नीट टॉपर हर्ष दुबे ने एक स्टूडियो में अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि उनके शर्ट के नीचे फटी बनियान है और वे केवल अपनी इज्जत ढककर वहां आए हैं। उन्होंने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जब उन्होंने अनुमति मांगी तो सरकार ने नहीं दी, जबकि आतंकियों को एयरपोर्ट पर जाकर परमिशन पहुंचाई जाती है। हर्ष दुबे ने सामान्य वर्ग के छात्रों की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि देश में आत्महत्या करने वाले 90 प्रतिशत बच्चे सामान्य वर्ग के होते हैं। नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वालों में भी अधिकतर सामान्य वर्ग के ही बच्चे हैं, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर कोई भी बात नहीं करना चाहता। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ पढ़ने वाले ऐसे छात्र जिनके पिता के पास बड़े अस्पताल और बड़ी नौकरियां हैं, उनका चयन बेहद कम अंकों पर हो गया। सिस्टम और आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल जाति आधारित नहीं रह गया है, बल्कि राज्य अनुसार भी इसे सिस्टम में घुसा दिया गया है। उन्होंने कहा कि 560 अंक लाने के बावजूद यूपी और बिहार के बच्चों का सिलेक्शन नहीं हो पाएगा, जबकि 530 से 540 अंक लाकर भी अन्य राज्यों के बच्चों का चयन हो जाएगा।
नीट टॉपर हर्ष दुबे ने एक स्टूडियो में अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि उनके शर्ट के नीचे फटी बनियान है और वे केवल अपनी इज्जत ढककर वहां आए हैं। उन्होंने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जब उन्होंने अनुमति मांगी तो सरकार ने नहीं दी, जबकि आतंकियों को एयरपोर्ट पर जाकर परमिशन पहुंचाई जाती है। हर्ष दुबे ने सामान्य वर्ग के छात्रों की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि देश में आत्महत्या करने वाले 90 प्रतिशत बच्चे सामान्य वर्ग के होते हैं। नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वालों में भी अधिकतर सामान्य वर्ग के ही बच्चे हैं, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर कोई भी बात नहीं करना चाहता। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ पढ़ने वाले ऐसे छात्र जिनके पिता के पास बड़े अस्पताल और बड़ी नौकरियां हैं, उनका चयन बेहद कम अंकों पर हो गया। सिस्टम और आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल जाति आधारित नहीं रह गया है, बल्कि राज्य अनुसार भी इसे सिस्टम में घुसा दिया गया है। उन्होंने कहा कि 560 अंक लाने के बावजूद यूपी और बिहार के बच्चों का सिलेक्शन नहीं हो पाएगा, जबकि 530 से 540 अंक लाकर भी अन्य राज्यों के बच्चों का चयन हो जाएगा।
- प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश ने अस्थायी बस अड्डे की बदहाल व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। बस अड्डा परिसर में जगह-जगह जलभराव, कीचड़ और फिसलन के कारण यात्रियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, परिसर में कई स्थानों पर छत से लगातार पानी टपक रहा है, जिसकी वजह से लोगों को घंटों खड़े रहकर ही बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों के अनुसार, बसों के समय पर न पहुंचने और अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था ने इस परेशानी को और अधिक बढ़ा दिया है। इस बदहाली का सबसे बड़ा खमियाजा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें जलभराव और फिसलन के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस अस्थायी बस अड्डे पर जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है, जिससे हल्की बारिश होते ही पूरा परिसर पानी से भर जाता है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है। इस स्थिति को देखते हुए यात्रियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि बस अड्डे पर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। इसके साथ ही परिसर की नियमित सफाई कराने, आवागमन के लिए पक्के मार्ग बनाने और यात्रियों के बैठने के लिए बेहतर प्रतीक्षालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि बरसात के इस मौसम में लोगों को कुछ राहत मिल सके।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित रानीगंज बाजार में छात्रों के समर्थन में उतरे किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने एकजुट होकर छात्रों के पक्ष में अपनी आवाज उठाई।1
- उत्तर प्रदेश के गोहनिया स्थित स्वास्तिक गेस्ट हाउस में 25 और 26 जुलाई को अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) का राज्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्घाटन संगठन के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड अशोक मेहता करेंगे। कार्यक्रम के तहत 25 जुलाई को सुबह 11 बजे खुला सत्र होगा, जिसकी अध्यक्षता स्वागत समिति के अध्यक्ष विजय चितौरी करेंगे। खेती, ग्रामीण रोजगार और किसानों की आजीविका पर छाए गंभीर संकट के बीच आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में खेती पर बढ़ते कॉरपोरेट नियंत्रण, बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सवालों पर विस्तार से चर्चा कर भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। सम्मेलन के एजेंडे में फसलों की C2+50 प्रतिशत लागत पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, भूमिहीनों को कृषि और आवास के पट्टे देने, खेती की लागत घटाने तथा सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा मजदूरों के लिए 200 दिन रोजगार व ₹600 दैनिक मजदूरी, सस्ती बिजली, पेंशन वृद्धि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सांप्रदायिक सद्भाव, दलितों एवं महिलाओं पर अत्याचार रोकने और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। सत्र को खेत मजदूर किसान संग्राम समिति के बचाऊ राम, भूमिहीन किसान संघर्ष समिति के राम किशोर और एआईकेएमएस के राष्ट्रीय सचिव अशोक मेहता संबोधित करेंगे, जिसमें नागरिक समाज के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के अंतिम दिन 26 जुलाई को दोपहर 2 बजे नई राज्य कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी और उसके बाद प्रेस वार्ता के जरिए सम्मेलन में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी जाएगी।1
- सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात करने के बाद अनशन खत्म करने का यह फैसला लिया।1
- नीट टॉपर हर्ष दुबे ने एक स्टूडियो में अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि उनके शर्ट के नीचे फटी बनियान है और वे केवल अपनी इज्जत ढककर वहां आए हैं। उन्होंने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जब उन्होंने अनुमति मांगी तो सरकार ने नहीं दी, जबकि आतंकियों को एयरपोर्ट पर जाकर परमिशन पहुंचाई जाती है। हर्ष दुबे ने सामान्य वर्ग के छात्रों की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि देश में आत्महत्या करने वाले 90 प्रतिशत बच्चे सामान्य वर्ग के होते हैं। नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वालों में भी अधिकतर सामान्य वर्ग के ही बच्चे हैं, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर कोई भी बात नहीं करना चाहता। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ पढ़ने वाले ऐसे छात्र जिनके पिता के पास बड़े अस्पताल और बड़ी नौकरियां हैं, उनका चयन बेहद कम अंकों पर हो गया। सिस्टम और आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल जाति आधारित नहीं रह गया है, बल्कि राज्य अनुसार भी इसे सिस्टम में घुसा दिया गया है। उन्होंने कहा कि 560 अंक लाने के बावजूद यूपी और बिहार के बच्चों का सिलेक्शन नहीं हो पाएगा, जबकि 530 से 540 अंक लाकर भी अन्य राज्यों के बच्चों का चयन हो जाएगा।1
- प्रतापगढ़ में कल सुबह हो रही लगातार बारिश के बीच स्कूटी से नदी में नहाने गए दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई। अमित सोनी, कृष्ण कुमार सोनी और अनुराग सोनी नहाने के लिए खीरी वीर पुल के पास नदी में उतरे थे। वहां पुल के पिलरों के पास बने गहरे गड्ढों में तीनों युवक एक के बाद एक समाते चले गए। इस हृदय विदारक घटना के बाद घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में एसडीआरएफ की टीमों, नगर कोतवाली पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार तीनों शवों को नदी से बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे के बाद से मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।1