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एक व्यक्ति ने अपनी आँखों से एक ऐसा दृश्य देखा जिसे उन्होंने साझा करते हुए बताया कि प्रकृति के समक्ष कोई गरीब या अमीर नहीं, सभी समान हैं। इस दृश्य में, एक सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति, जिसकी तनख्वाह 70,000 रुपये है और वह 100 बीघा जमीन का मालिक है, तथा एक 700 रुपये दिहाड़ी पर काम करने वाला मजदूर, जो किराए के मकान में रहता है — इन दोनों को कुदरत ने एक साथ ला दिया। इस अनुभव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राकृतिक के यहाँ न कोई गरीब है न कोई अमीर; सब एक समान हैं। इसलिए, सभी को अच्छे कर्म करने चाहिए क्योंकि अंत में हिसाब केवल उनके कर्मों का ही होगा।

10 hrs ago
user_Malik
Malik
बेहट, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

एक व्यक्ति ने अपनी आँखों से एक ऐसा दृश्य देखा जिसे उन्होंने साझा करते हुए बताया कि प्रकृति के समक्ष कोई गरीब या अमीर नहीं, सभी समान हैं। इस दृश्य में, एक सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति, जिसकी तनख्वाह 70,000 रुपये है और वह 100 बीघा जमीन का मालिक है, तथा एक 700 रुपये दिहाड़ी पर काम करने वाला मजदूर, जो किराए के मकान में रहता है — इन दोनों को कुदरत ने एक साथ ला दिया। इस अनुभव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राकृतिक के यहाँ न कोई गरीब है न कोई अमीर; सब एक समान हैं। इसलिए, सभी को अच्छे कर्म करने चाहिए क्योंकि अंत में हिसाब केवल उनके कर्मों का ही होगा।

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  • एक व्यक्ति ने अपनी आँखों से एक ऐसा दृश्य देखा जिसे उन्होंने साझा करते हुए बताया कि प्रकृति के समक्ष कोई गरीब या अमीर नहीं, सभी समान हैं। इस दृश्य में, एक सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति, जिसकी तनख्वाह 70,000 रुपये है और वह 100 बीघा जमीन का मालिक है, तथा एक 700 रुपये दिहाड़ी पर काम करने वाला मजदूर, जो किराए के मकान में रहता है — इन दोनों को कुदरत ने एक साथ ला दिया। इस अनुभव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राकृतिक के यहाँ न कोई गरीब है न कोई अमीर; सब एक समान हैं। इसलिए, सभी को अच्छे कर्म करने चाहिए क्योंकि अंत में हिसाब केवल उनके कर्मों का ही होगा।
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    एक व्यक्ति ने अपनी आँखों से एक ऐसा दृश्य देखा जिसे उन्होंने साझा करते हुए बताया कि प्रकृति के समक्ष कोई गरीब या अमीर नहीं, सभी समान हैं। इस दृश्य में, एक सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति, जिसकी तनख्वाह 70,000 रुपये है और वह 100 बीघा जमीन का मालिक है, तथा एक 700 रुपये दिहाड़ी पर काम करने वाला मजदूर, जो किराए के मकान में रहता है — इन दोनों को कुदरत ने एक साथ ला दिया।

इस अनुभव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राकृतिक के यहाँ न कोई गरीब है न कोई अमीर; सब एक समान हैं। इसलिए, सभी को अच्छे कर्म करने चाहिए क्योंकि अंत में हिसाब केवल उनके कर्मों का ही होगा।
    user_Malik
    Malik
    बेहट, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मंगलवार दोपहर भीम आर्मी जय भीम संगठन के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर सहारनपुर कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने ज़ोरदार नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने लोकतंत्र के चारों स्तंभों में आरक्षण लागू करने सहित अपनी नौ प्रमुख माँगें रखीं। जिला अध्यक्ष अभिषेक कुमार और भीम आर्मी लीगल सेल के जिलाध्यक्ष सुमित कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता में दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी वर्गों को उनकी संख्या के आधार पर आरक्षण देने की माँग की गई। इसके अतिरिक्त, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने और लंबे समय से लंबित बैकलॉग पदों को भरने की भी माँग उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि आज़ादी के कई वर्षों बाद भी वंचित वर्गों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। उन्होंने भूमिहीन लोगों को स्थायी पट्टे आवंटित करने, जातिगत जनगणना कराने और संख्या के आधार पर उनकी हिस्सेदारी तय करने की माँग की। शिक्षा क्षेत्र में, एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण देने, नीट, जेईई और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में आरक्षण व्यवस्था लागू करने और सभी स्कूल, कॉलेज तथा विश्वविद्यालयों में संविधान की शिक्षा अनिवार्य करने की बात कही गई। कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और नगर पंचायतों में कार्यरत संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, ठेका प्रथा समाप्त करने और सफाई व्यवस्था में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल की माँग भी उठाई। उन्होंने दलित, मुस्लिम, पिछड़े और आदिवासी समाज के लोगों पर होने वाली हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की भी वकालत की। किसानों और मजदूरों से जुड़ी मांगों में भूमिहीन गरीबों को कृषि भूमि के पट्टे देने, मजदूरी बढ़ाकर 1000 रुपये करने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और 100 प्रतिशत फसल बीमा की माँग शामिल थी। अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया कि आरक्षण व्यवस्था होने के बावजूद बैकलॉग पद खाली पड़े हैं और रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन पूरे देश में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में भीम आर्मी जय भीम संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    मंगलवार दोपहर भीम आर्मी जय भीम संगठन के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर सहारनपुर कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने ज़ोरदार नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने लोकतंत्र के चारों स्तंभों में आरक्षण लागू करने सहित अपनी नौ प्रमुख माँगें रखीं।

जिला अध्यक्ष अभिषेक कुमार और भीम आर्मी लीगल सेल के जिलाध्यक्ष सुमित कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता में दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी वर्गों को उनकी संख्या के आधार पर आरक्षण देने की माँग की गई। इसके अतिरिक्त, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने और लंबे समय से लंबित बैकलॉग पदों को भरने की भी माँग उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि आज़ादी के कई वर्षों बाद भी वंचित वर्गों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। उन्होंने भूमिहीन लोगों को स्थायी पट्टे आवंटित करने, जातिगत जनगणना कराने और संख्या के आधार पर उनकी हिस्सेदारी तय करने की माँग की। शिक्षा क्षेत्र में, एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण देने, नीट, जेईई और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में आरक्षण व्यवस्था लागू करने और सभी स्कूल, कॉलेज तथा विश्वविद्यालयों में संविधान की शिक्षा अनिवार्य करने की बात कही गई।

कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और नगर पंचायतों में कार्यरत संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, ठेका प्रथा समाप्त करने और सफाई व्यवस्था में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल की माँग भी उठाई। उन्होंने दलित, मुस्लिम, पिछड़े और आदिवासी समाज के लोगों पर होने वाली हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की भी वकालत की। किसानों और मजदूरों से जुड़ी मांगों में भूमिहीन गरीबों को कृषि भूमि के पट्टे देने, मजदूरी बढ़ाकर 1000 रुपये करने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और 100 प्रतिशत फसल बीमा की माँग शामिल थी।

अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया कि आरक्षण व्यवस्था होने के बावजूद बैकलॉग पद खाली पड़े हैं और रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन पूरे देश में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में भीम आर्मी जय भीम संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Tarik Siddiqui
    Tarik Siddiqui
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सोशल मीडिया के माध्यम से पैसा कमाने का एक तरीका बताया गया है, जिसमें यूज़र्स को वीडियो बनाने की सलाह दी गई है। इस विधि के अनुसार, फेसबुक ऐप पर विभिन्न टास्क पूरे करके और उन्हें शेयर करके पैसे कमाए जा सकते हैं। यह तरीका सोशल मीडिया के ज़रिए आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करता है।
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    सोशल मीडिया के माध्यम से पैसा कमाने का एक तरीका बताया गया है, जिसमें यूज़र्स को वीडियो बनाने की सलाह दी गई है। इस विधि के अनुसार, फेसबुक ऐप पर विभिन्न टास्क पूरे करके और उन्हें शेयर करके पैसे कमाए जा सकते हैं। यह तरीका सोशल मीडिया के ज़रिए आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करता है।
    user_मोहम्मद आकिब
    मोहम्मद आकिब
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • एक चार साल का मासूम बच्चा निर्भय पिछले 18 घंटे से 220 फीट गहरे बोरवेल में फंसा हुआ है। प्रशासन की सभी बचाव टीमें उसे सुरक्षित निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।
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    एक चार साल का मासूम बच्चा निर्भय पिछले 18 घंटे से 220 फीट गहरे बोरवेल में फंसा हुआ है। प्रशासन की सभी बचाव टीमें उसे सुरक्षित निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।
    user_HR02 City News
    HR02 City News
    News Anchor Jagadhri, Yamunanagar•
    2 min ago
  • यमुनानगर में प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा 'वार्तालाप' नामक एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में केंद्र सरकार की पिछले 12 वर्षों की जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न उपलब्धियों पर अधिकारियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
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    यमुनानगर में प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा 'वार्तालाप' नामक एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में केंद्र सरकार की पिछले 12 वर्षों की जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न उपलब्धियों पर अधिकारियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
    user_Jagadhri Breaking News
    Jagadhri Breaking News
    Local News Reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • यमुनानगर में एचएसईबी वर्कर यूनियन ने मंगलवार, 30 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक एस.ई. कार्यालय परिसर में अपनी लंबित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। यूनियन का आरोप है कि सरकार और बोर्ड मैनेजमेंट द्वारा उनकी इन मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके कारण कर्मचारियों में भारी रोष और नाराजगी व्याप्त है। यूनियन नेताओं ने बताया कि इस मौजूदा विरोध-प्रदर्शन से पहले भी 25 और 26 जून 2026 को सभी एक्सईएन (XEN) कार्यालयों पर इन्हीं 14 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किए गए थे। इसके बावजूद, सरकार और बोर्ड प्रबंधन ने केंद्रीय परिषद के नेताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं किया, जिससे कर्मचारियों का असंतोष और गहरा हो गया है। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने हरियाणा सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी 14 सूत्रीय मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 2 जुलाई 2026 को अंबाला में बिजली मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि इस दौरान औद्योगिक शांति भंग होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्किल सचिव श्री मनदीप शर्मा ने की, जबकि केंद्रीय परिषद के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री अशोक शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्री अशोक शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए आगामी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने हरियाणा सरकार से कर्मचारियों की 14 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र विचार करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो कर्मचारी एक व्यापक आंदोलन के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर यूनिट प्रधान जगाधरी श्री राजेश कश्यप, यूनिट प्रधान यमुनानगर श्री करम सिंह, यूनिट प्रधान बिलासपुर श्री सुनील कुमार, यूनिट सचिव जगाधरी श्री कंवर पाल, यूनिट सचिव यमुनानगर श्री नितिन राणा, यूनिट सचिव बिलासपुर श्री रविंद्र सैनी सहित सभी सब-यूनिटों के प्रधान एवं सचिव श्री बिक्रम सिंह, श्री जयकुमार, श्री जरनैल सिंह, श्री राजेंद्र शर्मा, श्री विकास, श्री राम भवन, श्री अश्विनी राणा, श्री संजीव कंबोज और श्री राजकुमार समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
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    यमुनानगर में एचएसईबी वर्कर यूनियन ने मंगलवार, 30 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक एस.ई. कार्यालय परिसर में अपनी लंबित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। यूनियन का आरोप है कि सरकार और बोर्ड मैनेजमेंट द्वारा उनकी इन मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके कारण कर्मचारियों में भारी रोष और नाराजगी व्याप्त है।

यूनियन नेताओं ने बताया कि इस मौजूदा विरोध-प्रदर्शन से पहले भी 25 और 26 जून 2026 को सभी एक्सईएन (XEN) कार्यालयों पर इन्हीं 14 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किए गए थे। इसके बावजूद, सरकार और बोर्ड प्रबंधन ने केंद्रीय परिषद के नेताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं किया, जिससे कर्मचारियों का असंतोष और गहरा हो गया है।

धरने को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने हरियाणा सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी 14 सूत्रीय मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 2 जुलाई 2026 को अंबाला में बिजली मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि इस दौरान औद्योगिक शांति भंग होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्किल सचिव श्री मनदीप शर्मा ने की, जबकि केंद्रीय परिषद के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री अशोक शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्री अशोक शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए आगामी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने हरियाणा सरकार से कर्मचारियों की 14 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र विचार करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो कर्मचारी एक व्यापक आंदोलन के लिए तैयार हैं।

इस अवसर पर यूनिट प्रधान जगाधरी श्री राजेश कश्यप, यूनिट प्रधान यमुनानगर श्री करम सिंह, यूनिट प्रधान बिलासपुर श्री सुनील कुमार, यूनिट सचिव जगाधरी श्री कंवर पाल, यूनिट सचिव यमुनानगर श्री नितिन राणा, यूनिट सचिव बिलासपुर श्री रविंद्र सैनी सहित सभी सब-यूनिटों के प्रधान एवं सचिव श्री बिक्रम सिंह, श्री जयकुमार, श्री जरनैल सिंह, श्री राजेंद्र शर्मा, श्री विकास, श्री राम भवन, श्री अश्विनी राणा, श्री संजीव कंबोज और श्री राजकुमार समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
    user_Rajiv kumar
    Rajiv kumar
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    9 hrs ago
  • यमुनानगर जिले में हमीदा हेड से पांजूपुर पुल तक नहर के दोनों किनारों पर बनी सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग दो साल पहले नहर के निर्माण कार्य के लिए इस सड़क को उखाड़ दिया गया था, लेकिन तब से न तो नहर का निर्माण कार्य शुरू हुआ और न ही ग्रामीणों के आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया गया। यह सड़क यमुनानगर से होकर कई गांवों तक पहुँचने का मुख्य मार्ग है और रादौर तक जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चे और मजदूर, जो शहर जाने के लिए साइकिलों पर इसी रास्ते का उपयोग करते थे क्योंकि यह नजदीक पड़ता था, अब कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के गांव का रास्ता भी इसी नहर के पास से गुजरता है, फिर भी सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह मार्ग आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए शहर तक पहुँचने का प्रमुख साधन है। ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को लेकर जब नहर विभाग के कार्यकारी अभियंता (XEN) से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस स्थिति से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस रास्ते को नहीं बनाया गया, तो वे मजबूर होकर धरना प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, यह धरना यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के निवास पर आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में जिला अध्यक्ष संजू गुन्दियाना, जिला महा सचिव गुरवीर सिंह, जिला प्रभारी प्पपल गुन्दियना, साहब सिंह, राजेश खंडवा, हाकम सिंह, नवाब सिंह और सतीश कुमार जैसे पदाधिकारी शामिल होंगे।
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    यमुनानगर जिले में हमीदा हेड से पांजूपुर पुल तक नहर के दोनों किनारों पर बनी सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग दो साल पहले नहर के निर्माण कार्य के लिए इस सड़क को उखाड़ दिया गया था, लेकिन तब से न तो नहर का निर्माण कार्य शुरू हुआ और न ही ग्रामीणों के आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया गया।

यह सड़क यमुनानगर से होकर कई गांवों तक पहुँचने का मुख्य मार्ग है और रादौर तक जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चे और मजदूर, जो शहर जाने के लिए साइकिलों पर इसी रास्ते का उपयोग करते थे क्योंकि यह नजदीक पड़ता था, अब कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के गांव का रास्ता भी इसी नहर के पास से गुजरता है, फिर भी सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह मार्ग आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए शहर तक पहुँचने का प्रमुख साधन है।

ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को लेकर जब नहर विभाग के कार्यकारी अभियंता (XEN) से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस स्थिति से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस रास्ते को नहीं बनाया गया, तो वे मजबूर होकर धरना प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, यह धरना यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के निवास पर आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में जिला अध्यक्ष संजू गुन्दियाना, जिला महा सचिव गुरवीर सिंह, जिला प्रभारी प्पपल गुन्दियना, साहब सिंह, राजेश खंडवा, हाकम सिंह, नवाब सिंह और सतीश कुमार जैसे पदाधिकारी शामिल होंगे।
    user_Kulwant Singh Reporter India T
    Kulwant Singh Reporter India T
    Local News Reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    9 hrs ago
  • यमुनानगर जिले में सिख समुदाय के प्रतिनिधियों और संगत ने गुरुद्वारा किला लोहगढ़ साहिब में कथित रूप से आयोजित गैर-धार्मिक गतिविधियों को लेकर जिला प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से भविष्य में ऐसी सभी गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की गई है, क्योंकि संगत का मानना है कि गुरुद्वारों की पवित्रता और सिख मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की गैर-धार्मिक गतिविधि धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। शिकायत पत्र में सिख संगत ने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा किला लोहगढ़ साहिब परिसर में आयोजित योग शिविर का उल्लेख किया है, जिसे सिख समुदाय ने सिख धर्म की मर्यादा के विपरीत बताया है। संगत के अनुसार, गुरुद्वारा केवल गुरबाणी, कीर्तन, अरदास, कथा, लंगर और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए समर्पित स्थान है, और ऐसे पवित्र स्थल पर किसी भी गैर-धार्मिक गतिविधि का आयोजन उचित नहीं है। सिख प्रतिनिधियों ने यह भी उल्लेख किया कि सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पूर्व में जारी हुक्मनामों और निर्देशों में गुरुद्वारों के भीतर योग सहित अन्य गैर-धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई है। उनका कहना है कि इन निर्देशों का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति और प्रशासन की जिम्मेदारी है ताकि धार्मिक परंपराओं और मर्यादा का सम्मान बना रहे। संगत ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि भविष्य में जिले के किसी भी गुरुद्वारे में जानबूझकर अथवा अनजाने में ऐसी कोई गतिविधि आयोजित न हो, जिससे सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हों। उनका स्पष्ट कहना है कि गुरुद्वारे सभी श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और उनकी गरिमा तथा पवित्रता हर हाल में बरकरार रहनी चाहिए। शिकायतकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं की मर्यादा और परंपराओं की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन से सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी धार्मिक स्थलों की गरिमा सुरक्षित बनी रहे। सिख समुदाय ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए आवश्यक कदम उठाएगा, साथ ही जिले में आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने की भी अपील की।
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    यमुनानगर जिले में सिख समुदाय के प्रतिनिधियों और संगत ने गुरुद्वारा किला लोहगढ़ साहिब में कथित रूप से आयोजित गैर-धार्मिक गतिविधियों को लेकर जिला प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से भविष्य में ऐसी सभी गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की गई है, क्योंकि संगत का मानना है कि गुरुद्वारों की पवित्रता और सिख मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की गैर-धार्मिक गतिविधि धार्मिक भावनाओं को आहत करती है।

शिकायत पत्र में सिख संगत ने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा किला लोहगढ़ साहिब परिसर में आयोजित योग शिविर का उल्लेख किया है, जिसे सिख समुदाय ने सिख धर्म की मर्यादा के विपरीत बताया है। संगत के अनुसार, गुरुद्वारा केवल गुरबाणी, कीर्तन, अरदास, कथा, लंगर और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए समर्पित स्थान है, और ऐसे पवित्र स्थल पर किसी भी गैर-धार्मिक गतिविधि का आयोजन उचित नहीं है। सिख प्रतिनिधियों ने यह भी उल्लेख किया कि सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पूर्व में जारी हुक्मनामों और निर्देशों में गुरुद्वारों के भीतर योग सहित अन्य गैर-धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई है। उनका कहना है कि इन निर्देशों का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति और प्रशासन की जिम्मेदारी है ताकि धार्मिक परंपराओं और मर्यादा का सम्मान बना रहे।

संगत ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि भविष्य में जिले के किसी भी गुरुद्वारे में जानबूझकर अथवा अनजाने में ऐसी कोई गतिविधि आयोजित न हो, जिससे सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हों। उनका स्पष्ट कहना है कि गुरुद्वारे सभी श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और उनकी गरिमा तथा पवित्रता हर हाल में बरकरार रहनी चाहिए। शिकायतकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं की मर्यादा और परंपराओं की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन से सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी धार्मिक स्थलों की गरिमा सुरक्षित बनी रहे। सिख समुदाय ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए आवश्यक कदम उठाएगा, साथ ही जिले में आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने की भी अपील की।
    user_Rajiv kumar
    Rajiv kumar
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    9 hrs ago
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