दमोह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जबेरा में रोगी कल्याण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यमंत्री लोधी ने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और अधोसंरचना के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान बीएमओ डॉ. डी.के. राय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में एक्स-रे मशीन के सीआर स्कैनर प्रिंटर की मरम्मत, अस्पताल परिसर और शासकीय भवनों के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण, अस्पताल परिसर के बाहर सुलभ कॉम्प्लेक्स का निर्माण, प्रस्तावित नवीन भवन के लिए भूमि का चिन्हांकन, पेशेंट स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की खरीद, एम्बुलेंस खरीदने के बाद बची राशि का उपयोग और अतिरिक्त सभा कक्ष के निर्माण जैसे कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए एक अलग कैंटीन व कैफेटेरिया बनाकर उसे ठेके पर चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया, साथ ही अस्पताल परिसर में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था और पार्किंग शुल्क तय करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। विधायक निधि से प्राप्त एम्बुलेंस के उपयोग को लेकर आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग से निर्धारित किराया लेने, अस्पताल परिसर में 24 घंटे पुलिसकर्मी की तैनाती सुनिश्चित करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी बात हुई। राज्यमंत्री लोधी ने निर्देश दिए कि वर्तमान में खंडहर हो चुके पुराने और जर्जर अस्पताल भवन को हटाकर उसकी जगह एक उपयोगी नवीन भवन का निर्माण कराया जाए। इसके अतिरिक्त, अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर मरकरी लाइट लगाकर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में प्रस्तुत सभी प्रमुख प्रस्तावों पर समिति सदस्यों ने सहमति व्यक्त की और अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया।
दमोह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जबेरा में रोगी कल्याण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यमंत्री लोधी ने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और अधोसंरचना के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान बीएमओ डॉ. डी.के. राय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में एक्स-रे मशीन के सीआर स्कैनर प्रिंटर की मरम्मत, अस्पताल परिसर और शासकीय भवनों के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण, अस्पताल परिसर के बाहर सुलभ कॉम्प्लेक्स का निर्माण, प्रस्तावित नवीन भवन के लिए भूमि का चिन्हांकन, पेशेंट स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की खरीद, एम्बुलेंस खरीदने के बाद बची राशि का उपयोग और अतिरिक्त सभा कक्ष के निर्माण जैसे कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए एक अलग कैंटीन व कैफेटेरिया बनाकर उसे ठेके पर चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया, साथ ही अस्पताल परिसर में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था और पार्किंग शुल्क तय करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। विधायक निधि से प्राप्त एम्बुलेंस के उपयोग को लेकर आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग से निर्धारित किराया लेने, अस्पताल परिसर में 24 घंटे पुलिसकर्मी की तैनाती सुनिश्चित करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी बात हुई। राज्यमंत्री लोधी ने निर्देश दिए कि वर्तमान में खंडहर हो चुके पुराने और जर्जर अस्पताल भवन को हटाकर उसकी जगह एक उपयोगी नवीन भवन का निर्माण कराया जाए। इसके अतिरिक्त, अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर मरकरी लाइट लगाकर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में प्रस्तुत सभी प्रमुख प्रस्तावों पर समिति सदस्यों ने सहमति व्यक्त की और अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया।
- दमोह जिले के हटा में एमएलबी रोड की मुख्य सड़क पर एक पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण लगातार पानी बह रहा है। इस समस्या से सड़क से आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ दुकानदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस लीकेज का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। उन्होंने संबंधित जिम्मेदारों से जल्द से जल्द इस समस्या को ठीक करने की गुहार लगाई है। पाइपलाइन लीकेज के कारण सड़कों पर बह रहे इस पानी के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी बेखबर बने हुए हैं।1
- दमोह देहात थाना क्षेत्र की सागर नाका चौकी अंतर्गत देवरान गांव में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश और तेज हवा से बचने के लिए भूसा भरने गए मजदूर एक ट्रॉली के नीचे बैठे थे, तभी ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तत्काल दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अथाई बरपटी निवासी सीताराम यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना में घायल चुन्नू यादव का उपचार जारी है। मृतक के भतीजे कारण यादव ने बताया कि दोनों मजदूर अस्थाई क्षेत्र से देवरान भूसा भरने गए थे। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाकर मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- पन्ना जिले की पवई पुलिस ने बाइक चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है, जहाँ लगभग डेढ़ लाख रुपये मूल्य की तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पवई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर इस मामले को सुलझाया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पवई और अमानगंज क्षेत्र से इन बाइकों की चोरी करने का जुर्म कबूल कर लिया है।1
- दमोह सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बड़ापुरा में शनिवार रात करीब 9 बजे शिक्षा विभाग के एक बाबू पर चाकू से हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया गया। घायल बाबू को इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉ. यशपाल और डॉ. दिव्यांशु अवस्थी ने उनका इलाज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ापुरा निवासी 56 वर्षीय देवेंद्र राज, जो शिक्षा विभाग में बाबू हैं और करोड़ी लाल के पुत्र हैं, से अरविंद नामक एक व्यक्ति ने शराब के लिए पैसे मांगे थे। जब देवेंद्र राज ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी अरविंद ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली से मनीष कुमार, एएसआई अलजार सिंह सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी अरविंद की तलाश कर रही है।1
- कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र के ग्राम अमगवां से कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक अपाहिज किसान रामकिशोर पिछले दो महीनों से न्याय की गुहार लगाने के लिए रीठी थाने और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण यह पीड़ित किसान दूसरों के कंधों पर सवार होकर पुलिस के आला अफसरों तक पहुँच रहा है, लेकिन रीठी पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप है। शुक्रवार को पीड़ित किसान रामकिशोर एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुँचा और अपनी आपबीती सुनाते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि बीते 8 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे, पुरानी रंजिश और एक सोची-समझी साजिश के तहत गांव के ही 14 रसूखदार दबंग लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी जैसे जानलेवा हथियारों से लैस होकर उसके घर में घुस आए और जान से मारने की नीयत से उस पर और उसके पूरे परिवार पर हमला किया। हमलावरों में मिल्लूलाल उर्फ बंधा, शंकर कुशवाहा, राघवेंद्र, सुखलाल बर्मन, राहुल बंशकार, धर्मेंद्र, एकलव्य, शनि, लक्ष्मीकांत, सुकल, वर्षा, कमलेश बाई, बल्लू और तेजीलाल शामिल थे। किसान रामकिशोर का आरोप है कि इस हमले में उसकी बेटियों के हाथ टूट गए और परिवार के कई सदस्य घायल हुए। घटना के तुरंत बाद रीठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने मामले को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ उचित और कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और न ही उनकी गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाया, जिसके चलते सभी 14 आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और केस वापस न लेने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार अब खौफ के साये में अपने ही घर में जीने को मजबूर है। स्थानीय रीठी पुलिस की इस हीलाहवाली से निराश होकर, रामकिशोर ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ साधारण धाराओं के बजाय 'हत्या के प्रयास' (अटेम्प्ट टू मर्डर) का मामला दर्ज किया जाए। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि यह भूमि विवाद का मामला था, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि अभी मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्यप्रदेश में लाडली बहना योजना पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। इसी राज्य के बुरहानपुर जिले में लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो इस योजना पर हो रहे भारी भरकम खर्च के विपरीत एक गंभीर जमीनी हकीकत को दर्शाता है।1