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अजमेर में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है, जहाँ देर रात JLN अस्पताल के कैजुअल्टी विभाग के शौचालय में एक नवजात शिशु मिला। नवजात मिलने की खबर से अस्पताल में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल नवजात को शिशु रोग विभाग पहुँचाया और उपचार शुरू किया, लेकिन उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और नवजात की माँ की तलाश में जुट गई है। फिलहाल, पुलिस ने नवजात के शव को अस्पताल के चिरघर में रखवाया है और घटना की गहराई से तफ्तीश कर रही है।
Shahid hussain
अजमेर में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है, जहाँ देर रात JLN अस्पताल के कैजुअल्टी विभाग के शौचालय में एक नवजात शिशु मिला। नवजात मिलने की खबर से अस्पताल में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल नवजात को शिशु रोग विभाग पहुँचाया और उपचार शुरू किया, लेकिन उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और नवजात की माँ की तलाश में जुट गई है। फिलहाल, पुलिस ने नवजात के शव को अस्पताल के चिरघर में रखवाया है और घटना की गहराई से तफ्तीश कर रही है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- अजमेर के गेगल थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक युवती की उसके मंगेतर द्वारा कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। गेगल थाना क्षेत्र की निवासी युवती अपने मंगेतर के साथ कार में घूमने निकली थी, जिसके बाद आरोप है कि मंगेतर उसे खोड़ा गणेश गाँव की सुनसान पहाड़ियों में ले गया। वहाँ किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया और विवाद बढ़ने पर आरोपी ने युवती का गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद, आरोपी और उसके पिता ने परिजनों को यह झूठी कहानी सुनाई कि दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। वे युवती को किशनगढ़ के राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जबकि आरोपी का इलाज अभी भी जारी है। युवती के गले पर चोट के निशान मिलने पर परिजनों को हत्या का संदेह हुआ। मृतका के पिता ने गेगल थाने में मंगेतर और उसके साथियों के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप और हत्या का मामला दर्ज कराया है। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुँचे, और एफएसएल (FSL) तथा एमओबी (MOB) टीम ने घटनास्थल के साथ-साथ आरोपी की कार से भी साक्ष्य जुटाए। पुलिस को कार से टूटी चप्पल और बीयर की बोतल सहित कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र की खजाना गली में स्थित एक ज्वेलरी शॉप में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। ग्राहक के भेष में आई एक बुर्काधारी महिला ने दुकानदार को बातों में उलझाकर बड़ी चालाकी से लगभग 10 ग्राम सोने की अंगूठियां चोरी कर लीं। यह पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें शातिर महिला को चोरी करते हुए साफ देखा जा सकता है। इस संबंध में, पीड़ित दुकानदार प्यारेलाल सोनी ने दरगाह थाने में मामला दर्ज करवाया है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आसपास के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए। पुलिस फिलहाल इस बुर्काधारी आरोपी महिला की तलाश में जुटी हुई है।1
- मोदी सरकार ने 'पीएम सूर्य घर योजना' के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को अब ऊर्जा उत्पादक बना दिया है, जिसे भारत की आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया है। इस योजना के तहत, देश भर में 10,000 मेगावॉट से अधिक की सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई है। यह उपलब्धि बिना किसी जमीन अधिग्रहण के, घरों की छतों को 'मिनी पावर प्लांट' में बदलकर हासिल की गई है। सरकार के अनुसार, यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई क्रांति है।1
- अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र में एक महिला से मंगलसूत्र लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना उस वक्त हुई जब महिला अपने बच्चों को ट्यूशन छोड़ने जा रही थी, तभी आरोपियों ने उसके गले से मंगलसूत्र झपट्टा मारकर तोड़ लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान की गई और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस की इस सतर्कता और त्वरित कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बताया जा रहा है।1
- जोधपुर में नाबालिग से रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से एक बार फिर राहत मिली है। अदालत ने मेडिकल आधार पर दी गई उनकी अंतरिम जमानत को 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर उनकी अपील पर इससे पहले फैसला आ जाता है, तो वही प्रभावी माना जाएगा। मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस की डिवीजन बेंच में हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने दलील दी कि आसाराम उम्रदराज हैं, वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और लंबे समय से इलाजरत हैं, ऐसे में जमानत अवधि बढ़ाना जरूरी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जेल प्रशासन द्वारा पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत बढ़ाने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी साफ किया कि आसाराम किसी भी धार्मिक सभा में शामिल नहीं होंगे, भीड़ एकत्र नहीं करेंगे और देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे। गौरतलब है कि आसाराम वर्ष 2013 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। वर्ष 2018 में विशेष अदालत ने आसाराम को नाबालिग से रेप के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उनकी अपील राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है। अब इस चर्चित मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।1
- अधिक मास के पावन अवसर पर रामसर पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। इस धार्मिक माहौल के बीच, क्षेत्र में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति के रंग में रंग दिया है।1
- रियांबड़ी उपखंड मुख्यालय के पुलिस थाना परिसर में कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (सीएलजी) और शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र की कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में रियांबड़ी उपखंड अधिकारी, डेगाना पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, एएसआई सीताराम बिश्नोई, जुगल किशोर, लक्ष्मण चौधरी, संजय शर्मा, रामनारायण, प्रकाश बसवन्ना, रामावतार, गंगाराम, राजूराम डांगा, कालू खां, अन्नाराम पंवार, तयब मोहम्मद, सत्यनारायण वैष्णव, भंवर सिंह राठौड़, भंवरलाल गोरा, खाकीराम प्रजापत, रिछपाल डांगा, महेंद्र योगी और प्रेमसुख सांगवा सहित कई गणमान्य नागरिक तथा सीएलजी सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान क्षेत्र में लगातार बढ़ते यातायात दबाव, मुख्य बाजारों में अक्सर लगने वाले जाम की स्थिति और सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की अपील की। इसके साथ ही, आमजन से हेलमेट पहनने, वाहनों में ओवरलोडिंग से बचने और नाबालिगों को वाहन न चलाने देने का आग्रह भी किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने पर भी सभी प्रतिभागियों के बीच सहमति बनी। उपखंड अधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करके ही क्षेत्र की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द कायम करने में सीएलजी सदस्यों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। बैठक के समापन पर, क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर उपस्थित सदस्यों से सुझाव लिए गए, जिस पर प्रशासन ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।1
- एक ई-रिक्शा चालक जब अपने निजी काम से निकला था, तभी उसका ई-रिक्शा चोरी हो गया।1