महाकाल लोग की थीम , गूंजे जय महाकाल के जयघोष ,, भक्ति मय हुआ अम्बरीष नगरी महाकाल थीम की 100 किलो की विशाल कावड़ 43 घंटे में 200 किमी तय कर पहुंची अंबाह महाशिवरात्रि पर पीएचई शिव मंदिर में हुआ जलाभिषेक, नगर में भव्य शोभायात्रा—हजारों श्रद्धालु हुए शामिल अंबाह। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर अंबाह में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाबा महाकाल की थीम पर तैयार की गई लगभग एक क्विंटल (100 किलो) वजनी विशाल कावड़ को 50 युवाओं का जत्था 200 किलोमीटर दूर सोरों गंगा घाट से महज 43 घंटे में पैदल अंबाह लेकर पहुंचा। यह पूरी यात्रा ब्रह्मलीन संत दद्दाजी के आशीर्वाद एवं गृहस्थ संत डॉ. अनिल शास्त्री जी की प्रेरणा से संपन्न हुई। दद्दा एसटीएफ एवं भक्तमंडल अंबाह के तत्वावधान में 13 फरवरी की सुबह 9 बजे सोरों गंगा घाट से यात्रा प्रारंभ हुई। बाबा महाकाल थीम पर बनी यह आकर्षक कावड़ जिलेभर में विशेष आकर्षण का केंद्र रही।महाशिवरात्रि पर पीएचई परिसर स्थित शिव मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विशेष शृंगार किया, बिल्व पत्र अर्पित किए और पवित्र गंगाजल से विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक किया। पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” "दद्दाजी की जय" और “बोल बम” के जयघोष गूंज उठे। जैन बगीची से निकली भव्य शोभायात्रा जलाभिषेक से पहले जैन बगीची परिसर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा परेड चौराहा, अटल पार्क, उसेद रोड, पोरसा चौराहा, डायवर्सन रोड, जय हिंद कॉलेज, जग्गा चौराहा, मुरैना तिराहा, नगर पालिका चौराहा, सदर बाजार गंज, पुरानी गली और पुरानी तहसील होते हुए पुनः पीएचई परिसर स्थित शिव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में हजारों श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए। एक सैकड़ा से अधिक स्थानों पर सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कावड़ का स्वागत कर कावड़ियों का सम्मान किया। लगभग आधा सैकड़ा स्थानों पर फल, जलपान एवं प्रसाद वितरण कर सेवा की गई। रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटिंग से सजी कावड़ का रात्रिकालीन दृश्य अत्यंत भव्य और मनमोहक दिखाई दिया। श्रद्धालु “बाबा नगरिया दूर है जाना जरूर है”, “बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है” जैसे भजनों पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। युवाओं और बच्चों में कावड़ के साथ फोटो व सेल्फी लेने का विशेष उत्साह देखा गया। 40 हजार की लागत से बनी 8 फीट ऊंची कावड़ महाकाल मंदिर की प्रतिकृति स्वरूप इस कावड़ के भीतर शिवलिंग स्थापित किया गया था। लगभग 8 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी इस कावड़ को थर्माकोल और बांस से तैयार किया गया। इसे बनाने में करीब 15 दिन का समय और लगभग 40 हजार रुपये की लागत आई। श्रद्धालुओं के अनुसार कावड़ का कुल वजन लगभग 100 किलो रहा, जिसे 50 युवाओं ने सामूहिक रूप से उठाकर 200 किमी की दूरी तय की। महाकाल लोक से मिली प्रेरणा दद्दा एसटीएफ एवं भक्तमंडल अंबाह के सदस्यों ने बताया कि इस थीम की प्रेरणा उज्जैन स्थित महाकाल लोक के निर्माण के बाद मिली। उन्होंने कहा कि कावड़ के माध्यम से महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दिव्य एवं वास्तविक स्वरूप को अंबाह की जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। सोरों में कावड़ तैयार करने वाले कारीगर ने बताया कि उन्होंने स्वयं इन मंदिरों के दर्शन नहीं किए, लेकिन ईश्वरीय प्रेरणा से वे ऐसे भव्य स्वरूप तैयार करते हैं। उनकी बनाई इस महाकाल आकृति की कावड़ को नगरवासियों ने खूब सराहा।
महाकाल लोग की थीम , गूंजे जय महाकाल के जयघोष ,, भक्ति मय हुआ अम्बरीष नगरी महाकाल थीम की 100 किलो की विशाल कावड़ 43 घंटे में 200 किमी तय कर पहुंची अंबाह महाशिवरात्रि पर पीएचई शिव मंदिर में हुआ जलाभिषेक, नगर में भव्य शोभायात्रा—हजारों श्रद्धालु हुए शामिल अंबाह। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर अंबाह में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाबा महाकाल की थीम पर तैयार की गई लगभग एक क्विंटल (100 किलो) वजनी विशाल कावड़ को 50 युवाओं का जत्था 200 किलोमीटर दूर सोरों गंगा घाट से महज 43 घंटे में पैदल अंबाह लेकर पहुंचा। यह पूरी यात्रा ब्रह्मलीन संत दद्दाजी के आशीर्वाद एवं गृहस्थ संत डॉ. अनिल शास्त्री जी की प्रेरणा से संपन्न हुई। दद्दा एसटीएफ एवं भक्तमंडल अंबाह के तत्वावधान में 13 फरवरी की सुबह 9 बजे सोरों गंगा घाट से यात्रा प्रारंभ हुई। बाबा महाकाल थीम पर बनी यह आकर्षक कावड़ जिलेभर में विशेष आकर्षण का केंद्र रही।महाशिवरात्रि पर पीएचई परिसर स्थित शिव मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विशेष शृंगार किया, बिल्व पत्र अर्पित किए और पवित्र गंगाजल से विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक किया। पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” "दद्दाजी की जय" और “बोल बम” के जयघोष गूंज उठे। जैन बगीची से निकली भव्य शोभायात्रा जलाभिषेक से पहले जैन बगीची परिसर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा परेड चौराहा, अटल पार्क, उसेद रोड, पोरसा चौराहा, डायवर्सन रोड, जय हिंद कॉलेज, जग्गा चौराहा, मुरैना तिराहा, नगर पालिका चौराहा, सदर बाजार गंज, पुरानी गली और पुरानी तहसील होते हुए पुनः पीएचई परिसर स्थित शिव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में हजारों श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए। एक सैकड़ा से अधिक स्थानों पर सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कावड़ का स्वागत कर कावड़ियों का सम्मान किया। लगभग आधा सैकड़ा स्थानों पर फल, जलपान एवं प्रसाद वितरण कर सेवा की गई। रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटिंग से सजी कावड़ का रात्रिकालीन दृश्य अत्यंत भव्य और मनमोहक दिखाई दिया। श्रद्धालु “बाबा नगरिया दूर है जाना जरूर है”, “बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है” जैसे भजनों पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। युवाओं और बच्चों में कावड़ के साथ फोटो व सेल्फी लेने का विशेष उत्साह देखा गया। 40 हजार की लागत से बनी 8 फीट ऊंची कावड़ महाकाल मंदिर की प्रतिकृति स्वरूप इस कावड़ के भीतर शिवलिंग स्थापित किया गया था। लगभग 8 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी इस कावड़ को थर्माकोल और बांस से तैयार किया गया। इसे बनाने में करीब 15 दिन का समय और लगभग 40 हजार रुपये की लागत आई। श्रद्धालुओं के अनुसार कावड़ का कुल वजन लगभग 100 किलो रहा, जिसे 50 युवाओं ने सामूहिक रूप से उठाकर 200 किमी की दूरी तय की। महाकाल लोक से मिली प्रेरणा दद्दा एसटीएफ एवं भक्तमंडल अंबाह के सदस्यों ने बताया कि इस थीम की प्रेरणा उज्जैन स्थित महाकाल लोक के निर्माण के बाद मिली। उन्होंने कहा कि कावड़ के माध्यम से महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दिव्य एवं वास्तविक स्वरूप को अंबाह की जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। सोरों में कावड़ तैयार करने वाले कारीगर ने बताया कि उन्होंने स्वयं इन मंदिरों के दर्शन नहीं किए, लेकिन ईश्वरीय प्रेरणा से वे ऐसे भव्य स्वरूप तैयार करते हैं। उनकी बनाई इस महाकाल आकृति की कावड़ को नगरवासियों ने खूब सराहा।
- भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थराअंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेशजय महाकाल5 hrs ago
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- धौलपुर जिले में प्राचीन भोलेनाथ का मंदिर सैंपऊ तहसील में स्थित है यहां महाशिवरात्रि वाले दिन लाखों की संख्या में भीड़ जमा भक्तों की3
- कलेक्टर भिण्ड की अध्यक्षता में समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय भिण्ड के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी तथा कई अधिकारी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभाग अधिकारियों को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन के समस्त प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर तत्काल ध्यान केंद्रित करते हुए इनका प्राथमिकता आधार पर निस्तारण किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जनता की शिकायतों का शीघ्र समाधान शासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने ईकेवाईसी की समीक्षा कर कहा कि समस्त नगरीय निकाय सीएमओ और सीईओ जनपद समग्र ईकेवाईसी पर विशेष ध्यान दें और कार्य में प्रगति लाएं। कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा कर सख्त निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढ़ंग से सुनिश्चित किया जाए। शिविरों में समग्र ईकेवायसी और योजनाओं का लाभ देना सुनिश्चित करें, सभी विभाग प्रमुख अधिकतम पात्र लोगों तक पहुँचें तथा लंबित प्रकरणों का समयसीमा में समाधान हो। उन्होंने टीएल पत्र निराकरण की समीक्षा की एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिऐ।1
- Post by Kaif Sher1
- *थाना मौ पुलिस द्वारा अंधे कत्ल का किया पर्दाफाश* *अज्ञात महिला की सर कटी मिली थी लाश, 04 आरोपीगणों को पुलिस ने किया गिरफ्तार*1
- AI की दुनिया में गूंज रहा है भारत का नाम!🇮🇳✨ दुनिया की सबसे बड़ी टेक क्रांति (Tech Revolution) का नेतृत्व अब भारत कर रहा है। India AI Impact Summit 2026 इस बात का प्रमाण है कि भारत अब सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि उसे बनाने वाला 'ग्लोबल सुपरपावर' बन चुका है। AI For All: पीएम मोदी का विजन साफ है, AI सिर्फ बड़ी कंपनियों के लिए नहीं, बल्कि किसान से लेकर डॉक्टर और स्टार्टअप्स तक, सबके विकास का जरिया है। 🌾🩺 Talent Hub: भारत में आज 60 लाख से ज्यादा टेक प्रोफेशनल्स हैं और 500 से ज्यादा ग्लोबल सेंटर AI पर काम कर रहे हैं। 💻 बड़ा निवेश: सरकार AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगभग 70 बिलियन डॉलर का निवेश कर रही है और 90 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त निवेश घोषित किया जा चुका है एवं बजट 2026-27 में डिजिटल क्रांति के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं।💰 भारत अब 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर AI की रफ्तार से बढ़ रहा है। आइए, इस डिजिटल सफर का हिस्सा बनें!1
- आगे बढ़ने की बजाए पीछे हटता नजर आया CM मोहन यादव का हेलीकॉप्टर, लोगों की धड़कनें तेज-वायरल वीडियो खंडवा: सीएम मोहन यादव के हेलीकॉप्टर की उड़ान के दौरान खंडवा के पंधाना में कुछ पल के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पंधाना में राज्यस्तरीय कार्यक्रम के बाद जब सीएम का हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहा था, तभी टेकऑफ के तुरंत बाद वह आगे बढ़ने की बजाय कुछ क्षणों के लिए पीछे और नीचे की ओर आता नजर आया. यह देख हेलीपेड के आसपास मौजूद लोगों की धड़कनें तेज हो गईं. सुरक्षा अमला भी सतर्क हो गया. हालांकि पायलट ने तुरंत स्थिति संभाली और हेलीकॉप्टर ने दोबारा संतुलन बनाते हुए रफ्तार पकड़ी. इसके बाद धूल का गुबार उड़ाता हुआ हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ गया1