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जोधपुर में नाबालिग से रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से एक बार फिर राहत मिली है। अदालत ने मेडिकल आधार पर दी गई उनकी अंतरिम जमानत को 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर उनकी अपील पर इससे पहले फैसला आ जाता है, तो वही प्रभावी माना जाएगा। मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस की डिवीजन बेंच में हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने दलील दी कि आसाराम उम्रदराज हैं, वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और लंबे समय से इलाजरत हैं, ऐसे में जमानत अवधि बढ़ाना जरूरी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जेल प्रशासन द्वारा पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत बढ़ाने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी साफ किया कि आसाराम किसी भी धार्मिक सभा में शामिल नहीं होंगे, भीड़ एकत्र नहीं करेंगे और देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे। गौरतलब है कि आसाराम वर्ष 2013 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। वर्ष 2018 में विशेष अदालत ने आसाराम को नाबालिग से रेप के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उनकी अपील राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है। अब इस चर्चित मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।

4 hrs ago
user_Vishal chouhan
Vishal chouhan
Protestor Ajmer, Rajasthan•
4 hrs ago

जोधपुर में नाबालिग से रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से एक बार फिर राहत मिली है। अदालत ने मेडिकल आधार पर दी गई उनकी अंतरिम जमानत को 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर उनकी अपील पर इससे पहले फैसला आ जाता है, तो वही प्रभावी माना जाएगा। मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस की डिवीजन बेंच में हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने दलील दी कि आसाराम उम्रदराज हैं, वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और लंबे समय से इलाजरत हैं, ऐसे में जमानत अवधि बढ़ाना जरूरी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जेल प्रशासन द्वारा पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत बढ़ाने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी साफ किया कि आसाराम किसी भी धार्मिक सभा में शामिल नहीं होंगे, भीड़ एकत्र नहीं करेंगे और देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे। गौरतलब है कि आसाराम वर्ष 2013 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। वर्ष 2018 में विशेष अदालत ने आसाराम को नाबालिग से रेप के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उनकी अपील राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है। अब इस चर्चित मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।

  • user_Amar kumawat
    Amar kumawat
    फेरारगंज, दक्षिण अंडमान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
    tum logo se nhi hoga to bolo mai mardunga wo bhi free mai
    41 min ago
  • user_Amar kumawat
    Amar kumawat
    फेरारगंज, दक्षिण अंडमान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
    mar do madarchod ko
    42 min ago
More news from राजस्थान and nearby areas
  • अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र में एक महिला से मंगलसूत्र लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना उस वक्त हुई जब महिला अपने बच्चों को ट्यूशन छोड़ने जा रही थी, तभी आरोपियों ने उसके गले से मंगलसूत्र झपट्टा मारकर तोड़ लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान की गई और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस की इस सतर्कता और त्वरित कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बताया जा रहा है।
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    अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र में एक महिला से मंगलसूत्र लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना उस वक्त हुई जब महिला अपने बच्चों को ट्यूशन छोड़ने जा रही थी, तभी आरोपियों ने उसके गले से मंगलसूत्र झपट्टा मारकर तोड़ लिया और मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने मामले की जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान की गई और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस की इस सतर्कता और त्वरित कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बताया जा रहा है।
    user_Prime News Ajmer
    Prime News Ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राज धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह के नेतृत्व में, 'वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान' को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
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    राज धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह के नेतृत्व में, 'वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान' को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • जोधपुर में नाबालिग से रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से एक बार फिर राहत मिली है। अदालत ने मेडिकल आधार पर दी गई उनकी अंतरिम जमानत को 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर उनकी अपील पर इससे पहले फैसला आ जाता है, तो वही प्रभावी माना जाएगा। मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस की डिवीजन बेंच में हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने दलील दी कि आसाराम उम्रदराज हैं, वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और लंबे समय से इलाजरत हैं, ऐसे में जमानत अवधि बढ़ाना जरूरी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जेल प्रशासन द्वारा पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत बढ़ाने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी साफ किया कि आसाराम किसी भी धार्मिक सभा में शामिल नहीं होंगे, भीड़ एकत्र नहीं करेंगे और देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे। गौरतलब है कि आसाराम वर्ष 2013 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। वर्ष 2018 में विशेष अदालत ने आसाराम को नाबालिग से रेप के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उनकी अपील राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है। अब इस चर्चित मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
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    जोधपुर में नाबालिग से रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से एक बार फिर राहत मिली है। अदालत ने मेडिकल आधार पर दी गई उनकी अंतरिम जमानत को 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर उनकी अपील पर इससे पहले फैसला आ जाता है, तो वही प्रभावी माना जाएगा।

मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस की डिवीजन बेंच में हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने दलील दी कि आसाराम उम्रदराज हैं, वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और लंबे समय से इलाजरत हैं, ऐसे में जमानत अवधि बढ़ाना जरूरी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जेल प्रशासन द्वारा पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत बढ़ाने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी साफ किया कि आसाराम किसी भी धार्मिक सभा में शामिल नहीं होंगे, भीड़ एकत्र नहीं करेंगे और देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे। गौरतलब है कि आसाराम वर्ष 2013 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। वर्ष 2018 में विशेष अदालत ने आसाराम को नाबालिग से रेप के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उनकी अपील राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है। अब इस चर्चित मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
    user_Vishal chouhan
    Vishal chouhan
    Protestor Ajmer, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की लखनऊ सुपर जायंट्स टीम के गेंदबाज आवेश खान, आईपीएल खेल समाप्त होने के तुरंत बाद, ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में जियारत करने के लिए पहुँचे। उन्होंने आईपीएल मैचों के समापन के साथ ही यह विशेष दौरा किया।
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    इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की लखनऊ सुपर जायंट्स टीम के गेंदबाज आवेश खान, आईपीएल खेल समाप्त होने के तुरंत बाद, ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में जियारत करने के लिए पहुँचे। उन्होंने आईपीएल मैचों के समापन के साथ ही यह विशेष दौरा किया।
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • अजमेर में रामसेतु ब्रिज और रेलवे स्टेशन रोड की स्थिति को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क सुरक्षा और जनहित को देखते हुए क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहा है, या समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह सवाल अजमेर की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करता है।
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    अजमेर में रामसेतु ब्रिज और रेलवे स्टेशन रोड की स्थिति को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क सुरक्षा और जनहित को देखते हुए क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहा है, या समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह सवाल अजमेर की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करता है।
    user_Moinuddin Khan  स्वाधीन भारत
    Moinuddin Khan स्वाधीन भारत
    Media Consultant अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • राजस्थान के नसीराबाद में जैन समाज ने अपना मौन आक्रोश व्यक्त किया है। समाज ने प्रशासन से तत्काल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की पुरज़ोर मांग की है।
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    राजस्थान के नसीराबाद में जैन समाज ने अपना मौन आक्रोश व्यक्त किया है। समाज ने प्रशासन से तत्काल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की पुरज़ोर मांग की है।
    user_Dilip sen
    Dilip sen
    नसीराबाद, अजमेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • नागौर जिले के रियांबडी उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सथानाकलां में "वंदे गंगा" जल संरक्षण जन अभियान 2026 के तहत ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया है। यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत सथाना के सथानी गांव स्थित बालाजी मंदिर के अमृत सरोवर पर आयोजित हुआ। अभियान की शुरुआत पूजा-अर्चना, पौधारोपण और स्वच्छता संदेश के साथ की गई। "वंदे गंगा" अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण और जल स्रोतों का संरक्षण करना है। इसी उद्देश्य के तहत, अमृत सरोवर परिसर में साधु-संतों के सानिध्य में पौधारोपण किया गया। इसके उपरांत, जल सरोवर देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर सभी को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। इस कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी नंदकिशोर टाक, प्रशासक सरपंच प्रतिनिधि अयूब खान, प्रशासक रजिया बानो कायमखानी और ग्राम विकास अधिकारी डॉ. अंबिका शर्मा सहित विभिन्न ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। सहायक विकास अधिकारी नंदकिशोर टाक ने जानकारी दी कि इस अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों, तालाबों और जल संग्रहण ढांचों पर स्वच्छता अभियान, श्रमदान, दीप प्रज्ज्वलन और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह मात्र एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सामाजिक दायित्व है, जिसमें आमजन की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
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    नागौर जिले के रियांबडी उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सथानाकलां में "वंदे गंगा" जल संरक्षण जन अभियान 2026 के तहत ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया है। यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत सथाना के सथानी गांव स्थित बालाजी मंदिर के अमृत सरोवर पर आयोजित हुआ। अभियान की शुरुआत पूजा-अर्चना, पौधारोपण और स्वच्छता संदेश के साथ की गई।

"वंदे गंगा" अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण और जल स्रोतों का संरक्षण करना है। इसी उद्देश्य के तहत, अमृत सरोवर परिसर में साधु-संतों के सानिध्य में पौधारोपण किया गया। इसके उपरांत, जल सरोवर देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर सभी को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।

इस कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी नंदकिशोर टाक, प्रशासक सरपंच प्रतिनिधि अयूब खान, प्रशासक रजिया बानो कायमखानी और ग्राम विकास अधिकारी डॉ. अंबिका शर्मा सहित विभिन्न ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। सहायक विकास अधिकारी नंदकिशोर टाक ने जानकारी दी कि इस अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों, तालाबों और जल संग्रहण ढांचों पर स्वच्छता अभियान, श्रमदान, दीप प्रज्ज्वलन और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह मात्र एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सामाजिक दायित्व है, जिसमें आमजन की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • मशहूर फिल्म डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के.सी. बोकाडिया की फिल्म 'तीसरी बेगम' 29 मई 2024 को रिलीज हो गई है। यह फिल्म अपने 'जय श्री राम' डायलॉग को लेकर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ हुए विवाद के बाद चर्चा में रही थी, जिसे अंततः बॉम्बे हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बदला गया। फिल्म एक मुस्लिम व्यक्ति की कहानी है जो अपनी पहचान छिपाकर तीन शादियां करता है: पहली पत्नी मुस्लिम, दूसरी राजपूत हिंदू और तीसरी ब्राह्मण हिंदू। विवाद तब शुरू हुआ जब क्लाइमेक्स में, अपनी तीनों पत्नियों द्वारा हमला किए जाने पर, वह व्यक्ति अपनी जान बचाने के लिए 'जय श्री राम' का नारा लगाता है। फिल्म के अंत में वह अपनी गलती स्वीकार करता है और प्रभु श्री राम की दुहाई देकर अपनी जान बचाता है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने 'जय श्री राम' वाले इस डायलॉग पर आपत्ति जताई थी, उनका मानना था कि एक मुस्लिम किरदार द्वारा हिंदू पत्नियों से बचने के लिए इस नारे का इस्तेमाल आपत्तिजनक है। बोर्ड को फिल्म में ट्रिपल तलाक के जिक्र पर भी आपत्ति थी। शुरुआत में डायरेक्टर के.सी. बोकाडिया ने डायलॉग हटाने से इनकार करते हुए कहा था कि वह 'मर जाएंगे पर नहीं हटाएंगे'। यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद बोकाडिया 'जय श्री राम' की जगह 'तुमको तुम्हारे भगवान की कसम' डायलॉग रखने पर राजी हुए। इस बदलाव के बाद ही फिल्म को U/A सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की अनुमति मिली। के.सी. बोकाडिया बॉलीवुड के एक बड़े डायरेक्टर-प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, सलमान और शाहरुख जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया है। उनके खाते में _आज का अर्जुन_, _लाल बादशाह_ और _हम तुम्हारे हैं सनम_ जैसी 60 से अधिक फिल्में हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह फिल्म 1966 की राज कपूर-वहीदा रहमान अभिनीत 'तीसरी कसम' से अलग है, जो फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर आधारित थी।
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    मशहूर फिल्म डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के.सी. बोकाडिया की फिल्म 'तीसरी बेगम' 29 मई 2024 को रिलीज हो गई है। यह फिल्म अपने 'जय श्री राम' डायलॉग को लेकर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ हुए विवाद के बाद चर्चा में रही थी, जिसे अंततः बॉम्बे हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बदला गया।

फिल्म एक मुस्लिम व्यक्ति की कहानी है जो अपनी पहचान छिपाकर तीन शादियां करता है: पहली पत्नी मुस्लिम, दूसरी राजपूत हिंदू और तीसरी ब्राह्मण हिंदू। विवाद तब शुरू हुआ जब क्लाइमेक्स में, अपनी तीनों पत्नियों द्वारा हमला किए जाने पर, वह व्यक्ति अपनी जान बचाने के लिए 'जय श्री राम' का नारा लगाता है। फिल्म के अंत में वह अपनी गलती स्वीकार करता है और प्रभु श्री राम की दुहाई देकर अपनी जान बचाता है।

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने 'जय श्री राम' वाले इस डायलॉग पर आपत्ति जताई थी, उनका मानना था कि एक मुस्लिम किरदार द्वारा हिंदू पत्नियों से बचने के लिए इस नारे का इस्तेमाल आपत्तिजनक है। बोर्ड को फिल्म में ट्रिपल तलाक के जिक्र पर भी आपत्ति थी। शुरुआत में डायरेक्टर के.सी. बोकाडिया ने डायलॉग हटाने से इनकार करते हुए कहा था कि वह 'मर जाएंगे पर नहीं हटाएंगे'।

यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद बोकाडिया 'जय श्री राम' की जगह 'तुमको तुम्हारे भगवान की कसम' डायलॉग रखने पर राजी हुए। इस बदलाव के बाद ही फिल्म को U/A सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की अनुमति मिली।

के.सी. बोकाडिया बॉलीवुड के एक बड़े डायरेक्टर-प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, सलमान और शाहरुख जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया है। उनके खाते में _आज का अर्जुन_, _लाल बादशाह_ और _हम तुम्हारे हैं सनम_ जैसी 60 से अधिक फिल्में हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह फिल्म 1966 की राज कपूर-वहीदा रहमान अभिनीत 'तीसरी कसम' से अलग है, जो फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर आधारित थी।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
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