भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी की मां से मुलाकात की और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। मुलाकात के बाद पप्पू यादव ने एक प्रेस वार्ता में बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि "यह यादव नहीं हैं, यादव रहते तब ना इस मामले पर आवाज उठाते। भरत तिवारी के परिवार के साथ अन्याय हुआ है और ऐसे मामलों पर सभी नेताओं को खुलकर बोलना चाहिए।" सांसद ने मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग दोहराई। उनके इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर इस एनकाउंटर को लेकर बहस तेज हो गई है, जिससे #JusticeForBharatTiwari की मांग मुखर हुई है।
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी की मां से मुलाकात की और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। मुलाकात के बाद पप्पू यादव ने एक प्रेस वार्ता में बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि "यह यादव नहीं हैं, यादव रहते तब ना इस मामले पर आवाज उठाते। भरत तिवारी के परिवार के साथ अन्याय हुआ है और ऐसे मामलों पर सभी नेताओं को खुलकर बोलना चाहिए।" सांसद ने मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग दोहराई। उनके इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर इस एनकाउंटर को लेकर बहस तेज हो गई है, जिससे #JusticeForBharatTiwari की मांग मुखर हुई है।
- पूर्व सांसद आरके सिंह ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने इस मामले में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के संबंध में बिलौटी पहुंचे, जहाँ उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने भरत तिवारी की मां से दुखद घटना के बारे में विशेष जानकारियां लीं। चौबे ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि देश को ऐसे देशभक्तों की जरूरत है।1
- भरत तिवारी की मृत्यु के उपरांत, उनकी बड़ी बहन ने बेलोटी घर में हुई बातचीत के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर अब व्यापक चर्चा हो रही है।1
- भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के मामले ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इस घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सवाल उठाया है कि यदि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे गोली क्यों मारी गई? चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अश्विनी चौबे ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक युवक की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कानून के राज और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर के बाद किसी को गोली मारना लोकतंत्र और कानून, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चौबे ने यह भी मांग की कि यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने और सच्चाई सामने लाने का अल्टीमेटम भी दिया है। उनके इस बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष के भीतर से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, भरत तिवारी की मौत के मामले में परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग की जा रही है।2
- हिन्दुस्तानी आवाम् मोर्चा (से.) द्वारा आरा के श्रनगरी प्रचारिणी सभागार में एक 'गरीब चौपाल संवाद कार्यक्रम' का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 21 जून 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू होगा। आयोजकों ने कार्यक्रम में उपस्थित होने वाले सभी लोगों का हार्दिक अभिनंदन किया है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर रविवार को छपरा शहर के खेल भवन में एक जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय विधायक, छपरा श्रीमती छोटी कुमारी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सारण श्री पुनीत कुमार गर्ग, जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव और उप विकास आयुक्त श्री लक्ष्मण तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया; इसे स्वस्थ जीवन शैली का अभिन्न अंग बताते हुए कहा गया कि यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन एवं आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, जिससे व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन व्यतीत कर सकता है। प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया, जिसमें उन्होंने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है और यह स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योग करने एवं अपने परिवार तथा समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने की अपील की। इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न जिला स्तरीय पदाधिकारी, खेल विभाग के अधिकारी, स्थानीय खिलाड़ी, युवा, छात्र-छात्राएं तथा आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए नियमित योग करने के संकल्प के साथ हुआ।4
- भरत की मौत के बाद गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पुलिस को परेशान करने का नतीजा है या इसके पीछे कोई और वजह है। यह बात विशेष रूप से उठाई जा रही है कि भरत ने अपनी गतिविधियां 'लाइव' की थीं, जिसके बावजूद पुलिस की भूमिका और उसकी कार्रवाई पर अब गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।1
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी की मां से मुलाकात की और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। मुलाकात के बाद पप्पू यादव ने एक प्रेस वार्ता में बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि "यह यादव नहीं हैं, यादव रहते तब ना इस मामले पर आवाज उठाते। भरत तिवारी के परिवार के साथ अन्याय हुआ है और ऐसे मामलों पर सभी नेताओं को खुलकर बोलना चाहिए।" सांसद ने मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग दोहराई। उनके इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर इस एनकाउंटर को लेकर बहस तेज हो गई है, जिससे #JusticeForBharatTiwari की मांग मुखर हुई है।1