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राजस्थान के धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों के संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने जिला कलेक्टर के माध्यम से शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संगठन ने शाला संबलन एप के माध्यम से निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान में प्रदेशभर में हजारों निजी स्कूलों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं। इन अव्यावहारिक नियमों के कारण स्कूलों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 'स्कूल शिक्षा परिवार' की मांग है कि जब तक इन नियमों और निर्देशों को व्यावहारिक नहीं बनाया जाता, तब तक शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाली जांच को स्थगित रखा जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित संस्था से संवाद कर उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्र हित और उनकी सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है, और स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की है कि वे निजी स्कूल संचालकों के साथ चर्चा कर एक व्यावहारिक समाधान निकालें। इस ज्ञापन पर जिले के कई निजी स्कूल संचालकों और संगठन के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई है।

8 hrs ago
user_Deepu Verma Journalist Dholpur
Deepu Verma Journalist Dholpur
धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
8 hrs ago

राजस्थान के धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों के संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने जिला कलेक्टर के माध्यम से शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संगठन ने शाला संबलन एप के माध्यम से निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान में प्रदेशभर में हजारों

निजी स्कूलों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं। इन अव्यावहारिक नियमों के कारण स्कूलों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 'स्कूल शिक्षा परिवार' की मांग है कि जब तक

इन नियमों और निर्देशों को व्यावहारिक नहीं बनाया जाता, तब तक शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाली जांच को स्थगित रखा जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित संस्था से संवाद कर उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्र हित और उनकी

सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है, और स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की है कि वे निजी स्कूल संचालकों के साथ चर्चा कर एक व्यावहारिक समाधान निकालें। इस ज्ञापन पर जिले के कई निजी स्कूल संचालकों और संगठन के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई है।

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  • राजस्थान के धौलपुर में दुल्हन ब्यूटी पार्लर द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के दौरान पार्लर से जुड़े प्रशिक्षणार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
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    राजस्थान के धौलपुर में दुल्हन ब्यूटी पार्लर द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के दौरान पार्लर से जुड़े प्रशिक्षणार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
    user_NATION MEDIA AB
    NATION MEDIA AB
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज और अत्याचार के विरोध में धौलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान एनएसयूआई पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राजकीय महाविद्यालय धौलपुर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान राजस्थान युवा काँग्रेस के प्रदेश सचिव पंकज तिवारी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली ने लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। जब छात्र अपने हक की आवाज उठाने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, तो केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाईं, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और निंदनीय है। वहीं, एनएसयूआई जिला सचिव जितेन्द्र माहौर और ज़िलाध्यक्ष गौरव पोसवाल ने परीक्षाओं की गोपनीयता बनाए रखने में नाकाम रहे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। पंकज तिवारी ने साफ कहा कि छात्रों को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए गौरव पोसवाल ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी कि छात्रों की आवाज को लाठी और डंडे के दम पर दबाया नहीं जा सकता। यदि सरकार ने अपनी दमनकारी नीतियां बंद नहीं कीं और छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो NSUI इस आंदोलन को पूरे देश में और अधिक उग्र रूप देगा। इस प्रदर्शन के दौरान पंकज तिवारी, गौरव पोसवाल, जीतेन्द्र माहौर, सचिन कंसाना, अजीत, रामब्रज सिंह, विवेक, अतुल, ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार, राज, रोहित, ऋतिक और कई अन्य छात्र उपस्थित रहे।
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    दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज और अत्याचार के विरोध में धौलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान एनएसयूआई पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राजकीय महाविद्यालय धौलपुर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया।

प्रदर्शन के दौरान राजस्थान युवा काँग्रेस के प्रदेश सचिव पंकज तिवारी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली ने लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। जब छात्र अपने हक की आवाज उठाने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, तो केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाईं, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और निंदनीय है। वहीं, एनएसयूआई जिला सचिव जितेन्द्र माहौर और ज़िलाध्यक्ष गौरव पोसवाल ने परीक्षाओं की गोपनीयता बनाए रखने में नाकाम रहे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। पंकज तिवारी ने साफ कहा कि छात्रों को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।

आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए गौरव पोसवाल ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी कि छात्रों की आवाज को लाठी और डंडे के दम पर दबाया नहीं जा सकता। यदि सरकार ने अपनी दमनकारी नीतियां बंद नहीं कीं और छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो NSUI इस आंदोलन को पूरे देश में और अधिक उग्र रूप देगा। इस प्रदर्शन के दौरान पंकज तिवारी, गौरव पोसवाल, जीतेन्द्र माहौर, सचिन कंसाना, अजीत, रामब्रज सिंह, विवेक, अतुल, ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार, राज, रोहित, ऋतिक और कई अन्य छात्र उपस्थित रहे।
    user_Shakeel Dholpur
    Shakeel Dholpur
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को धौलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राजकीय महाविद्यालय परिसर के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। इस प्रदर्शन के दौरान राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव पंकज तिवारी ने कहा कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने साफ किया कि छात्रों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष गौरव पोसवाल और जिला सचिव जितेंद्र माहौर ने भी केंद्र सरकार पर प्रतियोगी परीक्षाओं की गोपनीयता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। गौरव पोसवाल ने चेतावनी दी कि छात्रों की आवाज को बलपूर्वक नहीं दबाया जा सकता और यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला व सरकार ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो एनएसयूआई इस आंदोलन को देशभर में व्यापक स्तर पर चलाएगी। इस प्रदर्शन में पंकज तिवारी, गौरव पोसवाल, जितेंद्र माहौर के अलावा सचिन कंसाना, अजीत, रामब्रज सिंह, विवेक, अतुल, धौलपुर ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार, राज, रोहित, ऋतिक सहित बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को धौलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राजकीय महाविद्यालय परिसर के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की।

इस प्रदर्शन के दौरान राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव पंकज तिवारी ने कहा कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने साफ किया कि छात्रों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष गौरव पोसवाल और जिला सचिव जितेंद्र माहौर ने भी केंद्र सरकार पर प्रतियोगी परीक्षाओं की गोपनीयता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

गौरव पोसवाल ने चेतावनी दी कि छात्रों की आवाज को बलपूर्वक नहीं दबाया जा सकता और यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला व सरकार ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो एनएसयूआई इस आंदोलन को देशभर में व्यापक स्तर पर चलाएगी। इस प्रदर्शन में पंकज तिवारी, गौरव पोसवाल, जितेंद्र माहौर के अलावा सचिन कंसाना, अजीत, रामब्रज सिंह, विवेक, अतुल, धौलपुर ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार, राज, रोहित, ऋतिक सहित बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संपूर्ण राजस्थान राज्य में स्कूली छात्रों के लिए 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' के तहत विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने छात्रों को नालसा (डॉन-ड्रग जागरूकता और कल्याण, मार्गदर्शन-ड्रग मुक्त भारत के लिए) योजना 2025 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के गंभीर शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। इसके साथ ही, नशे की लत से प्रभावित लोगों को आवश्यक विधिक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने तथा उन्हें पुनर्वास की दिशा में प्रेरित करने की जानकारी साझा की गई। शिविर के दौरान पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान के महत्व को भी समझाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को स्वच्छ व संतुलित बनाना, वायु प्रदूषण को कम करना, जल संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार करना तथा जैव विविधता व वन्य जीवों की रक्षा करना है। इसके अलावा, आमजन की सुविधा के लिए बिजली, पानी, परिवहन, डाक, टेलीफोन और अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े विवादों के स्थायी लोक अदालत के माध्यम से सरल और त्वरित समाधान के बारे में बताया गया। छात्रों को अनुसूचित जाति व जनजातियों के विरुद्ध अस्पृश्यता और अत्याचार निवारण, बाल विवाह रोकथाम, 'मीडियेशन फॉर दी नेशन' अभियान, राष्ट्रीय लोक अदालत, नालसा हेल्पलाइन 1500 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1090 के बारे में जागरूक किया गया। इसी कड़ी में बच्चों को 'कोर्ट वाली दीदी' के बारे में भी विशेष जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इस पेटिका (पेटी) में वे अपने साथ होने वाली किसी भी समस्या या शिकायत को लिखित रूप में डाल सकते हैं, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
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    राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संपूर्ण राजस्थान राज्य में स्कूली छात्रों के लिए 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' के तहत विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने छात्रों को नालसा (डॉन-ड्रग जागरूकता और कल्याण, मार्गदर्शन-ड्रग मुक्त भारत के लिए) योजना 2025 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के गंभीर शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। इसके साथ ही, नशे की लत से प्रभावित लोगों को आवश्यक विधिक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने तथा उन्हें पुनर्वास की दिशा में प्रेरित करने की जानकारी साझा की गई।

शिविर के दौरान पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान के महत्व को भी समझाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को स्वच्छ व संतुलित बनाना, वायु प्रदूषण को कम करना, जल संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार करना तथा जैव विविधता व वन्य जीवों की रक्षा करना है। इसके अलावा, आमजन की सुविधा के लिए बिजली, पानी, परिवहन, डाक, टेलीफोन और अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े विवादों के स्थायी लोक अदालत के माध्यम से सरल और त्वरित समाधान के बारे में बताया गया। छात्रों को अनुसूचित जाति व जनजातियों के विरुद्ध अस्पृश्यता और अत्याचार निवारण, बाल विवाह रोकथाम, 'मीडियेशन फॉर दी नेशन' अभियान, राष्ट्रीय लोक अदालत, नालसा हेल्पलाइन 1500 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1090 के बारे में जागरूक किया गया।

इसी कड़ी में बच्चों को 'कोर्ट वाली दीदी' के बारे में भी विशेष जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इस पेटिका (पेटी) में वे अपने साथ होने वाली किसी भी समस्या या शिकायत को लिखित रूप में डाल सकते हैं, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
    user_ANURAG BAGHEL
    ANURAG BAGHEL
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों के संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने जिला कलेक्टर के माध्यम से शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संगठन ने शाला संबलन एप के माध्यम से निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान में प्रदेशभर में हजारों निजी स्कूलों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं। इन अव्यावहारिक नियमों के कारण स्कूलों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 'स्कूल शिक्षा परिवार' की मांग है कि जब तक इन नियमों और निर्देशों को व्यावहारिक नहीं बनाया जाता, तब तक शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाली जांच को स्थगित रखा जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित संस्था से संवाद कर उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्र हित और उनकी सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है, और स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की है कि वे निजी स्कूल संचालकों के साथ चर्चा कर एक व्यावहारिक समाधान निकालें। इस ज्ञापन पर जिले के कई निजी स्कूल संचालकों और संगठन के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई है।
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    राजस्थान के धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों के संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने जिला कलेक्टर के माध्यम से शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संगठन ने शाला संबलन एप के माध्यम से निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि वर्तमान में प्रदेशभर में हजारों निजी स्कूलों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं। इन अव्यावहारिक नियमों के कारण स्कूलों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 'स्कूल शिक्षा परिवार' की मांग है कि जब तक इन नियमों और निर्देशों को व्यावहारिक नहीं बनाया जाता, तब तक शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाली जांच को स्थगित रखा जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित संस्था से संवाद कर उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्र हित और उनकी सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है, और स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की है कि वे निजी स्कूल संचालकों के साथ चर्चा कर एक व्यावहारिक समाधान निकालें। इस ज्ञापन पर जिले के कई निजी स्कूल संचालकों और संगठन के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई है।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • जब भरतभूषण तिवारी ने अपनी पिस्तौल फेंककर सरेंडर कर दिया था, तो फिर उन्हें गोली कैसे मार दी गई? यह एक अत्यंत जघन्य अपराध है। ब्राह्मण की हत्या गौ हत्या के बराबर है और इस पाप के दोषियों को हर हाल में कड़ी सजा मिलनी चाहिए। प्रशासन का दावा है कि उन्होंने पिस्तौल उठा ली थी, लेकिन उन्होंने तो पहले बिना पिस्तौल के विनम्र निवेदन किया था। जब प्रशासन ने उनकी गुहार नहीं सुनी और लगातार घोटाले करते रहे, तो उन्हें मजबूरन पिस्तौल उठानी पड़ी। ऐसे में उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, क्योंकि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी अन्याय के विरुद्ध पापी को सजा देने के लिए हथियार उठाते थे। इस संदर्भ में (एपिसोड- 0A-146) आचार्य अनिरुद्धाचार्यजी महाराज का संदेश भी सामने लाया गया है, जो कहते हैं कि अपनी शरण में आए हुए व्यक्ति को कभी नहीं मारना चाहिए। जिस प्रकार विभीषण के श्रीराम की शरण में आने पर, उन्हें दुश्मन का भाई समझकर मारा नहीं गया बल्कि गले लगा लिया गया था, उसी तरह आत्मसमर्पण करने वाले के साथ किया गया यह व्यवहार सर्वथा अनुचित है।
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    जब भरतभूषण तिवारी ने अपनी पिस्तौल फेंककर सरेंडर कर दिया था, तो फिर उन्हें गोली कैसे मार दी गई? यह एक अत्यंत जघन्य अपराध है। ब्राह्मण की हत्या गौ हत्या के बराबर है और इस पाप के दोषियों को हर हाल में कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

प्रशासन का दावा है कि उन्होंने पिस्तौल उठा ली थी, लेकिन उन्होंने तो पहले बिना पिस्तौल के विनम्र निवेदन किया था। जब प्रशासन ने उनकी गुहार नहीं सुनी और लगातार घोटाले करते रहे, तो उन्हें मजबूरन पिस्तौल उठानी पड़ी। ऐसे में उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, क्योंकि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी अन्याय के विरुद्ध पापी को सजा देने के लिए हथियार उठाते थे।

इस संदर्भ में (एपिसोड- 0A-146) आचार्य अनिरुद्धाचार्यजी महाराज का संदेश भी सामने लाया गया है, जो कहते हैं कि अपनी शरण में आए हुए व्यक्ति को कभी नहीं मारना चाहिए। जिस प्रकार विभीषण के श्रीराम की शरण में आने पर, उन्हें दुश्मन का भाई समझकर मारा नहीं गया बल्कि गले लगा लिया गया था, उसी तरह आत्मसमर्पण करने वाले के साथ किया गया यह व्यवहार सर्वथा अनुचित है।
    user_Vimal Kashyap
    Vimal Kashyap
    Artist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • बैराड़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसमें पुलिस ने झपटमार किशन नामदेव को गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से छीना गया मंगलसूत्र और चोरी की एक बाइक भी बरामद की है।
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    बैराड़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसमें पुलिस ने झपटमार किशन नामदेव को गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से छीना गया मंगलसूत्र और चोरी की एक बाइक भी बरामद की है।
    user_Public shuru app madhyapradesh
    Public shuru app madhyapradesh
    Media company मुरैना, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बिहार पुलिस को दीपक पंडित ने खुली चुनौती दे दी है। वहीं दूसरी तरफ, एक बिहारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वह कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है और अगर कोर्ट ने सजा का प्रावधान नहीं किया, तो वह किराये की पिस्तौल लाकर पूरी 6 की 6 गोलियां उतार देगा। इसे जंग के लिए तैयार खड़े भरतभूषण तिवारी के क्रांतिवीरों का जज्बा बताया गया है। इसके साथ ही दीपक पंडित ने पुलिस प्रशासन को सीधे ललकारते हुए कहा है कि वे कैमरा ऑन करके अपने सीनियर ऑफिसर को उसके साथ बिठाएं और उसके सवालों के जवाब दें। दीपक पंडित का कहना है कि अगर वह इस बहस में हार जाए तो उसके माथे पर गोली मार दी जाए, और अगर पुलिस अफसर हार जाए तो वह भी गोली खाने को तैयार रहे।
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    बिहार पुलिस को दीपक पंडित ने खुली चुनौती दे दी है। वहीं दूसरी तरफ, एक बिहारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वह कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है और अगर कोर्ट ने सजा का प्रावधान नहीं किया, तो वह किराये की पिस्तौल लाकर पूरी 6 की 6 गोलियां उतार देगा। इसे जंग के लिए तैयार खड़े भरतभूषण तिवारी के क्रांतिवीरों का जज्बा बताया गया है।

इसके साथ ही दीपक पंडित ने पुलिस प्रशासन को सीधे ललकारते हुए कहा है कि वे कैमरा ऑन करके अपने सीनियर ऑफिसर को उसके साथ बिठाएं और उसके सवालों के जवाब दें। दीपक पंडित का कहना है कि अगर वह इस बहस में हार जाए तो उसके माथे पर गोली मार दी जाए, और अगर पुलिस अफसर हार जाए तो वह भी गोली खाने को तैयार रहे।
    user_Vimal Kashyap
    Vimal Kashyap
    Artist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
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