धौलपुर पुलिस की एक संवेदनशील पहल के तहत, पारिवारिक विवाद के कारण अपने परिवार से अलग रह रहे ग्राम कोनेसा निवासी बुजुर्ग नथुआ राम मीना की सम्मानपूर्वक घर वापसी कराई गई है। यह सराहनीय कार्य धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन और सरमथुरा थाना प्रभारी कैलाश चंद गुर्जर के नेतृत्व में सरमथुरा थाना पुलिस द्वारा किया गया है। इस मामले में बुजुर्ग ने स्वयं एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा और समस्या से पुलिस को अवगत कराया था। इसके बाद हरकत में आई सरमथुरा थाना पुलिस ने बुजुर्ग के पुत्रों और अन्य परिजनों को बुलाकर उनकी काउंसलिंग की। पुलिस की आपसी समझाइश से पारिवारिक विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया। परिजनों ने पुलिस के समक्ष अपने बुजुर्ग पिता की सम्मानपूर्वक देखभाल करने का पूरा आश्वासन दिया, जिसके बाद बुजुर्ग को उनके परिवार के पास वापस भेजा गया। अपनी सम्मानपूर्वक घर वापसी पर बुजुर्ग नथुआ राम मीणा ने धौलपुर पुलिस और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान का दिल से आभार व्यक्त किया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमथुरा थाना प्रभारी कैलाश चंद गुर्जर ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों, असहायों और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का मानवीय समाधान करना भी पुलिस की मुख्य प्राथमिकता है।
धौलपुर पुलिस की एक संवेदनशील पहल के तहत, पारिवारिक विवाद के कारण अपने परिवार से अलग रह रहे ग्राम कोनेसा निवासी बुजुर्ग नथुआ राम मीना की सम्मानपूर्वक घर वापसी कराई गई है। यह सराहनीय कार्य धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन और सरमथुरा थाना प्रभारी कैलाश चंद गुर्जर के नेतृत्व में सरमथुरा थाना पुलिस द्वारा किया गया है। इस मामले में बुजुर्ग ने स्वयं एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा और समस्या से पुलिस को अवगत कराया था। इसके बाद हरकत में आई सरमथुरा थाना पुलिस ने बुजुर्ग के पुत्रों और अन्य परिजनों को बुलाकर उनकी काउंसलिंग की। पुलिस की
आपसी समझाइश से पारिवारिक विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया। परिजनों ने पुलिस के समक्ष अपने बुजुर्ग पिता की सम्मानपूर्वक देखभाल करने का पूरा आश्वासन दिया, जिसके बाद बुजुर्ग को उनके परिवार के पास वापस भेजा गया। अपनी सम्मानपूर्वक घर वापसी पर बुजुर्ग नथुआ राम मीणा ने धौलपुर पुलिस और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान का दिल से आभार व्यक्त किया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमथुरा थाना प्रभारी कैलाश चंद गुर्जर ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों, असहायों और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का मानवीय समाधान करना भी पुलिस की मुख्य प्राथमिकता है।
- राजस्थान के धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों के संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने जिला कलेक्टर के माध्यम से शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संगठन ने शाला संबलन एप के माध्यम से निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान में प्रदेशभर में हजारों निजी स्कूलों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं। इन अव्यावहारिक नियमों के कारण स्कूलों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 'स्कूल शिक्षा परिवार' की मांग है कि जब तक इन नियमों और निर्देशों को व्यावहारिक नहीं बनाया जाता, तब तक शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाली जांच को स्थगित रखा जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित संस्था से संवाद कर उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्र हित और उनकी सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है, और स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की है कि वे निजी स्कूल संचालकों के साथ चर्चा कर एक व्यावहारिक समाधान निकालें। इस ज्ञापन पर जिले के कई निजी स्कूल संचालकों और संगठन के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई है।4
- जब भरतभूषण तिवारी ने अपनी पिस्तौल फेंककर सरेंडर कर दिया था, तो फिर उन्हें गोली कैसे मार दी गई? यह एक अत्यंत जघन्य अपराध है। ब्राह्मण की हत्या गौ हत्या के बराबर है और इस पाप के दोषियों को हर हाल में कड़ी सजा मिलनी चाहिए। प्रशासन का दावा है कि उन्होंने पिस्तौल उठा ली थी, लेकिन उन्होंने तो पहले बिना पिस्तौल के विनम्र निवेदन किया था। जब प्रशासन ने उनकी गुहार नहीं सुनी और लगातार घोटाले करते रहे, तो उन्हें मजबूरन पिस्तौल उठानी पड़ी। ऐसे में उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, क्योंकि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी अन्याय के विरुद्ध पापी को सजा देने के लिए हथियार उठाते थे। इस संदर्भ में (एपिसोड- 0A-146) आचार्य अनिरुद्धाचार्यजी महाराज का संदेश भी सामने लाया गया है, जो कहते हैं कि अपनी शरण में आए हुए व्यक्ति को कभी नहीं मारना चाहिए। जिस प्रकार विभीषण के श्रीराम की शरण में आने पर, उन्हें दुश्मन का भाई समझकर मारा नहीं गया बल्कि गले लगा लिया गया था, उसी तरह आत्मसमर्पण करने वाले के साथ किया गया यह व्यवहार सर्वथा अनुचित है।4
- धौलपुर की सरमथुरा थाना पुलिस ने पारिवारिक विवाद के कारण अपने परिवार से अलग रह रहे एक बुजुर्ग की काउंसलिंग के माध्यम से सम्मानपूर्वक घर वापसी कराई है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और एडीएफ बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ के सुपरविजन में आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं मानवीय समाधान के तहत यह कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। तीन पुत्रों के पिता और ग्राम कोनेसा निवासी बुजुर्ग नथुआ राम मीना पारिवारिक अनबन के चलते पिछले कुछ समय से अपने परिवार से अलग रह रहे थे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई और सहायता की गुहार लगाई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सरमथुरा थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई कर पारिवारिक स्तर पर समाधान कराने के निर्देश दिए। निर्देशों की पालना में सरमथुरा थाना पुलिस ने बुजुर्ग के पुत्रों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को थाने बुलाकर काउंसलिंग की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने परिवार को बुजुर्गों के सम्मान, उनके अधिकारों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए आपसी समझाइश से विवाद का समाधान कराया। काउंसलिंग के बाद परिजनों ने पुलिस के सामने पिता की पूरी देखभाल करने, उन्हें सम्मान देने और भविष्य में किसी भी प्रकार की उपेक्षा नहीं करने का आश्वासन दिया। इसके बाद नथुआ राम मीना की सम्मानपूर्वक उनके परिवार में घर वापसी कराई गई। लंबे समय बाद परिवार का साथ मिलने पर भावुक हुए नथुआ राम मीना ने धौलपुर पुलिस और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान का आभार व्यक्त किया। धौलपुर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाज के कमजोर, असहाय और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का मानवीय दृष्टिकोण से समाधान करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है और वह आगे भी इसके लिए प्रतिबद्ध रहेगी।1
- राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने तृतीय श्रेणी शिक्षक संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए अलवर में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। जिलाध्यक्ष मुकेश ईंटोली के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों, प्रबोधकों, तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण शीघ्र शुरू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। संगठन का कहना है कि वर्ष 2018 के बाद से इस संवर्ग के स्थानांतरण नहीं किए गए हैं, जबकि अन्य शिक्षक संवर्गों में नियमित रूप से स्थानांतरण होते रहे हैं। जिलाध्यक्ष मुकेश ईंटोली के अनुसार, तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी में पदोन्नति की प्रक्रिया भी वर्षों से बाधित है। इसके साथ ही शिक्षकों एवं कर्मचारियों के उपार्जित अवकाश, एरियर और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का भुगतान लंबे समय से लंबित होने के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। संगठन ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर रीट परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता को समाप्त करने और "पे प्रोटेक्शन" के आधार पर की जा रही वसूली तत्काल बंद कर संबंधित आदेश वापस लेने की मांग भी रखी है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर नए पद सृजित करने, रिक्त पदों को भरने और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए बजट जारी करने की मांग की गई है। जिला मंत्री मनीष चौधरी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार शीघ्र शिक्षक संगठनों से वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं करती है, तो संगठन जयपुर में व्यापक एवं निर्णायक आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस दौरान जिला सभा अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष महेश मीणा, केसरी सिंह, विश्वेंद्र चौधरी, सभा अध्यक्ष भागचंद बैरवा, महामंत्री जेपी शर्मा, दयाराम, मोहनलाल, धर्मचंद शर्मा, रमेश मीणा, हरिमोहन मीणा, भगवान सहाय मीणा, शिव कुमार मीणा, मदन लाल मीणा और विक्रम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े आंदोलन के लिए सीधे तौर पर बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया है।1
- धौलपुर के राजाखेड़ा स्थित शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय में शनिवार को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मातृ शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। अस्पताल के पीएमओ डॉ. टीकाराम त्यागी के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में मौजूद स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम ने महिलाओं का वजन, ब्लड प्रेशर, खून की जांच, सोनोग्राफी और प्रसव पूर्व जांच की। इसके साथ ही कुपोषण, एनीमिया और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं की स्क्रीनिंग भी की गई। डॉक्टरों ने महिलाओं को पौष्टिक आहार, आयरन-कैल्शियम की गोलियां, टीकाकरण और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। इसके अलावा नवजात शिशु की देखभाल, स्तनपान और परिवार नियोजन से संबंधित महत्वपूर्ण परामर्श भी दिए गए। आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से पात्र महिलाओं के प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के फॉर्म भी भरे गए। अस्पताल प्रशासन की एएनएम पूरन देवी और एएनएम ममता के अनुसार, शिविर में लगभग 100 गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं की जांच की गई और सभी को दवाइयां व पोषण किट वितरित की गईं। डॉ. टीकाराम त्यागी ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार करना है और ऐसे शिविर हर महीने लगाए जाएंगे।1
- बिहार पुलिस को दीपक पंडित ने खुली चुनौती दे दी है। वहीं दूसरी तरफ, एक बिहारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वह कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है और अगर कोर्ट ने सजा का प्रावधान नहीं किया, तो वह किराये की पिस्तौल लाकर पूरी 6 की 6 गोलियां उतार देगा। इसे जंग के लिए तैयार खड़े भरतभूषण तिवारी के क्रांतिवीरों का जज्बा बताया गया है। इसके साथ ही दीपक पंडित ने पुलिस प्रशासन को सीधे ललकारते हुए कहा है कि वे कैमरा ऑन करके अपने सीनियर ऑफिसर को उसके साथ बिठाएं और उसके सवालों के जवाब दें। दीपक पंडित का कहना है कि अगर वह इस बहस में हार जाए तो उसके माथे पर गोली मार दी जाए, और अगर पुलिस अफसर हार जाए तो वह भी गोली खाने को तैयार रहे।2
- मुरैना के अम्बाह शहर और इसके आसपास के इलाकों में सोमवार को हुई जोरदार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहने के बाद हुई इस तेज बारिश के कारण पूरे शहर का मौसम सुहाना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। लंबे समय बाद हुई इस अच्छी बारिश का आनंद लेने के लिए बच्चे, युवा और बुजुर्ग अपने घरों से बाहर निकल आए। सड़कों, पार्कों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर ठंडी हवाओं का आनंद लेने के साथ-साथ चाय और पकौड़ों की दुकानों पर भी लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई। इस बारिश से क्षेत्र के किसानों में भारी उत्साह का माहौल है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश खरीफ की फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी, जिससे खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों की बुवाई के साथ-साथ उनकी बढ़वार में भी मदद मिलेगी। किसानों ने इसे प्रकृति का वरदान बताते हुए इस साल अच्छी पैदावार होने की उम्मीद जताई है। हालांकि, इस तेज बारिश के चलते शहर के कुछ निचले इलाकों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी बन गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, अधिकांश लोगों ने गर्मी से मिली राहत के आगे इस असुविधा को छोटा मानते हुए बारिश का स्वागत किया है। इस मौसम परिवर्तन से पूरा वातावरण तरोताजा हो गया है और चारों ओर हरियाली बिखर गई है। नगरवासियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में भी ऐसी ही बारिश जारी रहेगी, जिससे जल स्रोतों का जलस्तर बढ़ेगा, पेयजल संकट कम होगा और कृषि क्षेत्र को भरपूर लाभ मिलेगा।1