Shuru
Apke Nagar Ki App…
शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता
Durgesh Kumar Gupta
शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता
More news from Shahdol and nearby areas
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता1
- शादी में दूल्हे की एंट्री के लिए संपर्ककरें 91795907981
- मुख्यमंत्री ने जयसिंहनगर और ब्योहारी को दी 767 करोड़ की सौगातें == जयसिंहनगर में बाईपास का होगा निर्माण-बुड़वा अस्पताल का होगा उन्नयन == गंधिया ग्राम बनेगा धार्मिक आस्था और पर्यटन का केन्द्र == सरकार विरासत से विकास की राह प्रशस्त कर रही हैै-मुख्यमंत्री == आयोध्या, सोमनाथ और उज्जैन हमारी सनातन विरासत है == हम शबरी माता के भक्ति के गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाएंगे == शहडोल को मिली 2300 करोड़ की सिंचाई सुविधाओं की सौगात से किसान समृद्ध होगें == ब्यौहारी और जयसिंहनगर के बीच बनेगा औद्योगिक विकास केन्द्र == शहडोल 08 फरवरी 2026- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम गंधिया में माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर विशाल जन सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब माता शबरी के भक्ति के गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाएंगे। विंध्य की पावन भूमि में चित्रकूट में भगवान श्री राम ने वनवास के 11 वर्ष से अधिक का समय बिताया। गंधिया ग्राम में भी भगवान के पावन चरण पड़े और उन्होंने माता शबरी को दर्शन दिए। हमारी सरकार सनातन परंपरा का सम्मान करती है। हम विरासत से विकास की राह प्रसस्त कर रहे हैं। एक हजार साल तक प्रतीक्षा के बाद सोमनाथ मंदिर का पुनर्निमाण तब के राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और सरदार पटेल की पहल पर हुआ। आयोध्या, सोमनाथ और उज्जैन हमारी विरासत है। मुख्यमंत्री ने समारोह में 767 करोड़ रूपए की लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्याश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शबरी माता की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान राम ने उन्हें दर्शन दिए और प्रेम के साथ जूठे बेर खाए। भगवान राम ने भीलनी शबरी माता को कौशल्या माता के समान आदर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान ने शहडोल, ब्यौहारी और जयसिंहनगर क्षेत्र को अनुपम प्राकृतिक सौदर्य का उपहार दिया है। यह क्षेत्र मॉ नर्मदा का घर है। इस क्षेत्र की विकास के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बुढ़ार, गोहपारू और जयसिंहनगर माईक्रो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2300 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं। इस सिंचाई परियोजना से क्षेत्र का किसान समृद्ध होगा। रीवा शहडोेल मार्ग में जयसिंहनगर में बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। ब्यौहारी और जयसिंहनगर के बीच औद्योगिक विकास केन्द्र का निर्माण किया जाएगा इससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। बुड़वा स्वास्थ्य केन्द्र का 30 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनता की करतल ध्वनि के बीच गंधिया ग्राम और सीतामढ़ी को धार्मिक, आस्था तथा पर्यटन का केन्द्र बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा की संजय टाईगर रिजर्व में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ब्यौहारी की ओर नया गेट खोला जाएगा। परीक्षण के बाद आमडीह उप तहसील का तहसील में उन्नयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं लाडली बहना हितग्राहियो को हर महीने 1500 रूपए दिए जा रहे है। प्रधानमंत्री जी किसानों को किसान सम्मान निधि देकर सम्मानित कर रहे हैं। केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार तेजी से प्रदेश के विकास के कार्य कर रहे हैं इसके लिए हम यशस्वी प्रधानमंत्री जी का अभिनन्दन करते हैं। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी सरकार ने केवल दो साल में ही 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा दी है। शहडोल को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी गई है। आदिवासी वीरोें और शहीदोें के सम्मान में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हमारे आदिवासी वीरोे ने अंग्रेजों से जमकर संघर्ष किया। समारोह में मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन करके बेटियों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी मदिर में भगवान राम के दर्शन किए तथा पूजा अर्चना की। समारोह स्थल में पहुंचने पर मुख्यमंत्री का परंपरागत आदिवासी शैला नृत्य और करमा नृत्य से स्वागत किया गया तथा परंपरागत आदिवासी पगड़ी पहनाई गई। समारोह में सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि त्रेतायुग मे इस भूमि पर भगवान राम के पावन चरण पड़े थे। आज मुख्यमंत्री जी ने शबरी माता की मूर्ति का अनावरण करके तथा विकास की सौगातें देकर क्षेत्र को धन्य कर दिया है। सांसद ने कटनी से ब्यौहारी होते हुए सिंगरौली तक फोरलेन सड़क निर्माण, औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, सहित विभिन्न मांगे रखी। समारोह मे विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने मुख्यमंत्री जी को क्षेत्र की विकास की विभिन्न सोगातों के लिए धन्यवाद दिया। समारोह में मुख्यमंत्री जी का स्वागत करते हुए विधायक ब्यौहारी श्री शरद जुगलाल कोल ने कहा कि 70 साल की प्रतीक्षा के बाद यहां मुख्यमंत्री पधारे हैं। मुख्यमंत्री जी ने शहडोल क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं सहित कई सौगातें दी है। सिंचाई सुविधा मिलने ने ख्ेाती मे तेजी से विकास होगा विधायक ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई मांगे रखी। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर लगाई गई विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, उपाध्यक्ष श्रीमती फूलवती सिंह, जनपद अध्यक्ष जयसिंहनगर श्रीमती मालती सिंह, जनपद अध्यक्ष ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह, सदस्य जिला योजना समिति श्रीमती अमिताा चपरा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी सख्या में आम जन उपस्थित रहे। समारोह में कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता, आईजी सुश्री चैत्रा एन, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सतना: कलेक्टर के आदेश बेअसर, बोर्ड परीक्षा के बीच 'शोर के सौदागरों' का तांडव सतना/बिरसिंहपुर: जिले में बोर्ड परीक्षाये शुरु हो चुकी है, लेकिन प्रशासन के शांतिपूर्ण परीक्षा कराने के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। एक तरफ कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं, वहीं दूसरी ओर बिरसिंहपुर तहसील और सभापुर थाना क्षेत्र में इन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कागजों तक सीमित 'साइलेंस जोन' कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश हैं कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का शोर या धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद, सभापुर क्षेत्र में देर रात तक बज रहे 'कान फोड़ू' डीजे छात्रों की एकाग्रता भंग कर रहे हैं। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल हैरानी की बात यह है कि आदेश का उल्लंघन करने पर धारा-223 (BNS) के तहत दंडात्मक कार्रवाई और डीजे जब्ती का प्रावधान है, फिर भी पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौन है। छात्रों का कहना है कि शोर के कारण वे ठीक से रिवीजन नहीं कर पा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन केवल आदेश जारी करने तक सीमित रहेगा या इन "शोर के सौदागरों" पर सख्त कार्रवाई कर छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मुहैया कराएगा?2
- पूज्य गुरुदेव महाराज के दर्शन के लिए धारकुण्डी आश्रम में उमड़ा जनसैलाब कमिश्नर बीएस जामोद व आईजी गौरव राजपूत धारकुंडी आश्रम पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।मुख्यमंत्री का कार्यकम जारी हो चुका है,दोपहर 3 बजकर 40 मिनट में मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव धारकुण्डी पहुंचेंगे। समाधि स्थल बनकर तैयार4
- *रेता के लिए संपर्क करें सबसे सस्ता और अच्छा* 📱099747 78863 उचित दामों में *Amarpatan Shiv Singh Dahiya*3
- *फूलों से सजी राह, नम आंखों से विदाई धर्मेश घई सहित श्रद्धालुओं ने सच्चिदानंद जी महाराज को किया अंतिम नमन* मैहर। मध्यभारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र धारकुंडी आश्रम के संस्थापक एवं महान तपस्वी संत स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज 102 वर्ष की आयु में मुंबई में ब्रह्मलीन हो गए। उनके ब्रह्मलीन होने के समाचार से संपूर्ण क्षेत्र सहित देशभर के संत समाज और श्रद्धालुओं में गहरा शोक व्याप्त है। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद जी महाराज के आशीर्वाद से 22 नवंबर 1956 को घने जंगलों से आच्छादित धारकुंडी क्षेत्र में कठोर तप, साधना और सेवा कार्यों के साथ आश्रम की स्थापना की थी। समय के साथ यह आश्रम आध्यात्मिक साधना, धर्म प्रचार, संस्कार एवं जनकल्याण का प्रमुख तीर्थस्थल बन गया और आज इसे पूरे मध्यभारत के सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्रों में विशेष स्थान प्राप्त है। गुरुदेव महाराज के ब्रह्मलीन होने के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को मुंबई से सड़क मार्ग द्वारा अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ धारकुंडी आश्रम लाया गया। इस दौरान मैहर टोल प्लाजा के समीप भावुक एवं श्रद्धामय दृश्य देखने को मिला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई की अगुवाई में भक्तों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा गुरुदेव महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। टोल प्लाजा मार्ग को पुष्पों से सजाया गया था और जैसे ही गुरुदेव महाराज का वाहन वहां पहुंचा, उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। श्रद्धालुओं ने वाहन में विराजित गुरुदेव महाराज के पार्थिव शरीर के दर्शन कर अत्यंत भावविभोर होकर प्रणाम किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान पूरा वातावरण भक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत हो गया। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखाई दीं और ‘गुरुदेव अमर रहें’ के जयघोषों से क्षेत्र गूंज उठा। उपस्थित भक्तजनों ने स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज को युगद्रष्टा संत बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव सेवा, धर्म जागरण और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए समर्पित कर दिया। उनके सान्निध्य में अनेक धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, सेवा कार्य एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम निरंतर संचालित होते रहे, जिससे हजारों लोगों को धर्म और अध्यात्म की प्रेरणा प्राप्त हुई। गौरतलब है कि गुरुदेव महाराज का समाधि संस्कार धारकुंडी आश्रम में विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाएगा, जिसमें देशभर से संत समाज एवं श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, किंतु उनके द्वारा दिखाया गया साधना, सेवा और धर्म का पथ सदैव श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।2
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम गंधिया में मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav ने शबरी जयंती के अवसर पर माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया।1