आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग, सवर्ण आर्मी ने किया प्रदर्शन मेजा तहसील में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता और अधिवक्ता, राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा चार सूत्रीय ज्ञापन मेजा, प्रयागराज। सवर्ण आर्मी प्रयागराज यमुनापार इकाई की ओर से गुरुवार को विभिन्न मांगों को लेकर मेजा तहसील परिसर में प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष आनंद द्विवेदी के निर्देश पर बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, अधिवक्ता और कार्यकर्ता तहसील पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए आवाज बुलंद की। इसके बाद उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला उपाध्यक्ष चंचल तिवारी, जिला सचिव सुनील शुक्ला, जय प्रकाश मिश्रा, आशीष मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी सुमित तिवारी, जिला आईटी प्रभारी शिवाकांत मिश्रा, अजय राज शुक्ला और धीरज श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर लागू करने, यूजीसी के नए नियमों को तत्काल वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट को समाप्त करने और सवर्ण समाज के हितों के लिए सवर्ण आयोग का गठन करने की मांग उठाई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें समाजहित से जुड़ी हैं और सरकार को इन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाया गया है। यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आगे इससे बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में काफी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग, सवर्ण आर्मी ने किया प्रदर्शन मेजा तहसील में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता और अधिवक्ता, राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा चार सूत्रीय ज्ञापन मेजा, प्रयागराज। सवर्ण आर्मी प्रयागराज यमुनापार इकाई की ओर से गुरुवार को विभिन्न मांगों को लेकर मेजा तहसील परिसर में प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष आनंद द्विवेदी के निर्देश पर बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, अधिवक्ता और कार्यकर्ता तहसील पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए आवाज बुलंद की। इसके बाद उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला उपाध्यक्ष चंचल तिवारी, जिला सचिव सुनील शुक्ला, जय प्रकाश मिश्रा, आशीष मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी सुमित तिवारी, जिला आईटी प्रभारी शिवाकांत मिश्रा, अजय राज शुक्ला और धीरज श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर लागू करने, यूजीसी के नए नियमों को तत्काल वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट को समाप्त करने और सवर्ण समाज के हितों के लिए सवर्ण आयोग का गठन करने की मांग उठाई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें समाजहित से जुड़ी हैं और सरकार को इन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाया गया है। यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आगे इससे बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में काफी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
- बंद मकान में चोरी की शिकायत,मौके पर पहुंचने से पहले ही लौट गई डायल एक सौ बारह पुलिस पीड़ित ने थाने में दी तहरीर, अब थाना प्रभारी की जांच से खुलेगा चोरी का सच बंद मकान में चोरी की शिकायत,मौके पर पहुंचने से पहले ही लौट गई डायल एक सौ बारह पुलिस पीड़ित ने थाने में दी तहरीर, अब थाना प्रभारी की जांच से खुलेगा चोरी का सच प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत लालापुर थाना क्षेत्र के सोनवै ग्राम पंचायत में बुधवार की देर शाम एक बंद मकान में चोरी की शिकायत सामने आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अज्ञात चोर मकान में रखे बर्तन,करीब दो हजार रुपये और पायल चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी गुरुवार को मीडिया को हुई तो मौके पर पहुंचकर मामले की पड़ताल की गई। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने थाना लालापुर में लिखित तहरीर देकर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। मामले में सबसे अहम सवाल डायल एक सौ बारह की भूमिका को लेकर उठ रहा है। पीड़ित पक्ष के अनुसार,घटना की सूचना देने के लिए डायल एक सौ बारह पर फोन किया गया था। आरोप है कि पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करने के बजाय सोनवै ग्राम सभा स्थित सिद्धेश्वर मंदिर से ही वापस लौट गए। जब इसकी जानकारी मीडिया को हुई और मीडिया की ओर से डायल एक सौ बारह पर संपर्क किया गया तो पुलिसकर्मियों की ओर से इसे चोरी का मामला न बताते हुए पारिवारिक विवाद और जमीन से जुड़ा मामला बताया गया। अब सवाल यह है कि यदि सूचना चोरी की थी तो पुलिस को मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण,पीड़ित पक्ष से पूछताछ और प्रथमदृष्टया तथ्यों की जांच करनी चाहिए थी या फिर मौके पर पहुंचे बिना ही मामले को किसी दूसरे विवाद से जोड़कर वापस लौट जाना चाहिए था? किसी घटना की वास्तविकता क्या है, इसकी पुष्टि मौके पर जांच के बाद ही संभव है। यदि चोरी नहीं हुई थी तो यह भी जांच का विषय है कि पीड़ित पक्ष ने थाना लालापुर में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग क्यों की। बताया जा रहा है कि बाद में डायल एक सौ बारह की टीम दोबारा मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर पीड़ित व्यक्ति किसी घटना की सूचना देकर पुलिस की सहायता चाहता है तो उसकी शिकायत की निष्पक्ष तरीके से जांच होना जरूरी है। ऐसे में पहली सूचना पर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और बाद में दोबारा मौके पर पहुंचकर की गई जांच, दोनों की भूमिका अब जांच के दायरे में है। हालांकि चोरी हुई या नहीं, कितने सामान की चोरी हुई और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसकी अंतिम पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पीड़ित पक्ष की तहरीर थाना लालापुर में दी जा चुकी है। आगे की खबर थाना प्रभारी लालापुर की विवेचना और जांच में सामने आने वाले तथ्यों की पुष्टि के बाद प्रकाशित की जाएगी। प्रशासन अपने स्तर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाए, ताकि यदि चोरी हुई है तो पीड़ित को न्याय मिले और यदि मामला किसी पारिवारिक अथवा भूमि विवाद से जुड़ा है तो उसकी भी सच्चाई स्पष्ट हो सके।1
- शंकरगढ़ CHC अधीक्षक का वीडियो वायरल, बोले- बाहर 25 हजार का ऑपरेशन, यहां 5 हजार में। शंकरगढ़ CHC अधीक्षक का वीडियो वायरल, बोले- बाहर 25 हजार का ऑपरेशन, यहां 5 हजार में शंकरगढ़, प्रयागराज। शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार यादव का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया के कई ग्रुपों में तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अधीक्षक स्वयं स्वीकार करते हुए कह रहे हैं कि अगर आप बाहर ऑपरेशन कराते हैं तो 24 से 25 हजार रुपये का खर्च आता है, जबकि यहाँ CHC पर केवल 4 से 5 हजार में ही हो जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।1
- शंकरगढ़ CHCअधीक्षक का वीडियो वायरल बोले बाहर 25000 यहां 4.5 हजार में यहां हो रहा ऑपरेशन तो लोगों में दर्द क्यों प्रयागराज शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ के अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार यादव का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है।वायरल वीडियो में क्या है वायरल वीडियो में CHC अधीक्षक स्वयं यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि अगर आप बाहर ऑपरेशन कराते हैं तो चौबीस से पच्चीस हजार का खर्चा आता है और यहां केवल चार से पांच हजार में ही हो जा रहा है। सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है।वीडियो के बाद उठे सवाल वीडियो वायरल होने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं क्या सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर 4-5 हजार रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि सरकारी अस्पताल में इलाज मुफ्त होना चाहिए यह 4-5 हजार किस मद में लिया जा रहा है क्या यह बयान निजी अस्पतालों को बढ़ावा देने जैसा है फिलहाल वीडियो की सत्यता की जांच और इस मामले में उच्चाधिकारियों के बयान का इंतजार है। शुरू ऐप इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता यह जांच का विषय है।1
- नवभारत जनशक्ति पार्टी एवम् सवर्ण आर्मी यमुनापार प्रयागराज की टीम ने SDM मेजा को दिया ज्ञापन नवभारत जनशक्ति पार्टी एवम् सवर्ण आर्मी यमुनापार प्रयागराज की संयुक्त टीम ने यूजीसी रोल बैक sc st एक्ट समाप्त करो remove reseravation को लेकर SDM मेजा को दिया ज्ञापन।।2
- Post by Raju Yadav1
- सवर्ण आर्मी यमुनापार प्रयागराज की टीम ने SDM मेजा को दिया ज्ञापन सवर्ण आर्मी यमुनापार प्रयागराज की टीम ने यूजीसी रेगुलेशन 2026 को हटाने तथा sc st एक्ट समाप्त करने हेतु आज मेजा तहसील में किया धरना प्रदर्शन और SDM मेजा को दिया ज्ञापन पत्र।।1
- *दिव्यांग सुभाष की मदद को आगे आए पत्रकार सूरज मौर्य, दिया मानवता का संदेश* *मीरजापुर/छानबे:* कहते हैं पत्रकारिता सिर्फ खबर दिखाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद की मदद करना भी है। इसका उदाहरण पेश किया है छानबे के पत्रकार सूरज मौर्य ने। भटेवरा गांव निवासी *सुभाष पुत्र रामआसरे* दोनों हाथों से दिव्यांग हैं। दिव्यांगता के कारण वे मेहनत-मजदूरी नहीं कर पाते, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा था। दो-तीन दिन पहले जब पत्रकार सूरज मौर्य को इस परिवार की स्थिति का पता चला, तो उन्होंने मानवता की मिसाल पेश की। शुक्रवार सुबह वे सुभाष के घर पहुंचे और परिवार को खाने-पीने की आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। इस दौरान सूरज मौर्य ने कहा, _"समाज में कई गरीब और असहाय परिवार हैं जिन्हें थोड़े से सहयोग की जरूरत है। हम सभी को अपनी सामर्थ्य के अनुसार ऐसे परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। दुख की घड़ी में किसी का सहारा बनना ही सच्ची मानवता है।"_ स्थानीय लोगों ने पत्रकार सूरज मौर्य के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है।3
- बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से गरीब का कच्चा मकान जमींदोज बीती रात हुई भारी बारिश के चलते गिरा गरीब किसान का कच्चा मकान हलिया मीरजापुर स्थानीय थाना विकास खंड क्षेत्र में बीती रात तेज़ हवा तुफ़ान के साथ हुई मूसलाधार बारिश की वजह से ग़रीब किसान का कच्चा मकान भरभरा कर धराशाई हो गया संयोग ठीक था की गिरने वाले मकान के हिस्से में कोई मौजूद नहीं था अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी जानकारी के अनुसार लालगंज तहसील क्षेत्र के हलिया विकास खंड के पिपरा गंजरिया गांव निवासी सिता देवी पत्नी बबलू कोल अपने मिट्टी की बनी कच्चे मकान में थी उसी समय तेज़ हवा तुफ़ान के साथ मूसलाधार बारिश होने से कच्चा मकान भरभरा कर गिरने लगा महिला ने बच्चों को लेकर बाहर भागी देखते ही देखते पुरा मकान जमींदोज हो गया महिला पन्नी तिरपाल लगाकर अपना जीवन यापन कर रही है गरीब महिला ने सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि सरकार द्वारा सहायता राशि प्रदान कर दी जाएगी तो बच्चों को रहने के लिए छत हो जाएगा और बच्चों सहित हम अपना जीवन यापन कर सकेंगे।2
- मानवता की मिसाल बने नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, सड़क हादसे में घायलों की मदद की *मीरजापुर:* जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने शुक्रवार को दो अलग-अलग सड़क हादसों में घायलों की मदद की। बताया गया कि विधायक जी का काफिला मीरजापुर-प्रयागराज मार्ग से गुजर रहा था। तभी ग्राम देवरी के पास नीलगाय से टकराकर एक बाइक सवार घायल हो गया था, जबकि अष्टभुजा टोल प्लाजा के पास एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसा देख विधायक ने तत्काल अपना काफिला रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को फोन कर एम्बुलेंस बुलवाई और घायलों को अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि _"मुश्किल घड़ी में साथ खड़ा होना ही जनसेवा का सच्चा भाव है। पद बाद में, पहले इंसानियत है।"_ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक घायलों को अस्पताल रवाना करने के बाद ही वहां से आगे बढ़े। उनके इस मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों में सराहना हो रही है।2