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मथुरा का महाघोटाला: छाता तहसील में बैंक के नाम पर 'फर्जी कुर्की' कर हड़प ली किसान की पुश्तैनी जमीन, अब रसूखदार प्रधान दे रहे जान से मारने की धमकी!"1966 से काबिज किसान परिवार के साथ राजस्व कर्मियों और पूर्व प्रधान की बड़ी साठगांठ।कैनरा बैंक ने लिखित रूप में स्वीकारा— 'हमने कभी नहीं की जमीन कुर्क', जारी की एनओसी।एसडीएम की जांच आख्या में खुली पोल, बौखलाए वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह ने खेत पर बोला धावा, उखाड़ा बोर्ड।शेरगढ़ थाना पुलिस पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और पीड़ितों को ही प्रताड़ित करने का संगीन आरोप।मथुरा/छाता:तहसील छाता के अंतर्गत ग्राम उजानी बांगर में एक ऐसा सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और शुचिता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। तत्कालीन तहसीलदार, लेखपाल और पूर्व प्रधान ने मिलकर एक सीधे-साधे किसान परिवार की पुश्तैनी जमीन को हड़पने के लिए बैंक लोन के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में 'फर्जी कुर्की' (420) दर्ज कर दी और जमीन को श्रेणी-3 (असामी) दिखाकर अपनों के नाम पट्टे काट दिए। अब इस महाघोटाले की पोल खुलने पर वर्तमान प्रधान और भू-माफिया पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला कर रहे हैं, जबकि स्थानीय शेरगढ़ पुलिस आंखें मूंदे बैठी है।बैंक ने कभी की ही नहीं कुर्की, 100% जालसाजी:पीड़ित किसान योगेश पुत्र स्वर्गीय भोगल ने सरकारी दस्तावेजों और कैनरा बैंक (शाखा शेरगढ़) की आधिकारिक एनओसी (बेबाकी प्रमाण पत्र) को सामने रखते हुए बताया कि उनके खसरा संख्या 364 व 386 की पुश्तैनी भूमि वर्ष 1966 (दादी स्व० अमीरा) के समय से उनके निरंतर भौतिक कब्जे में है [EfuY4X, RjG8rH]। इस पुश्तैनी भूमि का मुख्य मालिकाना हक का मुकदमा माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय (रिट याचिका संख्या 27019/2012) में विचाराधीन है [EfuY4X]। वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रधान रामवीर ने राजस्व कर्मियों से सांठगांठ कर प्रार्थी के पिता द्वारा लिए गए लोन के नाम पर जमीन की 'फर्जी कुर्की' खतौनी पर दर्ज करवा दी और जमीन को निरस्त करवाकर अपनी भाभी, मौसी व चहेतों के नाम पट्टे काट दिए, जबकि कैनरा बैंक ने लिखित रूप में साफ किया है कि बैंक द्वारा ऐसी कोई कुर्की कभी की ही नहीं गई थी और पीड़ित परिवार का ऋण पूरी तरह चुकता हो चुका है [R8gH4U]। मजेदार बात यह है कि इस बंदरबांट में एक पट्टा खुद पीड़ित परिवार के नाम भी दर्ज है।एसडीएम की रिपोर्ट से बौखलाहट, रसूखदार प्रधान का हमला:हाल ही में जब इन पट्टाधारकों ने मेड़बंदी (धारा 24) के बहाने जमीन का कब्जा बदलने का प्रयास किया, तो उपजिलाधिकारी (SDM) व तहसीलदार छाता ने 17/18 अगस्त 2026 को लिखित संयुक्त आख्या जारी कर भू-माफियाओं के मुंह पर तमाचा जड़ दिया [RjG8rH]। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि "मौके पर किसी भी पक्ष को कोई कब्जा नहीं दिलाया गया है, शिकायतकर्ता (प्रधान पक्ष) का कथन पूरी तरह असत्य है और हाई कोर्ट के रहते कोई कार्रवाई संभव नहीं है।" [RjG8rH] इस सरकारी रिपोर्ट से पूरी तरह बौखलाकर वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह अपने पूरे परिवार, असामाजिक तत्वों और लाठी-डंडों से लैस गुंडों को लेकर पीड़ित के खेत पर घुस आया और वहां लगा मालिकाना हक का सरकारी सूचना बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया। जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया, तो वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह व उसके गुंडों ने प्रार्थी के पूरे परिवार को घेरकर जान से मारने की सीधी धमकी दी।शेरगढ़ पुलिस के संरक्षण में फल-फूल रहे भू-माफिया:पीड़ित योगेश का आरोप है कि घटना के समय यूपी 112 पुलिस मौके पर आई थी, लेकिन उनके जाते ही प्रधानी के नशे में चूर दबंगों ने दोबारा बोर्ड उखाड़ दिया। जब पीड़ित परिवार नामजद F.I.R. दर्ज कराने थाना शेरगढ़ गया, तो पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, उल्टे पीड़ित परिवार को ही अपनी जमीन पर न जाने की धमकी देकर डराया-धमकाया। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति पर भरोसा जताते हुए जिलाधिकारी (DM) और एसएसपी मथुरा से गुहार लगाई है कि इस संगठित भू-माफिया सिंडिकेट (पूर्व प्रधान रामवीर व वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह) के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 120-B के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

5 hrs ago
user_Gaurav rawat
Gaurav rawat
Local News Reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

मथुरा का महाघोटाला: छाता तहसील में बैंक के नाम पर 'फर्जी कुर्की' कर हड़प ली किसान की पुश्तैनी जमीन, अब रसूखदार प्रधान दे रहे जान से मारने की धमकी!"1966 से काबिज किसान परिवार के साथ राजस्व कर्मियों और पूर्व प्रधान की बड़ी साठगांठ।कैनरा बैंक ने लिखित रूप में स्वीकारा— 'हमने कभी नहीं की जमीन कुर्क', जारी की एनओसी।एसडीएम की जांच आख्या में खुली पोल, बौखलाए वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह ने खेत पर बोला धावा, उखाड़ा बोर्ड।शेरगढ़ थाना पुलिस पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और पीड़ितों को ही प्रताड़ित करने का संगीन आरोप।मथुरा/छाता:तहसील छाता के अंतर्गत ग्राम उजानी बांगर में एक ऐसा सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और शुचिता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। तत्कालीन तहसीलदार, लेखपाल और पूर्व प्रधान ने मिलकर एक सीधे-साधे किसान परिवार की पुश्तैनी जमीन को हड़पने के लिए बैंक लोन के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में 'फर्जी कुर्की' (420) दर्ज कर दी और जमीन को श्रेणी-3 (असामी) दिखाकर अपनों के नाम पट्टे काट दिए। अब इस महाघोटाले की पोल खुलने पर वर्तमान प्रधान और भू-माफिया पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला कर रहे हैं, जबकि स्थानीय शेरगढ़ पुलिस आंखें मूंदे बैठी है।बैंक ने कभी की ही नहीं कुर्की, 100% जालसाजी:पीड़ित किसान योगेश पुत्र स्वर्गीय भोगल ने सरकारी दस्तावेजों और कैनरा बैंक (शाखा शेरगढ़) की आधिकारिक एनओसी (बेबाकी प्रमाण पत्र) को सामने रखते हुए बताया कि उनके खसरा संख्या 364 व 386 की पुश्तैनी भूमि वर्ष 1966 (दादी स्व० अमीरा) के समय से उनके निरंतर भौतिक कब्जे में है [EfuY4X, RjG8rH]। इस पुश्तैनी भूमि का मुख्य मालिकाना हक का मुकदमा माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय (रिट याचिका संख्या 27019/2012) में विचाराधीन है [EfuY4X]। वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रधान रामवीर ने राजस्व कर्मियों से सांठगांठ कर प्रार्थी के पिता द्वारा लिए गए लोन के नाम पर जमीन की 'फर्जी कुर्की' खतौनी पर दर्ज करवा दी और जमीन को निरस्त करवाकर अपनी भाभी, मौसी व चहेतों के नाम पट्टे काट दिए, जबकि कैनरा बैंक ने लिखित रूप में साफ किया है कि बैंक द्वारा ऐसी कोई कुर्की कभी की ही नहीं गई थी और पीड़ित परिवार का ऋण पूरी तरह चुकता हो चुका है [R8gH4U]। मजेदार बात यह है कि इस बंदरबांट में एक पट्टा खुद पीड़ित परिवार के नाम भी दर्ज है।एसडीएम की रिपोर्ट से बौखलाहट, रसूखदार प्रधान का हमला:हाल ही में जब इन पट्टाधारकों ने मेड़बंदी (धारा 24) के बहाने जमीन का कब्जा बदलने का प्रयास किया, तो उपजिलाधिकारी (SDM) व तहसीलदार छाता ने 17/18 अगस्त 2026 को लिखित संयुक्त आख्या जारी कर भू-माफियाओं के मुंह पर तमाचा जड़ दिया [RjG8rH]। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि "मौके पर किसी भी पक्ष को कोई कब्जा नहीं दिलाया गया है, शिकायतकर्ता (प्रधान पक्ष) का कथन पूरी तरह असत्य है और हाई कोर्ट के रहते कोई कार्रवाई संभव नहीं है।" [RjG8rH] इस सरकारी रिपोर्ट से पूरी तरह बौखलाकर वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह अपने पूरे परिवार, असामाजिक तत्वों और लाठी-डंडों से लैस गुंडों को लेकर पीड़ित के खेत पर घुस आया और वहां लगा मालिकाना हक का सरकारी सूचना बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया। जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया, तो वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह व उसके गुंडों ने प्रार्थी के पूरे परिवार को घेरकर जान से मारने की सीधी धमकी दी।शेरगढ़ पुलिस के संरक्षण में फल-फूल रहे भू-माफिया:पीड़ित योगेश का आरोप है कि घटना के समय यूपी 112 पुलिस मौके पर आई थी, लेकिन उनके जाते ही प्रधानी के नशे में चूर दबंगों ने दोबारा बोर्ड उखाड़ दिया। जब पीड़ित परिवार नामजद F.I.R. दर्ज कराने थाना शेरगढ़ गया, तो पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, उल्टे पीड़ित परिवार को ही अपनी जमीन पर न जाने की धमकी देकर डराया-धमकाया। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति पर भरोसा जताते हुए जिलाधिकारी (DM) और एसएसपी मथुरा से गुहार लगाई है कि इस संगठित भू-माफिया सिंडिकेट (पूर्व प्रधान रामवीर व वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह) के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 120-B के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

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  • मथुरा जंक्शन पर टला बड़ा हादसा: जान पर खेलकर GRP जवान ने बचाई चलती ट्रेन से घिसट रहे यात्री की जान ​मथुरा। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 09 पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक यात्री का पैर फिसल गया और वह ट्रेन के साथ घिसटने लगा। प्लेटफॉर्म पर तैनात जीआरपी के एक जाबांज हेड कांस्टेबल की मुस्तैदी और साहस की बदौलत यात्री को सुरक्षित बचा लिया गया। ​जीआरपी अनुभाग आगरा द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह घटना लालकुआं-राजकोट स्पेशल ट्रेन के प्रस्थान के समय हुई। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म से रवाना होने लगी, एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने के कारण वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच घिसटने लगा। ​प्लेटफॉर्म नंबर 09 पर ड्यूटी पर तैनात जीआरपी थाना मथुरा जंक्शन के हेड कांस्टेबल सुरजीत कुमार ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए और अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया। हेड कांस्टेबल ने तत्परता से घिसट रहे यात्री को अपनी तरफ सुरक्षित खींचकर ट्रेन से अलग किया और उसकी जान बचा ली। ​हेड कांस्टेबल सुरजीत कुमार की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई को देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और आमजन ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। ​उल्लेखनीय है कि पुलिस महानिदेशक रेलवे (उ.प्र. लखनऊ), पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे प्रयागराज), पुलिस अधीक्षक (रेलवे आगरा) और पुलिस उपाधीक्षक (रेलवे आगरा) के निर्देशों और पर्यवेक्षण में जीआरपी द्वारा रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है। Head Constable Surjeet Kumar की इस मुस्तैदी ने पुलिस महकमे का मान बढ़ाया है।
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    मथुरा जंक्शन पर टला बड़ा हादसा: जान पर खेलकर GRP जवान ने बचाई चलती ट्रेन से घिसट रहे यात्री की जान
​मथुरा। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 09 पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक यात्री का पैर फिसल गया और वह ट्रेन के साथ घिसटने लगा। प्लेटफॉर्म पर तैनात जीआरपी के एक जाबांज हेड कांस्टेबल की मुस्तैदी और साहस की बदौलत यात्री को सुरक्षित बचा लिया गया।
​जीआरपी अनुभाग आगरा द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह घटना लालकुआं-राजकोट स्पेशल ट्रेन के प्रस्थान के समय हुई। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म से रवाना होने लगी, एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने के कारण वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच घिसटने लगा।
​प्लेटफॉर्म नंबर 09 पर ड्यूटी पर तैनात जीआरपी थाना मथुरा जंक्शन के हेड कांस्टेबल सुरजीत कुमार ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए और अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया। हेड कांस्टेबल ने तत्परता से घिसट रहे यात्री को अपनी तरफ सुरक्षित खींचकर ट्रेन से अलग किया और उसकी जान बचा ली।
​हेड कांस्टेबल सुरजीत कुमार की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई को देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और आमजन ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
​उल्लेखनीय है कि पुलिस महानिदेशक रेलवे (उ.प्र. लखनऊ), पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे प्रयागराज), पुलिस अधीक्षक (रेलवे आगरा) और पुलिस उपाधीक्षक (रेलवे आगरा) के निर्देशों और पर्यवेक्षण में जीआरपी द्वारा रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है। Head Constable Surjeet Kumar की इस मुस्तैदी ने पुलिस महकमे का मान बढ़ाया है।
    user_नितिन कर्दम
    नितिन कर्दम
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गन्ना मिल विवाद पर फौजियों का आक्रोश, बोले—अब नहीं चलेंगे झूठे आश्वासन मथुरा में गन्ना मिल को लेकर विवाद लगातार गरमाता नजर आ रहा है। मिल को चालू कराने की मांग को लेकर फौजियों ने भी अपनी आवाज बुलंद की है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों से मिल को जल्द शुरू कराने की मांग रखी। फौजियों का कहना है कि लंबे समय से किसानों और क्षेत्रीय लोगों को आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि “चाहे हमारे परिवारों को खत्म कर दो, लेकिन गन्ना मिल चालू कर दो—अब झूठे आश्वासन नहीं चलेंगे।” मामले को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। फौजियों ने मांग की है कि गन्ना मिल को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि किसानों और क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। #मथुरा #गन्नामिल #गन्नामिलविवाद #फौजियोंकीमांग #किसान #किसानोंकीआवाज #मथुरान्यूज #वायरलन्यूज #ब्रजकीआवाज #RPRNEWSTV #गन्नामिलचालूकरो
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    गन्ना मिल विवाद पर फौजियों का आक्रोश, बोले—अब नहीं चलेंगे झूठे आश्वासन

मथुरा में गन्ना मिल को लेकर विवाद लगातार गरमाता नजर आ रहा है। मिल को चालू कराने की मांग को लेकर फौजियों ने भी अपनी आवाज बुलंद की है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों से मिल को जल्द शुरू कराने की मांग रखी।

फौजियों का कहना है कि लंबे समय से किसानों और क्षेत्रीय लोगों को आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि “चाहे हमारे परिवारों को खत्म कर दो, लेकिन गन्ना मिल चालू कर दो—अब झूठे आश्वासन नहीं चलेंगे।”

मामले को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। फौजियों ने मांग की है कि गन्ना मिल को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि किसानों और क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।

#मथुरा #गन्नामिल #गन्नामिलविवाद #फौजियोंकीमांग #किसान #किसानोंकीआवाज #मथुरान्यूज #वायरलन्यूज #ब्रजकीआवाज #RPRNEWSTV #गन्नामिलचालूकरो
    user_RPR NEWS TV
    RPR NEWS TV
    Court reporter Mathura, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • मथुरा का महाघोटाला: छाता तहसील में बैंक के नाम पर 'फर्जी कुर्की' कर हड़प ली किसान की पुश्तैनी जमीन, अब रसूखदार प्रधान दे रहे जान से मारने की धमकी!"1966 से काबिज किसान परिवार के साथ राजस्व कर्मियों और पूर्व प्रधान की बड़ी साठगांठ।कैनरा बैंक ने लिखित रूप में स्वीकारा— 'हमने कभी नहीं की जमीन कुर्क', जारी की एनओसी।एसडीएम की जांच आख्या में खुली पोल, बौखलाए वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह ने खेत पर बोला धावा, उखाड़ा बोर्ड।शेरगढ़ थाना पुलिस पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और पीड़ितों को ही प्रताड़ित करने का संगीन आरोप।मथुरा/छाता:तहसील छाता के अंतर्गत ग्राम उजानी बांगर में एक ऐसा सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और शुचिता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। तत्कालीन तहसीलदार, लेखपाल और पूर्व प्रधान ने मिलकर एक सीधे-साधे किसान परिवार की पुश्तैनी जमीन को हड़पने के लिए बैंक लोन के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में 'फर्जी कुर्की' (420) दर्ज कर दी और जमीन को श्रेणी-3 (असामी) दिखाकर अपनों के नाम पट्टे काट दिए। अब इस महाघोटाले की पोल खुलने पर वर्तमान प्रधान और भू-माफिया पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला कर रहे हैं, जबकि स्थानीय शेरगढ़ पुलिस आंखें मूंदे बैठी है।बैंक ने कभी की ही नहीं कुर्की, 100% जालसाजी:पीड़ित किसान योगेश पुत्र स्वर्गीय भोगल ने सरकारी दस्तावेजों और कैनरा बैंक (शाखा शेरगढ़) की आधिकारिक एनओसी (बेबाकी प्रमाण पत्र) को सामने रखते हुए बताया कि उनके खसरा संख्या 364 व 386 की पुश्तैनी भूमि वर्ष 1966 (दादी स्व० अमीरा) के समय से उनके निरंतर भौतिक कब्जे में है [EfuY4X, RjG8rH]। इस पुश्तैनी भूमि का मुख्य मालिकाना हक का मुकदमा माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय (रिट याचिका संख्या 27019/2012) में विचाराधीन है [EfuY4X]। वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रधान रामवीर ने राजस्व कर्मियों से सांठगांठ कर प्रार्थी के पिता द्वारा लिए गए लोन के नाम पर जमीन की 'फर्जी कुर्की' खतौनी पर दर्ज करवा दी और जमीन को निरस्त करवाकर अपनी भाभी, मौसी व चहेतों के नाम पट्टे काट दिए, जबकि कैनरा बैंक ने लिखित रूप में साफ किया है कि बैंक द्वारा ऐसी कोई कुर्की कभी की ही नहीं गई थी और पीड़ित परिवार का ऋण पूरी तरह चुकता हो चुका है [R8gH4U]। मजेदार बात यह है कि इस बंदरबांट में एक पट्टा खुद पीड़ित परिवार के नाम भी दर्ज है।एसडीएम की रिपोर्ट से बौखलाहट, रसूखदार प्रधान का हमला:हाल ही में जब इन पट्टाधारकों ने मेड़बंदी (धारा 24) के बहाने जमीन का कब्जा बदलने का प्रयास किया, तो उपजिलाधिकारी (SDM) व तहसीलदार छाता ने 17/18 अगस्त 2026 को लिखित संयुक्त आख्या जारी कर भू-माफियाओं के मुंह पर तमाचा जड़ दिया [RjG8rH]। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि "मौके पर किसी भी पक्ष को कोई कब्जा नहीं दिलाया गया है, शिकायतकर्ता (प्रधान पक्ष) का कथन पूरी तरह असत्य है और हाई कोर्ट के रहते कोई कार्रवाई संभव नहीं है।" [RjG8rH] इस सरकारी रिपोर्ट से पूरी तरह बौखलाकर वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह अपने पूरे परिवार, असामाजिक तत्वों और लाठी-डंडों से लैस गुंडों को लेकर पीड़ित के खेत पर घुस आया और वहां लगा मालिकाना हक का सरकारी सूचना बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया। जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया, तो वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह व उसके गुंडों ने प्रार्थी के पूरे परिवार को घेरकर जान से मारने की सीधी धमकी दी।शेरगढ़ पुलिस के संरक्षण में फल-फूल रहे भू-माफिया:पीड़ित योगेश का आरोप है कि घटना के समय यूपी 112 पुलिस मौके पर आई थी, लेकिन उनके जाते ही प्रधानी के नशे में चूर दबंगों ने दोबारा बोर्ड उखाड़ दिया। जब पीड़ित परिवार नामजद F.I.R. दर्ज कराने थाना शेरगढ़ गया, तो पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, उल्टे पीड़ित परिवार को ही अपनी जमीन पर न जाने की धमकी देकर डराया-धमकाया। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति पर भरोसा जताते हुए जिलाधिकारी (DM) और एसएसपी मथुरा से गुहार लगाई है कि इस संगठित भू-माफिया सिंडिकेट (पूर्व प्रधान रामवीर व वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह) के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 120-B के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
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    मथुरा का महाघोटाला: छाता तहसील में बैंक के नाम पर 'फर्जी कुर्की' कर हड़प ली किसान की पुश्तैनी जमीन, अब रसूखदार प्रधान दे रहे जान से मारने की धमकी!"1966 से काबिज किसान परिवार के साथ राजस्व कर्मियों और पूर्व प्रधान की बड़ी साठगांठ।कैनरा बैंक ने लिखित रूप में स्वीकारा— 'हमने कभी नहीं की जमीन कुर्क', जारी की एनओसी।एसडीएम की जांच आख्या में खुली पोल, बौखलाए वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह ने खेत पर बोला धावा, उखाड़ा बोर्ड।शेरगढ़ थाना पुलिस पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और पीड़ितों को ही प्रताड़ित करने का संगीन आरोप।मथुरा/छाता:तहसील छाता के अंतर्गत ग्राम उजानी बांगर में एक ऐसा सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और शुचिता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। तत्कालीन तहसीलदार, लेखपाल और पूर्व प्रधान ने मिलकर एक सीधे-साधे किसान परिवार की पुश्तैनी जमीन को हड़पने के लिए बैंक लोन के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में 'फर्जी कुर्की' (420) दर्ज कर दी और जमीन को श्रेणी-3 (असामी) दिखाकर अपनों के नाम पट्टे काट दिए। अब इस महाघोटाले की पोल खुलने पर वर्तमान प्रधान और भू-माफिया पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला कर रहे हैं, जबकि स्थानीय शेरगढ़ पुलिस आंखें मूंदे बैठी है।बैंक ने कभी की ही नहीं कुर्की, 100% जालसाजी:पीड़ित किसान योगेश पुत्र स्वर्गीय भोगल ने सरकारी दस्तावेजों और कैनरा बैंक (शाखा शेरगढ़) की आधिकारिक एनओसी (बेबाकी प्रमाण पत्र) को सामने रखते हुए बताया कि उनके खसरा संख्या 364 व 386 की पुश्तैनी भूमि वर्ष 1966 (दादी स्व० अमीरा) के समय से उनके निरंतर भौतिक कब्जे में है [EfuY4X, RjG8rH]। इस पुश्तैनी भूमि का मुख्य मालिकाना हक का मुकदमा माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय (रिट याचिका संख्या 27019/2012) में विचाराधीन है [EfuY4X]। वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रधान रामवीर ने राजस्व कर्मियों से सांठगांठ कर प्रार्थी के पिता द्वारा लिए गए लोन के नाम पर जमीन की 'फर्जी कुर्की' खतौनी पर दर्ज करवा दी और जमीन को निरस्त करवाकर अपनी भाभी, मौसी व चहेतों के नाम पट्टे काट दिए, जबकि कैनरा बैंक ने लिखित रूप में साफ किया है कि बैंक द्वारा ऐसी कोई कुर्की कभी की ही नहीं गई थी और पीड़ित परिवार का ऋण पूरी तरह चुकता हो चुका है [R8gH4U]। मजेदार बात यह है कि इस बंदरबांट में एक पट्टा खुद पीड़ित परिवार के नाम भी दर्ज है।एसडीएम की रिपोर्ट से बौखलाहट, रसूखदार प्रधान का हमला:हाल ही में जब इन पट्टाधारकों ने मेड़बंदी (धारा 24) के बहाने जमीन का कब्जा बदलने का प्रयास किया, तो उपजिलाधिकारी (SDM) व तहसीलदार छाता ने 17/18 अगस्त 2026 को लिखित संयुक्त आख्या जारी कर भू-माफियाओं के मुंह पर तमाचा जड़ दिया [RjG8rH]। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि "मौके पर किसी भी पक्ष को कोई कब्जा नहीं दिलाया गया है, शिकायतकर्ता (प्रधान पक्ष) का कथन पूरी तरह असत्य है और हाई कोर्ट के रहते कोई कार्रवाई संभव नहीं है।" [RjG8rH] इस सरकारी रिपोर्ट से पूरी तरह बौखलाकर वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह अपने पूरे परिवार, असामाजिक तत्वों और लाठी-डंडों से लैस गुंडों को लेकर पीड़ित के खेत पर घुस आया और वहां लगा मालिकाना हक का सरकारी सूचना बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया। जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया, तो वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह व उसके गुंडों ने प्रार्थी के पूरे परिवार को घेरकर जान से मारने की सीधी धमकी दी।शेरगढ़ पुलिस के संरक्षण में फल-फूल रहे भू-माफिया:पीड़ित योगेश का आरोप है कि घटना के समय यूपी 112 पुलिस मौके पर आई थी, लेकिन उनके जाते ही प्रधानी के नशे में चूर दबंगों ने दोबारा बोर्ड उखाड़ दिया। जब पीड़ित परिवार नामजद F.I.R. दर्ज कराने थाना शेरगढ़ गया, तो पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, उल्टे पीड़ित परिवार को ही अपनी जमीन पर न जाने की धमकी देकर डराया-धमकाया। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति पर भरोसा जताते हुए जिलाधिकारी (DM) और एसएसपी मथुरा से गुहार लगाई है कि इस संगठित भू-माफिया सिंडिकेट (पूर्व प्रधान रामवीर व वर्तमान प्रधान ज्ञान सिंह) के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 120-B के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
    user_Gaurav rawat
    Gaurav rawat
    Local News Reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • दबंग के विरोध के चलते रास्ते का निर्माण अटका, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी मथुरा। छाता तहसील क्षेत्र के गांव करहेला में रास्ते की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक दबंग के विरोध के चलते रास्ते का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। बारिश के मौसम में रास्ते पर कीचड़ और जलभराव होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। वहीं, जलभराव और गंदगी के चलते बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में शादी-विवाह समेत अन्य जरूरी कार्यों के दौरान भी लोगों को इसी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कल्याण सिंह, बाबू, बिजेंद्र, राजेंद्र, मोहन, सुंदर, गिरधारी, रामकिशन, अजय सिंह, बच्चू, कंजर भज्जी वाली और दाऊजी सहित कई ग्रामीणों ने रास्ते की समस्या को लेकर संबंधित जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन करहेला गांव में जमीनी स्तर पर विकास की तस्वीर अलग नजर आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर रास्ते की स्थिति का निरीक्षण कराने तथा जल्द से जल्द रास्ते का निर्माण कराए जाने की मांग की है। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कब होता है और उन्हें बदहाल रास्ते से कब राहत मिलती है।
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    दबंग के विरोध के चलते रास्ते का निर्माण अटका, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
मथुरा। छाता तहसील क्षेत्र के गांव करहेला में रास्ते की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक दबंग के विरोध के चलते रास्ते का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। बारिश के मौसम में रास्ते पर कीचड़ और जलभराव होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। वहीं, जलभराव और गंदगी के चलते बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में शादी-विवाह समेत अन्य जरूरी कार्यों के दौरान भी लोगों को इसी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कल्याण सिंह, बाबू, बिजेंद्र, राजेंद्र, मोहन, सुंदर, गिरधारी, रामकिशन, अजय सिंह, बच्चू, कंजर भज्जी वाली और दाऊजी सहित कई ग्रामीणों ने रास्ते की समस्या को लेकर संबंधित जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन करहेला गांव में जमीनी स्तर पर विकास की तस्वीर अलग नजर आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर रास्ते की स्थिति का निरीक्षण कराने तथा जल्द से जल्द रास्ते का निर्माण कराए जाने की मांग की है।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कब होता है और उन्हें बदहाल रास्ते से कब राहत मिलती है।
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    Court reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • आगरा में सड़क धंसी तो खुला ‘पाताल लोक’ का रास्ता! गहरे गड्ढे में समाई बाइक और टोरेंट का बॉक्स आगरा में सड़क धंसी तो खुला ‘पाताल लोक’ का रास्ता! गहरे गड्ढे में समाई बाइक और टोरेंट का बॉक्स
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    आगरा में सड़क धंसी तो खुला ‘पाताल लोक’ का रास्ता! गहरे गड्ढे में समाई बाइक और टोरेंट का बॉक्स
आगरा में सड़क धंसी तो खुला ‘पाताल लोक’ का रास्ता! गहरे गड्ढे में समाई बाइक और टोरेंट का बॉक्स
    user_Police Ki Aawaz News
    Police Ki Aawaz News
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मंगलवार शाम को फरह क्षेत्र में हुई बारिश और फतिया कट से गांव कुरकन्दा तक कच्ची रास्ता पर सड़क निर्माण की हुई मंजूरी
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    मंगलवार शाम को फरह क्षेत्र में हुई बारिश और फतिया कट से गांव कुरकन्दा तक कच्ची रास्ता पर सड़क निर्माण की हुई मंजूरी
    user_मथुरा से लक्ष्मण सिंह पत्रकार
    मथुरा से लक्ष्मण सिंह पत्रकार
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • खाटू बाबा के निराले निराले चमत्कार सुनते हैं भक्तों की जुवानी खाटू बाबा के निराले निराले चमत्कार सुनते हैं भक्तों की जुवानी
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    खाटू बाबा के निराले निराले चमत्कार सुनते हैं भक्तों की जुवानी
खाटू बाबा के निराले निराले चमत्कार सुनते हैं भक्तों की जुवानी
    user_Pandit Rahul brijwasi
    Pandit Rahul brijwasi
    Mathura, Uttar Pradesh•
    17 hrs ago
  • मथुरा में रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिला अनोखा उपहार 1 हजार से अधिक महिलाओं को साड़ी मिठाई और मुफ्त बस यात्रा की सौगात ​मथुरा रक्षाबंधन पर्व की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की पहल पर मथुरा में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में लगभग 1 हजार से अधिक महिलाओं ने शिरकत की जिन्हें राज्य सरकार की ओर से विशेष रक्षाबंधन उपहार भेंट किए गए कार्यक्रम में भाग लेने वाली प्रत्येक महिला को उपहार स्वरूप एक साड़ी और मिठाई का डिब्बा प्रदान किया गया 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की माताओं और बहनों के लिए अहिल्याबाई होलकर मातृशक्ति योजना के तहत रोडवेज बसों में जीवनभर के लिए निशुल्क यात्रा सुविधा का ऐलान किया गया इसके तहत वे पहचान पत्र आधार या वोटर आईडी दिखाकर पूरे प्रदेश में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की माताओं बहनों और बेटियों को रक्षाबंधन पर ऐसा उपहार दिया है जो पहले कभी नहीं मिला 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं अब जीवनभर मुफ्त बस यात्रा कर सकेंगी हम प्रशासन की ओर से सभी महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर हैं मुख्यमंत्री जी के निर्देशन और जिलाधिकारी महोदय की प्रेरणा से मथुरा में 1 हजार से अधिक महिलाओं को आमंत्रित कर रक्षाबंधन का तोहफा दिया गया है इसमें साड़ी और मिठाई के साथ साथ वरिष्ठ महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा शामिल है
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    मथुरा में रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिला अनोखा उपहार 1 हजार से अधिक महिलाओं को साड़ी मिठाई और मुफ्त बस यात्रा की सौगात
​मथुरा रक्षाबंधन पर्व की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की पहल पर मथुरा में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में लगभग 1 हजार से अधिक महिलाओं ने शिरकत की जिन्हें राज्य सरकार की ओर से विशेष रक्षाबंधन उपहार भेंट किए गए कार्यक्रम में भाग लेने वाली प्रत्येक महिला को उपहार स्वरूप एक साड़ी और मिठाई का डिब्बा प्रदान किया गया 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की माताओं और बहनों के लिए अहिल्याबाई होलकर मातृशक्ति योजना के तहत रोडवेज बसों में जीवनभर के लिए निशुल्क यात्रा सुविधा का ऐलान किया गया इसके तहत वे पहचान पत्र आधार या वोटर आईडी दिखाकर पूरे प्रदेश में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की माताओं बहनों और बेटियों को रक्षाबंधन पर ऐसा उपहार दिया है जो पहले कभी नहीं मिला 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं अब जीवनभर मुफ्त बस यात्रा कर सकेंगी हम प्रशासन की ओर से सभी महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर हैं मुख्यमंत्री जी के निर्देशन और जिलाधिकारी महोदय की प्रेरणा से मथुरा में 1 हजार से अधिक महिलाओं को आमंत्रित कर रक्षाबंधन का तोहफा दिया गया है इसमें साड़ी और मिठाई के साथ साथ वरिष्ठ महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा शामिल है
    user_नितिन कर्दम
    नितिन कर्दम
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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