Shuru
Apke Nagar Ki App…
Ajay Suryavanshi
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by AM NEWS1
- Post by Ajay Suryavanshi6
- Post by K K D NEWS MP/CG1
- रायसेन जिले की बालमपुर घाटी में भोपाल–विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर बाघ दिखाई देने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बाघ गाय के बछड़े को मुंह में दबाकर जंगल की ओर ले जाता दिख रहा है। वीडियो स्थानीय राहगीर द्वारा बनाया गया बताया जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ी है।1
- भोपाल की शाही मोती मस्जिद में रुयाते हिलाल कमेटी की अहम बैठक के बाद रमज़ान का चांद देखे जाने की तस्दीक हो गई है। शहर काज़ी सैय्यद मुश्ताक अली नदवी ने एलान किया कि आज (बुधवार) से पहली तरावीह अदा की जाएगी, जबकि गुरुवार को रमज़ान का पहला रोज़ा रखा जाएगा। शहरभर की मस्जिदों में इबादत की तैयारियां मुकम्मल हैं। सभी को रमज़ान की दिली मुबारकबाद—दुआओं में याद रखें।1
- बच्चा चोर पकड़ा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हमीदिया हॉस्पिटल। को आखिर कौन चल रहा है जो मानव तस्करी कर रहा है? वीडियो को ज्यादा ज्यादा शेयर करें कमेंट में अपनी राय जरुर दें लाइक करें। और हमें फॉलो करना ना भूले।1
- महान आध्यात्मिक गुरु रामकृष्ण का जन्म १८ फरवरी १८३६ को पश्चिम बंगाल के कामारपुकुर गाँव में हुआ था। रामकृष्ण परमहंस (१८३६-१८८६) एक सिद्ध संत थे, जिनके जीवन में माँ काली के प्रति अगाध प्रेम और भक्ति को मुख्य चमत्कार माना जाता है। उन्होंने काली को एक जीवित हकीकत के रूप में अनुभव किया, जो उनके सामने आती थीं, नाचती थीं और उनके हाथों से खाती थीं। उनके जीवन की सबसे बड़ी साधना 'समाधि' और सभी धर्मों (हिंदू, इस्लाम, ईसाई) में समानता का दर्शन था। रामकृष्ण परमहंस के जीवन से जुड़े प्रमुख चमत्कार और अनुभव: बाल्यावस्था में समाधि: छः-सात साल की उम्र में, एक बार आकाश में काले बादलों के बीच सफेद सारसों को देखते हुए वे इतने मुग्ध हो गए कि उन्हें अपनी सुध-बुध नहीं रही और वे अचेत होकर गिर पड़े। काली माँ के साथ साक्षात संवाद: दक्षिणेश्वर में वे माँ काली के विग्रह को पत्थर की मूर्ति नहीं, बल्कि साक्षात जगज्जननी मानते थे। वे अक्सर माँ काली के साथ बातें करते, शिशु की तरह रोते और आनंद में विभोर होकर नाचते-गाते थे। सर्वोच्च समाधि (Nirvikalpa Samadhi): प्रसिद्ध योगी तोतापुरी के मार्गदर्शन में उन्होंने तीन दिन के भीतर निर्विकल्प समाधि प्राप्त की, जो कई योगियों को जीवनभर में भी नहीं मिलती। कहा जाता है कि इस दौरान उनके शरीर में प्राणों का संचार भी रुक गया था। पतितों और साधुओं में दैवीयता देखना: वे सभी मनुष्यों में, यहाँ तक कि निर्धन और पतित लोगों में भी देवी काली का रूप देखते थे। मानसिक शक्ति और दिव्य दृष्टि: बिना किसी औपचारिक शिक्षा के वे वेदों और शास्त्रों के गूढ़ रहस्य बता देते थे। उन्हें अक्सर दिव्य दर्शन होते थे और वे भावी घटनाओं का पूर्वाभास पा लेते थे। स्वामी विवेकानंद का जीवन बदलना: जब युवा विवेकानंद (नरेंद्र) ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने भगवान को देखा है, तो रामकृष्ण ने कहा, "हां, मैंने उन्हें वैसे ही देखा है जैसे मैं तुम्हें देख रहा हूं"। उनके अनुयायी उन्हें अवतार (divine incarnation) मानते थे, और उनका जीवन इस बात का उदाहरण था कि कैसे प्रेम और निस्वार्थ सेवा से ईश्वर प्राप्त किए जा सकते हैं। (साभार)1
- भोपाल । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने विधान सभा में 18 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत मध्य प्रदेश सरकार के बजट को गरीबी ,महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त जनता के लिए निराशाजनक निरूपित किया है।भाकपा ने बजट के प्रस्तावों में जनहित से जुड़ी भाकपा की मांगों की उपेक्षा करने पर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार की कड़ी भर्त्सना की है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि " मध्य प्रदेश सरकार के बजट में गरीबी ,महंगाई और बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई प्रभावकारी प्रस्ताव नहीं है।पेट्रोलियम पदार्थों पर मध्य प्रदेश सरकार ने अपना भारी टैक्स कम नहीं किया।भाजपा द्वारा चुनावों के लिए किए गए वादे भी पूरे नहीं किए गए।मध्य प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी में सरकारी नौकरी बन्द है । विभिन्न विभागों में लाखों पद रिक्त हैं,लेकिन सरकार ने सिर्फ पुलिस विभाग में 22 हजार पदों और शिक्षा विभाग में 15 हजार पदों पर नियुक्ति करने का प्रस्ताव किया है।किसानों को उनकी फसल का समर्थन मूल्य देने का कोई प्रावधान नहीं है।सरकार ने राज्य परिवहन निगम पुनः शुरू करने के लिए मैदानी ढांचा तैयार करने के लिए भी बजट में कोई कार्य योजना नहीं बनाई है।मध्य प्रदेश के सरकारी विश्व विद्यालयों की खस्ता हालत दुरुस्त करने के लिए भी बजट में कोई प्रावधान नहीं है।सरकारी संसाधनों और बजट का दुरुपयोग बन्द करने की दशा में भी सरकार गंभीर नहीं है। सरकार द्वारा अनावश्यक कर्ज मांगने की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए भी सरकार गंभीर नहीं है।स्वास्थ्य विभाग के लिए 23 हजार 747 करोड़ रुपये और आयुष्मान योजना के लिए 2149 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है,लेकिन आयुष्मान योजना में हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु सरकार गंभीर नहीं है। स्वास्थ विभाग के लिए आवंटित राशि का सदुपयोग सरकारी संसाधनों की मजबूती और पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति के लिए होना चाहिए। संस्कृति के लिए आवंटित बजट का दुरुपयोग भाजपा सरकार सांप्रदायिक आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का प्रतिगामी एजेंडा लागू करने के लिए करती है।इस पर रोक लगाना चाहिए।एक धर्म विशेष के धार्मिक आयोजनों और तीर्थ यात्रा के लिए भारी भरकम बजट का प्रस्ताव भारत के संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।इसे रोकना चाहिए।भाकपा ने मध्य प्रदेश सरकार को बजट के पूर्व प्रेषित जन हित से जुड़ी मांगों में समान काम का समान वेतन देने ,न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए सुनिश्चित करने ,ठेका प्रथा, आउट सोर्सिंग बन्द करने,वरिष्ठ नागरिकों और निराश्रितों को 5 हजार रुपए मासिक पेंशन देने ,सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार भोपाल के गैस पीड़ितों को सरकार की तरफ से अधिकतम मुआवजा देने, प्रत्येक गैस पीड़ित निराश्रित को 5 हजार रुपए मासिक पेंशन देने,मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल पुनः शुरू करने के लिए बजट आवंटित करने ,चतुर्थ श्रेणी में सरकारी नौकरी पुनः शुरू करने जैसी मांगें की हैं । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मध्य प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त लाखों पदों पर स्थाई नियुक्ति करने की भी माँग कई बार की है,लेकिन मध्य प्रदेश सरकार के बजट में जन हित की इन मांगों की उपेक्षा की गई है।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इसकी कड़ी भर्त्सना करती है। "1