैठक में साइबर अपराधों सहित विभिन्न आपराधिक मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई, जिसके बाद उन्होंने प्रभावी कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। आईजी प्रकाश ने मीडिया को बताया कि मीटिंग में पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की प्रगति पर गहन चर्चा हुई थी। आईजी राहुल प्रकाश ने इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक ब्रजेश उपाध्याय द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए किए जा रहे सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में इस दिशा में और भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे। सोशल पुलिसिंग के महत्व पर जोर देते हुए, आईजी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य व्यक्ति अपनी परेशानी या पीड़ा के कारण ही थाने तक पहुँचता है, इसलिए उनकी बात को धैर्यपूर्वक सुनना और उन्हें उचित सहायता प्रदान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस थानों में स्थापित स्वागत कक्षों के उद्देश्य को भी दोहराया, जो आम जनता को बेहतर वातावरण और सहज सुनवाई उपलब्ध कराना है। आईजी ने पुलिसकर्मियों को जनसंपर्क को मजबूत करने तथा आमजन के प्रति सकारात्मक एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए।1
- भीषण गर्मी के बीच निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर, अलवर के एमआईए स्थित फैक्ट्री रोड नंबर 2 पर जेएम इंडस्ट्रीज ने एक सराहनीय सेवा कार्य किया। एमडी जेएम यादव के नेतृत्व में, कंपनी ने श्रमिकों, राहगीरों और आमजन के लिए ठंडे पेयजल की व्यवस्था की। इस पुनीत कार्य में कर्मचारी विवेक सिंह नरूका, दिलीप चौधरी, रामस्वामी, सागरमल यादव और जेएम इंडस्ट्रीज के समस्त कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग दिया। इस प्रयास को 'मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है' के रूप में सराहा गया, जो समाज को सेवा, सहयोग और सद्भाव का संदेश देता है।1