मिर्जापुर के चुनार स्थित नगर न्यायालय परिसर और सड़कों पर NEET परीक्षा विवाद को लेकर अधिवक्ताओं ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की और कहा कि NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है। इस दौरान चुनार का पूरा इलाका "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "NEET में पारदर्शिता लाओ" के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि NEET परीक्षा में हुई तमाम गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। वकीलों के इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने चुनार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मिर्जापुर के चुनार स्थित नगर न्यायालय परिसर और सड़कों पर NEET परीक्षा विवाद को लेकर अधिवक्ताओं ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की और कहा कि NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है। इस दौरान चुनार का पूरा इलाका "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "NEET में पारदर्शिता लाओ" के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि NEET परीक्षा में हुई तमाम गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। वकीलों के इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने चुनार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
- कैथी में प्राइमरी स्कूल के सामने की गली बदहाल, ग्रामीण खुद कर रहे मरम्मत जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता पंकज कुमार वाराणसी कैथी में प्राइमरी स्कूल के सामने की गली बदहाल, ग्रामीण खुद कर रहे मरम्मत 📍चौबेपुर (वाराणसी)। थाना चौबेपुर क्षेत्र के कैथी गांव में प्राथमिक विद्यालय के सामने स्थित ग्रामीण गली लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। यह गली गांव के लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है, लेकिन इसकी जर्जर हालत के कारण ग्रामीणों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में गली में कीचड़ और जलभराव होने से समस्या और भी गंभीर हो जाती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग एवं जनप्रतिनिधियों से गली की मरम्मत कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की उदासीनता से निराश ग्रामीणों ने अब स्वयं ही पहल करते हुए गली के गड्ढों को मिट्टी और अन्य सामग्री से भरकर अस्थायी मरम्मत शुरू कर दी है, ताकि लोगों का आवागमन सुचारु रूप से हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है। यदि जल्द ही गली का स्थायी निर्माण या मरम्मत नहीं कराई गई, तो बरसात के दौरान समस्या फिर गंभीर हो जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जनहित को देखते हुए गली का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चौबेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संधान रिंग रोड इलाके से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी सामने आई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस पर निष्क्रिय रहने का सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि वाराणसी पुलिस अंधेरे में सो रही है। क्षेत्र में ब्राह्मणों की हत्याएं हो रही हैं और चोरों में कोई सुधार या उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने पर प्रशासन का रवैया भी कटघरे में खड़ा किया गया है। आरोप है कि जब प्रशासन से जवाब मांगा जाता है तो उनका कहना होता है कि वे जनता की रक्षा करने के लिए नहीं बल्कि केवल सड़क पर घूमने के लिए हैं। असरना थाना पास में होने के बावजूद यह क्षेत्र चौबेपुर के तहत आता है। पुलिस के इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब और लचर रवैये पर तीखा आक्रोश जताते हुए प्रशासन की कीमत और उसकी उपयोगिता पर सवाल खड़े किए गए हैं।2
- मिर्जापुर के चुनार स्थित नगर न्यायालय परिसर और सड़कों पर NEET परीक्षा विवाद को लेकर अधिवक्ताओं ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की और कहा कि NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है। इस दौरान चुनार का पूरा इलाका "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "NEET में पारदर्शिता लाओ" के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि NEET परीक्षा में हुई तमाम गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। वकीलों के इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने चुनार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।1
- न्यूज टू इंडिया के संवाददाता और जिला चीफ ब्यूरो विनीत कुमार गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, चहनियां स्थित ग्राम सभा खंडवारी की वर्षों पुरानी जनसमस्याओं के समाधान को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। ग्राम सभा की बुनियादी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रधान पति सतीश गुप्ता लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सतीश गुप्ता ने गांव की प्रमुख जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए खुद मैदान में उतरकर मोर्चा संभाला है। उन्होंने स्ट्रीट लाइट लगाने, जर्जर सड़कों के निर्माण, जल निगम की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा पीडब्ल्यूडी से संबंधित कार्यों समेत अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की है। इन सभी बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार के लिए उन्होंने संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग उठाई है।1
- अयोध्या में 7 सितम्बर 2021 को श्रीराम जन्मभूमि परिसर विस्तार योजना के तहत जिन परिवारों के मकान ध्वस्त किए गए थे, वे आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। रामकोट स्थित अहिराना (दिगम्बर जैन मंदिर के निकट) निवासी राजन यादव, संतोष यादव और राम आधार यादव सहित अन्य पीड़ितों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य पूज्य महन्त श्री दिनेन्द्र दास जी महाराज को प्रार्थना-पत्र सौंपकर भूमि और मुआवजा तत्काल स्वीकृत कराने की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि परिसर विस्तार के लिए प्रशासन और ट्रस्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने अपने पैतृक मकान दिए थे, लेकिन लगभग 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो भूमि मिली है और न ही प्रतिकर। स्थायी आवास न होने के कारण ये परिवार भारी आर्थिक, मानसिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं। पीड़ितों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि संतोष यादव की दो बेटियां विवाह योग्य हैं, राम आधार यादव के एक बेटा व एक बेटी है, तथा पिता के देहांत के बाद राजन यादव पर वृद्ध व बीमार माता के इलाज और 3 अविवाहित छोटी बहनों की जिम्मेदारी है। किराए के मकान में रह रहे पीड़ितों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विरोध या विवाद करना नहीं, बल्कि अपने वैधानिक अधिकार के तहत देय भूमि और मुआवजा पाना है ताकि वे छोटा-सा घर बनाकर बेटियों का विवाह कर सकें। पत्र में उन्होंने लिखा कि प्रभु श्रीराम का मंदिर न्याय, करुणा और लोककल्याण का प्रतीक है और उन्हें विश्वास है कि श्रीराम के दरबार में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। पीड़ितों ने महन्त दिनेन्द्र दास से व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया है।2
- मिर्जापुर के चुनार स्थित नगर न्यायालय परिसर और सड़कों पर NEET परीक्षा विवाद को लेकर अधिवक्ताओं ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। अधिवक्ताओं का स्पष्ट कहना था कि NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है। इस दौरान चुनार का पूरा इलाका "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "NEET में पारदर्शिता लाओ" के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि NEET परीक्षा में हुई तमाम गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा। वकीलों के इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने चुनार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। न्यूज टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।1
- मुगलसराय और चकिया में नीट पेपर लीक के मामले को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। नीट पेपर लीक के विरोध में छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उनके साथ बहुत गलत व्यवहार किया। नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार फूट रहा है।1