17 सांसद न घर के रहे और न घाट के... भाजपा ने दिखाया ठेंगा। (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) पश्चिम बंगाल में 17 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर पार्टी ने विराम लगा दिया है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने साफ कहा है कि फिलहाल तृणमूल कांग्रेस या एनसीपीआई से किसी के भाजपा में शामिल होने की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी केवल भाजपा में आने की इच्छा जताने के आधार पर किसी को शामिल नहीं करेगी और ऐसे नेताओं के पुराने रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा। क्या था दावा? तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद और कूचबिहार लोकसभा सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने 14 सितंबर 2026 को दावा किया था कि अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी की हार के बाद टीएमसी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए 20 सांसदों में से 17 दुर्गा पूजा (अक्टूबर) से पहले या उसके तुरंत बाद भाजपा में शामिल हो जाएंगे। बसुनिया का कहना था कि ये 17 सांसद एक साथ जाएंगे ताकि दल-बदल विरोधी कानून लागू न हो (दो-तिहाई से ज्यादा होने की वजह से)। उन्होंने तीन मुस्लिम सांसदों—अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—को छोड़कर बाकी के नाम लिए और कहा कि ये तीन बाहर से एनडीए का समर्थन करेंगे। भाजपा का रुख शमिक भट्टाचार्य ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा: “जहां तक मुझे पता है, टीएमसी या एनसीपीआई से कोई भी भाजपा नहीं जॉइन कर रहा है।” “पार्टी किसी को महज इसलिए शामिल नहीं करेगी क्योंकि वह भाजपा में आना चाहता है।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि बसुनिया जिस भाजपा की बात कर रहे हैं, क्या वह ‘मंगल ग्रह वाली भाजपा’ है? राज्य के लोग नहीं भूले हैं कि तृणमूल शासन के दौरान इन नेताओं ने किस तरह के अत्याचार किए थे। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या, प्रताड़ना और महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पार्टी में जगह नहीं दी जाएगी। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने भी कहा कि किसी की इच्छा जताने मात्र से पार्टी में प्रवेश नहीं हो जाता। बागी गुट के अंदर भी मतभेद सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। अबू ताहेर खान ने बसुनिया के दावे को उनका निजी बयान बताते हुए साफ कहा कि वे तीन सांसद न भाजपा में जाएंगे और न एनडीए का समर्थन करेंगे। शताब्दी रॉय जैसी अन्य सांसदों ने भी कहा कि कोई सामूहिक फैसला नहीं लिया गया है। पृष्ठभूमि अप्रैल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की भारी हार के बाद कई सांसद और विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। इनमें से 20 लोकसभा सांसद पहले एनसीपीआई में विलय हो गए थे। जुलाई 2026 में तीन पूर्व राज्यसभा सांसद (सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक) भाजपा में शामिल हो चुके हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर बागी सांसदों को लेने पर भाजपा सतर्क रुख अपनाए हुए है। भाजपा का संदेश साफ है—पार्टी दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं रखेगी, लेकिन पुराने रिकॉर्ड और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ध्यान जरूर रखेगी। फिलहाल 17 सांसद न टीएमसी के रहे, न पूरी तरह एनसीपीआई के, और भाजपा ने भी ठेंगा दिखा दिया है। स्रोत: विभिन्न समाचार रिपोर्ट्स (14-15 सितंबर 2026)।
17 सांसद न घर के रहे और न घाट के... भाजपा ने दिखाया ठेंगा। (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) पश्चिम बंगाल में 17 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर पार्टी ने विराम लगा दिया है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने साफ कहा है कि फिलहाल तृणमूल कांग्रेस या एनसीपीआई से किसी के भाजपा में शामिल होने की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी केवल भाजपा में आने की इच्छा जताने के आधार पर किसी को शामिल नहीं करेगी और ऐसे नेताओं के पुराने रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा। क्या था दावा? तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद और कूचबिहार लोकसभा सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने 14 सितंबर 2026 को दावा किया था कि अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी की हार के बाद टीएमसी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए 20 सांसदों में से 17 दुर्गा पूजा (अक्टूबर) से पहले या उसके तुरंत बाद भाजपा में शामिल हो जाएंगे। बसुनिया का कहना था कि ये 17 सांसद एक साथ जाएंगे ताकि दल-बदल विरोधी कानून लागू न हो (दो-तिहाई से ज्यादा होने की वजह से)। उन्होंने तीन मुस्लिम सांसदों—अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—को छोड़कर बाकी के नाम लिए और कहा कि ये तीन बाहर से एनडीए का समर्थन करेंगे। भाजपा का रुख शमिक भट्टाचार्य ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा: “जहां तक मुझे पता है, टीएमसी या एनसीपीआई से कोई भी भाजपा नहीं जॉइन कर रहा है।” “पार्टी किसी को महज इसलिए शामिल नहीं करेगी क्योंकि वह भाजपा में आना चाहता है।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि बसुनिया जिस भाजपा की बात कर रहे हैं, क्या वह ‘मंगल ग्रह वाली भाजपा’ है? राज्य के लोग नहीं भूले हैं कि तृणमूल शासन के दौरान इन नेताओं ने किस तरह के अत्याचार किए थे। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या, प्रताड़ना और महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पार्टी में जगह नहीं दी जाएगी। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने भी कहा कि किसी की इच्छा जताने मात्र से पार्टी में प्रवेश नहीं हो जाता। बागी गुट के अंदर भी मतभेद सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। अबू ताहेर खान ने बसुनिया के दावे को उनका निजी बयान बताते हुए साफ कहा कि वे तीन सांसद न भाजपा में जाएंगे और न एनडीए का समर्थन करेंगे। शताब्दी रॉय जैसी अन्य सांसदों ने भी कहा कि कोई सामूहिक फैसला नहीं लिया गया है। पृष्ठभूमि अप्रैल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की भारी हार के बाद कई सांसद और विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। इनमें से 20 लोकसभा सांसद पहले एनसीपीआई में विलय हो गए थे। जुलाई 2026 में तीन पूर्व राज्यसभा सांसद (सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक) भाजपा में शामिल हो चुके हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर बागी सांसदों को लेने पर भाजपा सतर्क रुख अपनाए हुए है। भाजपा का संदेश साफ है—पार्टी दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं रखेगी, लेकिन पुराने रिकॉर्ड और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ध्यान जरूर रखेगी। फिलहाल 17 सांसद न टीएमसी के रहे, न पूरी तरह एनसीपीआई के, और भाजपा ने भी ठेंगा दिखा दिया है। स्रोत: विभिन्न समाचार रिपोर्ट्स (14-15 सितंबर 2026)।
- युवती को पकड़कर सड़क किनारे बैठ गया युवक, मदद की गुहार पर जुटी भीड़ गुरुग्राम के सिविल लाइंस इलाके में सड़क किनारे एक युवक अचानक एक युवती को पकड़कर बैठ गया और राहगीरों से मदद की गुहार लगाने लगा। मौके पर भीड़ जुट गई और लोग वीडियो बनाने लगे। युवती ने लोगों से कैमरा बंद करने की अपील की। सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक को शांत कराया। जांच में सामने आया कि युवक दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है और मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिजनों द्वारा इलाज से जुड़े दस्तावेज दिखाने के बाद पुलिस ने उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया। ऐसी स्थिति में वीडियो बनाने के बजाय युवती को पकड़कर सड़क किनारे बैठ गया युवक, मदद की गुहार पर जुटी भीड़ गुरुग्राम के सिविल लाइंस इलाके में सड़क किनारे एक युवक अचानक एक युवती को पकड़कर बैठ गया और राहगीरों से मदद की गुहार लगाने लगा। मौके पर भीड़ जुट गई और लोग वीडियो बनाने लगे। युवती ने लोगों से कैमरा बंद करने की अपील की। सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक को शांत कराया। जांच में सामने आया कि युवक दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है और मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिजनों द्वारा इलाज से जुड़े दस्तावेज दिखाने के बाद पुलिस ने उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया। ऐसी स्थिति में वीडियो बनाने के बजाय संवेदनशीलता और मदद को प्राथमिकता देना जरूरी है।1
- पूर्ण और अपडेटेड फैक्ट्स: राहुल गांधी का UPI MDR आरोप और असलियत (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) 15 सितंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल रही है। राहुल गांधी का पूरा आरोप (X पोस्ट से) मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाया जा सकता है। ये लेन-देन संख्या में सिर्फ 5% हैं, लेकिन UPI के कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का करीब 65% इन्हीं में है। सरकार कहती है ग्राहक से फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से निकलेगी। अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध कर रही हैं। अब सरकार उसी दिशा में नीति बदल रही है। “US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।” असल में क्या हुआ है? (सरकारी नोटिफिकेशन और NPCI) 14 सितंबर 2026 की गजट नोटिफिकेशन: बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स ₹2,000 तक के UPI ट्रांजेक्शन और RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर कोई डायरेक्ट या इंडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकते। यह कानूनी सुरक्षा है। 15 सितंबर 2026 को NPCI ने फ्रेमवर्क क्लियर किया: P2P (व्यक्ति-से-व्यक्ति) ट्रांजेक्शन: पूरी तरह मुफ्त, कोई लिमिट नहीं। मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 तक: मुफ्त (लगभग 96% वॉल्यूम)। मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 से ऊपर: 0.4% MDR (मर्चेंट पे करेगा)। ₹75,000 और उससे ऊपर: कैप ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन। जरूरी सेक्टर (रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल आदि): फ्लैट ₹5। छोटे मर्चेंट (P2PM फ्रेमवर्क, मासिक ₹1 लाख तक UPI QR से कमाई): अभी भी सुरक्षित। लागू होने की तारीख: 15 अक्टूबर 2026। महत्वपूर्ण: ग्राहक से सीधे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। MDR मर्चेंट (दुकानदार/बिजनेस) पर लगेगा और पेमेंट इकोसिस्टम (बैंक, ऐप्स) में बंटेगा। सरकार या NPCI इसे टैक्स के रूप में नहीं ले रहा। सरकार और भाजपा का जवाब वित्त मंत्रालय और NPCI साफ कह रहे हैं कि 96% मर्चेंट ट्रांजेक्शन प्रभावित नहीं होंगे। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राहुल गांधी के आरोप को “पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद” बताया। उन्होंने कहा कि अभी कोई ऐसा फैसला नहीं हुआ है कि ₹2,000 से ऊपर फीस लगेगी (बाद में NPCI ने 0.4% फ्रेमवर्क जारी कर दिया)। भाजपा ने कांग्रेस पर “फेक न्यूज” फैलाने का आरोप लगाया। अमेरिकी दबाव वाला एंगल राहुल गांधी और कांग्रेस ने इसे अमेरिका (Visa-Mastercard) के दबाव से जोड़ा। अमेरिकी ट्रेड रिपोर्ट्स में पहले भी भारत की zero-MDR नीति पर आपत्ति जताई गई थी। कुछ थिंक-टैंक (जैसे GTRI) ने भी चेतावनी दी थी कि नीति बदलते समय बाहरी दबाव से बचना चाहिए। सरकार का रुख है कि यह UPI इकोसिस्टम की सस्टेनेबिलिटी के लिए जरूरी है, क्योंकि शून्य-MDR से सालाना हजारों करोड़ का खर्च आ रहा था। सारांश (फुल फैक्ट्स) बिंदु राहुल गांधी का दावा असल स्थिति फीस लग रही है? चुपचाप रास्ता खोला ₹2,000 तक पूरी तरह मुफ्त; ऊपर 0.4% सिर्फ मर्चेंट पर (15 अक्टूबर से) ग्राहक पर असर कीमत बढ़ेगी सीधे नहीं, लेकिन मर्चेंट लागत बढ़ा सकते हैं वॉल्यूम 5% ट्रांजेक्शन = 65% वैल्यू सही आंकड़े (सरकारी/NPCI डेटा से मेल खाते हैं) अमेरिका वाला एंगल Surrender विवादित; सरकार इनकार करती है निष्कर्ष: राहुल गांधी का आरोप आंशिक रूप से सही है कि ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR का रास्ता खुल गया है और फ्रेमवर्क जारी हो चुका है। लेकिन “सरेंडर” और “ग्राहक से सीधे फीस” वाला दावा सरकारी स्पष्टीकरण से मेल नहीं खाता। UPI अभी भी आम आदमी के लिए मुफ्त बना हुआ है। स्रोत: The Hindu, LiveMint, Business Today, NPCI FAQ, PIB, X पोस्ट (RahulGandhi) और अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट्स (15 सितंबर 2026 तक अपडेटेड)। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ. #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- हीमालस कॉम्प्लेक्स के पास धारदार हथियार लहराकर आम लोगों को डराने वाला आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई हीमालस कॉम्प्लेक्स के पास धारदार हथियार लहराकर आम लोगों को डराने वाला आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई ▪️ *हीमालस कॉम्प्लेक्स, आकाशगंगा के पास आरोपी धारदार हथियार लेकर आने-जाने वाले लोगों को डरा-धमका रहा था।* ▪️ *मुखबिर सूचना पर थाना सुपेला पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर आरोपी को धारदार हथियार सहित पकड़ा।* ▪️ *आरोपी के कब्जे से लोहे का धारदार हथियार बरामद कर विधिवत जप्त किया गया तथा अपराध पंजीबद्ध किया गया।* ▪️ *आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 1368/2026, धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।* मुख्य बिंदु दिनांक 15.09.2026 को थाना सुपेला क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार लेकर लोगों को भयभीत करने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। संक्षिप्त विवरण दिनांक 15.09.2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि हीमालस कॉम्प्लेक्स, आकाशगंगा के पास एक युवक अपने पास धारदार लोहे का हथियार रखकर आने-जाने वाले लोगों को डरा-धमका रहा है। सूचना पर थाना सुपेला पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को धारदार हथियार लहराते हुए पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम ओम निर्मलकर बताया। आरोपी के कब्जे से धारदार लोहे का हथियार बरामद कर जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 1368/2026, धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई कर उसे न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) आरोपी द्वारा सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार लेकर उसे लहराते हुए आने-जाने वाले लोगों को भयभीत एवं डरा-धमकाकर क्षेत्र में दहशत का माहौल उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा था। घटना स्थल हीमालस कॉम्प्लेक्स के पास, आकाशगंगा, थाना सुपेला क्षेत्र, जिला दुर्ग। आरोपी का नाम 1. ओम निर्मलकर, उम्र 18 वर्ष 02 माह, निवासी कातुलबोर्ड, मिलन चौक, वार्ड क्रमांक 59, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग। जप्त सामग्री 1. लोहे का 01 धारदार हथियार। सराहनीय कार्य उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला प्रभारी एस.एन. सिंह, सउनि राजेश तिवारी, आरक्षक धर्मेन्द्र सूर्यवंशी एवं सूर्यप्रताप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दुर्ग पुलिस की अपील दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी व्यक्ति द्वारा हथियार लहराने, लोगों को डराने-धमकाने अथवा शांति व्यवस्था प्रभावित करने जैसी गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। ऐसी गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। —0000—2
- पार्षद वार्ड के काम को लेकर कटिबंध लेकिन जॉन से उन्हें नहीं मिल रहा है सपोर्ट रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 5 के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 60 का मामला1
- केसीजी जिले में पशु तस्करी पर कार्रवाई, 4 भैंसा और पिकअप जब्त साल्हेवारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार, केसीजी जिले में पशु तस्करी पर कार्रवाई, 4 भैंसा और पिकअप जब्त साल्हेवारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार, 15 सितंबर मंगलवार को दोपहर 1 बजे मिली जानकारी अनुसार केसीजी जिले के साल्हेवारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 4 भैंसा, पिकअप वाहन और मोबाइल सहित कुल 7.88 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने आरोपी सुमित कुमार धुर्वे (20 वर्ष) निवासी नेवासपुर, जिला कबीरधाम को गिरफ्तार किया है। वहीं एक विधि से संघर्षरत बालक को भी न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर ग्राम खादी आबकारी चेक पोस्ट के पास नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान पिकअप क्रमांक CG 04 LW 0483 को रोककर जांच की गई, जिसमें 4 भैंसा बिना चारा-पानी के क्रूरता पूर्वक भरे मिले। मवेशियों को नागपुर की ओर कत्लखाना ले जाने की आशंका थी। मामले में अपराध क्रमांक 41/2026 दर्ज कर संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।1
- भेजामैदानी मे सामूहिक रूप से मनाया गया तीज महोत्सव, 1 हजार महिलाओ को खिलाया गया करुभात हरतालिका तीजा पर्व के एक दिन पहले महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से करेला और चावल करू भात खाकर व्रत का संकल्प लेने की परंपरा है,ऐसे मे यहां भी युवा संगठन और ग्रामवासियों के सहयोग से लगभग 1 हजार महिलाओ को सामूहिक रूप से करुभात खिलाया गया। छत्तीसगढ़ी बोली मे करू का अर्थ कड़वा यानि करेला और भात का अर्थ पके हुए चावल से है। तीजा के निर्जला उपवास को शुरू करने से पहले महिलाएं कड़वा भोजन खाकर जीवन के कड़वे अनुभवों को स्वीकारने और व्रत का संकल्प लेती है। यह आयोजन तीजा पोला मिलन समारोह के रूप मे भी मनाया जाता है, जिससे महिलाओ मे आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ता है। महिलाओं ने बताया कि तीज महोत्सव मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक पारंपरिक और सांस्कृतिक त्योहार है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन को समर्पित है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख समृद्धि के लिए बिना अन्न जल ग्रहण किए निर्जला व्रत रखती है।1
- गणेश पर्व में हुड़दंग और शांति भंग करने वाले तीन असामाजिक तत्व जेल भेजे गए तिल्दा-नेवरा पुलिस की कार्रवाई, विवाद और मारपीट पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत एक्शन तिल्दा-नेवरा। गणेश पर्व के दौरान क्षेत्र में शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तिल्दा-नेवरा पुलिस द्वारा असामाजिक एवं उपद्रवी तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विवाद और लड़ाई-झगड़ा कर शांति भंग करने की स्थिति पैदा करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार थाना तिल्दा-नेवरा के सामने आम रोड तथा ग्राम किरना में विवाद और लड़ाई-झगड़े की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा संबंधित लोगों को समझाइश दी गई, लेकिन वे कथित तौर पर उग्र होकर मारपीट करने पर उतारू हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धारा 170 बीएनएसएस के तहत तीनों को गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपियों को अनुविभागीय दंडाधिकारी न्यायालय, तिल्दा-नेवरा के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय से जेल वारंट जारी होने के बाद तीनों को जेल निरुद्ध कर दिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपी 1. पवन कुमार ध्रुव, पिता मालिक राम ध्रुव, उम्र 31 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 15, दीनदयाल चौक, तिल्दा। 2. हीरालाल नवरंगे, पिता स्व. भागीरथी नवरंगे, उम्र 30 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 02, प्राथमिक शाला के पीछे, ग्राम सांकरा। 3. उमेश कुमार वर्मा, पिता सुरेश कुमार वर्मा, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम किरना। त्यौहार में हुड़दंग करने वालों को स्पष्ट संदेश तिल्दा-नेवरा पुलिस द्वारा गणेश पर्व एवं आगामी त्यौहारों को देखते हुए क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और संवेदनशील इलाकों में भ्रमण किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने, विवाद करने अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि गणेश पर्व सहित सभी त्यौहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं और किसी भी प्रकार के विवाद, हुड़दंग या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि से दूर रहें। तिल्दा-नेवरा से पवन बघेल की रिपोर्ट। PNBCG NEWS TILDA NEORA2
- ₹3,383 करोड़ के मालिक BJP विधायक पराग शाह बने भिखारी, घाटकोपर की सड़कों पर मांगी भीख स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ | SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 मुंबई के घाटकोपर पूर्व से भाजपा के दो बार के विधायक पराग शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वे बिखरे बाल, गंदे-मैले कपड़े, लंबी दाढ़ी और हाथ में डंडा-कपड़ा लेकर भिखारी के वेश में घाटकोपर की सड़कों और रेलवे स्टेशन पर घूमते नजर आ रहे हैं। क्या हुआ था? 7 सितंबर 2026 को पराग शाह ने लगभग 3 घंटे भिखारी बनकर बिताए। उन्होंने सुरक्षा घेरा, गाड़ी और सारी लग्जरी चीजें छोड़ दीं। मेकअप करवाकर अपना रूप पूरी तरह बदल लिया ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। फिर वे घाटकोपर स्टेशन, पुल और इलाके की सड़कों पर घूमे, लोगों से मदद मांगी और सड़क किनारे बैठकर भीख मांगी। कुछ लोगों ने उन्हें 20 रुपये दिए और कहा “जाओ बाबा, खा लो”। एक समोसा वाले ने बिना पैसे लिए समोसा दे दिया। कई लोगों ने अनदेखा कर दिया। यहां तक कि उनके अपने ऑफिस के गार्ड और परिवार के सदस्यों ने भी उन्हें नहीं पहचाना। क्यों किया ये प्रयोग? पराग शाह ने खुद बताया कि यह प्रयोग उनके जैन गुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज की आज्ञा पर जैन चातुर्मास के दौरान किया गया। उन्होंने कहा – “यह कोई राजनीतिक स्टंट नहीं है। गुरुदेव की आज्ञा का पालन करते हुए जीवन की वास्तविकता को करीब से समझने का अनुभव था।” उन्होंने आगे कहा कि जब वे विधायक के रूप में जाते हैं तो लोग सम्मान देते हैं, लेकिन भिखारी के रूप में वही लोग उन्हें अनजान समझकर अनदेखा कर देते हैं। यह अनुभव उन्हें “सम्मान और वास्तविकता” का फर्क समझा गया। संपत्ति का सच 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के हलफनामे में पराग शाह ने ₹3,383.06 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी। वे उस साल महाराष्ट्र के सबसे अमीर उम्मीदवार थे। वे रियल एस्टेट व्यवसायी हैं और मैन इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन से जुड़े हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पराग शाह ने खुद यह वीडियो शेयर किया। उसके बाद कई समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ गई। कुछ लोगों ने इसकी तारीफ की तो कुछ ने सवाल भी उठाए। शाह ने साफ कहा कि यह अनुभव उन्हें गुरु की शिक्षाओं से मिला और उन्होंने इसे जीवन की सच्चाई समझने का मौका माना। पूर्ण तथ्य के साथ रिपोर्ट स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1